बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून (Chhattisgarh Rain Alert Today) ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों के दौरान मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश (Chhattisgarh Rain Alert Today) होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
प्रदेश में 1 जून से अब तक सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले दो से तीन दिनों तक अच्छी वर्षा (Chhattisgarh Rain Alert Today) होती है तो बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
रायपुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश (Chhattisgarh Rain Alert Today) और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। यदि बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र और मजबूत होता है तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा दर्ज हो सकती है।
जुलाई में कमजोर पड़ा था मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बारिश वाला महीना माना जाता है। लेकिन इस बार कुछ दिनों तक मानसून कमजोर रहने के कारण कई जिलों में मानसून (Chhattisgarh Rain Alert Today) की गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं। ट्रफ लाइन और लो प्रेशर सिस्टम के राज्य से दूर चले जाने के कारण पूरे प्रदेश में बारिश का दौर लगभग थम गया था। अब बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए सिस्टम से मानसून को दोबारा मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे
15 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 32 में से 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 14 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ राज्य का एकमात्र जिला है जहां सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। मुंगेली में भी सामान्य से 21 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन जिलों में अब तक कम वर्षा हुई है, वहां धान सहित अन्य फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले 48 घंटों में अच्छी बारिश (Chhattisgarh Rain Alert Today) होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
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