Tag: chhattisgarh news

  • Chhattisgarh Cyclone Alert : छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Cyclone Alert : छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Cyclone Alert बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में 29 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने और बाढ़ प्रभावित हो सकने वाले गांवों में पहले से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर जनहानि रोकने और आपातकालीन सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराने पर है।

    यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : सरिता मल्होत्रा ने CM साय से दिवाली से पहले किस्त और 2,500 रुपये करने की मांग

    Chhattisgarh Cyclone Alert  बाढ़ से निपटने की तैयारी

    अपर मुख्य सचिव ने संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों का आकलन कर जरूरी तैयारियां करने को कहा, ताकि जनहानि को शून्य रखा जा सके। जल संसाधन विभाग की ओर से जलाशयों के संबंध में जारी एडवाइजरी के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। होमगार्ड, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रखने को कहा गया है।

    बारिश या बाढ़ के कारण स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने की स्थिति बनने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बिजली, दूरसंचार और चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने, पेड़ गिरने पर उन्हें तुरंत हटाकर सड़क आवागमन बहाल रखने तथा जिला कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है। गांवों में एहतियात के लिए मुनादी कराने के निर्देश भी दिए गए।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

     

    29 अक्टूबर तक बारिश की आशंका

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। विशेष रूप से 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

     

    यह भी पढ़ें : Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

     

    जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय Chhattisgarh Cyclone Alert 

    कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Public Holiday : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

     

    किसानों को सतर्क रहने की सलाह

    कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों में रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करें। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए नवंबर के प्रथम सप्ताह से बुवाई शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

    सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवा की आशंका को देखते हुए करेला और लौकी जैसी लता वाली सब्जियों के लिए सहारे की व्यवस्था करने को कहा गया है। केले के पौधों और फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा देने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान कीटनाशकों और कवकनाशकों का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है।

     

    यह भी पढ़ें : Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

     

    पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह

    पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश की आशंका के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर बांधने से बचने को कहा गया है। पशुओं के लिए सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है।

     

  • Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

    Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

    Chhattisgarh Cabinet Decisions छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं, रोजगार और जनसुविधाओं को लेकर राज्य कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को हुई बैठक में करीब 8,000 करोड़ रुपये की कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को मंजूरी दी गई। वहीं, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अधोसंरचना और पर्यटन विकास के लिए पांच-पांच साल के दो मिशन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है, जिनके लिए कुल 1,000 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। कैबिनेट के इन फैसलों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, उद्योगों और खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

    अधोसंरचना और पर्यटन पर 1,000 करोड़

    मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए लागू किया जाएगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। हर साल 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (सीजीआरआईडीसीएल) क्रियान्वयन करेगा।

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन भी पांच साल के लिए शुरू किया जाएगा। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। दोनों मिशनों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) के माध्यम से अधोसंरचना और पर्यटन से जुड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने की तैयारी है।

     

    यह भी पढ़ें : Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

     

    कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

    राज्य सरकार के कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आनलाइन अनुमति और दावा निपटान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान भुगतान और प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना मंजूर

    कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8,000 करोड़ रुपये है। इसमें राज्य की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,000 करोड़ रुपये होगी। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य सरकार और रेल मंत्रालय की हिस्सेदारी लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये होगी। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ रेल कारपोरेशन लिमिटेड (सीआरसीएल) के माध्यम से किया जाएगा।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Public Holiday : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

     

    धान खरीदी 15 नवंबर से

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। किसानों से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जाएगा। सरकार ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की है। इससे 27.5 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।

    जिन किसानों के पास पहले से एग्रीस्टैक फार्मर आइडी है और जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीयन कराया था, उन्हें अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। खरीदी केंद्रों पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू रहेगी। इसके साथ ही 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में केंद्रों की कुल संख्या लगभग 3,100 हो जाएगी। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिरिक्त धान की नीलामी करने का भी निर्णय लिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था (Chhattisgarh Cabinet Decisions) में पंजीयन और उपार्जन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर जोर दिया गया है।

     

    Chhattisgarh Cabinet Decisions बिजली बिल में राहत बढ़ी

    एम-ऊर्जा योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिलने वाली रियायत जारी रहेगी। इसके अलावा हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए योजना की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी गई है। इससे करीब 7.25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।

     

    सड़क निर्माण को राहत Chhattisgarh Cabinet Decisions

    कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्यों में बिटुमिन की कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए वित्तीय राहत देने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के उन कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिनकी अवधि एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक है।

    वहीं, एक अप्रैल 2026 से पहले निविदा प्राप्त राज्य वित्तपोषित लोक निर्माण विभाग के कार्यों में 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच खरीदे और उपयोग किए जाने वाले बिटुमिन के लिए लगभग 70 से 100 करोड़ रुपये की संभावित राहत का अनुमान है।

     

    यह भी पढ़ें : Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

     

    नौ प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया

    जनहित को ध्यान में रखते हुए केवल राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में उपसमिति की अनुशंसा के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    कुरा का नाम कुंवरगढ़

    रायपुर जिले की नगर पंचायत कुरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

    कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन

    राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया जाएगा।

     

    यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : सरिता मल्होत्रा ने CM साय से दिवाली से पहले किस्त और 2,500 रुपये करने की मांग

     

    पांच स्थानों का पुनर्विकास

    कैबिनेट ने दूसरे चरण में पांच स्थानों के पुनर्विकास को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर कराने का निर्णय लिया है। इनमें दुर्ग स्थित शासकीय कुक्कुट पालन फार्म, रामानुजगंज स्थित पशु चिकित्सालय परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन की भूमि और रंजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार तथा धमतरी का रुद्री चौक शामिल हैं।

    वेयरहाउस के लिए जमीन

    राजनांदगांव जिले के खपरीकला में 10 एकड़ भूमि केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को निर्धारित शर्तों के अनुसार वेयरहाउस निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया गया है।

    सोमनी में फल प्रसंस्करण केंद्र

    राजनांदगांव जिले के सोमनी में 31.55 एकड़ भूमि कृषि विभाग को देने की मंजूरी दी गई है। यहां राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से बहु-फल प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। इससे 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

     

    यह भी पढ़ें : Adani Foundation Health Camp : मां चंद्रहासिनी मंदिर में अदाणी फाउंडेशन का सेवा शिविर, नौ दिन में 687 श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज

     

    सुशासन विभाग में तीन पद

    सुशासन एवं अभिसरण विभाग के कार्यालय में आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ के तीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

    वन मुख्यालय में नया पद

    वन मुख्यालय अरण्य भवन में प्रधानमंत्री गति शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से संबंधित कार्यों के लिए विशेष कर्तव्य अधिकारी का एक वर्षीय अस्थायी पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है।

    दिवंगत अधिकारी के परिवार को लाभ

    दिवंगत डॉ. राकेश मोहन चंदोला की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को नियमित मानने का निर्णय लिया गया है। इससे उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन, एरियर और ब्याज का लाभ मिल सकेगा।

    खेल मिशन के लिए 100 करोड़

    मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में प्रतिभा खोज अभियान और फीडर सेंटर शुरू किए जाएंगे। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

     

    यह भी पढ़ें : Malaika Arora Birthday : 53 की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा का जलवा बरकरार, साड़ी से ब्लैक और शिमरी आउटफिट तक हर लुक में दिखा ग्लैमर

     

    Chhattisgarh Cabinet Decisions औद्योगिक नियमों में बदलाव

    छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग की प्रक्रिया को सरल बनाना, विवाद कम करना और ई-नीलामी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

    धान सहायता अब प्रति एकड़ Chhattisgarh Cabinet Decisions

    कृषक उन्नति योजना में बदलाव करते हुए धान के लिए इनपुट सहायता की गणना प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। इससे योजना के तहत सहायता राशि की गणना की व्यवस्था में बदलाव होगा।

    Chhattisgarh Cabinet Decisions विकास और राहत पर जोर

    कैबिनेट बैठक में धान खरीदी, बिजली बिल में रियायत, सरकारी कर्मचारियों के कैशलेस इलाज, रेल कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण, पर्यटन, खेल और औद्योगिक निवेश से जुड़े फैसले लिए गए। इन निर्णयों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) के जरिए सरकार ने विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ विभिन्न वर्गों को राहत और सुविधाएं देने पर जोर दिया है।

  • Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

    Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

    Raipur Bilaspur Highway Bus Accident रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर बलौदाबाजार के सिमगा के पास सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अंबिकापुर से रायपुर जा रही यात्री बस ग्राम दरचुरा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में बस चालक और कंडक्टर समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को रायपुर रेफर किया गया है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए बचाव दल को गैस कटर सहित अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज गति और चालक को झपकी आना दुर्घटना की वजह बताई जा रही है।

    सुबह पांच बजे हुआ हादसा, बस में सवार थे 22 यात्री

    जानकारी के अनुसार, बस सोमवार सुबह करीब पांच बजे 22 यात्रियों को लेकर अंबिकापुर से रायपुर के लिए निकली थी। ग्राम दरचुरा स्थित इंडियन आयल पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खराब होकर खड़े ट्रक से बस (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident)  टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में एक यात्री का पैर कटने की भी जानकारी सामने आई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद छह गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया, जबकि 10 घायलों का उपचार सिमगा में किया जा रहा है। रायपुर-बिलासपुर हाईवे हादसे (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) के बाद पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Public Holiday : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

    चालक-कंडक्टर समेत पांच की मौत

    थाना प्रभारी परिवेश तिवारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बस चालक भागीरथी यादव (37), निवासी खजरीकला, जिला जशपुर; कंडक्टर पवन देवांगन (24), निवासी बलंगी, जिला बलरामपुर; और यात्री शमीम मोहम्मद (39), निवासी सरना, जिला बलरामपुर के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल अतुल कुमार (33), निवासी सरना, जिला बलरामपुर और सुंदरलाल (49), निवासी सिंघनपुरी, जिला रायगढ़ की भी रास्ते में मौत हो गई।

    हादसे में अलग-अलग जिलों के यात्री प्रभावित हुए हैं। दुर्घटना की खबर (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) सामने आने के बाद घायलों के परिजनों में चिंता का माहौल है। पुलिस मृतकों और घायलों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है।

    रायपुर, बिलासपुर समेत कई क्षेत्रों के यात्री घायल

    घायल यात्रियों में वासुदेव राव, राजेंद्र ठाकुर, सविता केंवट, बुधराम केंवट, निर्मला यादव, दुलेश्वर यादव, सुमन दीक्षित, अमन गुप्ता, अनुराग वेद, दिलीप तिवारी, सतीश भगत, अनिल यादव, कमलदास गुप्ता और पुनम टोप्पो शामिल हैं। घायलों में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और बलरामपुर सहित अन्य क्षेत्रों के यात्री हैं। इनमें एक घायल आंध्र प्रदेश का निवासी बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में बस की गति और चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हाईवे पर खड़े खराब वाहनों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी यह घटना सवाल खड़े करती है। सड़क दुर्घटना (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) में पांच लोगों की जान जाने के बाद जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि ट्रक सड़क किनारे किस स्थिति में खड़ा था और वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं।

     

    यह भी पढ़ें : Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

     

    बालोद और धमतरी में भी हादसे, चार की मौत

    नईदुनिया न्यूज, बालोद। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर ग्राम बालोदगहन के पास रविवार तड़के करीब तीन बजे कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में कार चालक राहुल पारख (25) और मंशा राणा (23) की मौत हो गई, जबकि काशीका राणा (26) गंभीर रूप से घायल हो गईं। तीनों रायपुर से जगदलपुर जा रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    वहीं, बालोद और धमतरी में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो बाइक सवारों की भी मौत हो गई। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षित यातायात और वाहन चालकों की सतर्कता का सवाल खड़ा कर दिया है।

  • Chhattisgarh Public Holiday :  सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

    Chhattisgarh Public Holiday : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

    Chhattisgarh Public Holiday छत्तीसगढ़ सरकार ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर 9 नवंबर 2026 को सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित किया है। राज्य शासन के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को दीपावली के दूसरे दिन भी छुट्टी मिलेगी। इससे पहले गोवर्धन पूजा को ऐच्छिक अवकाश की सूची में रखा गया था, लेकिन अब इसे सार्वजनिक अवकाश में बदल दिया गया है। छत्तीसगढ़ में छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।

    यह भी पढ़ें : Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

    ऐच्छिक अवकाश की सूची में था पर्व

    सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना क्रमांक GENS-2101/3340/2026-GAD-5 के अनुसार, इससे पहले 6 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना में गोवर्धन पूजा को 9 नवंबर 2026, सोमवार के लिए ऐच्छिक अवकाश की सूची में क्रमांक 50 पर शामिल किया गया था। अब शासन ने संशोधन करते हुए इसे सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद गोवर्धन पूजा पर छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) ऐच्छिक अवकाश तक सीमित नहीं रहेगी।

     

    यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : सरिता मल्होत्रा ने CM साय से दिवाली से पहले किस्त और 2,500 रुपये करने की मांग

     

    9 नवंबर, सोमवार को रहेगा अवकाश

    राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, 9 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश रहेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले यह पर्व ऐच्छिक अवकाश की श्रेणी में था। गोवर्धन पूजा की छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) से संबंधित आदेश में अवकाश की तारीख स्पष्ट कर दी गई है।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 : सरकार का ऐलान! किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल पर मिलेगा 3,100, जानें कब से शुरू होगी धान खरीदी

     

    दीपावली के दूसरे दिन होती है गोवर्धन पूजा

    गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन मनाई जाने वाली प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। इसी प्रसंग की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।

    छत्तीसगढ़ में भी गोवर्धन पूजा (Chhattisgarh Public Holiday) धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं के साथ मनाई जाती है। राज्य सरकार के फैसले के बाद 9 नवंबर को घोषित अवकाश (Chhattisgarh Public Holiday) को लेकर कर्मचारियों को स्पष्टता मिल गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में गोवर्धन पूजा के लिए सार्वजनिक/सामान्य अवकाश का उल्लेख किया गया है।

     

    यह भी पढ़ें :  Patwari Strike Chhattisgarh : पटवारी हड़ताल से धान खरीदी की तैयारी प्रभावित, सरिता मल्होत्रा ने सरकार से समाधान निकालने की मांग

     

  • Gaurdih Gram Panchayat News :  बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

    Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

    Gaurdih Gram Panchayat News छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरडीह में मनरेगा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां पदस्थ तकनीकी सहायक ने सरकारी जिम्मेदारी को मानो ताक पर रख दिया है। पिछले छह महीनों में वे कथित तौर पर महज एक बार ही गांव पहुंचे। पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी, तकनीकी प्रक्रिया और बैठकों में भागीदारी जिनकी जिम्मेदारी है, उनकी ऐसी कथित बेरुखी से व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सवाल यह है कि जब जिम्मेदार तकनीकी सहायक ही गांव से दूरी बनाए रखेंगे, तो मनरेगा के काम आगे कैसे बढ़ेंगे?

    यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : सरिता मल्होत्रा ने CM साय से दिवाली से पहले किस्त और 2,500 रुपये करने की मांग

     

    बैठकों से दूरी, पंचायत के कामकाज पर असर

    ग्राम पंचायत (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक पंचायत की मासिक बैठकों और ग्रामसभा से भी नदारद रहे हैं। पंचायत के उपस्थिति रजिस्टर में उनकी मौजूदगी दर्ज नहीं होने का दावा किया जा रहा है। यदि रिकॉर्ड इस दावे की पुष्टि करता है, तो यह केवल बैठकों में अनुपस्थिति का मामला नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर योजना की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है।

    मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News)  में तकनीकी सहायक की भूमिका केवल कागजों तक सीमित नहीं होती। कार्यों का आकलन, एस्टीमेट तैयार करना, लेआउट तय करना और माप पुस्तिका (एमबी) से जुड़ी प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग जरूरी है। पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक, तकनीकी सहायक के नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने से ये काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में गांव में विकास कार्यों की गति पर असर पड़ने की शिकायत है।

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 : सरकार का ऐलान! किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल पर मिलेगा 3,100, जानें कब से शुरू होगी धान खरीदी

     

    शिकायतें होती रहीं, सुनवाई पर सवाल

    पंचायत प्रतिनिधियों (Gaurdih Gram Panchayat News) का कहना है कि इस स्थिति को लेकर कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) को कई बार फोन पर शिकायत की गई। जनपद कार्यालय पहुंचकर भी मौखिक रूप से समस्या बताई गई, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं हुआ। यदि बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो यह सवाल जनपद स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी उठता है।

    (Gaurdih Gram Panchayat News) प्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक अपनी जिम्मेदारी पर सवाल उठने पर जनपद और जिला स्तर के अधिकारियों का हवाला देते हैं। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों का सवाल है कि आखिर गांव के कामकाज की जिम्मेदारी किसकी है और कर्मचारी की क्षेत्रीय उपस्थिति सुनिश्चित करना किसका दायित्व है? शिकायतों के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही को कटघरे में खड़ा करता है।

     

    यह भी पढ़ें : Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

     

    तकनीकी काम अटके तो मजदूरों को कैसे मिलेगा लाभ

    मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News)  ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके कामकाज में तकनीकी प्रक्रिया की देरी का असर आगे की गतिविधियों और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। गौरडीह के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एस्टीमेट, लेआउट, मस्टर रोल और एमबी से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण पंचायत के कार्यों में बाधा आ रही है। ऐसे में सबसे अहम सवाल उन मजदूरों का है, जो काम मिलने और समय पर भुगतान होने की उम्मीद में योजना पर निर्भर रहते हैं।

    सरकारी योजना (Gaurdih Gram Panchayat News)  में पदस्थ कर्मचारी की उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि तकनीकी सहायक की अनुपस्थिति के आरोप सही पाए जाते हैं, तो केवल औपचारिक जवाब लेकर मामला खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा। पिछले छह महीनों की उपस्थिति, क्षेत्रीय भ्रमण, बैठकों के रिकॉर्ड और लंबित तकनीकी कार्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।

     

    यह भी पढ़ें : Krishak Unnati Yojana : खुशखबरी! किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़, जानें कैसे करें आवेदन और कब तक है मौका

    Gaurdih Gram Panchayat News जांच और कार्रवाई की मांग

    ग्राम पंचायत गौरडीह (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारी की कथित अनुपस्थिति के कारण गांव के विकास कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Foreign Tourists : एक हजार पर्यटन मित्र-दीदी तैयार, फिर भी विदेशी पर्यटकों की राह देख रहे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल

  • Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। शनिवार सुबह बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुर स्थित कोन्हाखार के पास ढोघट घाट पर नदी में नहाने उतरे चार लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र विवेक सिंह और अभिजीत सिंह के साथ दो सगे भाई गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल शामिल हैं। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों के शव नदी से बाहर निकाले। दशहरा मनाने के बाद शनिवार को सभी को बिहार स्थित अपने घर लौटना था, लेकिन इससे पहले ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    जिस घर में दशहरा की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। एक महिला ने अपना पति और इकलौता बेटा खो दिया, तो दूसरे परिवार के दोनों बेटे हमेशा के लिए बिछड़ गए। हादसे की खबर मिलते ही स्वजन और परिचितों में शोक छा गया।

     

     

    यह भी पढ़ें : IND vs NZ 2nd T20 : तिलक-नीतीश ने पलटा मैच, न्यूजीलैंड के जबड़े से छीनी जीत; 30 गेंदों में ठोक दिए 59 रन

     

     

    मंदिर में दर्शन के बाद नदी पहुंचे थे चारों

    यह घटना (Surajpur River Accident)  सूरजपुर क्षेत्र के चंदरपुर में रहने वाली नेहा सिंह के परिवार के साथ हुई। नेहा ब्यूटी पार्लर और श्रृंगार की दुकान चलाती हैं और अपने बेटे अभिजीत के साथ यहां रहती थीं। दशहरा पर्व मनाने के लिए उनके पति विवेक सिंह, नेहा के माता-पिता और उनकी बहन के दोनों बेटे बिहार के कटिहार जिले से चंदरपुर आए थे।

    शनिवार को सभी को वापस बिहार लौटना था। इससे पहले सुबह विवेक सिंह स्कूटी से पंपापुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन करने गए। वहां से उन्होंने अपने बेटे अभिजीत और साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटों गोपाल कृष्ण व कृष्ण गोपाल को फोन कर कोन्हाखार स्थित रेण नदी के घाट पर बुलाया। चारों ने नदी में स्नान करने की योजना बनाई थी, लेकिन गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हुआ।

     

    यह भी पढ़ें : Krishak Unnati Yojana : खुशखबरी! किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़, जानें कैसे करें आवेदन और कब तक है मौका

     

    कपड़े, चप्पल और स्कूटी देखकर हुआ संदेह

    काफी देर तक चारों के वापस नहीं लौटने पर नदी किनारे (Surajpur River Accident)  मौजूद ग्रामीणों की नजर वहां रखे कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और दो स्कूटी पर पड़ी। आसपास कोई नजर नहीं आने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों की सूचना पर बिश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटाई। दोनों स्कूटी नेहा सिंह और विवेक सिंह के नाम पर दर्ज थीं। पंजीयन रिकॉर्ड से मिले मोबाइल नंबर के जरिए स्वजन को घटना की जानकारी दी गई।

     

    यह भी पढ़ें : Malaika Arora Birthday : 53 की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा का जलवा बरकरार, साड़ी से ब्लैक और शिमरी आउटफिट तक हर लुक में दिखा ग्लैमर

     

     

    ग्रामीण युवकों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले शव

    पुलिस ने नगर सेना की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) की टीम को सूचना दी। टीम के रमकोला में होने के कारण अंबिकापुर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को बुलाया गया। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण युवक मनीष सिंह, कमल सिंह और गणेश सिंह नदी में तलाश के लिए उतर गए।

    करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सबसे पहले गोपाल कृष्ण का शव पत्थर के पास फंसा मिला। इसके बाद कृष्ण गोपाल और विवेक सिंह के शव बरामद किए गए। कुछ दूरी पर विवेक के पुत्र अभिजीत का शव भी मिल गया। ग्रामीण युवकों के प्रयास से चारों शवों को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया। बिहार के कटिहार से स्वजन के रवाना होने के कारण पुलिस उनके पहुंचने का इंतजार कर रही थी।

     

    यह भी पढ़ें : Seed Production Farming : धान-सब्जी छोड़ बीज उत्पादन अपनाया, प्रति एकड़ कमाई में 75% का उछाल

     

    किसी ने खोया पति और इकलौता बेटा

    रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) में विवेक सिंह और उनके इकलौते पुत्र अभिजीत की मौत हो गई। वहीं, विवेक के साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल भी काल के गाल में समा गए। जितेंद्र सिंह के दो ही बच्चे थे। एक ही हादसे में पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जिस परिवार को शनिवार को दशहरा मनाने के बाद अपने घर लौटना था, वहां अब अपनों के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ रही है। हादसे ने दोनों परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।

     

    Surajpur River Accident  दुर्घटना में इनकी हुई मौत

    • विवेक कुमार सिंह (45): पिता विश्वनाथ सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • अभिजीत सिंह (20): पिता विवेक सिंह, वर्तमान निवासी चंद्रपुर, थाना सूरजपुर, जिला सूरजपुर; कुशवाहा के मकान में किराएदार।
    • गोपाल कृष्ण (13): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • कृष्ण गोपाल (14): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।

     

  • Adani Foundation Health Camp : मां चंद्रहासिनी मंदिर में अदाणी फाउंडेशन का सेवा शिविर, नौ दिन में 687 श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज

    Adani Foundation Health Camp : मां चंद्रहासिनी मंदिर में अदाणी फाउंडेशन का सेवा शिविर, नौ दिन में 687 श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज

    Adani Foundation Health Camp छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर, चंद्रपुर में शारदीय नवरात्रि के दौरान आस्था के साथ सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। अदाणी पावर लिमिटेड, रायगढ़ की सामाजिक सरोकार इकाई अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) की ओर से मंदिर परिसर में 11 से 19 अक्टूबर तक नौ दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं प्राथमिक उपचार शिविर लगाया गया। इस दौरान देश-प्रदेश से पहुंचे कुल 687 श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। इनमें 504 पुरुष और 183 महिलाएं शामिल थीं।

    अतिथियों की मौजूदगी में हुआ शिविर का शुभारंभ

    शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि आशीष पटेल (तहसीलदार, डभरा), ओमप्रकाश देवांगन (अध्यक्ष, नगर पंचायत चंद्रपुर), तिलेस माली (मंडल अध्यक्ष), मोहन विश्वकर्मा (मुख्य नगर पालिका अधिकारी), दिनेश नायक (जिला समन्वयक), गौरी शंकर गुप्ता एवं गिरजा यादव (एल्डरमैन) तथा मंदिर न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।

    यह भी पढ़ें : Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    चौबीसों घंटे मिली चिकित्सा सुविधा, दवाओं का भी मुफ्त वितरण

    शिविर में डॉ. उरांव के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने चौबीसों घंटे सेवाएं दीं। महानदी के तट पर नवरात्रि मेले में उमड़े श्रद्धालुओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) की इस पहल से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी मदद मिल सकी।

    सर्दी-बुखार से लेकर बीपी-शुगर तक की जांच

    शिविर में लंबी दूरी तय कर पहुंचे 187 मरीजों को तात्कालिक राहत दी गई। इसके अलावा सर्दी, खांसी और मौसमी बुखार से पीड़ित 136 मरीजों का उपचार किया गया। सफर और उपवास के कारण थके 130 मरीजों को भी चिकित्सकीय सहायता मिली। वहीं, 106 मरीजों की बीपी, शुगर जांच और घाव की ड्रेसिंग की गई। त्वचा रोग से संबंधित 62 और गैस्ट्रो की समस्या वाले 44 मरीजों का भी उपचार किया गया। इस तरह कुल 687 श्रद्धालुओं ने शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

    यह भी पढ़ें : IND vs NZ 2nd T20 : तिलक-नीतीश ने पलटा मैच, न्यूजीलैंड के जबड़े से छीनी जीत; 30 गेंदों में ठोक दिए 59 रन

    छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा से पहुंचे श्रद्धालुओं को भी मिला लाभ

    महानदी, मांड नदी और लात नदी के पवित्र संगम पर स्थित मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) के शिविर का लाभ चंद्रपुर और आसपास के ग्रामीणों के साथ रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा से आए दर्शनार्थियों को भी मिला। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।

    आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन श्री गोपाल जी महाप्रभु एवं चंद्रहासिनी देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास के समन्वय और स्वर्गीय मुकुटधर पांडेय स्मृति मेमोरियल सर्विस फाउंडेशन, चंद्रपुर के संचालन सहयोग से संपन्न हुआ।

    जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है शिविर : ओमप्रकाश देवांगन

    नगर पंचायत चंद्रपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि नवरात्रि मेले में उमड़ने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अदाणी फाउंडेशन का यह शिविर जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    वहीं, चंद्रहासिनी देवी मंदिर न्यास के ट्रस्टी सुजीत पांडेय ने कहा कि मंदिर आने वाले गरीब और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मौके पर ही मुफ्त इलाज और दवाएं मिलने से उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी।

  • IND vs NZ 2nd T20 : तिलक-नीतीश ने पलटा मैच, न्यूजीलैंड के जबड़े से छीनी जीत; 30 गेंदों में ठोक दिए 59 रन

    IND vs NZ 2nd T20 : तिलक-नीतीश ने पलटा मैच, न्यूजीलैंड के जबड़े से छीनी जीत; 30 गेंदों में ठोक दिए 59 रन

    भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले (IND Vs NZ 2nd T20) में चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। न्यूजीलैंड ने ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकोब की धमाकेदार पारियों के दम पर 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने छह विकेट खोकर 19.5 ओवर में 181 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    Image

    यह भी पढ़ें :  Krishak Unnati Yojana : खुशखबरी! किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़, जानें कैसे करें आवेदन और कब तक है मौका

    लड़खड़ाई टीम इंडिया की पारी

    181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का मध्यक्रम एक समय लड़खड़ा गया था। मुकाबला न्यूजीलैंड की पकड़ में जाता दिख रहा था और भारत पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। ऐसे मुश्किल वक्त में तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने मोर्चा संभाला और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पलट दिया। दोनों की इस शानदार बल्लेबाजी (IND Vs NZ 2nd T20) ने भारतीय टीम की जीत की उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने महज 30 गेंदों में 59 रनों की नाबाद साझेदारी कर भारतीय टीम की जीत की राह आसान कर दी। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों में 51 रनों की तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों में 26 रन बनाकर उनका शानदार साथ दिया। दबाव के बीच दोनों की बल्लेबाजी निर्णायक साबित हुई।

    Image

    यह भी पढ़ें : Malaika Arora Birthday : 53 की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा का जलवा बरकरार, साड़ी से ब्लैक और शिमरी आउटफिट तक हर लुक में दिखा ग्लैमर

     

    30 गेंदों में ऐसे पलटा मैच

    जब भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब तिलक और नीतीश ने मैदान पर उतरते ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। तिलक वर्मा का अर्धशतक (IND Vs NZ 2nd T20) और नीतीश रेड्डी की तेजतर्रार पारी ने मुकाबले की तस्वीर बदल दी। दोनों ने तेजी से रन बटोरते हुए भारतीय टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया और आखिरकार जीत दिलाकर ही दम लिया।

     

     

    यह भी पढ़ें :  Seed Production Farming : धान-सब्जी छोड़ बीज उत्पादन अपनाया, प्रति एकड़ कमाई में 75% का उछाल

     

    फिलिप्स-जैकोब ने न्यूजीलैंड को पहुंचाया 180 रन तक

    इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया था। हालांकि, ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकोब ने मजबूत साझेदारी कर टीम को संभाला। फिलिप्स ने 43 गेंदों में 70 रन बनाए, जबकि जैकोब ने 46 गेंदों में 58 रनों की पारी खेली। दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके बावजूद भारतीय टीम की शानदार वापसी (IND Vs NZ 2nd T20) के आगे यह लक्ष्य छोटा पड़ गया।

     

    यह भी पढ़ें : Sophie Choudry Vietnam Vacation : 44 की उम्र में मोनोकनी पहन सोफी चौधरी ने मचाया धमाल

    Image

    सीरीज में भारत की 2-0 की बढ़त

    दूसरे टी20 में चार विकेट से जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी भारतीय टीम के लिए सबसे अहम साबित हुई। मुश्किल परिस्थिति में दोनों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए न्यूजीलैंड के हाथ से जीत छीन ली। भारत की इस जीत (IND Vs NZ 2nd T20) ने सीरीज में टीम की स्थिति मजबूत कर दी है।

     

    यह भी पढ़ें :  Chhattisgarh Foreign Tourists : एक हजार पर्यटन मित्र-दीदी तैयार, फिर भी विदेशी पर्यटकों की राह देख रहे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल

     

  • Krishak Unnati Yojana : खुशखबरी! किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़, जानें कैसे करें आवेदन और कब तक है मौका

    Krishak Unnati Yojana : खुशखबरी! किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़, जानें कैसे करें आवेदन और कब तक है मौका

    छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में धान के बदले दूसरी फसल लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक में कृषि विभाग ने किसानों को योजना से जोड़ने के लिए मैदानी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक एकीकृत किसान पोर्टल या एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा।

    यह भी पढ़ें : Malaika Arora Birthday : 53 की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा का जलवा बरकरार, साड़ी से ब्लैक और शिमरी आउटफिट तक हर लुक में दिखा ग्लैमर

     

    धान के बदले इन फसलों पर मिलेगा प्रोत्साहन

    योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत धान का रकबा घटाकर दलहन, तिलहन, मक्का और मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें भी शामिल हैं। कृषि विभाग का उद्देश्य पानी की खपत कम करने वाली वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में सुधार करना और किसानों की आय बढ़ाना है।

    बरमकेला क्षेत्र में कृषि विभाग का मैदानी अमला गांवों में बैठकें लेकर किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित कर रहा है। किसानों को धान के बजाय दूसरी लाभकारी फसलें अपनाने और योजना के लिए समय पर पंजीयन कराने की जानकारी दी जा रही है।

     

    यह भी पढ़ें : Sophie Choudry Vietnam Vacation : 44 की उम्र में मोनोकनी पहन सोफी चौधरी ने मचाया धमाल

     

    लगातार दूसरी फसल लेने वालों को 10 हजार रुपये

    योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत सहायता राशि का लाभ फसल परिवर्तन के आधार पर दिया जाएगा। इस खरीफ सीजन में धान के बदले मक्का, कपास, रागी या दलहन-तिलहन की खेती करने वाले पात्र किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, जो किसान पिछले वर्ष भी धान के बदले दूसरी फसल ले चुके हैं और इस वर्ष भी इसे जारी रख रहे हैं, उन्हें 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता मिलेगी।

     

    यह भी पढ़ें : Ankita Sharma AK-47 Firing : साड़ी पहनकर AK-47 से हवाई फायरिंग पर महिला एसपी से आईजी ने मांगा स्पष्टीकरण

     

     

    Krishak Unnati Yojana पोर्टल पर पंजीयन कराना जरूरी

    योजना का लाभ लेने के लिए नए और इच्छुक किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल या एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपनी फसलों का ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन नहीं होने पर योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। जिन किसानों ने पिछले वर्ष पंजीयन कराया था, उन्हें भी अपनी फसलों की प्रविष्टियों की जांच कर आवश्यक सुधार कराने की सलाह दी गई है।

     

    यह भी पढ़ें : Manendragarh Bus Accident : छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा, पेड़ से टकराई मिनी बस; 6 की मौत, 39 घायल

     

    Krishak Unnati Yojana 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

    कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना नजदीकी प्राथमिक सहकारी समिति, चॉइस सेंटर (सीएससी) या कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर पंजीयन और फसल प्रविष्टि की प्रक्रिया पूरी कर लें।

    विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को अपनाने से भूजल पर दबाव कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है। कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत मिलने वाली सहायता किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करेगी। समय पर सही फसल प्रविष्टि दर्ज कराने से प्रोत्साहन राशि के भुगतान में तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकता है।

     

    यह भी पढ़ें : CM Helpline Fake Panchnama : नाली साफ किए बिना सचिव ने बनाया पंचनामा, दूसरे गांव के लोगों से कराए हस्ताक्षर

     

     

  • CM Helpline Fake Panchnama : नाली साफ किए बिना सचिव ने बनाया पंचनामा, दूसरे गांव के लोगों से कराए हस्ताक्षर

    CM Helpline Fake Panchnama : नाली साफ किए बिना सचिव ने बनाया पंचनामा, दूसरे गांव के लोगों से कराए हस्ताक्षर

    CM Helpline Fake Panchnama मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दावों के बीच सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायपाली के आश्रित ग्राम जामछापर से शिकायत के निपटारे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से जाम नाली की सफाई कराए बिना ही पंचायत सचिव ने सफाई होने का पंचनामा तैयार कर दिया।

    यह भी पढ़ें : Arun Sao Injured : धार्मिक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव चोटिल, सारे कार्यक्रम किए गए निरस्त

    इतना ही नहीं, पंचनामे पर गांव के प्रभावित लोगों के बजाय दूसरे गांव के पांच लोगों के हस्ताक्षर कराकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद शिकायत दोबारा खुली, लेकिन आरोप है कि सचिव ने वही पुराना पंचनामा फिर अपलोड कर दिया। ग्रामीणों ने मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के इस कथित फर्जीवाड़े (CM Helpline Fake Panchnama) ने पोर्टल पर शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

    यह भी पढ़ें :  Maruti Brezza Sales : मारुति की इस SUV की धूम, 15 लाख गाड़ियां बिकीं, शुरुआती कीमत 7.49 लाख

    CM Helpline Fake Panchnama शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

    मामला जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायपाली के आश्रित ग्राम जामछापर का है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई महीनों से नालियां जाम थीं। गंदा पानी जमा होने और जल निकासी बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से कई बार सफाई कराने की मांग की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कबीरदास पटेल सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत (CM Helpline Fake Panchnama) पर समय रहते वास्तविक कार्रवाई नहीं की गई।

     

    यह भी पढ़ें : India New Zealand Squad : अनुभवहीन गेंदबाजों के भरोसे टीम इंडिया, विश्व कप से पहले बढ़ सकती है मुश्किल

     

    सफाई का दावा, पंचनामे पर दूसरे गांव के लोगों के हस्ताक्षर

    शिकायत के निराकरण के लिए तैयार पंचनामे में कथित तौर पर लिखा गया कि वर्तमान में गंदे पानी का जमाव नहीं है और नाली की साफ-सफाई कर दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह दावा मौके की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता था। उनका कहना है कि पंचनामे पर जामछापर के किसी प्रभावित निवासी के हस्ताक्षर नहीं हैं, बल्कि दूसरे गांव के पांच लोगों से हस्ताक्षर कराए गए। इस कथित फर्जी दस्तावेज (CM Helpline Fake Panchnama) को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी दस्तावेज को पोर्टल पर अपलोड कर शिकायत बंद करा दी गई। इस मामले में पंचायत सचिव की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित सचिव का पक्ष सामने आना बाकी है।

     

    यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Administrative Transfers : छत्तीसगढ़ में 23 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले, अपर कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर तक नई जिम्मेदारी

     

    शिकायतकर्ता के फोन पर असंतोष जताने से दोबारा खुला मामला

    शिकायत बंद होने के बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से शिकायतकर्ता को फीडबैक और पुष्टि के लिए फोन आया। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर बताया कि नाली की सफाई नहीं हुई है। इसके बाद शिकायत दोबारा खोली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दोबारा आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद सचिव ने पुराने पंचनामे को फिर से पोर्टल पर अपलोड कर दिया। शिकायत के दोबारा बंद किए जाने की कोशिश (CM Helpline Fake Panchnama) को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

    दूसरी बार पुष्टि के लिए फोन आने पर भी शिकायतकर्ता ने काम नहीं होने की बात कही। इसके बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के निपटारे में वास्तविक काम के बजाय दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई दिखाने की कोशिश की गई।

     

    यह भी पढ़ें : Kharsia Navratri Dandiya : खरसिया में नवरात्रि का उल्लास, बच्चों की डांडिया प्रस्तुति ने मोहा मन

     

    16 सितंबर को कराई गई नाली की सफाई

    ग्रामीणों के अनुसार, लगातार शिकायत और दो बार फोन पर असंतोष जताने के बाद पंचायत प्रशासन ने 16 सितंबर 2026 को मजदूर लगाकर नाली की सफाई कराई। उनका आरोप है कि यदि शुरुआत में ही शिकायत पर कार्रवाई कर दी जाती तो उन्हें महीनों तक गंदगी और जलभराव की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। सफाई में हुई देरी और शिकायत के कथित गलत निराकरण (CM Helpline Fake Panchnama) की जांच की मांग अब भी उठ रही है।

     

    यह भी पढ़ें : Hyundai Creta Sales : 11 साल में 15 लाख बिक्री, इस SUV कार की बादशाहत बरकरार, जानें क्या है खास

     

    सचिव और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

    मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ और जनपद पंचायत बरमकेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से लिखित शिकायत कर कथित फर्जी पंचनामा तैयार करने, दूसरे गांव के लोगों के हस्ताक्षर कराने और पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने दोषी पाए जाने वाले पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासनिक जांच से ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत में कथित फर्जीवाड़े (CM Helpline Fake Panchnama) की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निराकरण केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर किए गए काम के आधार पर होना चाहिए। मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

     

    यह भी पढ़ें : Renault Duster Hybrid : 29 किमी प्रति लीटर माइलेज वाली एसयूवी की कल होगी एंट्री, क्रेटा-सिएरा की उड़ेगी नींद