मौसम

Chhattisgarh Monsoon : प्रदेश में मानसून मेहरबान, कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून (Chhattisgarh Monsoon) लगातार मेहरबान बना हुआ है। एक जून से एक अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 557.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 541.2 मिमी का 103 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि इस बार राज्य में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। अच्छी बारिश का सबसे अधिक लाभ खरीफ फसलों, जलाशयों और भू-जल स्तर को मिला है। वहीं कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे Chhattisgarh Monsoon

राज्य में सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई, जहां सामान्य से 193.2 प्रतिशत बारिश हुई। इसके बाद नारायणपुर (153 प्रतिशत), महासमुंद (146.7 प्रतिशत), रायपुर (135 प्रतिशत), गरियाबंद (134.3 प्रतिशत), जांजगीर-चांपा (130.7 प्रतिशत), बलौदाबाजार (124.1 प्रतिशत), बालोद (123 प्रतिशत), धमतरी (118.6 प्रतिशत), दुर्ग (117 प्रतिशत), सक्ती (115.7 प्रतिशत), बलरामपुर (111.3 प्रतिशत), बिलासपुर (111 प्रतिशत), मुंगेली (106.5 प्रतिशत), राजनांदगांव (106.1 प्रतिशत) तथा दंतेवाड़ा (106 प्रतिशत) में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

कई जिले सामान्य के करीब Chhattisgarh Monsoon

राज्य के कुछ जिलों में वर्षा सामान्य के आसपास रही। इनमें कोरिया (99.7 प्रतिशत), कोरबा (97.8 प्रतिशत), रायगढ़ (97.1 प्रतिशत), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (96.6 प्रतिशत), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (95.8 प्रतिशत) तथा सूरजपुर (95.7 प्रतिशत) शामिल हैं। वहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, कबीरधाम, बस्तर, बेमेतरा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जशपुर, कांकेर, बीजापुर, सरगुजा और सुकमा में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई।

Chhattisgarh Monsoon नारायणपुर में सबसे ज्यादा बारिश

यदि एक जून से अब तक हुई वास्तविक वर्षा की बात करें तो नारायणपुर प्रदेश में सबसे आगे है, जहां 996.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ (788.3 मिमी), जांजगीर-चांपा (728.5 मिमी), महासमुंद (725.0 मिमी), दंतेवाड़ा (715.1 मिमी), गरियाबंद (709.0 मिमी), बीजापुर (700.5 मिमी), बालोद (668.2 मिमी), धमतरी (640.0 मिमी), बलौदाबाजार (625.3 मिमी) तथा रायपुर (612.6 मिमी) प्रमुख जिलों में शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : Takhatpur CMO Accident : जन्मदिन पार्टी से लौट रहे सीएमओ की कार ने ली दो महिलाओं की जान

खरीफ फसलों को मिला संजीवनी

अच्छी बारिश से प्रदेश में खरीफ फसलों की बुआई को गति मिली है। धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी उपलब्ध होने से किसानों को राहत मिली है। लगातार वर्षा से खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे कृषि गतिविधियां तेज हुई हैं।

 

यह भी पढ़ें :  Monkey Attack Ambikapur : बंदर ने घर से उठाई 5 माह की मासूम, पानी की टंकी में फेंका

Chhattisgarh Monsoon जलाशय और भूजल हुए समृद्ध

राज्य स्तरीय वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार लगातार बारिश से जलाशयों में जलभराव की स्थिति बेहतर हुई है। साथ ही भू-जल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो सिंचाई और पेयजल की स्थिति भी मजबूत होगी।

यह भी पढ़ें : Bonda-Pihra Road News : तीन साल में उखड़ गई सीसी सड़क, गड्ढों और कीचड़ से ग्रामीण बेहाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button