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  • Chhattisgarh Rainfall Alert : डीप डिप्रेशन से छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Rainfall Alert : डीप डिप्रेशन से छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Rainfall Alert बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसमी सिस्टम छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के मौसम को प्रभावित करने वाला है। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब तेजी से मजबूत हो रहा है। इसके 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन (Deep Depression) में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

     

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    24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 20 से 26 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 20 से 22 सितंबर और 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 23 से 25 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश (Chhattisgarh Rainfall Alert) की आशंका जताई गई है। ऐसे में बस्तर संभाग सहित दक्षिणी जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत होगी।

     

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    बंगाल की खाड़ी में लगातार मजबूत हो रहा सिस्टम

    19 सितंबर की शाम उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 20 सितंबर की सुबह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर केंद्रित था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग (Chhattisgarh Rainfall Alert)  के मुताबिक 21 सितंबर को यह सिस्टम डिप्रेशन और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के करीब पहुंचने की संभावना है।

     

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    ओडिशा और आंध्र में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

    इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा प्रभाव दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है। 22 से 24 सितंबर के दौरान उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और 22 से 25 सितंबर तक दक्षिणी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश (Chhattisgarh Rainfall Alert) का पूर्वानुमान है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

     

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    छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना और विदर्भ भी प्रभावित

    मौसम विभाग (Chhattisgarh Rainfall Alert)  ने 23 से 25 सितंबर के बीच तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का दौर रह सकता है। तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

     

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    पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में जोरदार बारिश

    पिछले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, असम, नागालैंड और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी बारिश का प्रभाव कई राज्यों में बना रहेगा।

     

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    Chhattisgarh Rainfall Alert मानसून की वापसी भी शुरू

    देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 19 सितंबर को मानसून की वापसी रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला से होकर गुजरी। अगले दो से तीन दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ पंजाब, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ क्षेत्रों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

     

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    समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट

    बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के मजबूत होने के साथ समुद्र में भी स्थिति खराब रहने की संभावना है। 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झोंकों के दौरान गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 23 से 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

     

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    मछुआरों के लिए विशेष सावधानी की सलाह

    मौसम विभाग (Chhattisgarh Rainfall Alert)  के अनुसार 21 से 24 सितंबर के बीच बंगाल की खाड़ी के मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रह सकती है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल रहने की आशंका है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और तटीय क्षेत्रों में प्रशासन एवं मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

     

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    Chhattisgarh Rainfall Alert  इन हिस्सों में भी बारिश का असर

    पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में बारिश (Chhattisgarh Rainfall Alert)  का दौर जारी रह सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मध्य भारत में छत्तीसगढ़ के साथ विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

     

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    छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन अहम

    बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेशन छत्तीसगढ़ के लिए अगले कुछ दिनों में महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम साबित हो सकता है। खासकर 23 से 25 सितंबर के बीच बारिश बढ़ने और 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा अलर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा। बारिश का अलर्ट (Chhattisgarh Rainfall Alert) खासकर दक्षिणी जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

  • Tarapur Panchayat Politics : जेल से लौटे उपसरपंच राजीव डनसेना की जीत, डिग्री लाल सिदार की सरपंची खत्म

    Tarapur Panchayat Politics : जेल से लौटे उपसरपंच राजीव डनसेना की जीत, डिग्री लाल सिदार की सरपंची खत्म

    रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत तारापुर में कई दिनों से चल रही पंचायत राजनीति (Tarapur Panchayat Politics) का बुधवार को बड़ा फैसला सामने आया। सरपंच डिग्री लाल सिदार के खिलाफ उपसरपंच राजीव डनसेना सहित आठ पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। मतदान के बाद प्रस्ताव पारित हो गया और डिग्री लाल सिदार को सरपंच पद से हटा दिया गया। अब पंचायत में नए सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

    अविश्वास प्रस्ताव पेश होने से लेकर मतदान तक का पूरा घटनाक्रम विवाद, पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी, ग्रामीणों के विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण चर्चा में रहा। कार्रवाई में देरी के आरोप के बाद मामला कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंचा और मतदान से ठीक पहले उपसरपंच की गिरफ्तारी ने तारापुर की राजनीति (Tarapur Panchayat Politics) को और गरमा दिया।

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    अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई में देरी का आरोप

    उपसरपंच राजीव डनसेना और पंचायत के आठ पंचों ने सरपंच डिग्री लाल सिदार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद काफी समय तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया।

    कार्रवाई में देरी से नाराज प्रस्ताव लाने वाले पंच और उपसरपंच कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंचे। उन्होंने जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। इसके बाद प्रशासन की ओर से 10 सितंबर को मतदान की तारीख निर्धारित की गई।

     

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    मतदान से पहले रातों-रात गिरफ्तारी ने बढ़ाया विवाद

    जन्माष्टमी से एक दिन पहले 3 सितंबर की रात पूरे मामले ने अचानक नया मोड़ ले लिया। कोतरा रोड थाना पुलिस उपसरपंच राजीव डनसेना को थाने ले गई। बताया गया कि सरपंच डिग्री लाल सिदार की शिकायत के आधार पर राजीव डनसेना के खिलाफ जातिगत गाली-गलौच के आरोप में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    पुलिस ने इसी मामले में राजीव डनसेना को गिरफ्तार किया। उनके साथ पंचायत के एक पंच की गिरफ्तारी की भी बात सामने आई। गिरफ्तारी के बाद राजीव डनसेना को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    थाने के बाहर जुटे ग्रामीण, उमेश पटेल भी पहुंचे

    राजीव डनसेना की गिरफ्तारी की खबर तारापुर पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में कोतरा रोड थाना पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।

    मामला बढ़ने पर खरसिया क्षेत्र के कांग्रेस विधायक उमेश पटेल सहित कांग्रेस के कई नेता भी कोतरा रोड थाना पहुंचे। समर्थकों और नेताओं की मौजूदगी में थाने के बाहर काफी देर तक माहौल गरमाया रहा। समझाइश और बातचीत के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।

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    ग्रामीणों ने लगाए फर्जी फंसाने के आरोप

    राजीव डनसेना के समर्थक ग्रामीणों का आरोप था कि उन्होंने सरपंच डिग्री लाल सिदार के साथ किसी प्रकार की जातिगत गाली-गलौच नहीं की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में चल रहे विवाद और अविश्वास प्रस्ताव के चलते राजीव डनसेना को द्वेषवश एससी-एसटी एक्ट के मामले में फंसाया गया।

    हालांकि, इन आरोपों पर दूसरे पक्ष का क्या कहना है, यह भी मामले का महत्वपूर्ण पक्ष है। पूरे मामले की वास्तविकता संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

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    जेल से लौटे, अगले दिन पलट गया पंचायत का समीकरण

    करीब पांच दिन जेल में रहने के बाद राजीव डनसेना को जमानत मिली और वे गांव लौटे। खास बात यह रही कि उनके जेल से बाहर आने के अगले ही दिन ग्राम पंचायत तारापुर में सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ।

    मतदान के दौरान राजीव डनसेना सहित अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले आठों पंचों को जीत मिली। इसके साथ ही डिग्री लाल सिदार की सरपंची खत्म हो गई। इस फैसले के बाद तारापुर पंचायत की राजनीति (Tarapur Panchayat Politics) में बड़ा बदलाव आया है।

    राजीव बोले- यह पूरे गांव की जीत

    अविश्वास प्रस्ताव में जीत के बाद राजीव डनसेना ने इसे अपनी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत तारापुर के ग्रामीणों, उनके साथ खड़े आठ पंचों और पूरे गांव की है।

    उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष और जेल यात्रा के बाद मिली यह जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब उनका पूरा ध्यान गांव के विकास पर रहेगा। पंचायत के विकास कार्यों में योगदान देने, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने और तारापुर के चौमुखी विकास के लिए काम किया जाएगा।

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    अब नए सरपंच के चुनाव का इंतजार

    अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत तारापुर में नए सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। चुनाव की आधिकारिक घोषणा और प्रक्रिया प्रशासन द्वारा तय की जाएगी।

    सरपंच पद से डिग्री लाल सिदार के हटने के बाद पंचायत में नए नेतृत्व को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। Tarapur Panchayat Politics में आए इस बदलाव के बाद अब निगाहें नए सरपंच के चुनाव पर टिकी हैं।

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    तारापुर पंचायत का यह घटनाक्रम कई मायनों में अहम माना जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव से पंचायत की सत्ता का समीकरण बदला है, वहीं मतदान से ठीक पहले हुई गिरफ्तारी ने पूरे मामले को और चर्चित बना दिया। अब नई पंचायत व्यवस्था गांव के विकास को किस दिशा में ले जाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

  • Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद

    Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद

    राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित बिलासपुर उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) के निर्माण को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बाईपास के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली जमीन के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रतिबंध के दायरे में आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि शामिल है।

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    20.921 किलोमीटर के एलाइनमेंट में आने वाली जमीन पर रोक

    राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) का निर्माण चार लेन मार्ग के रूप में किया जाना है। इसके लिए किलोमीटर 0.000 से किलोमीटर 20.921 तक के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली भूमि पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रभावित भूमि के मालिक अब संबंधित जमीन का क्रय-विक्रय या विभाजन नहीं कर सकेंगे। प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रस्तावित भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक यह रोक लागू रहेगी।

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    सेंदरी समेत आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन शामिल

    कलेक्टर के आदेश के अनुसार प्रतिबंध के दायरे में सेंदरी, रमतला, बिरकोना, नगोई, बिजोर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका गांव शामिल हैं। इन आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि एलाइनमेंट (Bilaspur North Bypass) क्षेत्र में आ रही है।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की प्रस्तावित परियोजना के लिए इन क्षेत्रों में भू-अधिग्रहण किया जाना है। इसी को देखते हुए संबंधित भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई गई है।

    अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक ने इन क्षेत्रों में भूमि के अवैध और अनधिकृत क्रय-विक्रय की आशंका जताते हुए प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था।

    प्रशासन का कहना है कि भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन के अवैध अंतरण, बटांकन या छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन से अधिग्रहण की लागत बढ़ सकती है। इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने के साथ परियोजना (Bilaspur North Bypass) के काम में भी देरी हो सकती है।

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    बंटवारे से बढ़ सकती है अधिग्रहण की जटिलता

    भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान यदि जमीन का विभाजन या बटांकन होता रहा तो मुआवजे और अधिग्रहण से जुड़ी लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। नए भूमि स्वामियों के जुड़ने से अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।

    इसी वजह से जमीन (Bilaspur North Bypass) के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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    मूल भूमि स्वामियों के हितों की भी सुरक्षा

    प्रशासन के अनुसार भूमि संबंधी प्रतिबंध का उद्देश्य अवैध खरीद-बिक्री रोकने के साथ मूल भूमि स्वामियों के हितों की रक्षा करना भी है। शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 को जारी निर्देशों में भू-अर्जन प्रक्रिया के अधीन भूमि के अंतरण, बटांकन, व्यपवर्तन और क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसी व्यवस्था के तहत भूमि (Bilaspur North Bypass) पर प्रतिबंध लगाया गया है।

    चार लेन मार्ग से जुड़ेगा बिलासपुर

    प्रस्तावित चार लेन मार्ग (Bilaspur North Bypass) राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर करीब 20.921 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई है।  अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावित आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन पर यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।

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  • Atal Digital Seva Kendra : गुडेली में खुला अटल डिजिटल सेवा केंद्र, अब प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाओं के लिए नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

    Atal Digital Seva Kendra : गुडेली में खुला अटल डिजिटल सेवा केंद्र, अब प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाओं के लिए नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

    Atal Digital Seva Kendra सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में डिजिटल सेवाओं को गांव के लोगों तक पहुंचाने की दिशा में गुडेली में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्राम पंचायत गुडेली में गुरुवार को अटल डिजिटल सेवा केंद्र (Atal Digital Seva Kendra) के नए भवन का लोकार्पण किया गया। केंद्र शुरू होने से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी ऑनलाइन सेवाओं और जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही जगह पर कई सरकारी और ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध होगी।

    एक छत के नीचे मिलेंगी कई सरकारी सेवाएं

    अटल डिजिटल सेवा केंद्र (Atal Digital Seva Kendra) में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। यहां नया राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी दस्तावेजों से संबंधित सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा रोजगार पंजीयन, आयुष्मान भारत कार्ड, ई-श्रम कार्ड और श्रमिक पंजीयन के लिए लेबर कार्ड जैसी सुविधाएं भी केंद्र में मिलेंगी।

    पैन कार्ड से लेकर बिल भुगतान तक की सुविधा

    केंद्र में पैन कार्ड बनवाने और उसमें सुधार कराने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही मोबाइल रिचार्ज, विभिन्न प्रकार के बिल भुगतान और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ भी ग्रामीण ले सकेंगे। ग्रामीणों को इन सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होगी। एक ही स्थान पर सेवाएं मिलने से समय और आने-जाने के खर्च की बचत होगी।

    ग्रामीणों के लिए डिजिटल सुविधा का नया केंद्र

    ग्राम पंचायत गुडेली में अटल डिजिटल सेवा केंद्र (Atal Digital Seva Kendra) की शुरुआत को डिजिटल इंडिया मिशन को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और ऐसे ग्रामीणों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जिन्हें ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी कम है।

    लोकार्पण समारोह में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद

    अटल डिजिटल सेवा केंद्र के नए भवन का लोकार्पण समारोह 3 सितंबर को शाम 4 बजे ग्राम पंचायत गुडेली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सभापति हरिहर जायसवाल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज कुमारी चंद्रकुमार नेताम, सेवा सहकारी समिति मंडी अध्यक्ष गुलाब पटेल, सरपंच नरेंद्र पटेल और सचिव द्वासलाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मनोज बसंत, संजय चौहान, विनोद बसंत, जय प्रसाद निषाद, कन्हाई सिदार, ताराचंद चौहान, ललित पटेल, बसंत पटेल, जय सिंह सिदार, लोचन पटेल सहित अन्य ग्रामीण और पंचगण भी उपस्थित रहे।

    गांव में डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

    अटल डिजिटल सेवा केंद्र (Atal Digital Seva Kendra) के शुरू होने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर सेवाएं उपलब्ध होने से दस्तावेज बनवाने और ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया भी आसान होगी। ग्राम पंचायत गुडेली के लिए यह केंद्र डिजिटल सुविधा के विस्तार के साथ ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

  • Vision Care Raigarh : 41 गांवों में पहुंची अदाणी फाउंडेशन की नेत्र सेवा, चार हजार ग्रामीणों की जांच; 1,939 को मिले चश्मे

    Vision Care Raigarh : 41 गांवों में पहुंची अदाणी फाउंडेशन की नेत्र सेवा, चार हजार ग्रामीणों की जांच; 1,939 को मिले चश्मे

    अदाणी फाउंडेशन रायगढ़ की ओर से संचालित विज़न केयर पहल (Vision Care Raigarh) के तहत प्लांट के परिधीय क्षेत्रों और रेलवे कॉरिडोर से जुड़े 41 गांवों में निःशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण अभियान चलाया गया। 15 जुलाई से 27 अगस्त तक चले अभियान में चार हजार ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। इनमें 2,205 पुरुष और 1,795 महिलाएं शामिल हैं। जांच के बाद 1,939 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।

    41 गांवों में लगाए गए नेत्र जांच शिविर

    अदाणी पावर लिमिटेड, छोटे भंडार की सामाजिक विकास इकाई अदाणी फाउंडेशन ने विज़न केयर संस्था के माध्यम से यह अभियान संचालित किया। अभियान की शुरुआत ग्राम बरपाली से हुई। इसके बाद बड़े भंडार, छोटे भंडार, सरवानी, बुनगा, टपरदा, सूपा, कोटमरा, जतरी, काशीचुवा, कलमा, चंदली, रैबार, चिखली, उच्चभित्ति, उसरौत और गोर्रा सहित 41 गांवों में चरणबद्ध तरीके से शिविर लगाए गए।

    शिविरों में ग्रामीणों की नेत्र जांच के साथ उन्हें आंखों की देखभाल के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिया गया। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ा गया।

     

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    चार हजार ग्रामीणों की आंखों की जांच

    अभियान के दौरान कुल चार हजार ग्रामीणों की निःशुल्क नेत्र जांच की गई। इनमें 2,205 पुरुष और 1,795 महिलाएं शामिल थीं। सभी लाभार्थी वयस्क और वरिष्ठ नागरिक वर्ग से थे।

    जांच के बाद 1,939 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। जुलाई और अगस्त के दौरान 695 चश्मों की बुकिंग की गई थी। इनमें से 500 चश्मों का वितरण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 195 चश्मों का वितरण सितंबर के अंत तक किया जाएगा।

    985 लोगों में मिली आंखों से जुड़ी बीमारी

    नेत्र जांच के दौरान 985 लोगों में मोतियाबिंद, रिफ्रैक्टिव एरर और अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं की पहचान हुई। इन लोगों को विस्तृत जांच और उपचार के लिए शासकीय जिला चिकित्सालय रायगढ़ अथवा मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया है।

    अभियान (Vision Care Raigarh) के जरिए ग्रामीणों में आंखों से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान के साथ उपचार के लिए उचित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

     

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    महिलाओं और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान

    अदाणी फाउंडेशन के अनुसार यह पहल उसके वार्षिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा है और लगातार दूसरे वर्ष इसका आयोजन किया गया। पिछले वर्ष दो हजार ग्रामीणों और दो हजार स्कूली छात्रों को इसका लाभ मिला था।

    इस वर्ष केवल ग्रामीण समुदाय पर ध्यान केंद्रित करते हुए चार हजार लोगों तक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। अभियान में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की नेत्र जांच को प्राथमिकता दी गई।

    76 वर्षीय किसान ने बताया अनुभव

    ग्राम बरपाली के 76 वर्षीय किसान हरिराम भारती ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो रही थी। इससे खेती और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होती थी। शिविर में जांच के दौरान उनकी समस्या सामने आई और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। उन्होंने कहा कि निःशुल्क जांच और परामर्श मिलने से आंखों की समस्या को समझने और आगे उपचार कराने की उम्मीद जगी है।

     

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    जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने दिया सहयोग

    शिविरों के आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का भी सहयोग मिला। ग्राम बरपाली के सरपंच संजय मैत्री, बड़े भंडार के सरपंच ओम प्रकाश गुप्ता और बुनगा के सरपंच वेद प्रकाश साहू सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, उपसरपंच और स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिविरों में मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को नेत्र जांच कराने और अभियान का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

    ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल

    अदाणी फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहा है। विज़न केयर कार्यक्रम (Vision Care Raigarh) इसी प्रयास का हिस्सा है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को समय पर नेत्र जांच, परामर्श, चश्मा और जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

     

     

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  • Tax Dialogue Raigarh : व्यापारियों के बीच पहुंचे आयकर अधिकारी, नोटिस और टैक्स से जुड़े सवालों पर खुलकर हुआ संवाद

    Tax Dialogue Raigarh : व्यापारियों के बीच पहुंचे आयकर अधिकारी, नोटिस और टैक्स से जुड़े सवालों पर खुलकर हुआ संवाद

    Tax Dialogue Raigarh रायगढ़ आयकर विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों के बीच संवाद की दूरी कम करने के लिए बुधवार को ढिमरापुर रोड स्थित निजी होटल में ‘व्यापारी कर संवाद’ कार्यशाला आयोजित की गई। (Tax Dialogue Raigarh) कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) छत्तीसगढ़ और आयकर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में जिलेभर के कारोबारी, खुदरा व्यापारी, चैंबर प्रतिनिधि और कर विशेषज्ञ शामिल हुए। अधिकारियों ने व्यापारियों की टैक्स से जुड़ी समस्याएं सुनीं और आयकर नियमों, रिटर्न फाइलिंग, टीडीएस-टीसीएस तथा डिजिटल व्यवस्था की जानकारी दी।

    ‘एक प्रदेश, एक दिन, एक संवाद’ के तहत आयोजन

    कार्यक्रम ‘एक प्रदेश, एक दिन, एक संवाद’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य व्यापारियों और आयकर विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और कर संबंधी भ्रांतियों को दूर करना था। (Tax Dialogue Raigarh) अधिकारियों ने कहा कि करदाताओं को विभागीय प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भय रखने की जरूरत नहीं है। नियमों का पालन करते हुए समय पर रिटर्न और कर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने से कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है।

     

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    डिजिटल और फेसलेस व्यवस्था की दी जानकारी

    आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आयकर की कई प्रक्रियाएं अब डिजिटल और फेसलेस व्यवस्था के माध्यम से संचालित हो रही हैं। व्यापारियों को रिटर्न फाइलिंग, ऑडिट और टीडीएस-टीसीएस से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। (Tax Dialogue Raigarh)

    अधिकारियों ने व्यापारियों से कर संबंधी दस्तावेज और रिटर्न समय पर जमा करने की अपील की। साथ ही पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करने की जानकारी भी दी गई।

     

    छोटे कारोबारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा

    कार्यशाला में छोटे और खुदरा व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई। व्यापारियों ने नोटिस मिलने, टीडीएस कटौती, रिटर्न दाखिल करने और ऑनलाइन पोर्टल के इस्तेमाल से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतें अधिकारियों के सामने रखीं।

    व्यापारियों ने कहा कि कई बार तकनीकी जानकारी के अभाव में उन्हें आयकर संबंधी प्रक्रियाओं को समझने में परेशानी होती है। (Tax Dialogue Raigarh) अधिकारियों ने ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने और विभागीय माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी।

     

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    सवाल-जवाब में व्यापारियों ने रखीं समस्याएं

    कार्यक्रम में सवाल-जवाब का सत्र भी हुआ। व्यापारियों ने टीडीएस कटौती, आयकर नोटिस, पोर्टल की तकनीकी समस्या और रिटर्न फाइलिंग से संबंधित सवाल अधिकारियों से किए। अधिकारियों ने प्रत्येक विषय पर जानकारी देते हुए व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया।

    कर व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने नई कर व्यवस्था और धारा 87ए के तहत उपलब्ध कर राहत के संबंध में भी बताया। (Tax Dialogue Raigarh) व्यापारियों से कहा गया कि वे अपनी आय और कारोबार के अनुसार लागू प्रावधानों की जानकारी लेकर समय पर कर संबंधी प्रक्रिया पूरी करें।

    व्यापारियों ने संवाद को बताया उपयोगी

    कैट रायगढ़ इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों और आयकर विभाग के बीच इस तरह के सीधे संवाद से गलतफहमियां दूर करने में मदद मिलेगी। (Tax Dialogue Raigarh) व्यापारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखने को उपयोगी बताया।

    कैट पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी व्यापारियों को आयकर नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इससे कारोबारियों को कर व्यवस्था समझने और नियमों का पालन करने में सुविधा होगी।

     

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  • Shri Krishna Janmashtami : गुरु द्रोण स्कूल में धूमधाम से मनी जन्माष्टमी

    Shri Krishna Janmashtami : गुरु द्रोण स्कूल में धूमधाम से मनी जन्माष्टमी

    गुरुद्रोण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायगढ़ में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) का पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जीवन संदेशों को जीवंत किया। राधा-कृष्ण और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजे नन्हे विद्यार्थियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

    भजन-नृत्य और झांकियों से सजा समारोह

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन-अर्चन के साथ हुई। विद्यार्थियों ने भजन, नृत्य और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। (Shri Krishna Janmashtami) के अवसर पर विद्यार्थियों ने आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत कीं।

    राधा-कृष्ण और बाल कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भक्ति और उत्साह का रंग भर दिया। पूरे विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल नजर आया।

     

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    मटकी फोड़ बना समारोह का आकर्षण

    समारोह में मटकी फोड़ कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहा। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया। (Shri Krishna Janmashtami) पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मटकी फोड़ के साथ ही परिसर में मौजूद विद्यार्थियों ने जयकारे लगाए। कार्यक्रम ने जन्माष्टमी समारोह को और खास बना दिया।

     

    श्रीकृष्ण के संदेशों से प्रेरणा लेने की अपील

    इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षा निर्देशक दिलीप कुमार साहू और उपचेयरमेन गजेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की अपील की।

    उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, कर्म, कर्तव्य, प्रेम, मित्रता, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। (Shri Krishna Janmashtami) का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी है।

     

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    अनुशासन और सदाचार अपनाने का संदेश

    विद्यालय के प्राचार्य एलएन देवता ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। (Shri Krishna Janmashtami) के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी रहा।

     

     

    शिक्षकों और स्टाफ का रहा योगदान

    जन्माष्टमी कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। (Shri Krishna Janmashtami) समारोह में विद्यार्थियों की सहभागिता ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। अंत में विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिष्ठान्न वितरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी गईं।

     

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  • Employee Protest Raipur  :  महंगाई भत्ता-एरियर समेत 5 मांगों पर आर-पार, 11 सितंबर को इंद्रावती भवन घेरेंगे कर्मचारी

    Employee Protest Raipur : महंगाई भत्ता-एरियर समेत 5 मांगों पर आर-पार, 11 सितंबर को इंद्रावती भवन घेरेंगे कर्मचारी

    Employee Protest Raipur महंगाई भत्ता, 86 माह के एरियर और नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के नियमित-अनियमित कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स लामबंद हो गए हैं। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी 11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के तहत होने वाले इस प्रदर्शन में 50 से अधिक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। प्रदर्शन (Employee Protest Raipur) के बाद नोडल अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

     

    11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने जुटेंगे कर्मचारी

    कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। 11 सितंबर को भोजनावकाश के दौरान इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य सचिव के नाम सौंपा जाएगा।

    ‘एक मांग एक मंच’ अभियान के तहत होने वाले इस प्रदर्शन (Employee Protest Raipur) में नियमित और अनियमित कर्मचारियों के साथ अधिकारी और पेंशनर्स भी शामिल होंगे। संगठनों का कहना है कि अलग-अलग वर्गों की लंबित मांगों को एक मंच से सरकार के सामने रखा जाएगा।

     

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    जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता और 86 माह का एरियर लंबित

    छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि जनवरी 2026 से केंद्र के समान महंगाई भत्ते की मांग लंबित है। इसके साथ ही 86 माह के एरियर का भुगतान भी कर्मचारियों की प्रमुख मांग है।

    कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते और एरियर से जुड़े मुद्दे का जल्द निराकरण किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन (Employee Protest Raipur) के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।

     

    नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन की भी मांग

    कर्मचारी संगठनों की मांगों में अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, सेवा से निकाले गए कर्मचारियों की बहाली और न्यून मानदेय पाने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देना शामिल है।

    इसके अलावा अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने तथा आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था बंद करने की मांग भी की जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मुद्दों के समाधान से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

     

     

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    नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की मांग

    नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी की गई है। संगठनों का कहना है कि नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को भी पेंशन संबंधी सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए।

    इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में लैब और फार्मेसी की ठेका पद्धति समाप्त करने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारी संगठनों ने नियमित-अनियमित कर्मचारियों और पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान की मांग की है।

     

    20 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मांगी

    कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी मांग रखी गई है। संगठनों ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर नियमित-अनियमित कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 20 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इस सुविधा से गंभीर बीमारी और महंगे इलाज की स्थिति में कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिल सकेगी।

     

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    Employee Protest Raipur 50 से अधिक कर्मचारी संगठन होंगे शामिल

    ‘एक मांग एक मंच’ अभियान के तहत 11 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन में 50 से अधिक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। अलग-अलग विभागों और कर्मचारी वर्गों की मांगों को एक मंच पर लाकर सरकार के समक्ष रखने की तैयारी है।

    कर्मचारी संगठन प्रदर्शन (Employee Protest Raipur) के माध्यम से महंगाई भत्ता, एरियर, नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और अन्य मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। प्रदर्शन के बाद नोडल अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

     

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  • Water Conservation Raigarh : ढलानों पर बनेंगे 16,873 ट्रेंच, 52.55 लाख रुपये होंगे खर्च; संवरेंगे खेत और गांव

    Water Conservation Raigarh : ढलानों पर बनेंगे 16,873 ट्रेंच, 52.55 लाख रुपये होंगे खर्च; संवरेंगे खेत और गांव

    Water Conservation Raigarh बारिश के पानी के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी के कटाव को रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में रायगढ़ जिले में बड़ा काम शुरू किया जा रहा है। जिले में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच निर्माण के 28 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत कुल 16 हजार 873 ट्रेंच बनाए जाएंगे। इन कार्यों के लिए 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। रायगढ़ में जल संरक्षण (Water Conservation Raigarh) की इस पहल से ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी के तेज बहाव को नियंत्रित कर उसे जमीन में समाहित करने में मदद मिलेगी।

     

    रायगढ़, खरसिया और तमनार में होंगे 28 कार्य

    जिले के रायगढ़, खरसिया और तमनार विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 28 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायगढ़ विकासखंड में 6, खरसिया में 16 और तमनार विकासखंड में 6 कार्य शामिल हैं। कुल 16 हजार 873 ट्रेंच (Water Conservation Raigarh) करीब 38.27 एकड़ क्षेत्र में बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन संरचनाओं के निर्माण से बारिश के पानी को बहकर बाहर जाने से रोकने और जमीन में पानी के रिसाव को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

     

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    ढलानों पर पानी की रफ्तार रोकेंगे ट्रेंच

    स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (Water Conservation Raigarh)  और कंटूर ट्रेंच का निर्माण विशेष रूप से ढलान वाले क्षेत्रों में किया जाता है। बारिश के दौरान ढलानों से पानी तेजी से नीचे बहता है, जिससे मिट्टी का कटाव होता है और खेतों की उपजाऊ मिट्टी बहने का खतरा रहता है। ट्रेंच बनने के बाद पानी के बहाव की गति कम होगी और उसे धीरे-धीरे जमीन में समाने का अवसर मिलेगा। इससे भू-क्षरण कम करने के साथ मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद मिलेगी। जल संरक्षण (Water Conservation Raigarh) से जुड़े इन कार्यों का सीधा लाभ कृषि भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।

     

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    Water Conservation Raigarh मिट्टी का कटाव रुकेगा, खेतों में बनी रहेगी नमी

    रायगढ़ जिले के ढलान वाले क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान मिट्टी का कटाव बड़ी समस्या बन जाता है। पानी के तेज बहाव के साथ खेतों की ऊपरी उपजाऊ मिट्टी भी बह जाती है। इससे लंबे समय में जमीन की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।

    कंटूर ट्रेंच के जरिए बारिश के पानी के बहाव को नियंत्रित किया जाएगा। इससे पानी को जमीन में रिसने का अधिक समय मिलेगा और मिट्टी में नमी बनी रहेगी। साथ ही भू-क्षरण को कम करने में मदद मिलेगी।इससे बारिश के पानी का बेहतर उपयोग होने के साथ खेतों की उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

     

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    जल-जंगल-जमीन के संरक्षण के साथ रोजगार

    इन कार्यों को ग्रामीण समुदाय की भागीदारी और श्रम आधारित गतिविधियों के माध्यम से कराया जा रहा है। इससे एक ओर जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    ढलानों पर बनाई जा रही छोटी-छोटी जल संरचनाएं आने वाले समय में बारिश के पानी को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे खेतों में नमी बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

     

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    52.55 लाख रुपये से बनेंगी 16,873 जल संरचनाएं

    रायगढ़ जिले में स्वीकृत 28 कार्यों के लिए कुल 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। करीब 38.27 एकड़ क्षेत्र में 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।  इन संरचनाओं के जरिए बारिश के पानी को रोकने, मिट्टी के कटाव को कम करने और जमीन में नमी बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। आने वाले समय में इसका असर खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों की जल स्थिति पर दिखाई देने की उम्मीद है। जिले में जल और मिट्टी के संरक्षण की यह पहल प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

     

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  • CTET 2026 : सीटीईटी अभ्यर्थियों को राहत, 1 सितंबर तक भर सकेंगे फार्म

    CTET 2026 : सीटीईटी अभ्यर्थियों को राहत, 1 सितंबर तक भर सकेंगे फार्म

    केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET 2026) के लिए आवेदन करने का एक और मौका दिया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीटीईटी  के 22वें संस्करण के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल दोबारा खोल दिया है। अब पात्र अभ्यर्थी 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

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    1 सितंबर तक खुला रहेगा आवेदन पोर्टल

    सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीटीईटी (CTET 2026) के आवेदन की प्रक्रिया दोबारा शुरू की है। ऑनलाइन पोर्टल 25 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। यह मौका उन पात्र अभ्यर्थियों के लिए दिया गया है, जो पिछली आवेदन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म नहीं भर सके थे।

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    दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

    जिन अभ्यर्थियों (CTET 2026) ने 11 मई से 10 जून 2026 के बीच पहले ही आवेदन कर दिया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उनका पहले किया गया आवेदन मान्य रहेगा। नए अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया फैसला

    सीबीएसई (CTET 2026) ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया है। कोर्ट ने पात्र शिक्षकों को अनिवार्य टीईटी योग्यता हासिल करने के लिए उचित अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी के मद्देनजर बोर्ड ने उन अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पोर्टल दोबारा खोला है, जो पिछली प्रक्रिया में आवेदन करने से चूक गए थे।

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    CTET 2026 परीक्षा की तारीख में होगा बदलाव

    आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के कारण सीटीईटी परीक्षा (CTET Exam) की निर्धारित तारीख में भी बदलाव किया जाएगा। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा। सीबीएसई संशोधित परीक्षा तारीख की घोषणा 1 सितंबर 2026 के बाद करेगा।

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