Devdutt Padikkal Century : गाल के बाद कोलंबो में भी छाया पडिक्कल, लगातार दूसरा शतक जड़कर नंबर-3 पर ठोकी दावेदारी
Devdutt Padikkal Century श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ दिया। पडिक्कल ने 168 गेंदों में अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा किया। लगातार दूसरे टेस्ट में सेंचुरी (Devdutt Padikkal Century) लगाकर उन्होंने नंबर-3 की अपनी दावेदारी को बेहद मजबूत कर दिया है।
गॉल के बाद कोलंबो में भी शतक
देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद कोलंबो में भी अपनी फॉर्म जारी रखी। दूसरे टेस्ट में उनके बल्ले से 117 रन निकले। लगातार दूसरे मुकाबले में शतक (Devdutt Padikkal Century) लगाकर उन्होंने दिखा दिया कि रेड बॉल क्रिकेट में वह लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं।
गॉल टेस्ट में पडिक्कल ने दोनों पारियों में कुल 211 रन बनाए थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। पहली पारी में उन्होंने 230 गेंदों पर 15 चौकों और एक छक्के की मदद से 167 रन बनाए थे। दूसरी पारी में उन्होंने 75 गेंदों पर 44 रन की तेज पारी खेली थी।
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गॉल में नंबर-3 पर रचा था इतिहास
गॉल में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 167 रन बनाना पडिक्कल के लिए खास उपलब्धि रही। साल 2009 के बाद श्रीलंका में टेस्ट खेलते हुए तीसरे नंबर पर किसी भारतीय बल्लेबाज का यह सबसे बड़ा स्कोर था।
गॉल में शानदार पारी खेलने के बाद पडिक्कल ने कोलंबो में भी एक छोर संभाले रखा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लगातार दूसरा शतक उनके आत्मविश्वास को भी दिखाता है।

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श्रीलंका की धरती पर एक ही टेस्ट सीरीज में दो शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अब देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal Century) का नाम भी जुड़ गया है। उनसे पहले विनोद कांबली, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और शिखर धवन यह कारनामा कर चुके हैं।
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साईं सुदर्शन की जगह मिला था मौका
सीरीज की शुरुआत में पडिक्कल (Devdutt Padikkal Century) भारतीय प्लेइंग-11 की पहली पसंद नहीं माने जा रहे थे। साईं सुदर्शन की उपलब्धता को देखते हुए पडिक्कल को बाहर बैठना पड़ सकता था, लेकिन उन्हें मौका मिला और उन्होंने दोनों हाथों से इसे भुना लिया।
वहीं साईं सुदर्शन को टेस्ट क्रिकेट में लगातार मौके मिले हैं, लेकिन वह अभी तक बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। उन्होंने 7 टेस्ट मैचों में करीब 31 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं।
Devdutt Padikkal Century नंबर-3 पर पडिक्कल ने मजबूत की दावेदारी
टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 की भूमिका बेहद अहम होती है। राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा के बाद भारतीय टीम को इस स्थान पर लंबे समय तक टिककर खेलने वाले भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश रही है।
अब लगातार दो टेस्ट में शतक (Devdutt Padikkal Century) लगाकर पडिक्कल ने इस स्थान के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। गॉल में 167 रन और कोलंबो में 117 रन की पारियां उनके पक्ष में बड़ा आंकड़ा हैं।
अगर पडिक्कल इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं तो आने वाली टेस्ट सीरीज में नंबर-3 के स्थान पर उनकी दावेदारी सबसे मजबूत नजर आ सकती है।











