HSRP Number Plate : छत्तीसगढ़ में 42 लाख वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रहे
HSRP Number Plate छत्तीसगढ़ की सड़कों पर करीब 42 लाख पुराने वाहन अब भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के बिना दौड़ रहे हैं। वाहन चोरी और फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल पर नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू किया गया अभियान डेढ़ साल बाद भी लक्ष्य से काफी पीछे है। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत 52.48 लाख वाहनों में से अब तक केवल 10.72 लाख वाहनों पर ही प्लेट लगाई जा सकी है। इस तरह सिर्फ 20.44 प्रतिशत वाहनों को ही एचएसआरपी से लैस किया गया है, जबकि 41.76 लाख वाहन अब भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चल रहे हैं। एचएसआरपी अभियान (HSRP Number Plate) की धीमी रफ्तार के कारण निर्धारित समयसीमा में सभी पात्र वाहनों पर प्लेट लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है।
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रायपुर में भी 10 लाख से ज्यादा वाहन बिना प्लेट
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत 13.34 लाख वाहनों में से 3.06 लाख पर एचएसआरपी लगाई जा चुकी है। शेष 10.28 लाख वाहनों पर प्लेट लगना बाकी है। रायपुर में 23.53 प्रतिशत वाहनों पर प्लेट लग चुकी है, जो राज्य के औसत 20.44 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में पुराने वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के संचालित हो रहे हैं। रायपुर में एचएसआरपी (HSRP Number Plate) लगाने की स्थिति प्रदेश के औसत से बेहतर है, लेकिन यहां भी अभियान को गति देने की जरूरत है।
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दो कंपनियों को जिम्मेदारी, फिर भी सुस्त अभियान
पुराने वाहनों पर एचएसआरपी लगाने की जिम्मेदारी दो अधिकृत कंपनियों को सौंपी गई है। आंकड़ों के अनुसार, रियल मेजान इंडिया लिमिटेड ने 23.53 प्रतिशत और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड ने 17.35 प्रतिशत पात्र वाहनों पर प्लेट लगाई है। दिसंबर 2024 में व्यवस्था लागू होने के बाद एक वर्ष के भीतर अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समयसीमा बीतने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन बिना एचएसआरपी के चल रहे हैं। हाई सिक्योरिटी प्लेट अभियान (HSRP Number Plate) में अधिकृत कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि सभी पात्र वाहनों तक पहुंचने और समय पर प्लेट लगाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
प्रदेश में कुल 52.48 लाख पुराने वाहनों में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी करीब 81 प्रतिशत है। यात्री बसों की हिस्सेदारी 0.91 प्रतिशत, चारपहिया वाहनों की 6.90 प्रतिशत और मालवाहक वाहनों की 3.68 प्रतिशत है। वहीं, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच 5.19 लाख नए वाहनों का पंजीकरण हुआ है। विभाग के सामने पुराने वाहनों पर एचएसआरपी लगाने के साथ वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की चुनौती भी है। पुराने वाहनों पर नंबर प्लेट (HSRP Number Plate) लगाने से संबंधित अभियान में बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन शामिल हैं, इसलिए इन वाहन मालिकों तक जानकारी पहुंचाना भी जरूरी है।
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वाहन के अनुसार निर्धारित है शुल्क
एचएसआरपी लगवाने के लिए वाहन की श्रेणी के अनुसार शुल्क तय किया गया है। दोपहिया वाहन मालिकों को 365.80 रुपये, तिपहिया वाहन मालिकों को 427.16 रुपये, कार और हल्के मोटर वाहन मालिकों को 656.08 रुपये तथा अन्य हल्के वाहनों के मालिकों को 705.64 रुपये का भुगतान करना होगा। वाहन मालिकों को अधिकृत माध्यम से प्लेट लगवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एचएसआरपी लगाने का शुल्क (HSRP Number Plate) वाहन की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग निर्धारित किया गया है।
HSRP Number Plate प्लेट लगाने में तेजी लाने के निर्देश
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि अधिकृत कंपनियों को सभी पात्र वाहनों पर एचएसआरपी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं और वाहन मालिकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का लक्ष्य पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया को तेज करना और नियमों के अनुरूप वाहन संचालन सुनिश्चित करना है।











