Jawahar Navodaya Vidyalaya : गांव के बच्चों के लिए खुला नवोदय का रास्ता, 3 लर्निंग सेंटर में 125 प्रतिभाओं को मिलेगी खास तैयारी
रायगढ़ लारा क्षेत्र के ग्रामीण बच्चों के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी का विशेष अवसर शुरू हुआ है। तीन गांवों में लर्निंग सेंटर खोले गए हैं, जहां चयनित 125 विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ मूल्यांकन और मार्गदर्शन दिया जाएगा। चयन परीक्षा में 290 बच्चों ने हिस्सा लिया था। यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने की दिशा में शुरू की गई है।
Jawahar Navodaya Vidyalaya गांवों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने के लिए तीन स्थानों पर विशेष पढ़ाई की व्यवस्था शुरू की गई है। यहां बच्चों को नियमित कक्षाओं के साथ परीक्षा की तैयारी, मूल्यांकन और मार्गदर्शन मिलेगा। जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश की तैयारी के लिए शुरू किए गए इन केंद्रों में 125 चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

तीन गांवों में शुरू हुए लर्निंग सेंटर
यह पहल रायगढ़ जिले के लारा, छपोरा और एकताल में शुरू की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में 22 शासकीय विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीणजन शामिल हुए। नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी (Navodaya Entrance Exam) के लिए बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
290 बच्चों ने दी चयन परीक्षा, 125 का चयन
लर्निंग सेंटर में प्रशिक्षण के लिए चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें कुल 290 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 125 विद्यार्थियों का विशेष प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ समय-समय पर मूल्यांकन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया जाएगा। ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई (Rural Education) में अभिभावकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

कक्षा चार-पांच के बच्चों पर फोकस
अधिगम केंद्रों में कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत करने पर जोर रहेगा। बच्चों की मूलभूत साक्षरता, संख्यात्मक क्षमता और तार्किक चिंतन को विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें प्रवेश परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप तैयारी कराई जाएगी। जवाहर नवोदय की तैयारी (Jawahar Navodaya Vidyalaya) के दौरान बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बालिकाओं की भागीदारी पर भी जोर
इस पहल में बालिकाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्राओं को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। आयोजकों के अनुसार बच्चों को केवल परीक्षा के लिए तैयार करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उनकी शैक्षणिक नींव मजबूत करना भी इसका हिस्सा है। ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर (Rural Talent) देकर उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए तैयार किया जाएगा।
करीब 1200 विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य
यह पहल सेल्फ रिलायंट इंडिया, रेवाड़ी के सहयोग से संचालित की जा रही है। एनटीपीसी की विभिन्न परियोजनाओं में इस तरह के अधिगम केंद्रों के माध्यम से करीब 1200 विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। एनटीपीसी लारा के परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर ने चयनित विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। नवोदय विद्यालय में प्रवेश (Jawahar Navodaya Vidyalaya) के जरिए बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने का अवसर मिल सकता है।
प्रतिभा को मंच देने की पहल
एनटीपीसी लारा का प्रयास है कि आसपास के गांवों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन और अवसर मिले। तीन लर्निंग सेंटर इसी दिशा में शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों की तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और शैक्षणिक आधार मजबूत करने पर काम किया जाएगा। ग्रामीण बच्चों के लिए नवोदय (Navodaya Entrance Exam) की यह तैयारी उन्हें आगे बेहतर शैक्षणिक अवसरों के लिए तैयार करेगी।












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