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  • CJP Protest Delhi : 23 घंटे बाद दीपके, सौरव और आशुतोष रिहा, मेट्रो-ट्रेन रोकने पर आज छुट्‌टी के दिन सुको करेगा सुनवाई

    CJP Protest Delhi : 23 घंटे बाद दीपके, सौरव और आशुतोष रिहा, मेट्रो-ट्रेन रोकने पर आज छुट्‌टी के दिन सुको करेगा सुनवाई

    CJP Protest Delhi कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी नेताओं सौरव दास व आशुतोष रांका को करीब 23 घंटे बाद रिहा कर दिया गया है। शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए तीनों नेताओं को रविवार को ACM कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

    इस बीच, दिल्ली में प्रदर्शन (CJP Protest Delhi) और सुरक्षा प्रतिबंधों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर रोक, लोगों को हिरासत में लेने और अदालत के आदेशों की कथित अनदेखी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट रविवार को छुट्टी के दिन विशेष सुनवाई करेगा।

     

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    CJP का प्रदर्शन जारी

    CJP ने दिल्ली में अपना प्रदर्शन (CJP Protest Delhi) जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी नेता अंजिक्य शिंदे ने शनिवार को कहा था कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में रविवार को भी प्रदर्शन बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

     

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    तीनों नेताओं की रिहाई CJP Protest Delhi

    CJP संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke Release) और पार्टी नेताओं सौरव दास व आशुतोष रांका को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। करीब 23 घंटे बाद तीनों को अदालत से राहत मिली। उनकी रिहाई के बाद प्रदर्शन (CJP Protest Delhi) को लेकर आगे की रणनीति पर नजर रहेगी।

     

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    CJP Protest Delhi छुट्टी के दिन सुनवाई

    दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लगाई गई पाबंदियों और मेट्रो-ट्रेन सेवाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका पर रविवार को विशेष पीठ सुनवाई करेगी। याचिका में गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और DMRC चेयरपर्सन के खिलाफ अदालत के आदेश की कथित अवहेलना पर कार्रवाई की मांग की गई है।

     

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    मेट्रो-ट्रेन रोकने पर सवाल

    याचिका में दिल्ली में मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही रोकने तथा लोगों को हिरासत में लेने के आरोप उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था। अब अदालत इन आरोपों और आदेश के अनुपालन से जुड़े पहलुओं पर सुनवाई करेगी।

     

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    CJP Protest Delhi दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी

    CJP के प्रदर्शन (CJP Protest Delhi) को देखते हुए जंतर-मंतर, जनपथ, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। प्रदर्शनकारियों की हिरासत और यातायात पर प्रतिबंधों को लेकर अब कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है।

     

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  • Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    Crusher Road Controversy पहले से क्रशरों की धूल, धुएं और भारी वाहनों की मार झेल रहे ग्रामीणों की परेशानी अब और बढ़ती नजर आ रही है। सरकारी नाले की प्राकृतिक जल निकासी को बड़े पाइप डालकर पाटे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह रास्ता प्रस्तावित क्रशर उद्योग तक पहुंच बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले में प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    करीब 30 मीटर हिस्से में बड़े पाइप डालकर नाले को समतल किए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन और नाले की संरचना से छेड़छाड़ कर निजी उद्योग (Crusher Road Controversy)  के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील क्षेत्र में बोंदा-नौघटा पहुंच मार्ग के किनारे स्थित शासकीय बगई नाले में पाइप डालकर रास्ता बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत बोंदा की सीमा में प्रस्तावित क्रशर उद्योग के लिए यह रास्ता तैयार किया जा रहा है।

     

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    सरकारी नाला पाटकर बना रहे रास्ता

    ग्रामीणों के अनुसार बगई नाले के करीब 30 मीटर हिस्से में बड़े-बड़े पाइप डाले गए हैं। इसके बाद मिट्टी डालकर नाले को समतल किया गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता तैयार हो सके। ग्रामीणों ने सरकारी नाला (Crusher Road Controversy) पाटे जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नाला बारिश के पानी की प्राकृतिक निकासी का जरिया है। इसे पाटने से आने वाले समय में जलभराव और खेतों में पानी भरने की समस्या बढ़ सकती है।

     

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    किसकी अनुमति से सरकारी जमीन पर काम?

    ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि शासकीय नाले पर पाइप डालकर रास्ता बनाने की अनुमति आखिर किसने दी? ग्रामीणों के मुताबिक मौके पर किसी विभागीय अनुमति या स्वीकृति से संबंधित सूचना भी दिखाई नहीं दे रही है।

    यदि बिना अनुमति सरकारी नाले और जमीन पर निर्माण किया गया है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच कराने और दोषियों (Crusher Road Controversy)  पर कार्रवाई की मांग की है।

     

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    7-8 क्रशरों से पहले ही परेशान गांव

    नौघटा-बोंदा मार्ग पर पहले से करीब 7-8 क्रशर (Crusher Road Controversy)  संचालित होने की बात ग्रामीणों ने कही है। इन क्रशरों से निकलने वाली धूल-धुएं और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मार्ग पर 12 टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे सड़क की हालत भी खराब हो चुकी है।

     

     

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    पहले चक्काजाम, अब नाले पर कब्जे का आरोप

    भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर नौघटा के ग्रामीण पहले भी चक्काजाम कर विरोध जता चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी समस्याओं का समाधान किए बिना अब नए क्रशर के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है।

    क्रशर का रास्ता (Crusher Road Controversy) बनाने के लिए नाले की प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ के आरोप ने ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

     

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    Crusher Road Controversy  प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन पर खुलेआम काम होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। शिकायतों के बाद भी मौके पर काम जारी रहने से ग्रामीण प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

    ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी (Crusher Road Controversy) से निजी उद्योग को बढ़ावा मिलने का संदेश जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य रुकवाया जाए।

     

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    तीन दशक पुराना नाला, अब रास्ते में तब्दील

    ग्रामीणों का दावा है कि करीब तीन दशक पहले तक बगई नाला सक्रिय अवस्था में था और बारिश का पानी इसी रास्ते से निकलता था। अब नाले में पाइप डालकर उसे रास्ते में तब्दील किए जाने से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि शासकीय जमीन पर निर्माण (Crusher Road Controversy) की अनुमति और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

     

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    तहसीलदार बोले- जानकारी नहीं, देखना पड़ेगा

    मामले (Crusher Road Controversy)  में तहसीलदार सरिया पुष्पेन्द्र सिंह राज ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले को देखना पड़ेगा। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शासकीय बगई नाले पर पाइप डालकर रास्ता बनाने के लिए किसी विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

     

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    नया क्रशर, पुरानी मुसीबत और प्रशासन पर सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पहले ही क्रशरों की धूल और भारी वाहनों से परेशान है। ऐसे में प्रस्तावित क्रशर के लिए सरकारी नाले को पाटकर रास्ता बनाए जाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रस्तावित क्रशर विवाद (Crusher Road Controversy) अब सिर्फ रास्ता बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। मामला सरकारी जमीन, प्राकृतिक जल निकासी और प्रशासनिक अनुमति से जुड़ गया है। ग्रामीणों ने तत्काल जांच, स्थल निरीक्षण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

     

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  • Mukhyamantri Gramin Bus Yojana : दिसंबर तक 4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस, 14.57 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana : दिसंबर तक 4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस, 14.57 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सार्वजनिक परिवहन का दायरा और बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के दूसरे चरण में 8 नए जिलों के 85 आदिवासी विकासखंडों के 4,368 गांवों को बस सेवा से जोड़ने की तैयारी है।

     

    दिसंबर तक इन गांवों में नियमित बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इससे करीब 14.57 लाख लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने की संभावना है। दूसरे चरण में 60 से 80 बसों के संचालन का प्रस्ताव है। वहीं योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 मार्गों पर 107 बसें संचालित हो रही हैं।

     

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    4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस

    योजना के दूसरे चरण में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कोरबा और धमतरी को शामिल किया गया है।

    इन जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों के 85 आदिवासी विकासखंडों (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) में वर्तमान में बस सुविधा से वंचित 4,368 गांवों को जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक इन क्षेत्रों में परिवहन सुविधा पहुंचाने का है। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद ग्रामीणों के लिए स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

     

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    एक साल में 850 गांवों तक पहुंची बस

    मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर से हुई थी। पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया।

    एक वर्ष में योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। अब 13 जिलों के 106 चयनित मार्गों पर 107 बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों से 850 ऐसे गांव पहली बार नियमित यात्री बस सेवा से जुड़े हैं, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना की बसों ने एक वर्ष में करीब 24 लाख किलोमीटर का सफर तय किया है। वर्तमान में बसें प्रतिदिन लगभग 17,500 किलोमीटर चल रही हैं।

     

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    34 बसों से शुरू हुई थी योजना

    योजना की शुरुआत 34 मार्गों और करीब 250 गांवों को जोड़कर की गई थी। एक साल में यह संख्या बढ़कर 106 मार्ग और 107 बसों तक पहुंच गई है। योजना के अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है। अलग-अलग मार्गों की लंबाई 14 से 105 किलोमीटर तक है। अधिकांश मार्गों पर प्रतिदिन दो ट्रिप संचालित की जा रही हैं। बस्तर संभाग में 51 मार्गों पर 50 बसें और सरगुजा संभाग में 55 मार्गों पर 57 बसें चल रही हैं।

     

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    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana दुर्गम इलाकों को कनेक्टिविटी

    बस्तर संभाग में सुकमा के 8 मार्गों पर 9 बसें, दंतेवाड़ा के 7 मार्गों पर 7, बीजापुर के 11 मार्गों पर 11, नारायणपुर के 4 मार्गों पर 4, बस्तर के 5 मार्गों पर 5, कांकेर के 12 मार्गों पर 12 और कोंडागांव के 8 मार्गों पर 9 बसें संचालित हो रही हैं।

    वहीं सरगुजा संभाग में सरगुजा के 8 मार्गों पर 8 बसें, सूरजपुर के 10 मार्गों पर 9, बलरामपुर के 7 मार्गों पर 7, जशपुर के 16 मार्गों पर 16, कोरिया के 6 मार्गों पर 6 और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 4 मार्गों पर 4 बसें चल रही हैं।

     

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    कोंटा-जगरगुंडा मार्ग पर भी मिली राहत

    सुकमा जिले के कोंटा से जगरगुंडा तक करीब 83 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पहले ग्रामीणों को सीमित परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्रामीण बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में बस सेवा पहुंचने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी तय करने में राहत मिल रही है।

     

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    शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक आसान होगी पहुंच

    ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य केवल गांवों को सड़क परिवहन से जोड़ना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान करना भी है। नियमित बस मिलने से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने तथा ग्रामीणों को हाट-बाजार और सरकारी कार्यालयों तक जाने में सुविधा मिल रही है। दूसरे चरण में 4,368 और गांव जुड़ने के बाद बस कनेक्टिविटी (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) का दायरा और बढ़ेगा।

     

     

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    मुख्यमंत्री साय बोले- विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे गांव

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana)  के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि सुदूर गांव में रहने वाले नागरिकों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक सहज पहुंच का समान अवसर मिलना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नियमित यात्री बस नहीं पहुंचती थी, वहां अब ग्रामीण तय समय पर बस से स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह केवल परिवहन सुविधा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम है।

     

     

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    दिसंबर तक दिखेगा योजना के दूसरे चरण का असर

    पहले चरण में 850 गांवों को नियमित बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana)  से जोड़ने के बाद अब सरकार ने दूसरे चरण में 4,368 गांवों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है। यदि दिसंबर तक प्रस्तावित बस सेवाएं शुरू होती हैं तो आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

    मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) के विस्तार से 14.57 लाख लोगों को सीधे परिवहन सुविधा मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ गांवों और विकास केंद्रों के बीच की दूरी भी कम होगी।

     

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  • Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जागरूकता को लेकर रायगढ़ पुलिस की पहल को देशभर से अच्छा प्रतिसाद मिला है। साइबर जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्म प्रविष्टियां पहुंचीं। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में रूस से भी एक फिल्म की एंट्री मिली। सात सप्ताह चले अभियान के दौरान रायगढ़ जिले में करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह 3 अक्टूबर को रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर अवेयरनेस फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।

    युवाओं को बनाया जाएगा साइबर दूत

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल खुद साइबर अपराधों से बचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें साइबर जागरूकता के दूत (Cyber Awareness Campaign) बनकर परिवार, मित्रों और समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

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    AI के इस्तेमाल की भी सराहना

    दुर्ग सांसद विजय बघेल ने साइबर जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित और सुरक्षा के लिए किया जाए तो यह समाज को साइबर अपराधों से बचाने में प्रभावी माध्यम बन सकता है।

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    7 सप्ताह में 2 लाख तक पहुंच

    एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान (Cyber Awareness Campaign) चलाया गया। रायगढ़ जिले में सात सप्ताह के दौरान विभिन्न माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को अभियान से जोड़ा गया। इसी अभियान के तहत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

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    रूस से भी पहुंची फिल्म

    प्रतियोगिता में देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां मिलीं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। वहीं रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि पहुंची। प्रतियोगिता में रोटरी क्लब रायगढ़ का सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।

     

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    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक निर्णायक

    प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए फिल्म और कला जगत से जुड़े अनुभवी लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्मकार योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता सुनील चिपड़े शामिल रहे। निर्णायकों के मुताबिक फिल्मों में रचनात्मकता और साइबर जागरूकता का प्रभावी मेल देखने को मिला। शीर्ष तीन फिल्मों का चयन करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।

     

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    छह फिल्मों ने जीते पुरस्कार

    3 से 6 मिनट की श्रेणी में स्वपनिल कोटरीवार की “दूसर छोर” प्रथम, होमेन्द्र कुमार की “जरूरत” द्वितीय और प्रकाश पटेल की “गुपचुप ठेला” तृतीय रही। वहीं 1 से 3 मिनट की श्रेणी में दीपक जायसवाल की “एक्सेस लिंक” प्रथम, तुषार सोलंकी की “Dial 1930” द्वितीय और समीर चन्द्रा की “Golden Hour” तृतीय रही। दोनों श्रेणियों में विजेताओं को कुल ₹5.25 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। श्रेणी अ में क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार, जबकि श्रेणी ब में ₹75 हजार, ₹50 हजार और ₹25 हजार दिए गए।

     

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    ‘The Cyber Trap’ से जागरूकता संदेश

    रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर सुरक्षा फिल्म (Cyber Awareness Campaign) “The Cyber Trap” को प्रतियोगिता से अलग आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया है। फिल्म में एसएसपी शशि मोहन सिंह समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी नजर आए हैं। फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। पुलिस का उद्देश्य साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाना है।

     

     

     

  • CG SAS Transfer : छत्तीसगढ़ में 125 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के अपर व डिप्टी कलेक्टर बदले

    CG SAS Transfer : छत्तीसगढ़ में 125 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के अपर व डिप्टी कलेक्टर बदले

    CG SAS Transfer  छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। राज्य शासन ने 125 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला (CG SAS Transfer) करते हुए नई पदस्थापना दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर समेत मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

     

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    कई अपर कलेक्टर बदले

    तबादला सूची में कई जिलों के अपर कलेक्टरों की जिम्मेदारी बदली गई है। सुरेंद्र प्रसाद वैद्य को कोरिया के अपर कलेक्टर से बालोद का अपर कलेक्टर बनाया गया है। चंद्रकांत कौशिक को बालोद से सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सुनील कुमार नायक को सरगुजा से जशपुर का अपर कलेक्टर बनाया गया है।

    राजेश कुमार पात्रे को दंतेवाड़ा के अपर कलेक्टर पद से हटाकर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। अपर कलेक्टरों की नई पदस्थापना (CG SAS Transfer) के साथ कई जिलों के प्रशासनिक समीकरण भी बदले हैं।

     

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    जशपुर-बेमेतरा में बदलाव

    राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में अपर संचालक से जशपुर का अपर कलेक्टर बनाया गया है। अरविंद कुमार पांडेय को रायपुर विकास प्राधिकरण से छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।

    निष्ठा पांडेय तिवारी को मुंगेली से बेमेतरा और प्रदीप कुमार साहू को जशपुर से बेमेतरा का अपर कलेक्टर बनाया गया है। जिलों में बदले प्रशासनिक अधिकारी (CG SAS Transfer) के बाद संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा।

     

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    रायपुर निगम में भी बदलाव

    रायपुर से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल किया गया है। रवि राही को रायगढ़ के अपर कलेक्टर पद से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। अतुल विश्वकर्मा को नवा रायपुर में संयुक्त आयुक्त, भू-अभिलेख के पद से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

    ऋचा शर्मा को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अवर सचिव पद से रायपुर नगर निगम में उपायुक्त बनाया गया है। रायपुर निगम में नई जिम्मेदारियां (CG SAS Transfer) मिलने के बाद इन अधिकारियों की नई पदस्थापना प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण रहेगी।

     

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    इन अधिकारियों की भी बदली पोस्टिंग

    नितिन तिवारी को बिलासपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया गया है। गोविंद कुमार सिन्हा को नारायणपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से हटाकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    तबादला आदेश में अलग-अलग जिलों और विभागों में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। डिप्टी कलेक्टरों की बदली जिम्मेदारी (CG SAS Transfer) भी इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है।

     

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    नई पोस्टिंग पर करना होगा ज्वाइन

    सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित सभी अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद इसका पालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

    राज्य प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों की स्थापना और स्थानांतरण संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर राज्य प्रशासनिक सेवा से संबंधित पदस्थापना और स्थानांतरण आदेश उपलब्ध कराए जाते हैं।

     

    क्र.अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापनानवीन पदस्थापना
    01सुरेन्द्र प्रसाद वैद्यअपर कलेक्टर, कोरियाअपर कलेक्टर, बालोद
    02चन्द्रकांत कौशिकअपर कलेक्टर, बालोदअपर कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़
    03सुनील कुमार नायकअपर कलेक्टर, सरगुजाअपर कलेक्टर, जशपुर
    04राजेश कुमार पात्रेअपर कलेक्टर, दंतेवाड़ाप्रबंधक, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, नवा रायपुर अटल नगर
    05राजीव कुमार पाण्डेयअपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर अटल नगरअपर कलेक्टर, जशपुर
    06अरविन्द कुमार पाण्डेयअपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुरसंयुक्त संचालक, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा, रायपुर
    07निष्ठा पाण्डेय तिवारीअपर कलेक्टर, मुंगेलीअपर कलेक्टर, बेमेतरा
    08प्रदीप कुमार साहूअपर कलेक्टर, जशपुरअपर कलेक्टर, बेमेतरा
    09योगिता देवांगनअपर कलेक्टर, जिला दुर्गअपर कलेक्टर, कोरबा
    10चन्द्रिका प्रसाद बघेलअपर कलेक्टर, बस्तरअपर कलेक्टर, सुकमा
    11अनिल कुमार सिदारअपर कलेक्टर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरअपर कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज
    12वीरेन्द्र लकड़ाअपर कलेक्टर, सक्तीअपर कलेक्टर, नारायणपुर
    13प्रताप विजय कुमार खेस्सअपर कलेक्टर, सुकमाअपर कलेक्टर, सरगुजा
    14नवीन कुमार भगतअपर कलेक्टर, गरियाबंदअपर कलेक्टर, सक्ती
    15संदीप कुमार ठाकुरअपर कलेक्टर, कबीरधामअतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर
    16रामसिंह ठाकुरअपर कलेक्टर, सरगुजाअपर कलेक्टर, सूरजपुर
    17नवीन कुमार ठाकुरअपर कलेक्टर, रायपुरअपर कलेक्टर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
    18अंजोर सिंह पैकराअपर कलेक्टर, उ.ब. कांकेरअपर कलेक्टर, मुंगेली
    19ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुरअपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपाअपर कलेक्टर, रायपुर
    20अजय किशोर लकड़ाअपर कलेक्टर, बालोदअपर कलेक्टर, धमतरी
    21राजकुमार तंबोलीअपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपाअपर कलेक्टर, नारायणपुर
    22बालेश्वर रामअपर कलेक्टर, सक्तीअपर कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज
    23रामेश्वर नाथ पांडेयअपर कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंजअपर कलेक्टर, जशपुर
    24प्रमोद कुमार गुप्ताअपर कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंजअपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपा
    25विपुल कुमार गुप्ताउप सचिव, श्रम विभाग, मंत्रालयवर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार
    26रवि राहीअपर कलेक्टर, रायगढ़अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, रायपुर
    27अनुप्रिया मिश्राउप सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर अटल नगरउप सचिव, मंत्रालय
    28जगन्नाथ वर्माअपर कलेक्टर, सूरजपुरअपर कलेक्टर, महासमुंद
    29प्रकाश कुमार भारद्वाजअपर कलेक्टर, बेमेतराअपर कलेक्टर, कोण्डागांव
    30विनायक शर्माराज्य शिष्टाचार अधिकारी, छ.ग. राज्य शिष्टाचार कार्यालयप्रबंधक, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, नवा रायपुर अटल नगर
    31शिम्मी नाहिदमुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुरउप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर
    32पुलक भट्टाचार्यउप सचिव, सामान्य प्रशासन विभागवर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर का अतिरिक्त प्रभार
    33अजय कुमार उरांवअपर कलेक्टर, कोण्डागांवअपर कलेक्टर, बेमेतरा
    34गिरधारी लाल यादवअपर कलेक्टर, मुंगेलीअपर कलेक्टर, बालोद
    35ऋतु वर्माउप सचिव, सामान्य प्रशासन विभागवर्तमान दायित्वों के साथ उप सचिव, उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार
    36वैभव कुमार क्षेत्रज्ञअवर सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, मंत्रालयउप महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ संवाद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, शेष यथावत
    37दिलेराम डाहिरेप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाहीप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बस्तर
    38हरिवंश सिंह मिरीप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दुर्गप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बालोद
    39अजीत पुजारीप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, मुंगेलीप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही
    40पुष्पेन्द्र कुमार शर्मासत्कार अधिकारी, कायां. छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालयउप महाप्रबंधक, छ.ग. पर्यटन मंडल, रायपुर
    41मनीष साहूप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बिलासपुरप्रवर श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, जशपुर
    42अतुल विश्वकर्मासंयुक्त आयुक्त, कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख, नवा रायपुर अटल नगरअपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, रायपुर
    43नंद कुमार चौबेप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, रायपुरप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बिलासपुर
    44खेमलाल वर्माउप संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर अटल नगरप्रवर श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दुर्ग
    45गिरीश कुमार रामटेकेसचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुरउपायुक्त, आयुक्त कार्यालय भू-अभिलेख, नवा रायपुर अटल नगर
    46हेमेन्द्र भुआर्यसंयुक्त कलेक्टर, जिला-मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकीसंयुक्त कलेक्टर, रायगढ़
    47रुचि शर्माअवर सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभागउपायुक्त, नगर पालिक निगम, रायपुर
    48प्रवेश पैकरासंयुक्त कलेक्टर, बिलासपुरसंयुक्त कलेक्टर, रायगढ़
    49अरूण कुमार सोमसंयुक्त कलेक्टर, जिला सक्तीसंयुक्त कलेक्टर, जशपुर
    50महेश सिंह राजपूतसंयुक्त कलेक्टर, दुर्गसंयुक्त कलेक्टर, कबीरधाम
    51अगरराम राणासंयुक्त कलेक्टर, बस्तरसंयुक्त कलेक्टर, सक्ती
    52देवसिंह उईकेसंयुक्त कलेक्टर, सरगुजासंयुक्त कलेक्टर, मुंगेली
    53अरूण कुमार सोनकरवरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, बलौदाबाजार-भाटापारावरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, बस्तर
    54नम सिंह कोशलेसंयुक्त कलेक्टर, धमतरीसंयुक्त कलेक्टर, रायपुर
    55देवेन्द्र कुमार प्रधानसंयुक्त कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंजउप संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर अटल नगर
    56टेकराम माहेश्वरीसंयुक्त कलेक्टर, नारायणपुरसंयुक्त कलेक्टर, गरियाबंद
    57आशिष शर्मावरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, महासमुंदवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दुर्ग
    58प्रशांत कुमार कुशवाहावरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, जशपुरवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, सूरजपुर
    59अमित नाथ योगीवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकीवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, कबीरधाम
    60सुमीत कुमार गर्गवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, नारायणपुरवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
    61रूपेन्द्र पटेलवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, सक्तीवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, जशपुर
    62फागेश सिन्हावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, सरगुजावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बलौदाबाजार-भाटापारा
    63राहुल कुमार रजकवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, उत्तर बस्तर कांकेरवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, कोरिया
    64पोषक चौधरीडिप्टी कलेक्टर, बस्तरडिप्टी कलेक्टर, सक्ती
    65उत्तम सिंह पंचारीवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बीजापुरवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दुर्ग
    66सरोज कुमार महिलांगेवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, कोरबावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, कोरिया
    67सीमा पात्रेवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, कोरबावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बिलासपुर
    68विवेक चन्द्रावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दंतेवाड़ावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज
    69लवकेश कुमार ध्रुववरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, दुर्गवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बालोद
    70बजरंग सिंह वर्मावरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, महासमुंदवरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, बिलासपुर
    71उमेश कुमार पटेलवरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, कोरियावरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बिलासपुर
    72संगीता अग्रवालप्रबंधक (प्रशासन), नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरणवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, बिलासपुर
    73विश्वास राव मस्केवरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, जशपुरवरिष्ठ श्रेणी, कलेक्टर कार्यालय, रायपुर
    74ललिता भगतवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, सूरजपुरवरिष्ठ श्रेणी, कार्यालय कलेक्टर, सक्ती
    75अरूण कुमार खलखोडिप्टी कलेक्टर, बिलासपुरडिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर, बालोद
    76टंकेश्वर प्रसाद साहूडिप्टी कलेक्टर, जिला-खैरागढ़-छुईखदान-गंडईडिप्टी कलेक्टर, बालोद
    77राकेश कुमार साहूडिप्टी कलेक्टर, कोरियाडिप्टी कलेक्टर, बीजापुर
    78उत्तम प्रसाद रजकडिप्टी कलेक्टर, रायपुरडिप्टी कलेक्टर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
    79शिवानी जायसवालडिप्टी कलेक्टर, सूरजपुरडिप्टी कलेक्टर, कोरिया
    80मोनिका जय नशीनेउप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर, अतिरिक्त प्रभार—नवाचार आयोगडिप्टी कलेक्टर, दुर्ग
    81नीता ठाकुररजिस्ट्रार, भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, रायपुरडिप्टी कलेक्टर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
    82प्रतिभा ठाकरेडिप्टी कलेक्टर, बालोदडिप्टी कलेक्टर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही
    83रेणुका रात्रेडिप्टी कलेक्टर, जिला-खैरागढ़-छुईखदान-गंडईडिप्टी कलेक्टर, कोरबा
    84अमित बेकडिप्टी कलेक्टर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाहीडिप्टी कलेक्टर, बस्तर
    85ओम विकास टण्डनप्राचार्य, राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण शाला, बिलासपुरडिप्टी कलेक्टर, उ.ब. कांकेर
    86हेमलता डहरियासहायक संचालक, शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर, अटल नगरडिप्टी कलेक्टर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
    87सृष्टि चन्द्राकरडिप्टी कलेक्टर, जिला महासमुंदउपायुक्त, संभागीय आयुक्त कार्यालय, दुर्ग
    88विकास सर्वेडिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर, जिला बीजापुरडिप्टी कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज
    89रोहित कुमार सिंहडिप्टी कलेक्टर, कोरबाडिप्टी कलेक्टर, जशपुर
    90उमेश कुमार साहूडिप्टी कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़डिप्टी कलेक्टर, बलौदाबाजार-भाटापारा
    91नीरनिधि नंदेहाडिप्टी कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंजडिप्टी कलेक्टर, दुर्ग
    92विश्वाश कुमारडिप्टी कलेक्टर, राजनांदगांवसहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, संचालनालय, रायपुर
    93गौतम सिंहअवर सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं अतिरिक्त प्रभार मार्कफेडमार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, शेष यथावत
    94भरत कौशिकडिप्टी कलेक्टर, रायगढ़डिप्टी कलेक्टर, जशपुर
    95राकेश साहूउपायुक्त, भू-अभिलेख, नवा रायपुर अटल नगरप्रशासकीय अधिकारी, कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण, नवा रायपुर अटल नगर
    96ऋचा सिंहडिप्टी कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर
    97नंदजी पाण्डेयडिप्टी कलेक्टर, जशपुरडिप्टी कलेक्टर, बलौदाबाजार-भाटापारा
    98गगन शर्माडिप्टी कलेक्टर, बस्तरप्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आबकारी), रायपुर
    99चांदनी कंवरडिप्टी कलेक्टर, सूरजपुरप्रबंधक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण, रायपुर
    100राम सिंह सोरीडिप्टी कलेक्टर, गरियाबंदडिप्टी कलेक्टर, दंतेवाड़ा
    101हरिओम द्विवेदीडिप्टी कलेक्टर, जशपुरराज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर
    102हर्षलता वर्माडिप्टी कलेक्टर, बेमेतरासहायक संचालक, शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर, अटल नगर
    103आस्था बोरकरडिप्टी कलेक्टर, उ.ब. कांकेरडिप्टी कलेक्टर, महासमुंद
    104आशुतोष कुमार देवांगनडिप्टी कलेक्टर, जिला रायपुरडिप्टी कलेक्टर, सरगुजा
    105अमीय श्रीवास्तवडिप्टी कलेक्टर, जिला राजनांदगांवडिप्टी कलेक्टर, बीजापुर
    106प्रदीप कुमार राठियाडिप्टी कलेक्टर, जिला जशपुरडिप्टी कलेक्टर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
    107अजय कुमार शतरंजडिप्टी कलेक्टर, जिला मुंगेलीडिप्टी कलेक्टर, बस्तर
    108अंजली खलखोडिप्टी कलेक्टर, जिला-गरियाबंदडिप्टी कलेक्टर, दुर्ग
    109उत्तम कुमार ध्रुवडिप्टी कलेक्टर, जिला दुर्गडिप्टी कलेक्टर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
    110अभयजीत सिंह मंडावीडिप्टी कलेक्टर, जिला नारायणपुरडिप्टी कलेक्टर, मुंगेली
    111पिंकी मनहरडिप्टी कलेक्टर, जिला बेमेतराडिप्टी कलेक्टर, दंतेवाड़ा
    112प्राची ठाकुरडिप्टी कलेक्टर, जिला बालोदडिप्टी कलेक्टर, सरगुजा
    113मधु तेताडिप्टी कलेक्टर, जिला सुकमाडिप्टी कलेक्टर, महासमुंद
    114रामरतन प्रसाद दुबेडिप्टी कलेक्टर, जिला बलौदाबाजार-भाटापाराडिप्टी कलेक्टर, बस्तर
    115जगतराम सतरजडिप्टी कलेक्टर, जिला सरगुजाडिप्टी कलेक्टर, बेमेतरा
    116सुरेश कुमार साहूडिप्टी कलेक्टर, जिला बालोदडिप्टी कलेक्टर, उ.ब. कांकेर
    117मनोज कुमार खाण्डेडिप्टी कलेक्टर, जिला महासमुंदडिप्टी कलेक्टर, जशपुर
    118प्रियंका रानी गुप्ताडिप्टी कलेक्टर, जशपुरडिप्टी कलेक्टर, सक्ती
    119नीतिश वर्माडिप्टी कलेक्टर, बस्तरडिप्टी कलेक्टर, जांजगीर-चांपा
    120नितिन तिवारीडिप्टी कलेक्टर, बिलासपुरप्रबंधक, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, नवा रायपुर अटल नगर
    121लोकांश एल्माडिप्टी कलेक्टर, जिला दंतेवाड़ाडिप्टी कलेक्टर, गरियाबंद
    122मधु बघेलडिप्टी कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़डिप्टी कलेक्टर, कोरबा
    123मनीष देव साहूडिप्टी कलेक्टर, उ.ब. कांकेरसत्कार अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर
    124प्रेमलाल साहूडिप्टी कलेक्टर, जिला-दुर्गअवर सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर अटल नगर
    125गोविन्द कुमार सिन्हाडिप्टी कलेक्टर, नारायणपुरमुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर

     

     

     

  • Chandalpur Name Change : छत्तीसगढ़ के इस गांव का बदला नाम, अब चंडालपुर नहीं चंदनपुर के नाम से जाना जाएगा

    Chandalpur Name Change : छत्तीसगढ़ के इस गांव का बदला नाम, अब चंडालपुर नहीं चंदनपुर के नाम से जाना जाएगा

    Chandalpur Name Change जिस नाम को लेकर ग्रामीण दशकों से बदलाव की मांग कर रहे थे, आखिरकार वह पूरी हो गई। बारिश के बीच जब सरकार की ओर से जारी राजपत्र की प्रति गांव पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और नई पहचान का स्वागत किया।

     वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान

    राजपत्र लेकर पहुंचे उप मुख्यमंत्री

    तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण इस खास मौके पर जुटे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर बधाई दी। गांव के नाम परिवर्तन (Chandalpur Name Change) के बाद अब सरकारी दस्तावेजों और शासकीय पोर्टल पर भी नई पहचान दर्ज होगी।

    यह मामला कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर से जुड़ा है। शासन ने अब इसका आधिकारिक नाम बदलकर ‘चंदनपुर’ कर दिया है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को विधिवत मंजूरी मिल गई है।

     

     

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    दस्तावेजों में भी बदलेगा नाम

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को नाम बदलने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। शिविर में आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से रोजमर्रा के व्यवहार और बोलचाल में भी ‘चंदनपुर’ नाम का इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियां गांव को इसी नई पहचान से जानें।

     

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    Chandalpur Name Change कैसे पूरी हुई वर्षों पुरानी मांग

    ग्रामीण लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राजपत्र में नाम परिवर्तन का प्रकाशन किया गया। अब सरकारी अभिलेखों में नाम परिवर्तन (Chandalpur Name Change) के बाद गांव की नई पहचान स्थायी रूप से दर्ज हो जाएगी।

     

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    विकास के लिए 11.70 लाख की घोषणा

    नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास के लिए भी बड़ी घोषणा की। सीसी रोड और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 11.70 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि गांव का नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होता, बल्कि उससे स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं। ‘चंदनपुर’ नाम मिलना ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही भावना के सम्मान का प्रतीक है।

     

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    नई पहचान से ग्रामीणों में खुशी Chandalpur Name Change

    राजपत्र की प्रति मिलने के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांग के पूरा होने से गांव को नई पहचान मिली है। चंदनपुर की नई पहचान (Chandalpur Name Change) अब सरकारी रिकॉर्ड से लेकर ग्रामीणों की रोजमर्रा की पहचान का हिस्सा बनने जा रही है।

     

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  • Bottle Gourd Farming : लौकी की खेती से किसान ने कमाए 2.07 लाख, 80 हजार की लागत में 250 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन

    Bottle Gourd Farming : लौकी की खेती से किसान ने कमाए 2.07 लाख, 80 हजार की लागत में 250 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन

    Bottle Gourd Farming पारंपरिक खेती के साथ सब्जी उत्पादन को अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इसका उदाहरण एक किसान ने पेश किया है। लौकी की खेती से एक हेक्टेयर में 250 से 300 क्विंटल तक उत्पादन मिला। करीब 80 हजार रुपये की लागत के बाद 2 लाख 7 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

    लौकी की खेती से वासुदेव प्रधान की बढ़ी आमदनी, एक हेक्टेयर में कमाए 2.07 लाख रुपये

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    80 हजार की लागत

    किसान ने उद्यानिकी विभाग की सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर एक हेक्टेयर में लौकी की खेती की। फसल की तैयारी से लेकर प्रबंधन तक जरूरी कृषि कार्य समय पर किए गए। पूरी खेती में करीब 80 हजार रुपये की लागत आई। इसके बाद उत्पादन से लगभग 2 लाख 87 हजार रुपये की कुल आय प्राप्त हुई। लागत निकालने के बाद लौकी की फसल (Bottle Gourd Farming) से करीब 2 लाख 7 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिला।

     

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    300 क्विंटल तक उत्पादन Bottle Gourd Farming

    उचित फसल प्रबंधन और विभागीय तकनीकी सलाह से एक हेक्टेयर में करीब 250 से 300 क्विंटल लौकी का उत्पादन हुआ। बाजार में सब्जी की मांग ने किसान को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने में मदद की। इस तरह सब्जी उत्पादन (Bottle Gourd Farming) पारंपरिक खेती की तुलना में अतिरिक्त आमदनी का जरिया बना।

     

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    योजना से मिला सहारा

    उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के तहत किसानों को फसल चयन, उत्पादन तकनीक और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसी मार्गदर्शन का लाभ लेकर किसान ने लौकी की खेती को व्यवस्थित तरीके से किया। समय पर खेत की तैयारी, फसल प्रबंधन और विभागीय सलाह का पालन करने से उत्पादन बेहतर रहा। इससे उद्यानिकी खेती (Bottle Gourd Farming) को लेकर किसान का भरोसा भी बढ़ा।

     

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    लौकी की खेती से वासुदेव प्रधान की बढ़ी आमदनी, एक हेक्टेयर में कमाए 2.07 लाख रुपये

     

    Bottle Gourd Farming गांव पोड़ी के किसान

    यह सफलता सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी किसान वासुदेव प्रधान की है। उन्होंने खरीफ मौसम में एक हेक्टेयर क्षेत्र में लौकी की खेती की। वासुदेव के मुताबिक पहले पारंपरिक खेती से आमदनी सीमित थी। उद्यानिकी फसल अपनाने के बाद कम समय में उत्पादन और आय बढ़ाने का अवसर मिला।

     

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    दूसरे किसानों को संदेश Bottle Gourd Farming

    वासुदेव अब दूसरे किसानों को भी उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्नत तकनीक, सही फसल प्रबंधन और विशेषज्ञों की सलाह से सब्जी उत्पादन को लाभकारी बनाया जा सकता है। उनके अनुभव से किसान की बढ़ी आमदनी (Bottle Gourd Farming) यह दिखाती है कि बाजार की मांग वाली फसलों को अपनाकर खेती से अतिरिक्त आय का रास्ता बनाया जा सकता है।

     

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    Bottle Gourd Farming खेती को बनाया कारोबार

    उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ता रुझान किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आय के नए विकल्प दे रहा है। लौकी जैसी सब्जियों की बाजार मांग होने के कारण सही समय पर उत्पादन और बिक्री से बेहतर आमदनी की संभावना रहती है। वासुदेव प्रधान की लाभकारी लौकी खेती (Bottle Gourd Farming) से 2.07 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला है। विभागीय मार्गदर्शन के साथ उन्होंने खेती को अधिक व्यवस्थित तरीके से करने का प्रयास किया।

     

     

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  • Horticulture Scheme : एक फसल से 4 लाख की कमाई, उद्यानिकी योजना ने किसान की बदल दी पूरी तस्वीर

    Horticulture Scheme : एक फसल से 4 लाख की कमाई, उद्यानिकी योजना ने किसान की बदल दी पूरी तस्वीर

    Horticulture Scheme कभी सालभर में 55 से 60 हजार रुपये कमाने वाले किसान की आमदनी अब करीब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है। खेती से बढ़ी कमाई के पीछे आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का बड़ा योगदान रहा।कोरबा : सेवा की कहानी : आधुनिक उद्यानिकी से कन्हैया लाल पटेल की आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

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    Horticulture Scheme खेती से बढ़ी कमाई

    पहले किसान केवल एक मौसमी फसल पर निर्भर था। सिंचाई की पर्याप्त सुविधा और कृषि उपकरण नहीं होने से दूसरी फसल लेना मुश्किल था। अब आधुनिक तकनीक की मदद से वर्षभर मौसमी और नकदी सब्जियों की तीन फसलें ली जा रही हैं। ड्रिप सिंचाई से पानी और उर्वरक की बचत हुई। प्लास्टिक मल्चिंग से खरपतवार नियंत्रण में मदद मिली। वहीं ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। तीन फसलों से बढ़ी आय (Horticulture Scheme) ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

     

     

    कोरबा के किसान की कहानी

    यह बदलाव कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम बोइदा के सराईपाली निवासी कन्हैया लाल पटेल के जीवन में आया है। पहले वे पारंपरिक तरीके से केवल धान की एक मौसमी फसल लेते थे। जुताई के लिए किराए के ट्रैक्टर पर निर्भरता और कृषि आदानों की बढ़ती लागत के कारण खेती से होने वाला लाभ सीमित था। छह सदस्यीय परिवार के भरण-पोषण में भी उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

     

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    आधुनिक तकनीक का सहारा

    कन्हैया लाल को उद्यानिकी विभाग के मैदानी तकनीकी कर्मचारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी पोंडी (लाफा) में आवेदन किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग और पावर टिलर की सुविधा मिली। वर्ष 2026 में उन्नत ग्राफ्टेड बैंगन के पौधों और बांस-बल्ली के लिए भी विभागीय अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिला लाभ (Horticulture Scheme) खेती के तरीके बदलने में अहम साबित हुआ।

     

    आय पहुंची 4 लाख Horticulture Scheme 

    आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद कन्हैया लाल अब साल में तीन चक्रों में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आय 55-60 हजार रुपये से बढ़कर करीब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है। आय बढ़ने के बाद उन्होंने कृषि उपज के परिवहन के लिए अपना पिकअप वाहन खरीदा। निजी उपयोग के लिए दोपहिया वाहन भी लिया है। उनका नया पक्का मकान निर्माणाधीन है और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में भी सक्षम हो रहे हैं।

     

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    Horticulture Scheme अब तीन फसलें

    ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से खेती में लागत और पानी के प्रबंधन में मदद मिली। ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर उत्पादन मिला। अब मौसमी और नकदी सब्जियों की तीन फसलें लेकर वे सालभर खेती से आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। आधुनिक खेती से बढ़ा आत्मविश्वास (Horticulture Scheme) इतना बढ़ा कि अब कन्हैया लाल आसपास के किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं।

     

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    खरीदा पिकअप वाहन Horticulture Scheme 

    कन्हैया लाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग से मिली ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और पावर टिलर जैसी सुविधाओं के साथ तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा बदल दी। ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर उत्पादन मिला और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। उनका कहना है कि मेहनत के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। खेती बनी आत्मनिर्भरता का आधार (Horticulture Scheme) और अब वे दूसरे किसानों को भी इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं।

     

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    एक से तीन फसल तक

    कन्हैया लाल पटेल की सफलता बताती है कि आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधा और शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ मिलने से पारंपरिक खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। एक फसल पर निर्भर किसान का तीन फसल तक पहुंचना और आय में कई गुना बढ़ोतरी इसका उदाहरण है।

     

     

  • Sarita Malhotra Gas Cylinder : चुनावी वादा याद दिलाकर सरिता मल्होत्रा ने CM को लिखा पत्र, 500 रुपये में गैस सिलेंडर की मांग

    Sarita Malhotra Gas Cylinder : चुनावी वादा याद दिलाकर सरिता मल्होत्रा ने CM को लिखा पत्र, 500 रुपये में गैस सिलेंडर की मांग

    Sarita Malhotra Gas Cylinder कांग्रेस नेता सरिता मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाया है। उन्होंने गैस सिलेंडर की मांग (Sarita Malhotra Gas Cylinder) को लेकर सरकार से तत्काल पहल करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था शुरू करने का भी आग्रह किया है।

     

    500 रुपये में गैस सिलेंडर देने की मांग

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव सरिता मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों का असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चुनावी वादे को पूरा करते हुए प्रदेश की महिलाओं को वर्ष में कम से कम चार घरेलू गैस सिलेंडर 500 रुपये की दर से उपलब्ध कराने की योजना जल्द लागू की जाए।

     

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    मध्यमवर्गीय परिवारों को भी मिले लाभ

    सरिता मल्होत्रा ने पत्र में कहा कि गैस सिलेंडर की यह सुविधा केवल गरीब वर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। मध्यमवर्गीय और अन्य पात्र महिला उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलना चाहिए, ताकि महंगाई के दौर में अधिक से अधिक परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।

     

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    Sarita Malhotra Gas Cylinder चुनावी वादों को पूरा करने की मांग

    सरिता मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चुनावी वादा पूरा करने की मांग (Sarita Malhotra Gas Cylinder) करते हुए कहा कि महंगाई और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाना चाहिए। पत्र के जरिए उन्होंने सरकार का ध्यान महिलाओं, गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक परेशानियों की ओर आकर्षित किया है।

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  • Sarangarh Drainage System : जलभराव से बेहाल सारंगढ़, प्रदेश कांग्रेस सचिव ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र

    Sarangarh Drainage System : जलभराव से बेहाल सारंगढ़, प्रदेश कांग्रेस सचिव ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र

    Sarangarh Drainage System सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों, गलियों और सड़कों के किनारे जलभराव व गंदगी की समस्या को लेकर कांग्रेस प्रदेश सचिव सरिता मल्होत्रा ने पहल की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री अरुण साव को पत्र भेजकर नागरिकों की समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। जलभराव की समस्या (Sarangarh Drainage System) को लेकर उन्होंने वार्डवार सर्वे कराने का सुझाव दिया है।

     

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    Sarangarh Drainage System बारिश में बढ़ जाती है जलभराव

    सरिता मल्होत्रा ने पत्र में बताया कि बारिश के दौरान नगर के कई वार्डों, मोहल्लों और मुख्य मार्गों के किनारे पानी जमा हो जाता है। लंबे समय तक पानी की निकासी नहीं होने से कीचड़ और दुर्गंध की स्थिति बनती है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से नागरिकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

     

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    Sarangarh Drainage System पेवर्स ब्लॉक लगाने से मिलेगी राहत

    उन्होंने विशेष रूप से सड़क किनारे मौजूद कच्ची या खाली जमीन वाले स्थानों पर इंटरलॉकिंग पेवर्स ब्लॉक लगाने का सुझाव दिया है। इससे सतह समतल और व्यवस्थित होगी तथा बारिश के दौरान कीचड़ और गंदगी की समस्या को कम किया जा सकेगा। साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण में भी मदद मिलेगी।

     

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    वार्डवार सर्वे कर चिन्हित किए जाएं जलभराव वाले स्थान

    कांग्रेस प्रदेश सचिव ने पूरे शहर का वार्डवार सर्वे कराने की मांग की है। इसके जरिए उन स्थानों को चिन्हित किया जा सकेगा, जहां नियमित रूप से पानी जमा होता है या दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। इसके बाद जरूरत के अनुसार ड्रेनेज व्यवस्था (Sarangarh Drainage System) को दुरुस्त करने की मांग की गई है।

     

    सोख्ता गड्ढे और रेनवॉटर रिचार्ज की व्यवस्था

    पत्र में आवश्यक स्थानों पर सोख्ता गड्ढे बनाने और रेनवॉटर रिचार्ज की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया गया है। इससे बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से कम करने में मदद मिल सकती है।

     

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    पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित मार्ग पर जोर

    सरिता मल्होत्रा ने सड़क किनारे खाली स्थानों को व्यवस्थित कर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और समतल मार्ग तैयार करने की मांग की है। इसके अलावा खाली स्थानों पर हरियाली विकसित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे शहर का वातावरण और स्वरूप बेहतर हो सके।

     

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    रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने की मांग

    उन्होंने निर्मित पेवर्स ब्लॉक और नालियों के नियमित रखरखाव व सफाई की जिम्मेदारी (Sarangarh Drainage System)  तय करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि केवल निर्माण कराने के बजाय उसकी नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।

     

    सरिता मल्होत्रा ने उम्मीद जताई है कि नगरीय प्रशासन विभाग इस मामले में जल्द संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा और सारंगढ़वासियों को जलभराव, गंदगी व मच्छरों की समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।

     

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