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  • Raigarh Professor Kidnapping : इवनिंग वॉक पर निकले प्रोफेसर का अपहरण, आंखों पर पट्टी बांधकर बनाया बंधक

    Raigarh Professor Kidnapping : इवनिंग वॉक पर निकले प्रोफेसर का अपहरण, आंखों पर पट्टी बांधकर बनाया बंधक

    Raigarh Professor Kidnapping छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपुरचंद गुप्ता का बदमाशों ने अपहरण कर लिया। आरोपियों ने रास्ते में पकड़कर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल से ग्राम पंडरीपानी ले जाकर बंधक बनाया और मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर यूपीआइ से करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

     

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    Raigarh Professor Kidnapping चाकू दिखाकर धमकाया

    पुलिस के अनुसार 5 अक्टूबर की शाम करीब छह से सात बजे के बीच कपुरचंद गुप्ता गांव के डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान लगने पर वह सड़क किनारे डबरी के पास माइलस्टोन पर बैठकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान दो व्यक्ति उनके पास पहुंचे और उन्हें पकड़कर डबरी की ओर ले गए। आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी। पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मोटरसाइकिल से उन्हें भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी ले जाया गया।

     

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    मोबाइल का पासवर्ड लेकर कराया रकम ट्रांसफर

    पंडरीपानी पहुंचने के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर से मारपीट की और उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके साथ ही गूगल पे और भीम एप से संबंधित जानकारी भी ले ली। इसके बाद एक महिला से मोबाइल पर संपर्क कर उसका क्यूआर कोड मंगाया गया।

    प्रोफेसर के खाते से लगातार रकम ट्रांसफर (Raigarh Professor Kidnapping) कराई गई। पुलिस के अनुसार खाते की करीब एक लाख रुपये की सीमा समाप्त होने तक राशि ट्रांसफर की गई। रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर को धमकाकर घर फोन कराया और कुशल-मंगल होने की बात कहलवाई, ताकि परिजनों को घटना की जानकारी न हो सके।

     

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    कमरे में बंधक बनाकर रखा, परिजनों को हुई शंका

    रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर की आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी और उन्हें पंडरीपानी स्थित एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इधर, परिजनों को घटना को लेकर संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर लोकेशन का पता लगाया और पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रोफेसर को सकुशल रेस्क्यू कर थाने लाया गया।

     

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    24 घंटे में एक आरोपी हिरासत में

    एसएसपी शशि मोहन सिंह ने घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रोफेसर की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस ने रातभर पतासाजी करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ग्राम जकेला निवासी सुनील सारथी को हिरासत में लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रोफेसर के अपहरण और यूपीआइ के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराने की योजना में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस ने रकम जिस महिला के खाते में ट्रांसफर कराई गई थी, उससे संपर्क कर पूरी राशि सुरक्षित करा ली है। पुलिस ने अन्य नामजद आरोपियों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अपहरण की वारदात (Raigarh Professor Kidnapping) में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

     

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  • Raigarh Minor Girl Rescue : पुलिस की दबिश से बदला ठिकाना, आखिर ओडिशा से पकड़ा गया आरोपी

    Raigarh Minor Girl Rescue : पुलिस की दबिश से बदला ठिकाना, आखिर ओडिशा से पकड़ा गया आरोपी

    Raigarh Minor Girl Rescue लापता नाबालिग की तलाश में पुलिस ने दूसरे राज्य तक पहुंचकर कार्रवाई की और उसे सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। नाबालिग दस्तयाबी मामले में पुलिस ने उसके साथ दुष्कर्म के आरोपित मनीष सिदार उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया है। आरोपित पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

     

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    चार दिन बाद ओडिशा में मिली नाबालिग

    रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की महिला ने 31 अगस्त को अपनी 17 वर्षीय बेटी के 13 अगस्त की शाम (Raigarh Minor Girl Rescue)  बिना बताए घर से चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को संदेही मनीष सिदार उर्फ साहिल के साथ बालिका के हिमगीर, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा में होने की जानकारी मिली।

    पुलिस टीम ने हिमगीर में दबिश दी, लेकिन आरोपी और नाबालिग मोबाइल बंद कर मकान बदलकर फरार हो गए। लगातार पतासाजी के बाद 2 सितंबर को पुलिस ने हिमगीर स्थित एक किराये के मकान से लापता नाबालिग (Raigarh Minor Girl Rescue) को दस्तयाब कर लिया। हालांकि आरोपी मौके से फरार हो गया था।

     

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    नाबालिग के बयान के बाद पॉक्सो की धाराएं जोड़ी गईं

    नाबालिग (Raigarh Minor Girl Rescue)  को वापस लाने के बाद महिला पुलिस अधिकारी ने उसका कथन दर्ज किया। पीड़िता और गवाहों के कथनों के आधार पर आरोपी द्वारा नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की बात सामने आई।

    इसके बाद मामले में धारा 87, 64(2)(M) बीएनएस और धारा 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई। बालिका की सीडब्ल्यूसी से काउंसलिंग कराने के साथ न्यायालय में भी उसका कथन कराया गया।

     

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    Raigarh Minor Girl Rescue इंस्टाग्राम पर हुई थी बातचीत

    पूछताछ में आरोपी (Raigarh Minor Girl Rescue)  ने पुलिस को बताया कि वह बालिका को करीब चार वर्षों से जानता था और दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी। आरोपी के अनुसार, 14 अगस्त को उसने अपना मोबाइल फोन दोस्त के पास गिरवी रखकर 6 हजार रुपए लिए और अपनी एक्टिवा से बालिका को हिमगीर स्थित परिचित के घर ले गया।

    पुलिस की दबिश के बाद उसने दूसरा किराये का मकान ले लिया था। 2 सितंबर को चक्रधरनगर पुलिस और ओडिशा पुलिस की टीम ने उसकी तलाश की तो आरोपी अपनी एक्टिवा छोड़कर मौके से फरार हो गया।

     

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    एक्टिवा जब्त, लगातार तलाश के बाद आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक्टिवा क्रमांक CG 13 AA 4590 को ओडिशा से बरामद कर जब्त किया। इसके बाद आरोपी की लगातार तलाश की जाती रही। आखिरकार पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी (Raigarh Minor Girl Rescue) कर उसे न्यायालय में पेश किया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान साहिल सिदार उर्फ मनीष, पिता उदल सिदार, उम्र 19 वर्ष, निवासी चक्रधरनगर के रूप में हुई है। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

     

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    न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया आरोपी

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    पुलिस की इस कार्रवाई में नाबालिग दस्तयाबी (Raigarh Minor Girl Rescue) के साथ आरोपी की गिरफ्तारी भी महत्वपूर्ण रही। लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे आरोपी तक पुलिस आखिरकार पहुंच गई।

     

     

  • Raigarh Child Pornography Case : चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले का फरार आरोपी बिहार से गिरफ्तार

    Raigarh Child Pornography Case : चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले का फरार आरोपी बिहार से गिरफ्तार

    Raigarh Child Pornography Case फरार आरोपितों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ जिले के  पुसौर पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े मामले में फरार आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद जुबैर आलम (38), निवासी ग्राम सुमेरा, थाना कुढ़नी, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तारी (Raigarh Child Pornography Case) के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

     

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    साइबर टिप लाइन से मिली थी जानकारी

    पुलिस के अनुसार, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री देखने, अपलोड करने या साझा करने के मामलों में साइबर निगरानी से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के माध्यम से प्राप्त साइबर टिप लाइन से संबंधित जानकारी रायगढ़ एसपी कार्यालय पहुंची थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए सूचना थाना पुसौर भेजी गई। रायगढ़ साइबर मामले की जांच (Raigarh Child Pornography Case) में पुलिस ने संबंधित डिजिटल जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की।

     

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    लारा एनटीपीसी क्षेत्र से जुड़ा मामला

    पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि 25 मार्च 2026 को पुसौर थाना क्षेत्र के लारा एनटीपीसी क्षेत्र से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो देखा और अपलोड किया गया था। वीडियो चाइल्ड पोर्नोग्राफी की श्रेणी में पाए जाने के बाद थाना पुसौर में 25 अगस्त 2026 को अपराध क्रमांक 200/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 और आईटी एक्ट की धारा 67(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। लारा एनटीपीसी से जुड़े प्रकरण (Raigarh Child Pornography Case) में पुलिस ने डिजिटल गतिविधियों की जांच की।

     

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    मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच से मिला सुराग

    विवेचना के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी और मोबाइल डिटेल का परीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार, इससे मोबाइल नंबर के बिहार के मुजफ्फरपुर में संचालित होने की जानकारी मिली। इसके बाद थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी को ग्राम सुमेरा, थाना कुढ़नी से हिरासत में लिया गया। आरोपी की बिहार से गिरफ्तारी (Raigarh Child Pornography Case) के बाद उसे रायगढ़ लाया गया।

     

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    ठेकेदार के अधीन पोकलेन चलाने का काम करता था आरोपी

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले वर्ष पुसौर थाना क्षेत्र के लारा एनटीपीसी में ठेकेदार के अधीन पोकलेन मशीन चलाने का काम करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से वीवो मोबाइल फोन जब्त किया। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुसौर पुलिस की कार्रवाई (Raigarh Child Pornography Case) के तहत मामले की विवेचना की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

     

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  • Lailunga Murder Case : 72 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा, पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने पहुंचाया आरोपी तक

    Lailunga Murder Case : 72 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा, पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने पहुंचाया आरोपी तक

    रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस (Lailunga Murder Case) ने महज 72 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए मृतक के ही दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। लैलूंगा मर्डर केस में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुराग और पुलिस डॉग ‘रूबी’ की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। आरोपी ने आपसी विवाद के दौरान घरेलू शील पत्थर से सिर और गर्दन पर वार कर युवक की हत्या कर दी थी।

    Lailunga Murder Case  घर की परछी में मिला था युवक का शव

    पुलिस के अनुसार 12 जुलाई 2026 की रात ग्राम भकुर्रा आवासपारा निवासी गोरखनाथ चौहान (65) ने थाना लैलूंगा में सूचना दी कि उनके 23 वर्षीय पुत्र रामनाथ उर्फ सोनू चौहान का शव घर की परछी में पड़ा है। शव के पास भारी शील पत्थर पड़ा हुआ था, जिससे हत्या किए जाने की आशंका जताई गई।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतक शराब का आदी था और नशे की हालत में अक्सर घर में विवाद करता था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया।

    घटनास्थल से मिले गमछे और ‘रूबी’ ने सुलझाया Lailunga Murder Case

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक गमछा मिला, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस डॉग स्क्वाड की मदद ली गई। डॉग मास्टर वीरेंद्र अनंत ने पुलिस डॉग ‘रूबी’ को घटनास्थल से मिले सुराग सूंघाए। पुलिस ने कई संदिग्धों को लाइन में खड़ा किया, लेकिन पुलिस डॉग रूबी (Lailunga Murder Case) सीधे मृतक के दोस्त भुवनेश्वर यादव तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद, शील पत्थर से कर दी हत्या

    पूछताछ में आरोपी भुवनेश्वर यादव ने अपना अपराध (Lailunga Murder Case) स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि घटना वाले दिन वह और रामनाथ साथ बैठकर खाना खा रहे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे भारी शील पत्थर से रामनाथ के सिर और गर्दन पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए गए।

    हत्या का मामला दर्ज, आरोपी न्यायिक रिमांड पर

    पुलिस ने आरोपी भुवनेश्वर यादव (26), निवासी ग्राम भकुर्रा, थाना लैलूंगा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है। हत्या की इस गुत्थी (Lailunga Murder Case) को सुलझाने में वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और डॉग स्क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    एसएसपी ने टीम और डॉग मास्टर को किया सम्मानित करने का ऐलान

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने हत्या के मामले का त्वरित खुलासा करने पर थाना प्रभारी गिरधारी साव, लैलूंगा पुलिस टीम और पुलिस डॉग ‘रूबी’ की सराहना की। उन्होंने डॉग मास्टर आरक्षक वीरेंद्र अनंत को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।

  • Safety Week Celebration : स्काई एलायज एंड पावर लिमिटेड में 55वां सुरक्षा सप्ताह मनाया गया

    Safety Week Celebration : स्काई एलायज एंड पावर लिमिटेड में 55वां सुरक्षा सप्ताह मनाया गया

    Raigarh News : स्काई एलॉयज़ एंड पावर लिमिटेड रायगढ़ में 55वां सुरक्षा सप्ताह बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक  विकास अग्रवाल जी उपस्थित रहे और उन्होंने सुरक्षा उपकरणों के उपयोग एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रबंध निदेशक  विकास अग्रवाल ने कहा कि “किसी भी उद्योग की सफलता केवल उत्पादन पर ही नहीं, बल्कि वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी निर्भर करती है। यदि हम सभी कर्मचारी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कार्य करेंगे, तो न केवल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है बल्कि एक सुरक्षित और सकारात्मक कार्य वातावरण भी बनाया जा सकता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि “व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का सही उपयोग, सतर्कता और समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण किसी भी संभावित खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। हम सभी को ‘सेफ्टी फर्स्ट’ की भावना के साथ कार्य करना चाहिए।”

    सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, कार्यस्थल पर सतर्कता, और संभावित खतरों से बचाव के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस सत्र में अग्नि सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के सही उपयोग, और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की विधियों पर जोर दिया गया।

    Safety Week Celebration  पावर प्लांट डिवीजन द्वारा नुक्कड़ नाटक

    सुरक्षा सप्ताह के दौरान पावर प्लांट डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी से होने वाले संभावित खतरों को दर्शाया गया। इस नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है| इस प्रस्तुति ने सभी कर्मचारियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    Safety Week Celebration  फैरो डिवीजन की अनूठी पहल

    इस सुरक्षा सप्ताह की एक विशेष पहल फैरो डिवीजन द्वारा की गई, जिसमें बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट की अवधारणा को अपनाते हुए कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एक अनूठा मिस्ट कैनन इक्विपमेंट तैयार किया गया। यह उपकरण किसी आग बुझाने में सहायक सहजता प्राप्त होगी । इस पहल को सभी कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा सराहा गया।

    कार्यक्रम के समापन पर कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया। इस प्रकार, 55वां सुरक्षा सप्ताह एक सफल और प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ, जिसने कर्मचारियों को जागरूक करने के साथ-साथ उद्योग में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

  • Crime News :-रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी में उपयोग हुए दो म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा, साइबर सेल और पुसौर पुलिस की संयुक्त कार्यवाही

    Crime News :-रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी में उपयोग हुए दो म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा, साइबर सेल और पुसौर पुलिस की संयुक्त कार्यवाही

    राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ ,रायगढ़, 14 नवंबर 2025। रायगढ़ जिले की पुसौर पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के “समन्वय” पोर्टल से साइबर अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शोध एवं अनुसंधान के लिए पुलिस को उपलब्ध कराई जाती हैं। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न बैंकों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेनदेन में प्रयुक्त हुए खातों का विवरण साइबर सेल रायगढ़ को प्राप्त हुआ था। जांच के दौरान पुसौर क्षेत्र के कारीछापर निवासी ईश्वर सिदार का नाम सामने आया, जिसे तलब कर पूछताछ की गई।
    पूछताछ में ईश्वर सिदार ने बताया कि उसके गांव के ही ऋषि कुमार सिदार ने उसे बैंक में जाकर अपने नाम से खाता खुलवाने के लिए कहा था और बदले में प्रतिमाह 1000 रुपये देने का लालच दिया था। ईश्वर सिदार ने कर्नाटक बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक ऋषि को सौंप दी थी, जिसके एवज में उसे 1000 रुपये मिले भी थे। इस खाते के लेनदेन के बारे में उसे आगे कोई जानकारी नहीं थी। साइबर सेल की जांच में उक्त खाते में कुल 6,92,200 रुपये साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के रूप में जमा होना पाया गया। दोनों आरोपी यह जानते हुए कि इन खाते के जरिए अवैध रूप से ठगी की रकम को हासिल कर उसे आगे पहुंचाने का कार्य जावेगा और उन्होंने यह कृत्य किया ।
    साइबर सेल रायगढ़ की लिखित शिकायत पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 263/2025 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान ईश्वर सिदार (29 वर्ष) तथा ऋषि कुमार सिदार (33 वर्ष), दोनों निवासी कारीछापर थाना पुसौर, के विरुद्ध अपराध साबित होने पर उन्हें कल 13 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया।
    पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल सहित पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • Raigarh trailer theft :-जिंदल पार्किंग से चोरी ट्रेलर बरामद, कोतरारोड़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई नाबालिग समेत दो को पकड़ा

    Raigarh trailer theft :-जिंदल पार्किंग से चोरी ट्रेलर बरामद, कोतरारोड़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई नाबालिग समेत दो को पकड़ा

    राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ , रायगढ़  :- आरोपियों से चोरी ट्रेलर वाहन जप्त, वाहन चोरी के अपराध में गये जेल

    रायगढ़, 1 अक्टूबर। कोतरारोड़ पुलिस ने जिंदल पार्किंग से चोरी हुए ट्रेलर वाहन की बरामदगी कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस प्रकरण में पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 लाख रूपये की संपत्ति बरामद किया है। प्रार्थी अश्वनी कुमार मिश्रा ने 29 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी ट्रेलर गाड़ी क्रमांक एनएल-01-अग-6465, जिसकी कीमत लगभग 35 लाख रुपये है, 26 सितंबर की रात को चिराईपानी पार्किंग से अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई थी। रिपोर्ट पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 402/2025 धारा 303(2) BNS पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

    थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में जांच में लगी पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना पर 1 अक्टूबर को पतरापाली जिंदल पार्किंग के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान सफीक खान निवासी दरंगखार, जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) और एक किशोर के रूप में हुई। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पार्किंग में रेकी कर खुले गेट और चाबी लगे ट्रेलर को चोरी किया और उसे रांची ले जाकर बेचने की योजना बनाई थी। 26 सितंबर को वाहन चोरी कर झारखंड लेकर जा रहे थे, जिसे रांची में बेचने का प्लान था लेकिन रास्ते में लैलूंगा के पास वाहन गड्ढे में फंस जाने से वे उसे छोड़कर बस से वापस रायगढ़ लौट आए थे।

    आरोपियों के मेमोरेंडम पर पुलिस ने चोरी हुआ ट्रेलर बरामद कर लिया। मामले में एक से अधिक आरोपी पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपी सफीक खान को न्यायालय में पेश किया गया वहीं नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया।

    पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में इस बड़ी चोरी का खुलासा किया गया, जिसमें थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज और प्रधान आरक्षक करूणेश राय, आरक्षक शुभम तिवारी, सुरेन्द्र भगत और टिकेश्वर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • खरसिया ठुसेकेला हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा,पड़ोसी और नाबालिग गिरफ्तार

    खरसिया ठुसेकेला हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा,पड़ोसी और नाबालिग गिरफ्तार

    • चरित्र शंका बनी हत्या की वजह, बाड़ी के खाद गड्ढे से बरामद हुए थे चारों मृतकों के शव

    • खरसिया में एसपी ने किया कैंप, अलग-अलग टीमें बनाकर सौंपे गये कार्य

    • घटनास्थल पर एफएसएल, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की संयुक्त कार्यवाही

    • हत्या से पहले की गई घर की रेकी, साजिश का खुलासा

    • मेमोरेंडम पर हथियार, गैंती-फावड़ा और कपड़े बरामद

    • री-क्रिएशन से आरोपी ने बताया वारदात का पूरा घटनाक्रम

    • विशेष पुलिस टीमों ने दिखाया दमखम, आरोपियों को भेजा गया रिमांड पर

    रायगढ़ – छत्तीसगढ़ 13 सितंबर । रायगढ़ पुलिस ने खरसिया ठुसेकेला के हत्याकांड का महज़ 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला सर और पुलिस अधीक्षक रायगढ़  दिव्यांग कुमार पटेल  के मार्गदर्शन पर की गई इस कार्रवाई में मृतक बुधराम सिदार और उसके परिवार की हत्या का कारण चरित्र शंका सामने आया है। पड़ोसी लकेश्वर पटैल ने नाबालिग के साथ मिलकर पूरे परिवार की निर्मम हत्या करना स्वीकार किया है।

    जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला राजीव नगर में ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी थी कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और भीतर खून के धब्बे दिख रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी पुलिस, एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में बुधराम उरांव (42), उसकी पत्नी सहोद्रा (37) और दोनों बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए। धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि पर थाना खरसिया (चौकी खरसिया) में अपराध क्रमांक 498/2025 धारा 103(1),238(a) BNS कायम किया गया ।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी डॉ0 संजीव शुक्ला ने भी घटनास्थल का निरीक्षक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने खरसिया में कैंप कर मामले की मॉनिटरिंग की और अलग-अलग थानों के प्रभारी और स्टाफ की विशेष टीमें बनाकर जांच तेज की। इसी दौरान जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह हुआ। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पडोसी बुधराम उराँव भी राजमिस्त्री का करता है जो अपने परिवार के साथ रहता था । दोनो के बीच पिछले कुछ समय से कई कारणों से झगड़ा विवाद हुआ था । आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी बुधराम के बाडी जमीन को खरीदना चाहता था जिसे कई बार बुधराम से मांगा, बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार किया था, करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी किया था जिसे आपस मे सुलझा लिये थे। लकेश्वर पटैल उसके पडोसी बुधराम के चरित्र पर शंका करता था, इन सभी बातों को लेकर लकेश्वर पटैल बुधराम से रंजिश रखे हुआ था और बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था । इसने घटना के पूर्व बुधराम और उसकी पत्नी की गैर मौजूदगी में उसके घर की रैकी की थी।

    दिनांक 09.09.2025 की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात प्लान के मुताबिक आरोपित लकेश्वर और नाबालिग, बुधराम के घर घुसे और सोये बुधराम और उसकी पत्नी, बच्चों की हथियार से हमले कर हत्या कर दिये फिर शवों को घर के दूसरे कमरे में जमीन खोद कर दफनाना चाहे पर जमीन सख्त होने से गढ्ढा नहीं कर पाये और फिर शवों को घसीटते हुए बाड़ी की ओर ले जाकर खाद में गढ्ढा कर दफन करने का प्रयास किये । पुलिस ने घटनास्थल ले जाकर आरोपियों से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया गया । आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जप्ती कर दोनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

     

    रेंज आईजी डॉ0 संजीव शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल सर के दिशा निर्देशन पर इस खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी श्री पी.एस. भगत के मार्गदर्शन पर घटना की सूचना के 48 घंटे में संदेहियों को पकड़कर खुलासा करने में थाना प्रभारी खरसिया राजेश जांगड़े, चौकी प्रभारी खरसिया अमित तिवारी, थाना प्रभारी छाल त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी पूंजीपथरा राकेश मिश्रा, थाना प्रभारी कोतरारोड मोहन भारद्वाज, थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग, चौकी प्रभारी जोबी लक्ष्मी नारायण राठौर के साथ बीडीएस, डॉग स्क्वॉड, एफएसएल, फिंगरप्रिंट और विशेष टीम के सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार पटेल, राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, रेनू मंडावी, प्रशांत पण्डा, महेश पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, विकास प्रधान, प्रताप बेहरा, रविन्द्र गुप्ता चौकी खरसिया के मनोज मरावी, थाना खरसिया के अशोक देवांगन, संजय मिंज, बिरीछ साण्डे, आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, राजेश राठौर, योगेश साहू, भगत राम टंडन, मुकेश यादव, साविल चंद्रा, डमरूधर पटेल, सत्या सिदार, महिला आरक्षक प्रियंका मिंज, कालिस्ता कुजूर की अहम भूमिका रही।

    गिरफ्तार आरोपी – (1) लकेश्वर पटैल पिता बंशी लाल पटैल 32 साल निवासी राजीवनगर ठुसेकेला, थाना खरसिया

    (2) विधि के साथ संघर्षरत बालक ।

  • खरसिया में सनसनीखेज हत्याकांड, एक ही घर के कई सदस्यों की हत्या, मौके पर पुलिस तैनात

    खरसिया में सनसनीखेज हत्याकांड, एक ही घर के कई सदस्यों की हत्या, मौके पर पुलिस तैनात


    *ग्राम ठुसेकेला के राजीव नगर मोहल्ले में हुई वारदात

    *कमरे में खून के छींटे और जमीन में दफनाने के निशान

    *रायगढ़ मुख्यालय से फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

    रायगढ़, 11 सितंबर। खरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ठुसेकेला (Thusekela) के राजीव नगर मोहल्ले में एक सनसनीखेज हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वारदात खरसिया तहसील से 3 किलोमीटर दूर स्थित बुधराम उरांव पिता चमार सिंह उरांव के घर की है। मिली जानकारी के अनुसार बुधराम उरांव उनकी पत्नी सुभद्रा उरांव, उनका बेटा अरविंद उरांव (उम्र 12 साल) और दो बेटी शिवांगी (उम्र 03) साल यह चारों दो दिन से गायब हैं। बुधराम की बड़ी बेटी शिवानी उरांव (उम्र 15 साल) के घर से बाहर पढ़ाई करने के लिए गई हुई थी, जो कि फिलहाल गांव में मौजूद है। बताया जा रहा है कि दोनों बुधराम उरांव के दोनों बच्चे अभी ग्रामीणों के साथ है लेकिन बुधराम उरांव और उनकी पत्नी गायब है।

    घर से आ रहीं बदबू, घर के भीतर खून के छींटे

    लोगों के मुताबिक घर पिछले कई दिनों से बंद था और अंदर से  असहनीय बदबू आ रही थी। बंद दरवाजे ने स्थानीय लोगों में संदेह पैदा किया, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।पुलिस के अनुसार, घर के भीतर कमरे में जगह-जगह खून के छींटे और जमीन में दफनाने के निशान मिले हैं, जो एक भयावह हत्याकांड की ओर इशारा करते हैं। जमीन के भीतर कितनी और किसकी लाशें दफन हैं, इसकी जांच के लिए रायगढ़ मुख्यालय से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। पुलिस ने घर को सील कर दिया है।

    यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।

  • स्कूटी पर गांजा तस्करी करते दो युवक गिरफ्तार, 4 किलो गांजा और वाहन जब्त

    स्कूटी पर गांजा तस्करी करते दो युवक गिरफ्तार, 4 किलो गांजा और वाहन जब्त

    रायगढ़, 10 सितंबर । एसपी दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन पर पुसौर पुलिस ने गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को स्कूटी पर गांजा लेकर ग्राहकों का इंतजार करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 4 किलो गांजा और स्कूटी वाहन बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत करीब 90 हजार रुपये आंकी गई है।

    कार्यवाही पुसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत की गई है, जहां थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव को सूचना मिली थी कि ग्राम औरदा और जकेला के बीच स्थित मंदिर के पास दो युवक स्कूटी पर गांजा रखकर ग्राहक की तलाश में खड़े हैं। सूचना पर तत्काल एएसआई मनमोहन बैरागी और हमराह स्टाफ ने घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर खड़े दो युवक भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें घेरकर पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान रौनक अग्रवाल पिता वासु अग्रवाल उम्र 25 वर्ष निवासी रामभांठा वार्ड क्रमांक 03 थाना कोतवाली रायगढ़ और सोनू अहमद पिता खुरशीद अहमद उम्र 24 वर्ष निवासी फतेहाबाद हरियाणा हाल मुकाम पतरापाली थाना कोतरारोड़ रायगढ़ के रूप में हुई।

    स्कूटी के डिक्की में रख कर रहे थे taskari

    संदेहियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से दो पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिनमें प्रत्येक का वजन 2 किलो यानी कुल 4 किलो मादक पदार्थ गांजा था, जिसकी अनुमानित कीमत 40 हजार रुपये है। साथ ही आरोपियों के पास से स्कूटी वाहन क्रमांक सीजी 13 एएफ 0615 जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है, को भी जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 247/2025 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

    कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन और एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई मनमोहन बैरागी, उमाशंकर नायक, आरक्षक दिनेश गोंड, दिलीप सिदार, ठंडाराम गुप्ता, किर्तन यादव और विजय कुशवाहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।