छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनरों (CG Pensioners News) के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों को एक-दूसरे से सहमति लेने की जरूरत नहीं होगी। 26 साल पुरानी सहमति की अनिवार्यता वाली व्यवस्था को छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश ने आपसी सहमति से समाप्त कर दिया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दोनों राज्य अपनी वित्तीय स्थिति को देखते हुए महंगाई राहत (CG Pensioners News) बढ़ाने का फैसला स्वतंत्र रूप से ले सकेंगे। हालांकि, निर्णय के बाद पड़ने वाले वित्तीय भार की जानकारी एक-दूसरे राज्यों को देनी होगी।
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राज्य पुनर्गठन के बाद बनी थी व्यवस्था
वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वित्तीय मामलों के लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के तहत दोनों राज्यों के बीच सहमति का प्रावधान रखा गया था।
इसके तहत वर्ष 2000 से पहले के कर्मचारियों के पेंशन मामलों में वित्तीय भार का फार्मूला तय किया गया था। इसमें 76 प्रतिशत भार मध्यप्रदेश और 24 प्रतिशत छत्तीसगढ़ को उठाना था। इसी व्यवस्था के कारण जब भी केंद्र सरकार पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि करती थी, तो दोनों राज्यों को एक-दूसरे से अनुमति लेनी पड़ती थी।
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अब नहीं लेनी होगी दूसरे राज्य की मंजूरी
लंबे समय से चली आ रही इस प्रक्रिया को अब समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार पेंशनरों की राहत (Chhattisgarh Pensioners Relief) बढ़ाने के लिए अब छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ से सहमति लेने की जरूरत नहीं होगी।
दोनों राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर के अनुसार अपने-अपने पेंशनरों के लिए निर्णय ले सकेंगे। कोई भी राज्य केंद्र द्वारा तय दर से अधिक महंगाई राहत घोषित नहीं करेगा।
CG Pensioners News प्रशासकीय आदेश से लागू होगी वृद्धि
नई व्यवस्था के तहत महंगाई राहत में वृद्धि के लिए अब विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य प्रशासकीय आदेश जारी कर अपने पेंशनरों को इसका लाभ दे सकेंगे।
आदेश के अनुसार वृद्धि से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की जानकारी दोनों राज्यों को साझा करनी होगी। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और छत्तीसगढ़ के पेंशनभोगियों (CG Pensioners News) को राहत मिलने में देरी नहीं होगी।
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लंबे इंतजार के बाद बदली व्यवस्था
26 साल पुरानी इस व्यवस्था के कारण कई बार केंद्र सरकार द्वारा महंगाई राहत बढ़ाए जाने के बाद भी राज्यों में निर्णय लेने की प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। अब सहमति की बाध्यता खत्म होने से प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
पेंशनर संगठनों ने भी दोनों राज्यों के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे पेंशनरों को सीधा फायदा (Chhattisgarh Pensioners Relief) मिलेगा और महंगाई राहत से जुड़े फैसले समय पर हो सकेंगे।
पेंशनर संगठनों ने बताया हित में फैसला
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने दोनों राज्यों के निर्णय को पेंशनरों के हित में बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी थी कि दोनों राज्य आपसी सहमति से इस व्यवस्था को समाप्त कर सकते हैं।
अब सहमति बनने के बाद पेंशनरों की महंगाई राहत (CG Pensioners News) से जुड़ी प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो जाएगी।
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