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  • Sarangarh SP Sunil Sharma : नवपदस्थ सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी सुनील शर्मा का बड़ा एक्शन प्लान, बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल

    Sarangarh SP Sunil Sharma : नवपदस्थ सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी सुनील शर्मा का बड़ा एक्शन प्लान, बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल

    सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा (Sarangarh SP Sunil Sharma) ने पहली प्रेस वार्ता में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने अपराध नियंत्रण, बेसिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। साथ ही बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं देने के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा की।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रथम प्रेस वार्ता (Sarangarh SP Sunil Sharma) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे, एसडीओपी स्नेहिल साहू, डीएसपी संतोषी ग्रेस समेत जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसपी ने पत्रकारों से सहयोग की अपील करते हुए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

     

    बेसिक पुलिसिंग होगी प्राथमिकता

    एसपी सुनील शर्मा ने कहा कि जिले में बेसिक पुलिसिंग (Sarangarh SP Sunil Sharma) को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। अपराधों की रोकथाम, त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

    उन्होंने सभी बीट प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही आम जनता से नियमित संवाद स्थापित कर पुलिस की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ाने की बात कही।

     

    बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल Sarangarh SP Sunil Sharma

    यातायात व्यवस्था को लेकर एसपी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिले में बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं देने का अभियान (New SP Press Conference) चलाया जाएगा। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिगों के वाहन चलाने पर उनके अभिभावकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    प्रेस वार्ता में एसपी ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी थानों में महिला डेस्क को और सक्रिय किया जाएगा। साथ ही जिला स्तर पर परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से पारिवारिक विवादों और संवेदनशील मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा।

     

    सामुदायिक पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

    एसपी (Sarangarh SP Sunil Sharma) ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों के सहयोग से सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को साप्ताहिक जनसुनवाई और स्थानीय स्तर पर शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

     

    डायल-112 रहेगा हर समय अलर्ट

    आपातकालीन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिले में संचालित सभी डायल-112 वाहनों को हर समय अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    एसपी ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान तेज करने की बात कही। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध प्रवासियों की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें। वहीं नशे से संबंधित शिकायतों के लिए 1933 (मानस पोर्टल) पर सूचना देने की भी अपील की गई।

     

     

     

     

  • Chhattisgarh Mausam News : रायगढ़, बलरामपुर समेत 29 जिलों में अगले 3 घंटे आंधी-बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Mausam News : रायगढ़, बलरामपुर समेत 29 जिलों में अगले 3 घंटे आंधी-बारिश का अलर्ट

    छत्तीसगढ़ में सोमवार शाम अचानक मौसम का मिजाज (Chhattisgarh Mausam News) बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने प्रदेश के 29 जिलों के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी (CG Weather Alert) जारी की है। विभाग के अनुसार शाम 7:33 बजे से रात 10:33 बजे तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का खतरा जताया गया है।

    13 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे तक अंधड़ की चेतावनी

    मौसम विभाग (Chhattisgarh Mausam News) ने रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है।

    16 जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

    इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

    बिजली गिरने और नुकसान को लेकर अलर्ट

    मौसम विभाग (Chhattisgarh Mausam News)ने आंधी-तूफान के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने और कमजोर मकानों की छतों को क्षति पहुंचने की आशंका रहती है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित जगहों पर रहें।

    Chhattisgarh Mausam News रात तक सतर्क रहने की अपील

    मौसम विभाग (Chhattisgarh Mausam News) ने रात 10:33 बजे तक जारी अलर्ट के दौरान विशेष सतर्कता बरतने कहा है। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • Ganja Smuggling Exposed : सरिया पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को दबोचा, लाखों का माल जब्त

    Ganja Smuggling Exposed : सरिया पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को दबोचा, लाखों का माल जब्त

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस ने अवैध गांजा (Ganja Smuggling Exposed) तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में धीरज देवांगन उर्फ जितेंद्र (23) निवासी चांपा, जिला जांजगीर-चांपा, सूरज देवांगन (31) निवासी चांपा, जिला जांजगीर-चांपा तथा अनिता मंडल (34) निवासी जलगांव, दर्री, जिला कोरबा शामिल हैं।

     

    पुलिस ने उनके कब्जे से 3 किलो 65 ग्राम गांजा, एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.23 लाख रुपये आंकी गई है। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

     

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    Ganja Smuggling Exposed ओडिशा से कोरबा ले जाया जा रहा था गांजा

    पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय तथा डीएसपी मुख्यालय संतोषी ग्रेस के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। 19 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काले रंग की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (सीजी-11-बीआर-4766) से दो युवक ओडिशा के भुक्ता से गांजा लेकर कंचनपुर होते हुए कोरबा जा रहे हैं।

     

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    नाकाबंदी में पकड़ाए दो तस्कर

    सूचना मिलते ही पुलिस ने थाना के सामने नाकाबंदी की। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान धीरज देवांगन उर्फ जितेंद्र और सूरज देवांगन के रूप में हुई। बाइक की सीट के बीच रखे प्लास्टिक बैग की तलाशी लेने पर तीन पैकेट में कुल 3 किलो 65 ग्राम गांजा (Ganja Smuggling Exposed) बरामद हुआ।

     

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    महिला सप्लायर भी गिरफ्तार

    पूछताछ के दौरान आरोपितों ने खुलासा किया कि गांजा (Ganja Smuggling Exposed) कोरबा जिले के जलगांव निवासी अनिता मंडल के कहने पर ओडिशा के भोलानाथ साह से 21 हजार रुपये में खरीदा गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अनिता मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ 20(बी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

     

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  • CG ASP DSP Transfer  : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 92 ASP-DSP अधिकारियों के तबादले

    CG ASP DSP Transfer  : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 92 ASP-DSP अधिकारियों के तबादले

    छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक स्तर (CG ASP DSP Transfer)   के 92 अधिकारियों का तबादला कर दिया। जारी आदेश के तहत अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    CG ASP DSP Transfer  कई जिलों के अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग

    तबादला सूची (CG ASP DSP Transfer) में विभिन्न जिलों में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP), उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) तथा पुलिस मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सरकार ने पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक फेरबदल किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

    इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी

    जारी आदेश के अनुसार राजेंद्र प्रसाद भैया को पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मैनपाट बनाया गया है। ओपी शर्मा को मुख्यमंत्री सुरक्षा में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं नीरज चंद्राकर को प्रथम वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई-दुर्ग का सेनानी नियुक्त किया गया है।

    इसी प्रकार गायत्री सिंह को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (CG ASP DSP Transfer) (एनएचआरसी) के पद पर पदस्थ किया गया है। सूची में शामिल अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों और इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

    प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा और बल

    राज्य सरकार का कहना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल (CG ASP DSP Transfer) से पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कानून-व्यवस्था के संचालन और पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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  • Mahtari Vandan Yojana Recovery : 27 हजार अपात्र महतारियों पर सरकार का हंटर… करोड़ों रुपये की वसूली शुरू

    Mahtari Vandan Yojana Recovery : 27 हजार अपात्र महतारियों पर सरकार का हंटर… करोड़ों रुपये की वसूली शुरू

    छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana Recovery) में बड़ा खुलासा हुआ है। केवाईसी और दस्तावेजों की जांच के दौरान 27 हजार महिलाएं योजना के लिए अपात्र पाई गई हैं। इन महिलाओं ने पात्र नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया। अब महिला एवं बाल विकास विभाग उनसे करोड़ों रुपये की वसूली कर रहा है।

     

    27 हजार अपात्र, करोड़ों की रिकवरी जारी

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अपात्र हितग्राहियों (Mahtari Vandan Yojana Recovery) से अब तक करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि करीब 8 करोड़ रुपये की राशि की रिकवरी अभी बाकी है। जिलों की बात करें तो रायपुर में सबसे अधिक 2,883, रायगढ़ में 1,017 और नारायणपुर में 404 अपात्र प्रकरण सामने आए हैं।

     

    KYC में खुली बड़ी गड़बड़ी

    केवाईसी प्रक्रिया (Mahtari Vandan Yojana Recovery) के दौरान अपात्र महिलाओं की पहचान हुई। फिलहाल करीब 40 हजार महिलाओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराया है। पहले बिना केवाईसी के भी योजना का लाभ दिया गया था, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है।

     

    68.54 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभ

    वर्तमान में महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana Recovery) के तहत प्रदेश की 68 लाख 54 हजार 3 पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। हालांकि योजना के पहले चरण के बाद नए आवेदन नहीं लिए जाने के कारण सवा लाख से अधिक नवविवाहित महिलाएं अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान नए आवेदन लिए गए, जिसमें दो लाख 25 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

     

    Mahtari Vandan Yojana Recovery दो-दो आवेदन सबसे बड़ा कारण

    विभाग के आंकड़ों के अनुसार अपात्रता का सबसे बड़ा कारण दो या दो से अधिक आवेदन (Mahtari Vandan Yojana Recovery) करना रहा। इस वजह से 15,036 आवेदन निरस्त किए गए। इसके अलावा 6,946 मामले शासकीय सेवक या उनके परिवार से जुड़े मिले। 2,931 आवेदन योजना की पात्रता पूरी नहीं करने के कारण निरस्त हुए। 819 आयकरदाता होने के कारण अपात्र पाए गए। 765 महिलाएं अविवाहित थीं। 370 आवेदकों की उम्र 21 वर्ष से कम थी। 183 महिलाएं छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं थीं।

     

     

     

  • Bilaspur Rain News : न्यायधानी बना जलनगर… सड़कों पर चली नावें, घरों में 4 फीट तक भरा पानी

    Bilaspur Rain News : न्यायधानी बना जलनगर… सड़कों पर चली नावें, घरों में 4 फीट तक भरा पानी

    लगातार हो रही भारी बारिश (Bilaspur Rain News) ने बिलासपुर जिले में हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव के कारण सड़कों पर नावें चलानी पड़ीं, हजारों घरों में चार फीट तक पानी भर गया और लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी। प्रशासन और एसडीआरएफ ने बोट और ट्रैक्टर की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    24 घंटे में 415.6 मिमी बारिश, फिर बिगड़े हालात

    पिछले 24 घंटे में बिलासपुर जिले में 415.6 मिमी बारिश (Bilaspur Rain News) दर्ज की गई। वहीं जांजगीर-चांपा में 170 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 75 मिमी, मुंगेली में 59 मिमी और कोरबा में 47 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    शनिवार सुबह मौसम साफ होने से लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन दोपहर बाद फिर तेज बारिश शुरू होने से जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई।

     

    घरों में चार फीट पानी, सड़कों पर चली नावें

    तिफरा, जरहाभाठा, तालापारा, दयालबंद और सरकंडा समेत कई इलाकों में जलभराव (Bilaspur Rain News) के कारण घरों में चार फीट तक पानी भर गया। लाखों रुपये का घरेलू सामान बर्बाद हो गया और कई परिवारों को छतों पर शरण लेनी पड़ी।

    तेज बहाव के कारण कई वाहन पानी में बह गए। जलमग्न कॉलोनियों में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन और एसडीआरएफ ने बोट और ट्रैक्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जहां भोजन की व्यवस्था की गई।

     

    30 घंटे तक आधा शहर रहा अंधेरे में

    दर्जनों ट्रांसफार्मर पानी में डूबने से शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति (Bilaspur Rain News) 30 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। वहीं कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों के सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

     

    बाजार और उद्योगों को भी भारी नुकसान

    व्यापार विहार सहित शहर के प्रमुख बाजारों में पानी भरने से कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। सिलपहरी और सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्रों के कई कारखानों में पानी घुसने से मशीनें और कच्चा माल खराब हो गया। उद्योग संगठनों ने ड्रेनेज सिस्टम की खामियों और गलत लेवलिंग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

     

    Bilaspur Rain News बाढ़ में फंसे 25 ग्रामीणों का रेस्क्यू

    लगातार बारिश से लीलागर नदी में आई बाढ़ (Bilaspur Rain News) के कारण मस्तूरी तहसील के ग्राम रिसदा में 25 ग्रामीण फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

     

    मुख्यमंत्री ने राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश

    इधर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों (Bilaspur Rain News) में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता बिना किसी देरी के पहुंचाई जाए। साथ ही जलनिकासी, क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली और जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

     

     

     

     

     

  • CG Pensioners News : छत्तीसगढ़ के 4.50 लाख पेंशनरों की बड़ी बाधा दूर, सरकार ने खत्म की 26 साल पुरानी ये व्यवस्था

    CG Pensioners News : छत्तीसगढ़ के 4.50 लाख पेंशनरों की बड़ी बाधा दूर, सरकार ने खत्म की 26 साल पुरानी ये व्यवस्था

    छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनरों (CG Pensioners News) के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों को एक-दूसरे से सहमति लेने की जरूरत नहीं होगी। 26 साल पुरानी सहमति की अनिवार्यता वाली व्यवस्था को छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश ने आपसी सहमति से समाप्त कर दिया है।

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद दोनों राज्य अपनी वित्तीय स्थिति को देखते हुए महंगाई राहत (CG Pensioners News) बढ़ाने का फैसला स्वतंत्र रूप से ले सकेंगे। हालांकि, निर्णय के बाद पड़ने वाले वित्तीय भार की जानकारी एक-दूसरे राज्यों को देनी होगी।

     

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    राज्य पुनर्गठन के बाद बनी थी व्यवस्था

    वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वित्तीय मामलों के लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के तहत दोनों राज्यों के बीच सहमति का प्रावधान रखा गया था।

    इसके तहत वर्ष 2000 से पहले के कर्मचारियों के पेंशन मामलों में वित्तीय भार का फार्मूला तय किया गया था। इसमें 76 प्रतिशत भार मध्यप्रदेश और 24 प्रतिशत छत्तीसगढ़ को उठाना था। इसी व्यवस्था के कारण जब भी केंद्र सरकार पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि करती थी, तो दोनों राज्यों को एक-दूसरे से अनुमति लेनी पड़ती थी।

     

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    अब नहीं लेनी होगी दूसरे राज्य की मंजूरी

    लंबे समय से चली आ रही इस प्रक्रिया को अब समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार पेंशनरों की राहत (Chhattisgarh Pensioners Relief) बढ़ाने के लिए अब छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ से सहमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

    दोनों राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर के अनुसार अपने-अपने पेंशनरों के लिए निर्णय ले सकेंगे। कोई भी राज्य केंद्र द्वारा तय दर से अधिक महंगाई राहत घोषित नहीं करेगा।

    CG Pensioners News प्रशासकीय आदेश से लागू होगी वृद्धि

    नई व्यवस्था के तहत महंगाई राहत में वृद्धि के लिए अब विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य प्रशासकीय आदेश जारी कर अपने पेंशनरों को इसका लाभ दे सकेंगे।

    आदेश के अनुसार वृद्धि से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की जानकारी दोनों राज्यों को साझा करनी होगी। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और छत्तीसगढ़ के पेंशनभोगियों (CG Pensioners News) को राहत मिलने में देरी नहीं होगी।

     

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    लंबे इंतजार के बाद बदली व्यवस्था

    26 साल पुरानी इस व्यवस्था के कारण कई बार केंद्र सरकार द्वारा महंगाई राहत बढ़ाए जाने के बाद भी राज्यों में निर्णय लेने की प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। अब सहमति की बाध्यता खत्म होने से प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

    पेंशनर संगठनों ने भी दोनों राज्यों के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे पेंशनरों को सीधा फायदा (Chhattisgarh Pensioners Relief) मिलेगा और महंगाई राहत से जुड़े फैसले समय पर हो सकेंगे।

    पेंशनर संगठनों ने बताया हित में फैसला

    पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने दोनों राज्यों के निर्णय को पेंशनरों के हित में बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी थी कि दोनों राज्य आपसी सहमति से इस व्यवस्था को समाप्त कर सकते हैं।

    अब सहमति बनने के बाद पेंशनरों की महंगाई राहत (CG Pensioners News) से जुड़ी प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो जाएगी।

     

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  • SIMS Bilaspur : सिम्स में डाक्टरों का कमाल, 6 वर्षीय मासूम की आहार नली से निकाला सिक्का

    SIMS Bilaspur : सिम्स में डाक्टरों का कमाल, 6 वर्षीय मासूम की आहार नली से निकाला सिक्का

    छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स)  बिलासपुर (SIMS Bilaspur)  के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के विशेषज्ञ डाक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली है। बैगा जनजाति के इस बालक ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया था, जो उसकी आहार नली (Food Pipe) में फंस गया था। डाक्टरों की टीम ने बेहद जटिल और आपात स्थिति में सफल आपरेशन (ENT Surgery) कर सिक्के को बाहर निकाल लिया।

    पेंड्रा से सिम्स बिलासपुर किया गया था रेफर

    जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत ग्राम सरगोंड निवासी 6 वर्षीय बालक नरेंद्र खेलते समय सुबह करीब 7 बजे अचानक सिक्का निगल गया। इसके तुरंत बाद उसे कुछ भी निगलने में परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर (SIMS Bilaspur) रेफर कर दिया गया।

    SIMS Bilaspur एक्स-रे से पता चली सिक्के की स्थिति

    बालक को शाम करीब 6.30 बजे सिम्स लाया गया, जिसके बाद अस्पताल का पूरा अमला सक्रिय हो गया। रेडियोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे जांच (X-Ray Examination) कर अन्ननली के ऊपरी भाग में फंसे सिक्के की सही स्थिति की पहचान की।

    जांच (SIMS Bilaspur)  में सामने आया कि सिक्का श्वासनली के मुहाने के ठीक पीछे फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया।

    डाक्टरों के समन्वित प्रयास से मिली सफलता

    इसके बाद (SIMS Bilaspur)  ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक (Rigid Esophagoscopy Technique) के जरिए अत्यंत सावधानी से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आपरेशन के बाद बालक की स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक है।

    विशेषज्ञ डाक्टरों की दक्षता का परिणाम

    इस सफल उपचार पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोलाजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डाक्टरों की दक्षता, आधुनिक तकनीक और आपसी तालमेल के कारण ही इस जटिल आपात चिकित्सा (Medical Emergency) मामले को समय पर सुलझाया जा सका।उन्होंने कहा कि सिम्स (SIMS Bilaspur)  का लक्ष्य हर मरीज को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं देना है।

    चिकित्सा अधीक्षक ने अभिभावकों को दी सलाह

    चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने आगाह किया कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्का, बटन, बैटरी या चुंबक जैसी चीजें निगलना एक गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय सीधे विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना चाहिए।

     सिम्स बिलासपुर में डॉक्टरों का कमाल

    ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की पहुंच से सिक्के, छोटी बैटरी और छोटे खिलौने दूर रखें। यदि बच्चा कोई वस्तु निगल लेता है और उसे लार टपकने, गले में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए तुरंत डाक्टरों से संपर्क करें।

  • Grafted Vegetable Farming : कम लागत, ज्यादा पैदावार… ग्राफ्टेड टमाटर-बैंगन की खेती से बदलेगी किसानों की तस्वीर

    Grafted Vegetable Farming : कम लागत, ज्यादा पैदावार… ग्राफ्टेड टमाटर-बैंगन की खेती से बदलेगी किसानों की तस्वीर

    ग्राफ्टेड सब्जी की खेती (Grafted Vegetable Farming) अब बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के बीच किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। वैज्ञानिक तकनीक से तैयार ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन के पौधे कम लागत में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और रोगों से सुरक्षा देने में कारगर साबित हो रहे हैं। इसी दिशा में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए एक बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    एक लाख से ज्यादा ग्राफ्टेड पौधों का वितरण

    ग्राफ्टेड सब्जी की खेती (Grafted Vegetable Farming) को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधे वितरित किए गए। इनमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर और 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्राफ्टेड पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक रहती है और प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर उत्पादन मिलता है।

    धमतरी में किसानों को मिला वैज्ञानिक प्रशिक्षण

    ग्राफ्टेड सब्जी की खेती (Grafted Vegetable Farming) पर यह एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में आयोजित किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था ने किया। प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

    जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न

    लाइव डेमो से सिखाई आधुनिक खेती

    प्रशिक्षण के दौरान ग्राफ्टेड सब्जी की खेती (Grafted Vegetable Farming) का खेत पर लाइव प्रदर्शन किया गया। किसानों को भूमि की तैयारी, पौधरोपण, मल्चिंग, नमी संरक्षण, जैविक खेती, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), मृदा स्वास्थ्य और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं का मौके पर वैज्ञानिक समाधान भी बताया।

    FPO और PRADAN की साझेदारी बनी ताकत

    ग्राफ्टेड सब्जी की खेती (Grafted Vegetable Farming) को बढ़ावा देने में गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) और प्रदान (PRADAN) संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही। किसानों को उन्नत पौधे, जैविक खाद और पूरे फसल चक्र के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला पंचायत की यह पहल आधुनिक, टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल खेती का नया मॉडल बन रही है।

  • Turmeric Farming : ‘पीली क्रांति’ की शुरुआत, छत्तीसगढ़ का नगरी बनेगा हल्दी उत्पादन का नया हब

    Turmeric Farming : ‘पीली क्रांति’ की शुरुआत, छत्तीसगढ़ का नगरी बनेगा हल्दी उत्पादन का नया हब

    हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) अब किसानों की आय बढ़ाने का नया जरिया बनने जा रही है। गुणवत्तायुक्त बीज, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और संगठित विपणन की मदद से हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) को नई पहचान देने की तैयारी है। इसी कड़ी में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    250 किसानों ने खरीदे 10 टन गुणवत्तायुक्त बीज

    हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) को बढ़ावा देने के लिए अब तक 250 किसानों ने 10 टन गुणवत्तायुक्त हल्दी बीज (राइजोम) खरीदे हैं। इन बीजों से करीब 270 दिनों में 250 टन हल्दी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। खेती के हर चरण में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और फील्ड सपोर्ट भी दिया जाएगा।

    Turmeric Farming धमतरी में किसानों को मिला वैज्ञानिक प्रशिक्षण

    हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम कोर्रेमुडा में आयोजित किया गया। जिला पंचायत, जनपद पंचायत नगरी और प्रदान (PRADAN) संस्था के संयुक्त सहयोग से हुए इस प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड के कृषि मित्रों तथा पीआरपी ने भाग लिया।

    खेती से लेकर प्रसंस्करण तक दी गई पूरी जानकारी

    प्रशिक्षण के दौरान हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) के लिए भूमि की तैयारी, रोगमुक्त बीज का चयन, बीज उपचार, पोषण प्रबंधन, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, फसल संरक्षण, वैज्ञानिक कटाई और कटाई के बाद प्रसंस्करण की तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से उत्पादन के साथ गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

    FPO और PRADAN की साझेदारी से मिलेगा बेहतर बाजार

    हल्दी की वैज्ञानिक खेती (Turmeric Farming) को बढ़ावा देने में गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी (FPO) और प्रदान (PRADAN) संस्था की अहम भूमिका है। कोर्रेमुडा में स्थापित हल्दी प्रसंस्करण इकाई में तैयार उत्पाद का मूल्य संवर्धन किया जाएगा, जबकि विपणन की जिम्मेदारी गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी निभाएगी। इससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।