Electricity Connection e-KYC : 6.83 लाख बिजली कनेक्शनों की होगी जांच, मृत लोगों के नाम वाले कनेक्शन भी आएंगे सामने
चार जिलों में 1 सितंबर से बिजली कनेक्शनों की ई-केवाईसी शुरू होगी। करीब 6.83 लाख कनेक्शनों के रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी को अपडेट किया जाएगा। घर बैठे मोबाइल से सत्यापन की सुविधा भी मिलेगी, जबकि मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज और अनधिकृत इस्तेमाल वाले कनेक्शन भी जांच के दायरे में रहेंगे।
राजनांदगांव समेत चार जिलों में बिजली कनेक्शनों की ई-केवाईसी (Electricity Connection e-KYC) एक सितंबर से शुरू होगी। करीब 6.83 लाख कनेक्शनों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। लंबे समय से बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में बदलाव नहीं होने और वास्तविक उपयोगकर्ता की जानकारी स्पष्ट नहीं होने वाले मामलों को भी इस दौरान सामने लाने की तैयारी है।
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चार जिलों में इतने कनेक्शन
ई-केवाईसी के दायरे में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और कबीरधाम जिले आएंगे। राजनांदगांव में 2,94,638, मोहला-मानपुर-चौकी में 76,037, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1,08,733 और कबीरधाम में 2,03,931 बिजली कनेक्शन हैं।
इस तरह चारों जिलों में कुल करीब 6.83 लाख कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों के सत्यापन (Electricity Connection e-KYC) के जरिए रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता और कनेक्शन के वास्तविक इस्तेमाल की स्थिति का मिलान किया जाएगा।
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मृत्यु के बाद भी नाम पर चल रहे कनेक्शन की होगी पहचान
किसी उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी कई बार बिजली कनेक्शन उसके नाम पर ही दर्ज रहता है। परिवार के दूसरे सदस्य उसका इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन कनेक्शन के रिकॉर्ड में बदलाव नहीं होता। ई-केवाईसी के दौरान ऐसे मामलों की पहचान हो सकेगी।
मृत उपभोक्ता के नाम बिजली कनेक्शन (Electricity Connection e-KYC) मिलने पर वर्तमान उपयोगकर्ता की जानकारी सामने आएगी। इसके बाद कनेक्शन के रिकॉर्ड में नाम बदलने या अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का रास्ता साफ होगा।
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दूसरे के इस्तेमाल वाले कनेक्शन भी होंगे चिन्हित
ई-केवाईसी से ऐसे मामलों की भी जानकारी मिल सकेगी, जहां बिजली कनेक्शन किसी व्यक्ति के नाम पर है, लेकिन उसका इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है। लंबे समय से उपभोक्ता की जानकारी अपडेट नहीं होने वाले कनेक्शन भी सामने आएंगे।
इसी प्रक्रिया में अनधिकृत बिजली कनेक्शन (Electricity Connection e-KYC) या अनियमित इस्तेमाल वाले मामलों को भी चिन्हित किया जा सकेगा। ऐसे मामलों में रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर बैठे मोबाइल ऐप से भी कर सकेंगे सत्यापन
उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए कार्यालय जाने की अनिवार्यता नहीं होगी। वे मोर बिजली मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर अधिकृत कर्मचारियों से भी ई-केवाईसी कराई जा सकेगी।
तीसरे विकल्प में मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेगा। इस तरह ऑनलाइन बिजली कनेक्शन ई-केवाईसी (Electricity Connection e-KYC) कराने के लिए अलग-अलग विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
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ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस से होगा सत्यापन
ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इससे बिजली उपभोक्ता सत्यापन (Electricity Connection e-KYC) की प्रक्रिया में उपभोक्ता की पहचान को रिकॉर्ड से मिलाने में मदद मिलेगी। इससे पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करने और वर्तमान उपयोगकर्ता की जानकारी दर्ज करने में भी आसानी होगी।
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ई-केवाईसी के लिए नहीं देना होगा शुल्क
बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी तरह निश्शुल्क होगी। उपभोक्ताओं से इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे नहीं देने की सलाह दी गई है।
यदि कोई व्यक्ति इसके लिए राशि मांगता है तो संबंधित बिजली कार्यालय को सूचना दी जा सकती है। उपभोक्ताओं को किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम से बिजली कनेक्शन ई-केवाईसी (Electricity Connection e-KYC) कराने से भी बचना होगा।
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रिकॉर्ड अपडेट होने से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद बिजली कनेक्शनों से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करने में मदद मिलेगी। किसके नाम पर कनेक्शन है, वर्तमान में उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है और किन कनेक्शनों में उपभोक्ता की जानकारी पुरानी है, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक सितंबर से शुरू होने वाली बिजली कनेक्शन जांच (Electricity Connection e-KYC) में चारों जिलों के उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील की गई है। समय पर सत्यापन कराने से कनेक्शन से जुड़ी जानकारी को सही रखने में मदद मिलेगी।
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