कृषि समाचार

Mahasamund Tomato Farming  : धान छोड़ टमाटर उगाया, एक एकड़ में कमाया 2.80 लाख का शुद्ध मुनाफा!

Pithora Agri Success Story : पारंपरिक खेती के ढर्रे को छोड़कर आधुनिक तकनीक अपनाने से किसानों (Mahasamund Tomato Farming) की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है, इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बरनाईदादर गांव की महिला किसान मीना पटेल ने। कभी सिर्फ धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने वाली मीना आज ‘ग्राफ्टेड टमाटर’ (कलमी टमाटर) की उन्नत खेती के जरिए सालाना सात गुना से भी अधिक का बंपर मुनाफा कमा रही हैं।

धान में 36 हजार, टमाटर से 2.80 लाख का शुद्ध लाभ

किसान (Mahasamund Tomato Farming) मीना पटेल ने बताया कि उनके पास करीब 4.13 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है, जिस पर वे पहले केवल धान की फसल लिया करती थीं। धान की खेती से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 36 हजार रुपये की सीमित आय होती थी। लेकिन जब उन्होंने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में सिर्फ एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड टमाटर की फसल लगाई, तो उनकी किस्मत ही बदल गई। लागत और मेहनत का पूरा खर्च निकालने के बाद मीना को एक एकड़ से करीब 2.80 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। उन्होंने अपने एक एकड़ के खेत से लगभग 400 क्विंटल टमाटर का रिकॉर्ड उत्पादन लिया।

ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से बंपर पैदावार

मीना पटेल की इस बड़ी सफलता के पीछे आधुनिक कृषि (Mahasamund Tomato Farming) तकनीक का बड़ा हाथ है। उद्यान विभाग की सलाह पर उन्होंने वर्ष 2025-26 में ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत ग्राफ्टेड टमाटर लगाना शुरू किया था। फसल में पानी की बचत और पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) और मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। इससे न केवल सिंचाई के पानी और मजदूरी की भारी बचत हुई, बल्कि टमाटर की गुणवत्ता और उत्पादन भी बेहद शानदार मिला। इस आधुनिक कल्टीवेशन के लिए विभाग की ओर से उन्हें 30 हजार रुपये की अनुदान राशि (सब्सिडी) भी प्रदान की गई थी।

ओडिशा की मंडियों तक फैला कारोबार Mahasamund Tomato Farming

एकड़ भर के खेत से निकले इस भारी-भरकम 400 क्विंटल टमाटर को मीना ने स्थानीय पिथौरा मंडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा की प्रमुख फल-सब्जी मंडियों में भी बेचा। अंतरराज्यीय मंडियों में जशपुर और महासमुंद के टमाटरों की अच्छी साख होने के कारण उन्हें व्यापारियों से बेहद शानदार और मुनाफे वाले दाम मिले।

मीना पटेल की यह शानदार सफलता और आत्मनिर्भरता की कहानी अब बरनाईदादर और आसपास के वनांचल व ग्रामीण क्षेत्रों के दूसरे किसानों (Mahasamund Tomato Farming) के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। मीना की कामयाबी को देखकर इलाके के कई अन्य छोटे-बड़े किसान अब धान की पारंपरिक और कम मुनाफे वाली खेती को छोड़कर उद्यानिकी फसलों (सब्जी-भाजी) और नई कृषि तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16
Apex-hospital
IMG-20260925-WA0009

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button