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  • Mahtari Vandan 31st Installment : प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त

    Mahtari Vandan 31st Installment : प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त

    Mahtari Vandan 31st Installment रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता पहुंच गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में 31वीं किस्त के रूप में 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये अंतरित किए। सितंबर में मिलने वाली राशि इस बार पहले ही जारी कर दी गई।

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    रक्षाबंधन से पहले मिली सितंबर की किस्त

    डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।

    रक्षाबंधन को देखते हुए सितंबर की महतारी वंदन राशि (Mahtari Vandan 31st Installment) 25 अगस्त को ही खातों में भेजने का निर्णय लिया गया। इससे त्योहार से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

     

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    बालोद की 2.45 लाख महिलाओं को भी लाभ

    इस बार बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों के खातों में भी राशि अंतरित की गई। प्रदेशभर में कुल 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं को इसका लाभ मिला।

    मुख्यमंत्री ने समारोह में महिलाओं से संवाद कर योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव भी सुने। महिलाओं ने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और बचत जैसे कामों में मदद मिल रही है।

     

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    पांच महिलाओं से मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद

    समारोह में मुख्यमंत्री ने योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि नियमित राशि मिलने से उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी मिला है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला योजना की राशि बचाकर परिवार का भविष्य सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो योजना का उद्देश्य पूरा होता है। महतारी वंदन लाभार्थी (Mahtari Vandan 31st Installment) महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

     

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    30 किस्तों में दी जा चुकी है 19,444 करोड़ की राशि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। इससे पहले 30 किस्तों में करीब 19,444 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।

    उन्होंने कहा कि योजना केवल नियमित आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। महतारी वंदन भुगतान (Mahtari Vandan 31st Installment) का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों और परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण खर्चों में कर रही हैं।

     

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    13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों से जुड़कर अपनी पहचान बना रही हैं। ड्रोन दीदी पहल के तहत महिलाएं खेतों में खाद और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर आय भी अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण (Mahtari Vandan 31st Installment) की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

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    बालोद को 102 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

    महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने बालोद जिले में करीब 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की गई। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय में नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की भी घोषणा की गई।

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    सड़क और पुल निर्माण के कार्य भी मंजूर

    डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर पांच करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण की घोषणा की गई। विकासखंड में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण भी कराया जाएगा।

    इसके अलावा 3.2 करोड़ रुपये की लागत से उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

     

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    बस्तर में विकास की नई संभावनाओं का दावा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति के साथ पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुल रही हैं। छत्तीसगढ़ महिला योजनाएं (Mahtari Vandan 31st Installment) सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

     

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  • Mahtari Vandan Yojana : कल 67.28 लाख महिलाओं के खाते में आएंगे 631 करोड़, सीएम साय जारी करेंगे महतारी वंदन की 31वीं किस्त

    Mahtari Vandan Yojana : कल 67.28 लाख महिलाओं के खाते में आएंगे 631 करोड़, सीएम साय जारी करेंगे महतारी वंदन की 31वीं किस्त

    Mahtari Vandan Yojana रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की राशि पहुंचने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 25 अगस्त को 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करेंगे। महतारी वंदन योजना () के तहत 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।

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    डौण्डीलोहारा में होगा राशि अंतरण

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बालोद जिले के विकासखंड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूह के सम्मान समारोह में शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की जाएगी।

    कुल 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में भेजी जाएगी। 31वीं किस्त (Mahtari Vandan Yojana) सितंबर महीने के लिए है, जिसे राखी से पहले जारी किया जा रहा है।

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    67.28 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ

    योजना के तहत इस बार 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचेगी। महिलाओं को मिलने वाली यह सहायता राशि उनके घरेलू खर्च, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों में उपयोगी साबित हो रही है।

    कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने के साथ ही विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में भी कर रही हैं। महिलाओं के खाते में राशि (Mahtari Vandan Yojana) पहुंचने से त्योहार से पहले उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

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    अब तक 30 किस्तों में 19,444 करोड़ की सहायता

    महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 30 किस्तों में महिलाओं को करीब 19,444 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। अब 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरण किया जाएगा।

    सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। महतारी वंदन की 31वीं किस्त (Mahtari Vandan Yojana) को निर्धारित समय से पहले जारी किया जा रहा है।

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    रक्षाबंधन से पहले मिलेगी सितंबर की राशि Mahtari Vandan Yojana

    आमतौर पर सितंबर महीने की किस्त का भुगतान सितंबर में किया जाना था। लेकिन रक्षाबंधन को देखते हुए सितंबर की राशि अगस्त में ही महिलाओं के खातों में अंतरित की जाएगी।

    25 अगस्त को राशि जारी होने के बाद पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। रक्षाबंधन से पहले किस्त (Mahtari Vandan Yojana) मिलने से लाखों महिलाओं को त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलेगी।

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  • Medical College Recruitment  :  पांच मेडिकल कालेजों में 350 पदों पर सीधी भर्ती, अस्पतालों में भी 330 नियुक्तियां

    Medical College Recruitment  :  पांच मेडिकल कालेजों में 350 पदों पर सीधी भर्ती, अस्पतालों में भी 330 नियुक्तियां

    छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कालेजों में 350 पदों पर सीधी भर्ती (भर्ती Medical College Recruitment) की जाएगी। इसके साथ ही इनसे संबद्ध अस्पतालों में भी 330 पदों पर नियुक्तियां होंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए मेडिकल कालेजों में पढ़ाई और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

     

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    पांच नए मेडिकल कालेजों में भर्ती

    दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा, जशपुर और जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती (Medical College Recruitment) की जाएगी। इनमें प्राध्यापक के 35, सह प्राध्यापक के 60, सहायक प्राध्यापक के 75 और सीनियर रेजीडेंट के 18 पद शामिल हैं।

    इसके अलावा सहायक कार्यालय समेत अन्य आवश्यक पदों पर भी भर्ती होगी। इन नियुक्तियों से नए मेडिकल कॉलेजों में जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।

     

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    अस्पतालों में भी 330 पदों पर भर्ती

    पांचों मेडिकल कालेजों से संबद्ध अस्पतालों में भी 330 पदों पर भर्ती (Medical College Recruitment) की जाएगी। इससे अस्पतालों में स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेज भर्ती (Medical College Recruitment) की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद अब संबंधित पदों पर नियुक्ति की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

     

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    इसी साल मिली पांचों कालेजों को मान्यता

    दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा, जशपुर और जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेजों को इसी वर्ष मान्यता मिली है। मान्यता के बाद अब आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सीधी भर्ती (Medical College Recruitment) का रास्ता साफ किया गया है। इन कॉलेजों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति से शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

     

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    Medical College Recruitment स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

    नए मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में 330 पदों पर नियुक्ति (Medical College Recruitment) होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। वहीं मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती से विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण व्यवस्था भी मजबूत होगी।

    कुल मिलाकर पांच नए मेडिकल कॉलेजों में 350 और संबद्ध अस्पतालों में 330 पदों पर होने वाली भर्ती (Medical College Recruitment) से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

     

     

  • Onion Price Hike :  चार दिन में दोगुने हुए प्याज के दाम, 50 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

    Onion Price Hike : चार दिन में दोगुने हुए प्याज के दाम, 50 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

    प्याज के दाम (Onion Price Hike) ने एक बार फिर आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। चार दिन पहले थोक बाजार में 25 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 40 से 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है। वहीं चिल्हर बाजार में प्याज की कीमत 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

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    नासिक-अहमदनगर से घट गई आवक

    रायपुर के थोक बाजार में महाराष्ट्र के नासिक और अहमदनगर से प्याज की आवक कम हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक, आवक घटने का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। महाराष्ट्र से पर्याप्त मात्रा में प्याज नहीं आने के कारण स्थानीय बाजार में दाम तेजी से बढ़े हैं।

    व्यापारियों के अनुसार, गर्मी की स्थानीय प्याज की फसल प्रदेश की कुल जरूरत का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा करती है। फिलहाल स्थानीय फसल खत्म हो चुकी है। ऐसे में प्रदेश की प्याज की जरूरत के लिए महाराष्ट्र से आने वाली खेप पर निर्भरता बढ़ गई है।

     

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    दक्षिण भारत में बढ़ी मांग का असर

    दक्षिण भारत में त्योहारों के चलते प्याज (Onion Price Hike)  की मांग बढ़ी हुई है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में अधिक मात्रा में प्याज भेजा जा रहा है। इसका असर छत्तीसगढ़ में आने वाली प्याज की आवक पर पड़ा है।

     

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    आवक कम हुई तो दाम बढ़े Onion Price Hike

    श्रीराम थोक सब्जी मंडी विक्रेता समिति, रायपुर के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक, नासिक और अहमदनगर से इस समय जितनी प्याज की आवक होनी चाहिए, उतनी नहीं हो रही है। इसी वजह से बाजार में प्याज (Onion Price Hike)  के दाम बढ़ रहे हैं।

    फिलहाल प्याज के दाम (Onion Price Hike) बढ़ने से घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र से आवक सामान्य होने पर कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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  • CG Transfer Breaking : IAS के बाद अब राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, बदले कई जिलों के सीईओ और अपर कलेक्टर

    CG Transfer Breaking : IAS के बाद अब राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, बदले कई जिलों के सीईओ और अपर कलेक्टर

    CG Transfer Breaking राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। तबादले के बाद जिला पंचायतों के सीईओ, अपर कलेक्टर और मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है।

    उज्ज्वल पोरवाल बने जिला पंचायत सीईओ

    आदेश (CG Transfer Breaking) के अनुसार उज्ज्वल पोरवाल को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक (प्रशासन) पद से हटाकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी बनाया गया है। वहीं अभिषेक कुमार गुप्ता को जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के सीईओ पद से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें मंत्रालय में उप सचिव, पर्यटन एवं अतिरिक्त प्रभार संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नारायणपुर जिला पंचायत को मिला नया सीईओ

    विनय कुमार अग्रवाल को जिला पंचायत सरगुजा (अंबिकापुर) के सीईओ पद से स्थानांतरित कर सीईओ जिला पंचायत नारायणपुर बनाया गया है। प्रशासनिक फेरबदल (CG Transfer Breaking) के तहत उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।

    डॉ. ऋतु वर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी

    डॉ. ऋतु वर्मा को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर यथावत रखा गया है। इसके साथ ही उन्हें परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) का अतिरिक्त प्रभार (CG Transfer Breaking) सौंपा गया है।

    हेमंत सत्यपाल को मेडिकल कॉर्पोरेशन में जिम्मेदारी

    हेमंत कुमार सत्यपाल को छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के सहायक महाप्रबंधक पद से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें महाप्रबंधक (प्रशासन), छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की जिम्मेदारी दी गई है।

    सूरजपुर में नयनतारा सिंह तोमर अपर कलेक्टर

    नयनतारा सिंह तोमर को अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा के पद से स्थानांतरित कर अपर कलेक्टर, सूरजपुर बनाया गया है। इससे सूरजपुर जिला प्रशासन में भी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी तय हुई है।

    मनीष मिश्रा मंत्रालय भेजे गए

    वर्तमान में अपर कलेक्टर रायपुर के पद पर पदस्थ मनीष मिश्रा का भी तबादला किया गया है। उन्हें रायपुर से स्थानांतरित कर उप सचिव, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर पदस्थ किया गया है।

    सात अधिकारियों की नई पदस्थापना CG Transfer Breaking

    सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के बाद सातों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं

    उज्ज्वल पोरवाल सीईओ, जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
    अभिषेक कुमार गुप्ता उप सचिव, पर्यटन एवं अतिरिक्त प्रभार संस्कृति विभाग
    विनय कुमार अग्रवाल सीईओ, जिला पंचायत नारायणपुर
    डॉ. ऋतु वर्मा उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग एवं अतिरिक्त प्रभार परीक्षा नियंत्रक, CGPSC
    हेमंत कुमार सत्यपाल महाप्रबंधक (प्रशासन), छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड
    नयनतारा सिंह तोमर अपर कलेक्टर, सूरजपुर
    मनीष मिश्रा उप सचिव, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर

     

     

  • School Deer Video : स्कूल में पहुंचा 1 हिरण, बच्चों ने देखा तो रह गए हैरान

    School Deer Video : स्कूल में पहुंचा 1 हिरण, बच्चों ने देखा तो रह गए हैरान

    ग्राम इमलीपारा के एक स्कूल में शनिवार को उस समय सभी हैरान रह गए, जब जंगल से भटककर एक हिरण (School Deer Video) स्कूल परिसर में पहुंच गया। हिरण को देखते ही बच्चों और शिक्षकों की नजरें उसी पर टिक गईं। कुछ देर तक वह परिसर में घूमता रहा और फिर सुरक्षित जंगल लौट गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चित्तीदार हिरण (School Deer Video) सबसे पहले स्कूल के बाहर खड़ी एक स्कूटी के पास पहुंचा। इसके बाद वह स्कूल परिसर में आराम से इधर-उधर टहलता रहा। इस दौरान बच्चे और शिक्षक दूर से उसे देखते रहे।

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    कुछ देर स्कूल में रहा School Deer Video

    कांकेर और धमतरी जिले की सीमा पर स्थित ग्राम इमलीपारा जंगल से सटा होने के कारण यहां वन्यजीवों का कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्र में आना सामान्य माना जाता है। इस घटना के दौरान किसी ने हिरण को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। कुछ ही देर बाद हिरण खुद ही स्कूल परिसर से निकलकर पास के जंगल की ओर सुरक्षित लौट गया। इसलिए वन विभाग को रेस्क्यू की जरूरत नहीं पड़ी।

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    मानसून में बढ़ जाती है वन्यजीवों की आवाजाही

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में भोजन और पानी की तलाश में हिरण समेत कई वन्यजीव अक्सर गांवों की ओर आ जाते हैं। हालांकि इस घटना में किसी भी छात्र, शिक्षक या ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने भी संयम दिखाते हुए हिरण को बिना परेशान किए सुरक्षित जंगल लौटने दिया।

     

  • OP Jindal University : 688 को डिग्री, 84 मेधावियों को मेडल, राज्यपाल ने दिया बड़ा संदेश

    OP Jindal University : 688 को डिग्री, 84 मेधावियों को मेडल, राज्यपाल ने दिया बड़ा संदेश

    रायगढ़ के ओपी जिंदल विश्वविद्यालय (OP Jindal University) का छठवां दीक्षांत समारोह शनिवार को गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में 688 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 84 मेधावी छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका रहे। इस अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन एवं लोकसभा सांसद नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर एवं जिंदल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिंदल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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    राज्यपाल ने युवाओं को दिया समाज सेवा का संदेश

    राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा (OP Jindal University)  का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के हित में करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य जरूर करें, जो समाज के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान, नैतिक मूल्यों और दूरदर्शिता के बल पर देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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    OP Jindal University 84 मेधावी छात्रों को मिले पदक

    दीक्षांत समारोह में स्कूल आफ इंजीनियरिंग, स्कूल आफ मैनेजमेंट और स्कूल आफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 27 स्वर्ण, 28 रजत और 29 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।

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    नवीन जिंदल ने तकनीकी कौशल पर दिया जोर

    जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को नवाचार, समस्या समाधान क्षमता और बेहतर कार्यकुशलता वाले युवाओं की जरूरत है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और नई तकनीकों में कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि उद्योग की जरूरतों के अनुसार युवाओं को तैयार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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    दीक्षांत नए सफर की शुरुआत : शालू जिंदल

    विश्वविद्यालय (OP Jindal University) की चांसलर शालू जिंदल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नए सपनों और अवसरों की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

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    विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की दी गई जानकारी

    कुलपति (OP Jindal University) डा. आरडी पाटीदार ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और अधोसंरचना के क्षेत्र में उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प भी है। समारोह के अंत में कुलसचिव डा. अनुराग विजयवर्गीय ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी से कार्यक्रम यादगार बन गया।

     

     

     

  • Bonda-Pihra Road News : तीन साल में उखड़ गई सीसी सड़क, गड्ढों और कीचड़ से ग्रामीण बेहाल

    Bonda-Pihra Road News : तीन साल में उखड़ गई सीसी सड़क, गड्ढों और कीचड़ से ग्रामीण बेहाल

    Bonda-Pihra Road News लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत वर्ष 2023 में निर्मित बोंदा-पिहरा पहुंच मार्ग की सीसी सड़क अब पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। निर्माण के महज तीन वर्ष बाद ही सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है। बड़े-बड़े गड्ढे, बाहर निकली सरिया और बरसात में जमा कीचड़ के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

    स्कूली बच्चों, किसानों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है।

    सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील अंतर्गत बोंदा साप्ताहिक बाजार से ग्राम पिहरा तक जाने वाले इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों का प्रतिदिन आवागमन होता है। यही रास्ता स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए उपयोग में आता है, लेकिन सड़क की खराब हालत अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।

    घटिया निर्माण बना वजह

    ग्रामीणों का आरोप है कि पिहरा सड़क (Bonda-Pihra Road News) के निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। परिणामस्वरूप सीसी सड़क की सीमेंट और गिट्टी उखड़ चुकी है। कई स्थानों पर सड़क के भीतर डाली गई सरिया बाहर निकल आई है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

    बोंदा-पिहरा मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बरसात का पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की सड़क (PWD Road) की समय पर मरम्मत नहीं होने से स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    रेत से भरे ट्रैक्टरों ने बढ़ाई सड़क की दुर्दशा

    ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत पिहरा के महानदी घाट से रेत का परिवहन इसी मार्ग से किया जाता है। दिन-रात ओवरलोड रेत से भरे ट्रैक्टरों की आवाजाही के कारण सड़क (Bonda-Pihra Road News) तेजी से टूटती चली गई। भारी वाहनों के दबाव से सीसी सड़क जगह-जगह धंस गई और पूरी सतह उखड़ गई। वहीं सड़क पर गिरने वाली रेत के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है।

    स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी Bonda-Pihra Road News

    बोंदा ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 1 और 2 के रहवासी इस सड़क का उपयोग रोज करते हैं। सड़क पर चारों ओर फैले कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी कठिनाई होती है। बरसात के दिनों में कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे सुरक्षित घर लौट आएं, यही सबसे बड़ी चिंता बनी रहती है।

    ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग

    ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क (Bonda-Pihra Road News) की तत्काल मरम्मत कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    साथ ही रेत से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर भी सख्ती से रोक लगाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क यदि तीन वर्ष में ही टूट जाए तो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच (Bonda-Pihra Road News) कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है।

     

     

     

  • Chhattisgarh Vehicle Insurance : छत्तीसगढ़ में बिना बीमा दौड़ रही 40 लाख गाड़ियां

    Chhattisgarh Vehicle Insurance : छत्तीसगढ़ में बिना बीमा दौड़ रही 40 लाख गाड़ियां

    Chhattisgarh Vehicle Insurance छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में वाहन मालिक अब भी बिना बीमा के वाहन सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत लगभग 95.75 लाख वाहनों में से 40 लाख से अधिक वाहनों का बीमा नहीं है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इनमें 10 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन शामिल हैं।

    परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों को समय रहते बीमा नवीनीकरण कराने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि दुर्घटना की स्थिति में बिना बीमा वाले वाहन मालिकों को न केवल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी भी उन्हें स्वयं वहन करनी पड़ेगी।

    राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार देशभर में करीब 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के संचालित हो रहे हैं, जो कुल पंजीकृत वाहनों का लगभग 44 से 54 प्रतिशत है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने नई गाड़ियों की बिक्री के समय चार वर्ष का बीमा पैकेज अनिवार्य किया है, जिसमें पहले वर्ष फर्स्ट पार्टी और अगले तीन वर्षों का थर्ड पार्टी बीमा शामिल रहता है।

    समय पर बीमा नहीं कराया तो बढ़ सकती है मुश्किल

    परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अधिकांश वाहन मालिक वाहन खरीदते समय बीमा तो कराते हैं, लेकिन उसकी अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण नहीं कराते। यही लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बनती है। छत्तीसगढ़ वाहन बीमा (Chhattisgarh Vehicle Insurance) समय पर नहीं होने पर सड़क दुर्घटना, चोरी, आग या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में किसी भी प्रकार का बीमा लाभ नहीं मिलता।

    वाहन बीमा (Vehicle Insurance) समाप्त होने पर वाहन की मरम्मत और अन्य नुकसान का पूरा खर्च वाहन मालिक को स्वयं उठाना पड़ता है। वहीं मोटर बीमा (Motor Insurance) नहीं होने से कानूनी कार्रवाई का खतरा भी बना रहता है। इसी तरह थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Insurance) नहीं होने पर किसी अन्य व्यक्ति को हुए नुकसान का मुआवजा भी वाहन मालिक को अपनी जेब से देना पड़ सकता है।

    थर्ड पार्टी बीमा कराना कानूनन अनिवार्य

    मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन के लिए कम से कम थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। यदि किसी वाहन से दुर्घटना में दूसरे व्यक्ति की मृत्यु, चोट या संपत्ति का नुकसान होता है तो सामान्य स्थिति में मुआवजे की जिम्मेदारी बीमा कंपनी निभाती है। लेकिन यदि वाहन का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है तो यह पूरा वित्तीय दायित्व सीधे वाहन मालिक पर आ जाता है। वहीं फर्स्ट पार्टी बीमा वाहन को हुए नुकसान की भरपाई में मदद करता है।

    जुर्माना और सजा का प्रावधान Chhattisgarh Vehicle Insurance

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना बीमा वाहन चलाना मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है। पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार नियम तोड़ता है तो उस पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन महीने तक की सजा का प्रावधान भी है।

    विभाग ने बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान के लिए निगरानी बढ़ा दी है। शहरों में विशेष मोबाइल एप के माध्यम से वाहनों के बीमा, फिटनेस, पंजीयन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों में कमी मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई की जा रही है।

    प्रदेश में वाहनों की स्थिति Chhattisgarh Vehicle Insurance

    दोपहिया वाहन : 74.80 लाख
    तीनपहिया वाहन : 1.26 लाख
    कार : 4.42 लाख
    कमर्शियल वाहन : 6.15 लाख
    अन्य वाहन : 5.13 लाख
    कुल पंजीकृत वाहन : 95,75,343
    बिना बीमा वाले वाहन : 40 लाख से अधिक

     

  • Porath Road Issue : मंत्री ओपी चौधरी के गढ़ में विकास की खुली पोल, पहली ही बारिश में उखड़ी नई सड़क, भ्रष्टाचार पर लीपापोती शुरू!

    Porath Road Issue : मंत्री ओपी चौधरी के गढ़ में विकास की खुली पोल, पहली ही बारिश में उखड़ी नई सड़क, भ्रष्टाचार पर लीपापोती शुरू!

    Porath Road Issue छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अपने ही विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का ऐसा खुला नंगा नाच चल रहा है जिसे देखकर जनता का खून खोल उठा है! ग्राम पंचायत पोरथ में मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली जिस सीसी रोड के निर्माण पर लाखों रुपये फूंक दिए गए, उसकी हकीकत पहली ही बारिश ने बेनकाब कर दी है।

     

    Porath Road Issue

    सड़क (Porath Road Issue) बनते ही उखड़ गई और अब उस घटिया निर्माण पर पर्दा डालने के लिए बुलडोजर चलाकर लीपापोती की तैयारी की जा रही है। जनता के टैक्स के पैसों की इस तरह बर्बादी और घटिया निर्माण को लेकर अब ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है।

    Porath Road Issue फिर से बने 6 से 8 इंच की ढलाई वाली सड़क!

    सड़क निर्माण (Porath Road Issue) के नाम पर हुए इस घोटाले को लेकर सोशल मीडिया पर ग्रामीणों और युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। नारायण कुमार नामक स्थानीय नागरिक ने फेसबुक पर निर्माण कार्य की तस्वीरें साझा करते हुए सीधे मंत्रीजी और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। “आज माननीय वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पोरथ में बुलडोजर के साथ विकास ही विकास दिखाई दिया।

    यह सीसी रोड ग्राम पोरथ (Porath Road Issue) को मुख्य मार्ग से जोड़ती है। इस रोड का बहुत ही घटिया निर्माण किया गया जिससे पहली ही बारिश में उखड़ गई, जिसे लीपापोती करने की तैयारी चल रही है। ग्रामीणों की मांग है कि इस गुणवत्ताहीन रोड को लीपापोती न कर इसके ऊपर फिर से 6 से 8 इंच की ढलाई की जाए।

    मंत्री (OP Choudhary) जी से निवेदन है कि इस घटिया निर्माण की पुनः जांच कराएं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि उन्हें सिर्फ कागजी घोषणाएं या लीपापोती नहीं चाहिए, बल्कि ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

    Porath Road Issue अब जवाब दें मंत्री जी!

    सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर इस तरह का डाका जनता अब बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। क्या वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने ही क्षेत्र में पनप रहे इस घटिया निर्माण और लीपापोती के खेल पर कड़ा एक्शन लेंगे? या फिर जनता यूं ही घटिया सड़कों पर हिचकोले खाने और अफसरों-ठेकेदारों की जेबें भरने को मजबूर रहेगी? प्रशासन को अब तुरंत जागना होगा, वरना ग्रामीण इस अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं!

    मंत्री ओपी चौधरी पर निकाली भड़ास

    नारायण कुमार नामक स्थानीय नागरिक ने फेसबुक पर निर्माण कार्य की तस्वीरें साझा करते ही कमेंट सेक्शन में लोगों का गुस्सा बुरी तरह फूट पड़ा और तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोग सीधे तौर पर रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रदेश में हो रहे निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। विक्रम बारीक ने लिखा कि चलो गांव का कोई युवा तो जागृत हुआ, जिस पर नारायण कुमार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक पोस्ट नहीं, बल्कि उनके गांव की एक बेहद गंभीर समस्या है।

    Porath Road Issue

    वहीं शिशुपाल भोय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हर तरफ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है; रायगढ़ विधानसभा में जहां-जहां रोड बना है और पूरे छत्तीसगढ़ में, पहली बारिश में ही साफ पता चल गया है कि कितना भ्रष्टाचार हुआ है। इसके अलावा जिवर्धन यादव ने चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि पोरथ धाम में भ्रष्टाचार मत करो भाई, नहीं तो पछताना पड़ेगा, जबकि सरोज प्रधान ने तंज कसते हुए कमेंट किया कि “Jo ram mandir ko ni chhode o porath dham ko kiya chodege bhai”।

     

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