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  • Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 : किसानों के लिए बड़ी खबर! इस तारीख से होगी धान खरीदी, जानें कब से मिलेगा टोकन

    Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 : किसानों के लिए बड़ी खबर! इस तारीख से होगी धान खरीदी, जानें कब से मिलेगा टोकन

    छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026) की तैयारियां तेज हो गई हैं। धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से संभावित है, जबकि किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया 6 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। मार्कफेड ने खरीदी केंद्रों की व्यवस्था से लेकर प्रशिक्षण, निगरानी और ट्रायल रन तक की समय-सीमा तय कर दी है।

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    तैयारियों का शेड्यूल जारी

    छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित यानी मार्कफेड ने धान उपार्जन (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026)  को व्यवस्थित बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। खरीदी केंद्रों में धान की आवक, तौल और सुरक्षित रखरखाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी करनी होंगी। राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से धान खरीदी नीति अलग से जारी की जाएगी। फिलहाल मार्कफेड ने तैयारियों का कार्यक्रम तय किया है।

     

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    किसानों के लिए कब से क्या होगा

     

    • 13 से 16 अक्टूबर 2026: मार्कफेड मुख्यालय में संभागवार जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण।
    • 25 अक्टूबर तक: अतिसंवेदनशील धान खरीदी केंद्रों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति।
    • 26 से 30 अक्टूबर: जिलों और अनुविभागों में प्रशिक्षण कार्यक्रम।
    • 30 अक्टूबर तक: खरीदी केंद्रों में साफ-सफाई, आर्द्रतामापी यंत्र का कैलिब्रेशन, बायोमीट्रिक डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट का सत्यापन, बारदाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करना।
    • 2 से 5 नवंबर: धान खरीदी व्यवस्था का ट्रायल रन।
    • 2 से 6 नवंबर: संभागवार तैयारियों की समीक्षा।
    • 5 नवंबर तक: संग्रहण केंद्रों में स्टेक प्लान, हमालों, कैप कवर और परिवहन व भंडारण से जुड़ी निविदाओं की प्रक्रिया पूरी करना।
    • 6 नवंबर से संभावित: किसानों को धान खरीदी के लिए टोकन जारी करने की शुरुआत।
    • 15 नवंबर से संभावित: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026)  शुरू होना।

     

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    Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 35 बिंदुओं की चेक लिस्ट

    धान खरीदी के दौरान किसानों को परेशानी न हो और केंद्रों पर अव्यवस्था न फैले, इसके लिए 35 बिंदुओं की चेक लिस्ट (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026)  लागू की गई है। इसमें इंटरनेट और बिजली, कंप्यूटर-प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरे, बायोमीट्रिक डिवाइस, टैबलेट, पेयजल, शौचालय, छाया और बैठने की व्यवस्था शामिल हैं। इसके अलावा उड़वानी के लिए पंखा, सुपा और चलनी, एफएक्यू धान के नमूने का प्रदर्शन तथा प्राथमिक उपचार पेटी जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी।

     

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    अतिसंवेदनशील केंद्रों पर रहेगी विशेष निगरानी

    मार्कफेड ने अतिसंवेदनशील खरीदी केंद्रों की निगरानी के लिए 25 अक्टूबर तक अलग से नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टरों को समय-सीमा बैठकों में तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी कराने को कहा गया है। किसानों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि 15 नवंबर से धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026)  और 6 नवंबर से टोकन जारी होने की तारीखें फिलहाल संभावित हैं। खरीदी की अंतिम व्यवस्था और नियमों के लिए राज्य शासन की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक नीति पर नजर रखना जरूरी होगा।

     

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  • Krishak Unnati Yojana : किसानों के खाते में आएंगे 15,000 रुपये प्रति एकड़! 31 अक्टूबर से पहले कर लें ये काम

    Krishak Unnati Yojana : किसानों के खाते में आएंगे 15,000 रुपये प्रति एकड़! 31 अक्टूबर से पहले कर लें ये काम

    छत्तीसगढ़ में किसानों को धान के बजाय दूसरी फसल लगाने पर (Krishak Unnati Yojana) के तहत प्रति एकड़ 15,000 रुपये तक की सहायता राशि मिल सकती है। अगर आप भी इस सरकारी योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तारीख जरूर जान लें। खरीफ वर्ष 2026 के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

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    दूसरी फसल लगाने पर कितनी मिलेगी राशि

     

    कृषि विभाग के अनुसार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana Chhattisgarh) के तहत सहायता दी जा रही है।

    योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर दूसरी खरीफ फसल लगाने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, जो किसान पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें 10,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि देने का प्रावधान है।

     

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    बैंक खाते में आएगी सहायता राशि

    योजना के तहत पात्र किसानों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी (DBT Farmer Assistance) व्यवस्था अपनाई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को धान के अलावा अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और खेती में विविधता बढ़ाना है।

     

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    Krishak Unnati Yojana 31 तक कहां कराएं पंजीयन

    कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana Registration) का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए अपने क्षेत्र की नजदीकी सेवा सहकारी समिति में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर पंजीकरण कराएं, ताकि योजना के तहत मिलने वाली सहायता का लाभ लेने के लिए उनकी पात्रता संबंधी प्रक्रिया पूरी हो सके।

     

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    Krishak Unnati Yojana इन बातों का रखें ध्यान

    • धान के स्थान पर दूसरी खरीफ फसल लगाने पर सहायता राशि: 15,000 रुपये प्रति एकड़।
    • पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास उगाने वाले किसानों के लिए सहायता: 10,000 रुपये प्रति एकड़।
    • पंजीकरण की अंतिम तारीख: 31 अक्टूबर 2026।
    • पंजीकरण का माध्यम: नजदीकी सेवा सहकारी समिति के जरिए एकीकृत किसान पोर्टल।
    • सहायता राशि: पात्रता के अनुसार बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से।

     

     

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  • Chhattisgarh Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, CM सुरक्षा और जिलों में बदलाव

    Chhattisgarh Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, CM सुरक्षा और जिलों में बदलाव

    Chhattisgarh Police Transfer : छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के 7 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया है। अधिकारियों की नई पदस्थापना प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। गृह विभाग के अवर सचिव सोनचंद साहू ने 5 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारी का प्रभार तत्काल ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

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    प्रशासनिक जरूरत पर तबादला

    गृह विभाग के आदेश के मुताबिक यह स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता के तहत आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से किया गया है। तबादले (Chhattisgarh Police Transfer)  के बाद सभी अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। नई पदस्थापनाओं के जरिए पुलिस विभाग में विभिन्न सुरक्षा इकाइयों और जिलों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

     

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    तत्काल प्रभाव से लागू आदेश

    आदेश मंत्रालय स्थित महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी किया गया है। इसमें संबंधित अधिकारियों को बिना विलंब नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री सुरक्षा, राजभवन सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा वाहिनी सहित बलौदाबाजार और बिलासपुर की पुलिस व्यवस्था से जुड़े पद (Chhattisgarh Police Transfer)  शामिल हैं।

     

    Chhattisgarh Police Transfer अधिकारियों की नई जिम्मेदारी

    तबादला आदेश के अनुसार अधिकारियों को अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों और जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पूरी सूची इस प्रकार है:

    क्रमांकअधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापनानवीन पदस्थापना
    1सचिन्द्र चौबे (सीसी-2011)अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस-मैनपाटअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, माननीय मुख्यमंत्री सुरक्षा, छत्तीसगढ़ रायपुर
    2आलोक तिवारी (सीसी-2016)सहायक सेनानी, माननीय मुख्यमंत्री सुरक्षा, छत्तीसगढ़ रायपुरसहायक सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, माना, रायपुर
    3गिरीश कोरी (सीसी-2016)सहायक सेनानी, राजभवन सुरक्षा, रायपुरसहायक सेनानी, वीआईपी सुरक्षा वाहिनी, माना, रायपुर
    4दिनेश सिंह (सीसी-2016)सहायक सेनानी, माननीय मुख्यमंत्री सुरक्षा, छत्तीसगढ़ रायपुरसहायक सेनानी, राजभवन सुरक्षा, रायपुर
    5मयंक रणसिंह (डीडी-2018)उप पुलिस अधीक्षक, एसआईयू, पुमु, नवा रायपुरअनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), भाटापारा, जिला बलौदाबाजार
    6तारेश साहू (डीडी-2018)अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), भाटापारा, जिला बलौदाबाजारउप पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर
    7नीलकिशोर अवस्थी (सीसी-2025)सहायक सेनानी, राजभवन सुरक्षा, रायपुरसहायक सेनानी, वीआईपी सुरक्षा वाहिनी, माना, रायपुर

     

  • Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    Crusher Road Controversy पहले से क्रशरों की धूल, धुएं और भारी वाहनों की मार झेल रहे ग्रामीणों की परेशानी अब और बढ़ती नजर आ रही है। सरकारी नाले की प्राकृतिक जल निकासी को बड़े पाइप डालकर पाटे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह रास्ता प्रस्तावित क्रशर उद्योग तक पहुंच बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले में प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    Crusher Road Controversy : सरकारी नाला पाटकर क्रशर का रास्ता! प्रशासन मौन, ग्रामीणों में उबाल

    करीब 30 मीटर हिस्से में बड़े पाइप डालकर नाले को समतल किए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन और नाले की संरचना से छेड़छाड़ कर निजी उद्योग (Crusher Road Controversy)  के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील क्षेत्र में बोंदा-नौघटा पहुंच मार्ग के किनारे स्थित शासकीय बगई नाले में पाइप डालकर रास्ता बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत बोंदा की सीमा में प्रस्तावित क्रशर उद्योग के लिए यह रास्ता तैयार किया जा रहा है।

     

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    सरकारी नाला पाटकर बना रहे रास्ता

    ग्रामीणों के अनुसार बगई नाले के करीब 30 मीटर हिस्से में बड़े-बड़े पाइप डाले गए हैं। इसके बाद मिट्टी डालकर नाले को समतल किया गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता तैयार हो सके। ग्रामीणों ने सरकारी नाला (Crusher Road Controversy) पाटे जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नाला बारिश के पानी की प्राकृतिक निकासी का जरिया है। इसे पाटने से आने वाले समय में जलभराव और खेतों में पानी भरने की समस्या बढ़ सकती है।

     

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    किसकी अनुमति से सरकारी जमीन पर काम?

    ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि शासकीय नाले पर पाइप डालकर रास्ता बनाने की अनुमति आखिर किसने दी? ग्रामीणों के मुताबिक मौके पर किसी विभागीय अनुमति या स्वीकृति से संबंधित सूचना भी दिखाई नहीं दे रही है।

    यदि बिना अनुमति सरकारी नाले और जमीन पर निर्माण किया गया है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच कराने और दोषियों (Crusher Road Controversy)  पर कार्रवाई की मांग की है।

     

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    7-8 क्रशरों से पहले ही परेशान गांव

    नौघटा-बोंदा मार्ग पर पहले से करीब 7-8 क्रशर (Crusher Road Controversy)  संचालित होने की बात ग्रामीणों ने कही है। इन क्रशरों से निकलने वाली धूल-धुएं और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मार्ग पर 12 टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे सड़क की हालत भी खराब हो चुकी है।

     

     

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    पहले चक्काजाम, अब नाले पर कब्जे का आरोप

    भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर नौघटा के ग्रामीण पहले भी चक्काजाम कर विरोध जता चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी समस्याओं का समाधान किए बिना अब नए क्रशर के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है।

    क्रशर का रास्ता (Crusher Road Controversy) बनाने के लिए नाले की प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ के आरोप ने ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

     

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    Crusher Road Controversy  प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन पर खुलेआम काम होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। शिकायतों के बाद भी मौके पर काम जारी रहने से ग्रामीण प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

    ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी (Crusher Road Controversy) से निजी उद्योग को बढ़ावा मिलने का संदेश जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य रुकवाया जाए।

     

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    तीन दशक पुराना नाला, अब रास्ते में तब्दील

    ग्रामीणों का दावा है कि करीब तीन दशक पहले तक बगई नाला सक्रिय अवस्था में था और बारिश का पानी इसी रास्ते से निकलता था। अब नाले में पाइप डालकर उसे रास्ते में तब्दील किए जाने से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि शासकीय जमीन पर निर्माण (Crusher Road Controversy) की अनुमति और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

     

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    तहसीलदार बोले- जानकारी नहीं, देखना पड़ेगा

    मामले (Crusher Road Controversy)  में तहसीलदार सरिया पुष्पेन्द्र सिंह राज ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले को देखना पड़ेगा। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शासकीय बगई नाले पर पाइप डालकर रास्ता बनाने के लिए किसी विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

     

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    नया क्रशर, पुरानी मुसीबत और प्रशासन पर सवाल

    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पहले ही क्रशरों की धूल और भारी वाहनों से परेशान है। ऐसे में प्रस्तावित क्रशर के लिए सरकारी नाले को पाटकर रास्ता बनाए जाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रस्तावित क्रशर विवाद (Crusher Road Controversy) अब सिर्फ रास्ता बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। मामला सरकारी जमीन, प्राकृतिक जल निकासी और प्रशासनिक अनुमति से जुड़ गया है। ग्रामीणों ने तत्काल जांच, स्थल निरीक्षण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

     

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  • Mukhyamantri Gramin Bus Yojana : दिसंबर तक 4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस, 14.57 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana : दिसंबर तक 4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस, 14.57 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सार्वजनिक परिवहन का दायरा और बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के दूसरे चरण में 8 नए जिलों के 85 आदिवासी विकासखंडों के 4,368 गांवों को बस सेवा से जोड़ने की तैयारी है।

     

    दिसंबर तक इन गांवों में नियमित बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इससे करीब 14.57 लाख लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने की संभावना है। दूसरे चरण में 60 से 80 बसों के संचालन का प्रस्ताव है। वहीं योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 मार्गों पर 107 बसें संचालित हो रही हैं।

     

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    4,368 गांवों तक पहुंचेगी बस

    योजना के दूसरे चरण में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कोरबा और धमतरी को शामिल किया गया है।

    इन जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों के 85 आदिवासी विकासखंडों (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) में वर्तमान में बस सुविधा से वंचित 4,368 गांवों को जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक इन क्षेत्रों में परिवहन सुविधा पहुंचाने का है। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद ग्रामीणों के लिए स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

     

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    एक साल में 850 गांवों तक पहुंची बस

    मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर से हुई थी। पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया।

    एक वर्ष में योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। अब 13 जिलों के 106 चयनित मार्गों पर 107 बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों से 850 ऐसे गांव पहली बार नियमित यात्री बस सेवा से जुड़े हैं, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना की बसों ने एक वर्ष में करीब 24 लाख किलोमीटर का सफर तय किया है। वर्तमान में बसें प्रतिदिन लगभग 17,500 किलोमीटर चल रही हैं।

     

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    34 बसों से शुरू हुई थी योजना

    योजना की शुरुआत 34 मार्गों और करीब 250 गांवों को जोड़कर की गई थी। एक साल में यह संख्या बढ़कर 106 मार्ग और 107 बसों तक पहुंच गई है। योजना के अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है। अलग-अलग मार्गों की लंबाई 14 से 105 किलोमीटर तक है। अधिकांश मार्गों पर प्रतिदिन दो ट्रिप संचालित की जा रही हैं। बस्तर संभाग में 51 मार्गों पर 50 बसें और सरगुजा संभाग में 55 मार्गों पर 57 बसें चल रही हैं।

     

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    Mukhyamantri Gramin Bus Yojana दुर्गम इलाकों को कनेक्टिविटी

    बस्तर संभाग में सुकमा के 8 मार्गों पर 9 बसें, दंतेवाड़ा के 7 मार्गों पर 7, बीजापुर के 11 मार्गों पर 11, नारायणपुर के 4 मार्गों पर 4, बस्तर के 5 मार्गों पर 5, कांकेर के 12 मार्गों पर 12 और कोंडागांव के 8 मार्गों पर 9 बसें संचालित हो रही हैं।

    वहीं सरगुजा संभाग में सरगुजा के 8 मार्गों पर 8 बसें, सूरजपुर के 10 मार्गों पर 9, बलरामपुर के 7 मार्गों पर 7, जशपुर के 16 मार्गों पर 16, कोरिया के 6 मार्गों पर 6 और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 4 मार्गों पर 4 बसें चल रही हैं।

     

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    कोंटा-जगरगुंडा मार्ग पर भी मिली राहत

    सुकमा जिले के कोंटा से जगरगुंडा तक करीब 83 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पहले ग्रामीणों को सीमित परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्रामीण बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में बस सेवा पहुंचने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी तय करने में राहत मिल रही है।

     

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    शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक आसान होगी पहुंच

    ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य केवल गांवों को सड़क परिवहन से जोड़ना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान करना भी है। नियमित बस मिलने से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने तथा ग्रामीणों को हाट-बाजार और सरकारी कार्यालयों तक जाने में सुविधा मिल रही है। दूसरे चरण में 4,368 और गांव जुड़ने के बाद बस कनेक्टिविटी (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) का दायरा और बढ़ेगा।

     

     

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    मुख्यमंत्री साय बोले- विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे गांव

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana)  के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि सुदूर गांव में रहने वाले नागरिकों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक सहज पहुंच का समान अवसर मिलना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नियमित यात्री बस नहीं पहुंचती थी, वहां अब ग्रामीण तय समय पर बस से स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह केवल परिवहन सुविधा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम है।

     

     

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    दिसंबर तक दिखेगा योजना के दूसरे चरण का असर

    पहले चरण में 850 गांवों को नियमित बस सेवा (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana)  से जोड़ने के बाद अब सरकार ने दूसरे चरण में 4,368 गांवों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है। यदि दिसंबर तक प्रस्तावित बस सेवाएं शुरू होती हैं तो आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

    मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana) के विस्तार से 14.57 लाख लोगों को सीधे परिवहन सुविधा मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ गांवों और विकास केंद्रों के बीच की दूरी भी कम होगी।

     

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  • Mrunal Thakur Latest Look : चाकलेट ब्राउन ड्रेस में मृणाल ठाकुर का ग्लैमरस अंदाज

    Mrunal Thakur Latest Look : चाकलेट ब्राउन ड्रेस में मृणाल ठाकुर का ग्लैमरस अंदाज

    Mrunal Thakur Latest Look बॉलीवुड और साउथ फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुकीं मृणाल ठाकुर एक बार फिर अपने स्टाइलिश अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। एक्ट्रेस की लेटेस्ट तस्वीरों में उनका ग्लैमरस लुक (Mrunal Thakur Latest Look) फैंस का ध्यान खींच रहा है।

    Mrunal Thakur Latest Look

    चॉकलेट ब्राउन ड्रेस में मृणाल का एलिगेंट और सोफिस्टिकेटेड अंदाज देखते ही बन रहा है। मृणाल ने इस लुक में ग्लैमर और क्लासी स्टाइल का शानदार बैलेंस रखा है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में फैंस उनकी खूबसूरती और फैशन सेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    Mrunal Thakur Latest Look

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    दिखीं बेहद स्टाइलिश

    मृणाल ठाकुर ने इस खास लुक के लिए स्लीवलेस और हाई-नेक वाली चॉकलेट ब्राउन मिडी ड्रेस चुनी। ड्रेस की एसिमेट्रिक हेमलाइन और साइड ड्रेपिंग डिटेल्स उनके लुक को और आकर्षक बना रही हैं।

    चॉकलेट ब्राउन आउटफिट (Mrunal Thakur Latest Look) में मृणाल का मिनिमल और एलिगेंट स्टाइल काफी पसंद किया जा रहा है। उन्होंने अपने लुक को ज्यादा हैवी न रखते हुए सटल फैशन को प्राथमिकता दी है।

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    लेपर्ड प्रिंट हील्स ने बढ़ाया ग्लैमर

    अपने आउटफिट के साथ मृणाल ने लेपर्ड-प्रिंट प्वाइंटेड हील्स यानी स्लिंगबैक पंप्स पेयर किए हैं। फुटवियर का यह चुनाव पूरे लुक में एक स्टाइलिश ट्विस्ट जोड़ रहा है। ड्रेस के सटल कलर के साथ लेपर्ड प्रिंट हील्स (Mrunal Thakur Latest Look) उनके फैशन स्टेटमेंट को और उभार रही हैं।

    न्यूड मेकअप और स्लीक बन

    मृणाल ने मेकअप के लिए न्यूड-ब्राउन टोन को चुना है। स्मोकी आइज और सटल मेकअप उनके चेहरे की खूबसूरती को और निखार रहे हैं। वहीं बालों को उन्होंने स्लीक बैक बन में स्टाइल किया है। यह हेयरस्टाइल उनके सोफिस्टिकेटेड लुक के साथ पूरी तरह फिट बैठ रहा है।

    सिल्वर ज्वेलरी से पूरा किया लुक Mrunal Thakur Latest Look

    एक्ट्रेस ने एक्सेसरीज के तौर पर सिल्वर स्टड इयररिंग्स और मैचिंग रिंग्स पहनी हैं। मिनिमल ज्वेलरी ने उनके एलिगेंट फैशन लुक (Mrunal Thakur Latest Look) को बिना ओवरडू किए पूरा किया है। मृणाल का पूरा लुक इस बात का उदाहरण है कि कम एक्सेसरीज के साथ भी स्टाइलिश और ग्लैमरस नजर आया जा सकता है।

    फैंस को खूब पसंद आया अंदाज

    मृणाल ठाकुर की तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस उनके लुक की तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके स्टाइल, ड्रेसिंग सेंस और खूबसूरती की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    मृणाल ठाकुर का ग्लैमरस अंदाज (Mrunal Thakur Latest Look) एक बार फिर फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। चॉकलेट ब्राउन ड्रेस से लेकर लेपर्ड प्रिंट हील्स तक, उनका पूरा लुक फैशन लवर्स को इंस्पायर कर रहा है।

     

     

  • Ghoghra Pond Controversy : निस्तारी तालाब बचाने ग्रामीणों का मोर्चा, डस्ट डंपिंग रुकवाई, चक्काजाम की चेतावनी

    Ghoghra Pond Controversy : निस्तारी तालाब बचाने ग्रामीणों का मोर्चा, डस्ट डंपिंग रुकवाई, चक्काजाम की चेतावनी

    Ghoghra Pond Controversy एक गांव के सैकड़ों परिवारों और मवेशियों के लिए पानी का एकमात्र सहारा माने जा रहे तालाब पर संकट खड़ा हो गया है। जलग्रहण क्षेत्र के पास औद्योगिक डस्ट की डंपिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। निस्तारी तालाब को बचाने की लड़ाई (Ghoghra Pond Controversy) अब सड़क तक पहुंच गई है।

    शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने खुद मौके पर पहुंचकर डंपिंग का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान डस्ट बहकर तालाब में पहुंचा तो पानी दूषित होने का खतरा है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए डस्ट हटाने की मांग की है।

    मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के ग्राम घोघरा का है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव का यही प्रमुख निस्तारी तालाब है, जिस पर 200 से अधिक परिवार निस्तार, सिंचाई और मवेशियों के पानी के लिए निर्भर हैं। घोघरा के निस्तारी तालाब का विवाद (Ghoghra Pond Controversy) अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।

     

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    जलग्रहण क्षेत्र में डंपिंग

    ग्रामीणों के अनुसार तालाब में बारिश का पानी पहुंचाने वाली मुख्य नाली के ठीक बगल वाले खेत में बड़ी मात्रा में औद्योगिक डस्ट डंप किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बारिश होने पर यह डस्ट बहकर नाली के रास्ते तालाब में पहुंच सकता है।

    ग्रामीणों ने आशंका जताई कि डस्ट तालाब में पहुंचने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे इंसानों के साथ मवेशियों और जलीय जीवों पर भी असर पड़ने की चिंता ग्रामीणों ने जाहिर की है। औद्योगिक डस्ट की डंपिंग का मामला (Ghoghra Pond Controversy) इसी वजह से तूल पकड़ रहा है।

     

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    शिकायत के बाद भी नाराजगी

    ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष पहले ही लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद मौके पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। इसी से नाराज होकर ग्रामीण एकजुट हुए और मौके पर पहुंचकर डंपिंग का काम रुकवा दिया। प्रशासन से कार्रवाई की मांग (Ghoghra Pond Controversy) को लेकर ग्रामीणों ने अब अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

     

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    200 परिवारों की चिंता

    ग्रामीणों के मुताबिक तालाब गांव के 200 से अधिक परिवारों के लिए निस्तारी और सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके अलावा मवेशियों के पीने के पानी के लिए भी इसी तालाब पर निर्भरता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि डस्ट बारिश के पानी के साथ तालाब में पहुंचता है तो पानी दूषित होने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ पशुधन और जलीय जीवों पर भी असर पड़ सकता है। तालाब के पानी को सुरक्षित रखने की मांग (Ghoghra Pond Controversy) को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

     

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    24 घंटे का अल्टीमेटम

    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया है। उनका कहना है कि इस अवधि में डंप किया गया डस्ट पूरी तरह हटाया नहीं गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

    ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी दी है। फिलहाल डंपिंग को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बताई जा रही है। डस्ट हटाने की मांग पर आंदोलन की चेतावनी (Ghoghra Pond Controversy) के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।

     

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    ग्रामीण बोले- तालाब बचाएंगे

    घोघरा निवासी जोगेश्वर साव ने कहा कि ग्रामीण कई दिनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद लोगों ने खुद मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया।

    उन्होंने कहा कि यह बच्चों, परिवारों और मवेशियों के पानी से जुड़ा मामला है। ग्रामीण तालाब को किसी भी स्थिति में बर्बाद नहीं होने देना चाहते। ग्रामीणों की आपत्ति और विरोध (Ghoghra Pond Controversy) के बीच अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    मामले में ग्रामीणों ने डंप किए गए औद्योगिक डस्ट को हटाने और भविष्य में जलग्रहण क्षेत्र में ऐसी डंपिंग रोकने की मांग की है। वहीं, लगाए गए आरोपों और डंपिंग की वास्तविक स्थिति पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

     

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  • Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जागरूकता को लेकर रायगढ़ पुलिस की पहल को देशभर से अच्छा प्रतिसाद मिला है। साइबर जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्म प्रविष्टियां पहुंचीं। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में रूस से भी एक फिल्म की एंट्री मिली। सात सप्ताह चले अभियान के दौरान रायगढ़ जिले में करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह 3 अक्टूबर को रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर अवेयरनेस फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।

    युवाओं को बनाया जाएगा साइबर दूत

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल खुद साइबर अपराधों से बचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें साइबर जागरूकता के दूत (Cyber Awareness Campaign) बनकर परिवार, मित्रों और समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

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    AI के इस्तेमाल की भी सराहना

    दुर्ग सांसद विजय बघेल ने साइबर जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित और सुरक्षा के लिए किया जाए तो यह समाज को साइबर अपराधों से बचाने में प्रभावी माध्यम बन सकता है।

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    7 सप्ताह में 2 लाख तक पहुंच

    एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान (Cyber Awareness Campaign) चलाया गया। रायगढ़ जिले में सात सप्ताह के दौरान विभिन्न माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को अभियान से जोड़ा गया। इसी अभियान के तहत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

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    रूस से भी पहुंची फिल्म

    प्रतियोगिता में देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां मिलीं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। वहीं रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि पहुंची। प्रतियोगिता में रोटरी क्लब रायगढ़ का सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।

     

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    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक निर्णायक

    प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए फिल्म और कला जगत से जुड़े अनुभवी लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्मकार योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता सुनील चिपड़े शामिल रहे। निर्णायकों के मुताबिक फिल्मों में रचनात्मकता और साइबर जागरूकता का प्रभावी मेल देखने को मिला। शीर्ष तीन फिल्मों का चयन करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।

     

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    छह फिल्मों ने जीते पुरस्कार

    3 से 6 मिनट की श्रेणी में स्वपनिल कोटरीवार की “दूसर छोर” प्रथम, होमेन्द्र कुमार की “जरूरत” द्वितीय और प्रकाश पटेल की “गुपचुप ठेला” तृतीय रही। वहीं 1 से 3 मिनट की श्रेणी में दीपक जायसवाल की “एक्सेस लिंक” प्रथम, तुषार सोलंकी की “Dial 1930” द्वितीय और समीर चन्द्रा की “Golden Hour” तृतीय रही। दोनों श्रेणियों में विजेताओं को कुल ₹5.25 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। श्रेणी अ में क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार, जबकि श्रेणी ब में ₹75 हजार, ₹50 हजार और ₹25 हजार दिए गए।

     

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    ‘The Cyber Trap’ से जागरूकता संदेश

    रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर सुरक्षा फिल्म (Cyber Awareness Campaign) “The Cyber Trap” को प्रतियोगिता से अलग आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया है। फिल्म में एसएसपी शशि मोहन सिंह समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी नजर आए हैं। फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। पुलिस का उद्देश्य साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाना है।

     

     

     

  • Tiger Deer Viral Video : इसे कहते हैं मौत को छूकर वापस आना…! देखें, हिरण ने बाघ को कैसे दिया चकमा

    Tiger Deer Viral Video : इसे कहते हैं मौत को छूकर वापस आना…! देखें, हिरण ने बाघ को कैसे दिया चकमा

    Tiger Deer Viral Video जंगल में कब कौन किसका शिकार बन जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। एक पल तक शांत नजर आ रहा नजारा अगले ही सेकंड जान बचाने की दौड़ में बदल जाता है। ऐसा ही एक रोमांचक दृश्य कैमरे में कैद हुआ, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।

    शिकार पर घात लगाकर बैठे शिकारी को लगता है कि उसका निशाना बिल्कुल पक्का है। लेकिन कई बार शिकार की एक छोटी-सी फुर्ती पूरा खेल बदल देती है। वायरल हो रहे वीडियो में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां हिरण ने आखिरी पल में बाघ के हमले को चकमा दे दिया।

    यह वीडियो किस स्थान का है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वीडियो में एक तालाब के किनारे हिरण पानी पीता नजर आता है। इसी दौरान पेड़ की आड़ में छिपा बाघ अचानक उस पर हमला कर देता है। इसके बाद जो हुआ, वह हिरण-बाघ का रोमांचक मुकाबला (Tiger Deer Viral Video) बन गया।

     

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    Tiger Deer Viral Video पानी पी रहा था हिरण

     

    वीडियो में हिरण तालाब के किनारे बेफिक्र होकर पानी पीता दिखाई देता है। उसे इस बात का अंदाजा नहीं होता कि कुछ दूरी पर एक बाघ घात लगाए बैठा है। बाघ काफी देर तक सही मौके का इंतजार करता नजर आता है। जैसे ही उसे मौका मिलता है, वह तेजी से हिरण की ओर झपटता है। बाघ के अचानक हमले (Tiger Deer Viral Video) ने पूरे दृश्य को बेहद रोमांचक बना दिया।

     

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    अचानक पलटा पूरा खेल

    बाघ के झपटते ही हिरण को खतरे का अंदाजा हो जाता है। वह बिना समय गंवाए तेजी से दिशा बदलता है और वहां से भाग निकलता है। हिरण की इसी फुर्ती ने शिकारी का पूरा प्लान बिगाड़ दिया। हिरण की तेज फुर्ती (Tiger Deer Viral Video) के कारण बाघ उसे पकड़ नहीं पाया।

     

     

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    बाघ का निशाना चूका

    बाघ ने हिरण का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती झपट्टे में ही उसका निशाना चूक गया। हिरण झाड़ियों की तरफ तेजी से निकल गया। कुछ ही सेकंड में दोनों के बीच दूरी बढ़ गई। बाघ के चूके शिकार (Tiger Deer Viral Video) का यह दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

     

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    वीडियो ने मचाई हलचल

     

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हिरण की फुर्ती को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि जंगल में खतरे को पहचानने और सही समय पर फैसला लेने की क्षमता जीवन बचा सकती है। वीडियो में दिखा हिरण का बच निकलना (Tiger Deer Viral Video) कुछ ही सेकंड में हुए उस घटनाक्रम को दिखाता है, जिसमें शिकारी का हमला नाकाम हो गया।

     

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    कुछ सेकंड में बदला नजारा

    जंगल में शिकारी और शिकार के बीच मुकाबला बेहद अप्रत्याशित होता है। यहां भी बाघ ने अचानक हमला किया, लेकिन हिरण ने तेजी से प्रतिक्रिया देकर खुद को बचा लिया। वीडियो में दिख रहा घटनाक्रम इस बात का उदाहरण है कि जंगल में एक छोटी-सी चूक शिकारी के पूरे प्रयास को विफल कर सकती है।

     

  • Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    Nora Fatehi अपने डांस मूव्स और शानदार फैशन सेंस से फैंस को दीवाना बनाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही एक बार फिर अपने ग्लैमरस लुक को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई उनकी तस्वीरों में उनका एलिगेंट और क्लासी अंदाज देखने को मिल रहा है। नोरा फतेही का नया लुक (Nora Fatehi) फैंस के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है।

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    Nora Fatehi बेज गाउन में दिखा ग्लैमर

    तस्वीरों में नोरा फतेही बेज और क्रीम शेड के वेल-फिटेड हाई-नेक गाउन में नजर आ रही हैं। गाउन का फ्लेयर्ड बॉटम उनके पूरे लुक को रॉयल टच दे रहा है। सिंपल और सोबर डिजाइन के साथ उन्होंने मिनिमल ज्वैलरी कैरी की है। गले में पहना एलिगेंट डायमंड नेकपीस उनके आउटफिट को और आकर्षक बना रहा है। बेज गाउन में नोरा फतेही का एलिगेंट अंदाज (Nora Fatehi) सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रहा है।

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

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    ब्लैक एक्सेसरीज का तड़का

    नोरा ने अपने लुक को ब्लैक ट्रेंडी सनग्लासेस और क्लासी ब्लैक हैंडबैग के साथ कम्पलीट किया है। ब्लैक और बेज का यह कॉम्बिनेशन उनके लुक को और स्टाइलिश बना रहा है।

    तस्वीरों में वह कभी कॉरिडोर तो कभी सीढ़ियों पर अलग-अलग पोज देती नजर आ रही हैं। सनग्लासेस और ब्लैक हैंडबैग के साथ नोरा का स्टाइल (Nora Fatehi) खास तौर पर फैंस को पसंद आ रहा है।

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    बैंग्स हेयरकट ने बढ़ाई खूबसूरती

    नोरा ने अपने बालों को ओपन रखा है और बैंग्स कट हेयरस्टाइल कैरी किया है। इस हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक को मॉडर्न और ग्लैमरस बना दिया है। उनका मेकअप भी लुक के साथ बैलेंस्ड नजर आ रहा है। नोरा का बैंग्स हेयरस्टाइल और ग्लैमरस अवतार (Nora Fatehi) उनकी तस्वीरों में खूब जंच रहा है।

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

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    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    फैंस हुए दीवाने

    नोरा के इस नए लुक की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। फैंस उनके फैशन सेंस और स्टाइल की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स उनके इस रॉयल और सिजलिंग अंदाज को बेहद पसंद कर रहे हैं।

    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर

    ग्लैमरस आउटफिट से लेकर एक्सेसरीज और हेयरस्टाइल तक, नोरा ने अपने पूरे लुक को काफी स्टाइलिश रखा है। नोरा फतेही का ग्लैमरस अवतार (Nora Fatehi) सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है।

     

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    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहरहर लुक में अलग अंदाज

    नोरा फतेही अक्सर अपने फैशन एक्सपेरिमेंट्स से फैंस का ध्यान खींचती हैं। इस बार भी उनका बेज गाउन, ब्लैक सनग्लासेस और हैंडबैग का कॉम्बिनेशन चर्चा में है। उनकी तस्वीरों में ग्लैमर के साथ-साथ क्लासी फैशन का टच भी नजर आ रहा है।

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    Nora Fatehi : नोरा फतेही का एलिगेंट अवतार, बेज गाउन और ट्रेंडी सनग्लासेस में ढाया कहर