छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana Recovery) में बड़ा खुलासा हुआ है। केवाईसी और दस्तावेजों की जांच के दौरान 27 हजार महिलाएं योजना के लिए अपात्र पाई गई हैं। इन महिलाओं ने पात्र नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया। अब महिला एवं बाल विकास विभाग उनसे करोड़ों रुपये की वसूली कर रहा है।
27 हजार अपात्र, करोड़ों की रिकवरी जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अपात्र हितग्राहियों (Mahtari Vandan Yojana Recovery) से अब तक करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि करीब 8 करोड़ रुपये की राशि की रिकवरी अभी बाकी है। जिलों की बात करें तो रायपुर में सबसे अधिक 2,883, रायगढ़ में 1,017 और नारायणपुर में 404 अपात्र प्रकरण सामने आए हैं।
KYC में खुली बड़ी गड़बड़ी
केवाईसी प्रक्रिया (Mahtari Vandan Yojana Recovery) के दौरान अपात्र महिलाओं की पहचान हुई। फिलहाल करीब 40 हजार महिलाओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराया है। पहले बिना केवाईसी के भी योजना का लाभ दिया गया था, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है।
68.54 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभ
वर्तमान में महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana Recovery) के तहत प्रदेश की 68 लाख 54 हजार 3 पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। हालांकि योजना के पहले चरण के बाद नए आवेदन नहीं लिए जाने के कारण सवा लाख से अधिक नवविवाहित महिलाएं अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान नए आवेदन लिए गए, जिसमें दो लाख 25 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
Mahtari Vandan Yojana Recovery दो-दो आवेदन सबसे बड़ा कारण
विभाग के आंकड़ों के अनुसार अपात्रता का सबसे बड़ा कारण दो या दो से अधिक आवेदन (Mahtari Vandan Yojana Recovery) करना रहा। इस वजह से 15,036 आवेदन निरस्त किए गए। इसके अलावा 6,946 मामले शासकीय सेवक या उनके परिवार से जुड़े मिले। 2,931 आवेदन योजना की पात्रता पूरी नहीं करने के कारण निरस्त हुए। 819 आयकरदाता होने के कारण अपात्र पाए गए। 765 महिलाएं अविवाहित थीं। 370 आवेदकों की उम्र 21 वर्ष से कम थी। 183 महिलाएं छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं थीं।
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