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  • Bastar Rose Farming : आखिर कैसे गुलाब की खेती ने बदल दी एक किसान की तकदीर, लाखों में पहुंची कमाई

    Bastar Rose Farming : आखिर कैसे गुलाब की खेती ने बदल दी एक किसान की तकदीर, लाखों में पहुंची कमाई

    गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) अब किसानों के लिए बेहतर आय का नया मॉडल बनकर उभर रही है। वैज्ञानिक खेती, संरक्षित तकनीक और आधुनिक फसल प्रबंधन अपनाकर एक किसान ने सीमित जमीन से लाखों रुपये की कमाई कर मिसाल पेश की है। बस्तर की गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) यह साबित कर रही है कि पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलें किसानों की आय कई गुना बढ़ा सकती हैं।

    संरक्षित खेती से मिला रिकॉर्ड उत्पादन

    गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसान ने 8,000 वर्गमीटर क्षेत्र में संरक्षित खेती की। सिंचाई, संतुलित पोषण प्रबंधन और उन्नत फसल संरक्षण तकनीकों के कारण करीब 1.60 लाख गुलाब के डंठलों का उत्पादन हुआ। बाजार में अच्छी मांग मिलने से उत्पादन का मूल्य लगभग 8 लाख रुपये पहुंचा, जबकि लागत निकालने के बाद 3.80 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

    Bastar Rose Farming किसान ने बनाई नई पहचान

    बस्तर की गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) की यह सफलता बस्तर जिले के कालीपुर गांव के प्रगतिशील किसान विकास कुमार श्रीवास्तव की है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से गुलाब उत्पादन कर यह साबित किया कि कम क्षेत्रफल में भी उच्च मूल्य वाली फसलों से बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। उनकी सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

    उद्यानिकी खेती की ओर बढ़ रहा रुझान

    विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर की गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) जैसे मॉडल किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। संरक्षित खेती, आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर की गई खेती से कम जमीन में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी संभव है। यही वजह है कि क्षेत्र के कई किसान अब पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं।

    अन्य किसानों के लिए बनी प्रेरणा

    बस्तर की गुलाब की खेती (Bastar Rose Farming) से मिली सफलता ने विकास कुमार श्रीवास्तव को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि किसान वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाएं तो खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। अब उनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई किसान भी गुलाब और अन्य व्यावसायिक फसलों की खेती शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

  • 41th Chakradhar Samaroh Raigarh : 14 से रायगढ़ में फिर सजेगा देश का सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच चक्रधर समारोह

    41th Chakradhar Samaroh Raigarh : 14 से रायगढ़ में फिर सजेगा देश का सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच चक्रधर समारोह

    रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान 41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) का आगाज 14 सितंबर से होगा। 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले 41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) को इस बार पहले से अधिक भव्य और यादगार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में कलाकार चयन समिति की बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, कलाकारों के चयन और आयोजन की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    स्थानीय कलाकारों के साथ राष्ट्रीय हस्तियां भी होंगी शामिल

    बैठक में निर्णय लिया गया कि 41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

    शास्त्रीय कला के साथ लोक संस्कृति को मिलेगा सम्मान

    कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि 41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) केवल शास्त्रीय संगीत और नृत्य का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं और नवोदित कलाकारों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

    41th Chakradhar Samaroh Raigarh आयोजन स्थल की तैयारियां तेज

    41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) को लेकर रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सज्जा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, सुरक्षा, पार्किंग, यातायात, पेयजल और स्वच्छता सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    पहले से ज्यादा भव्य होगा आयोजन

    बैठक में आयोजन समिति ने विश्वास जताया कि 41वें चक्रधर समारोह (41th Chakradhar Samaroh Raigarh) सांस्कृतिक गरिमा, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और उच्चस्तरीय प्रस्तुतियों के कारण इस वर्ष नई पहचान बनाएगा। स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों की भागीदारी से समारोह की भव्यता और बढ़ेगी।

    बैठक में मोती महल राजपरिवार से देवेंद्र प्रताप सिंह, उर्वशी देवी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, प्रो. अंबिका वर्मा, अनुपम पाल, भूपेंद्र बरेठ, राजेश डेनियल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

  • Para Taekwondo : जिंदल आशा के विशेष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते तीन पदक

    Para Taekwondo : जिंदल आशा के विशेष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते तीन पदक

    पैरा ताइक्वांडो (Para Taekwondo) में जिंदल आशा (Jindal Asha) के विशेष खिलाड़ियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित पांचवीं पैरा इंडिया ताइक्वांडो राष्ट्रीय प्रतियोगिता (Para India Taekwondo National Championship) में खिलाड़ियों ने एक रजत और दो कांस्य पदक जीतकर रायगढ़ और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन अब विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता (World Para Taekwondo Championship) में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।

    एक रजत और दो कांस्य पदक पर किया कब्जा

    देशभर के विभिन्न राज्यों के लगभग 80 पैरा खिलाड़ियों (Para Taekwondo)  की मौजूदगी वाली इस प्रतियोगिता में जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने लगातार तीसरी बार शानदार प्रदर्शन किया। अफरोज खान ने रजत पदक, जबकि सीतेश चौहान और दीपक चौहान ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया कि उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर विशेष बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

    विश्व प्रतियोगिता में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व Para Taekwondo

    पैरा ताइक्वांडो (Para Taekwondo)   रायगढ़ के कोच मोहन आदित्य ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन आगामी विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता (World Para Taekwondo Championship) के लिए किया जाएगा। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत और जिंदल आशा द्वारा दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का परिणाम है।

    खेल, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस

    शालू जिंदल के मार्गदर्शन में संचालित जिंदल आशा (Jindal Asha) विशेष बच्चों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है। यहां बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं की पहचान कर उन्हें खेल, शिक्षा, कला और कौशल विकास के क्षेत्र में विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

    अधिकारियों ने दी खिलाड़ियों को बधाई

    जिंदल स्टील लिमिटेड (Jindal Steel Limited) रायगढ़ के कार्यकारी निदेशक देबोज्योति रॉय ने खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि जिंदल आशा विशेष बच्चों की प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच बन चुका है। वहीं सीएसआर प्रमुख अपूर्व चौधरी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि विशेष बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करना है। जिंदल आशा के प्रभारी गौरव कपूर ने विश्वास जताया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

  • Makhana Farming : मखाना खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, महिला समूहों को मिलेगा नया रोजगार

    Makhana Farming : मखाना खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, महिला समूहों को मिलेगा नया रोजगार

    मखाना खेती (Makhana Farming) को छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री (Agriculture Minister) रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड स्थित ग्राम छाती में संचालित मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए कहा कि मखाना किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों (Self Help Group) की आर्थिक सशक्तता का मजबूत आधार बन सकता है।

    29 एकड़ में महिला समूह कर रहे सफल खेती

    निरीक्षण के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने मखाना के बीज रोपण, फसल प्रबंधन, फल परिपक्व होने और पारंपरिक तरीके से प्रसंस्करण कर मखाना तैयार करने की पूरी प्रक्रिया देखी। अधिकारियों ने बताया कि मखाना की फसल सामान्यतः छह से आठ माह में तैयार होती है। ग्राम छाती में शैलपुत्री और नई किरण महिला स्व-सहायता समूह (Self Help Group) द्वारा लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक मखाना की खेती की जा रही है। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का स्रोत मिला है।

    प्रसंस्करण और ब्रांडिंग पर रहेगा विशेष जोर

    कृषि मंत्री ने कहा कि मखाना एक उच्च मूल्य वाली पौष्टिक फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition), ब्रांडिंग (Branding) और विपणन (Marketing) को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार हो सकें।

    80 हेक्टेयर में हो रही Makhana Farming, होगा विस्तार

    कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि धमतरी जिले में वर्तमान में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है। वहीं नगरी विकासखंड में 100 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मखाना उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

    मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है। मखाना उत्पादन के विस्तार से किसानों की आय बढ़ेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा और धमतरी जिले को भविष्य में मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

  • Abujhmad Rice : अबूझमाड़ का अरक चावल पहुंचा विधानसभा, दीदियों के पारंपरिक स्वाद ने जीता जनप्रतिनिधियों का दिल

    Abujhmad Rice : अबूझमाड़ का अरक चावल पहुंचा विधानसभा, दीदियों के पारंपरिक स्वाद ने जीता जनप्रतिनिधियों का दिल

    अबूझमाड़ का अरक चावल (Abujhmad Rice) अब छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंच गया है। विधानसभा परिसर में आयोजित विशेष खाद्य प्रदर्शनी में नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र की पारंपरिक खाद्य संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। यहां स्व-सहायता समूह की दीदियों (Self Help Group) द्वारा तैयार किए गए अरक चावल से बनी खीर और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद जनप्रतिनिधियों ने चखा और इसकी जमकर सराहना की। इस आयोजन ने जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कृषि उत्पादों और महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को नई पहचान दिलाई।

    अरक चावल की खुशबू ने सबका मन मोह लिया

    प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण अबूझमाड़ का पारंपरिक अरक चावल (Abujhmad Rice) रहा। हल्के पीले रंग और प्राकृतिक सुगंध के लिए प्रसिद्ध इस चावल से तैयार की गई खीर का स्वाद मंत्रियों, विधायकों और अन्य अतिथियों को बेहद पसंद आया। जनप्रतिनिधियों ने इसे छत्तीसगढ़ की दुर्लभ और अनमोल खाद्य विरासत बताते हुए इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

    पारंपरिक खेती की पहचान बना अरक चावल

    अरक चावल (Arak Rice) बिना उबाले गए धान से तैयार किया जाता है। पारंपरिक खेती की पद्धति से तैयार होने वाला यह चावल अपने खिले हुए दानों, प्राकृतिक सुगंध और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है। पकने के दौरान इसकी भीनी-भीनी खुशबू पूरे वातावरण को महका देती है, जिससे इसकी अलग पहचान बनती है।

    वनांचल से विधानसभा तक पहुंची परंपरा

    अबूझमाड़ (Abujhmad Rice)  के दूरस्थ वनांचल से पारंपरिक व्यंजनों को विधानसभा तक पहुंचाने में वन मंत्री केदार कश्यप और नारायणपुर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन और प्रयासों से स्थानीय उत्पादों तथा जनजातीय खाद्य संस्कृति को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। इस पहल को स्थानीय किसानों और महिलाओं के लिए भी बड़ा अवसर माना जा रहा है।

    Abujhmad Rice महिला समूहों को मिला नया मंच

    इस आयोजन के माध्यम से स्व-सहायता समूह की दीदियों (Self Help Group) को अपनी पारंपरिक कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। महिलाओं ने बताया कि यदि स्थानीय उत्पादों को उचित मंच और बाजार मिले तो वनांचल की पारंपरिक विरासत राष्ट्रीय स्तर तक अपनी अलग पहचान बना सकती है। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

    स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

    इस पहल से अबूझमाड़ (Abujhmad Rice) के पारंपरिक कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय किसानों, महिला समूहों और जनजातीय समुदायों को बाजार उपलब्ध होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

  • Raigarh Flood Alert  : 17 बाढ़ प्रभावित गांवों पर रहेगी विशेष नजर, 24 घंटे चलेगी कंट्रोल रूम हेल्पलाइन

    Raigarh Flood Alert : 17 बाढ़ प्रभावित गांवों पर रहेगी विशेष नजर, 24 घंटे चलेगी कंट्रोल रूम हेल्पलाइन

    सक्रिय मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन (Raigarh Flood Alert) और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। बैठक में राहत-बचाव, डेंगू नियंत्रण (Dengue Control), स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

    17 बाढ़ प्रभावित गांवों की होगी विशेष मॉनिटरिंग

    बैठक में हीराकुंड बांध के जलभराव से प्रभावित 17 गांवों (Raigarh Flood Alert) की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए गए। इन गांवों में जलस्तर पर लगातार नजर रखने, समय पर लोगों तक सूचना पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखने को कहा गया। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    Raigarh Flood Alert   राहत शिविरों की भी तैयारी

    रायगढ़ नगर निगम (Raigarh Municipal Corporation) क्षेत्र के सभी 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और निगम के चारों जोन में विशेष प्रभारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप, आपातकालीन टीम, नालों की सफाई और राहत-बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखने को कहा गया। साथ ही संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों के लिए सामुदायिक भवनों सहित उपयुक्त स्थानों को चिन्हित करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।

    डेंगू और सर्पदंश पर स्वास्थ्य विभाग रहेगा हाई अलर्ट

    स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को मानसून के दौरान पूरी तरह अलर्ट (Raigarh Flood Alert) रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 और 20 में डेंगू नियंत्रण (Dengue Control) के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां और एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venom) उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए भी विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

    24 घंटे संचालित होगी बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन

    कलेक्टर ने जिले में उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्सी और राहत सामग्री की समीक्षा करते हुए सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। आम नागरिकों की सहायता के लिए जिला बाढ़ (Raigarh Flood Alert) नियंत्रण हेल्पलाइन (Flood Control Helpline) 07762-223750 को 24 घंटे संचालित रखने और कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने को कहा गया।

    एसएसपी ने दिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, त्वरित पुलिस सहायता और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपदा की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए।

  • Adani Foundation : उत्थान परियोजना से 34 स्कूलों को नई सौगात, 1,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    Adani Foundation : उत्थान परियोजना से 34 स्कूलों को नई सौगात, 1,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation) ने उत्थान परियोजना (Utthan Project) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ रायगढ़ क्षेत्र के 34 स्कूलों में शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में नई पहल शुरू की है। परियोजना के अंतर्गत शाला प्रवेशोत्सव और पालक-शिक्षक बैठकों का आयोजन किया गया। वर्तमान में 22 प्राथमिक, 8 पूर्व माध्यमिक और 4 हाई स्कूलों के 1,800 से अधिक विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

    750 डेस्क-बेंच से बदलेगा स्कूलों का शिक्षण वातावरण

    अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation) द्वारा संचालित परियोजना के तहत 750 नए डेस्क-बेंच के वितरण और स्थापना का कार्य शुरू कर दिया गया है। बड़े भंडार, बुंगा, सुपा, चंदली, गोर्रा, टपरदा, कलमा, पुसलदा और महादेवपाली सहित कई स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण में बड़े भंडार हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थापना का कार्य चल रहा है। इस पहल से 1,500 से अधिक विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधाजनक शिक्षण वातावरण मिलेगा।

    स्मार्ट टीवी, पुस्तकालय और जल संरक्षण पर भी फोकस

    उत्थान परियोजना (Utthan Project) के तहत पहले ही स्कूलों में स्मार्ट टीवी, डेस्क-बेंच, स्कूल बैग, स्टेशनरी सामग्री और पुस्तकालय संसाधन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं नए सत्र में बड़े भंडार, सुपा, बुंगा और चंदली के हाई स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (Rain Water Harvesting) संरचनाएं भी बनाई जाएंगी। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

    बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष पहल

    परियोजना के अगले चरण में सभी विद्यार्थियों को स्कूल बैग, स्टेशनरी किट और अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूलों में अध्ययनरत किशोरी बालिकाओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्हें हेल्थ एंड हाइजीन किट (Health and Hygiene Kit) भी वितरित की जाएगी, ताकि उनके स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके।

    Adani Foundation ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाने का लक्ष्य

    अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation) के प्रवक्ता ने कहा कि उत्थान परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके समग्र विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराना है।

  • Chhattisgarh 14 April Holiday  :  छत्तीसगढ़ में 14 अप्रैल को नहीं होंगे सरकारी कामकाज, स्कूल-दफ्तर और बैंक रहेंगे बंद

    Chhattisgarh 14 April Holiday  :  छत्तीसगढ़ में 14 अप्रैल को नहीं होंगे सरकारी कामकाज, स्कूल-दफ्तर और बैंक रहेंगे बंद

    Public Holiday : इस सप्ताह 14 अप्रैल (Chhattisgarh 14 April Holiday) को छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज नहीं होंगे। राज्य सरकार ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दिन शासकीय कार्यालयों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और बैंक भी बंद रहेंगे।

    14 अप्रैल (Chhattisgarh 14 April Holiday) को पूरे देश में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी। इसे लेकर केंद्र सरकार ने देशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। छत्तीसगढ़ में जगह-जगह स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। पूरा प्रदेश इस दिन को सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों के प्रतीक के रूप में मनाता है।

    बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर

    सार्वजनिक अवकाश का लाभ सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। जारी आदेश के अनुसार बैंक और स्कूल भी बंद रहेंगे। इन संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी सार्वजनिक अवकाश का लाभ मिलेगा। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) ने आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिसमें 14 अप्रैल को सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अवकाश घोषित किया गया है। मंत्रालय ने सभी विभागों और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश की जानकारी समय रहते कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए।

    किन-किन संस्थानों में रहेगा अवकाश

    सरकार द्वारा घोषित इस अवकाश का लाभ देशभर के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। सभी मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) और औद्योगिक प्रतिष्ठान इस आदेश के दायरे में आएंगे। ऐसे में 14 अप्रैल को सरकारी कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि आवश्यक सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।

    Holiday List 2026 वर्ष 2026 में कुल 107 दिनों की छुट्टियां

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार इस साल कर्मचारियों को 107 दिनों की छुट्टियां मिलेंगी। पब्लिक और ऑप्शनल छुट्टियों की सूची गजट में प्रकाशित की जा चुकी है। सरकारी आदेश के मुताबिक इस साल 18 पब्लिक हॉलिडे, 28 जनरल हॉलिडे (शनिवार और रविवार को छोड़कर) और 61 ऑप्शनल हॉलिडे शामिल हैं।

    अप्रैल 2026 – छत्तीसगढ़ की सरकारी छुट्टियां

    मुख्य सरकारी छुट्टियां Chhattisgarh 14 April Holiday

    3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे
    14 अप्रैल (मंगलवार) – अंबेडकर जयंती

    इसके अलावा Chhattisgarh 14 April Holiday

    1 अप्रैल 2026 – बैंक/ऑफिस – आम छुट्टी नहीं

    वीकेंड (शनिवार + रविवार)
    शनिवार: 4, 11, 18, 25
    रविवार: 5, 12, 19, 26

     

  • Chhattisgarh Road Accident : छत्तीसगढ़ में भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

    Chhattisgarh Road Accident : छत्तीसगढ़ में भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

    Chhattisgarh Road Accident : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना (Chhattisgarh Road Accident) सामने आई। यहां नेशनल हाईवे-30 पर दो कारों की सीधी टक्कर में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के नथिया नवागांव गांव के समीप हुआ।

    शादी समारोह से लौट रहा था परिवार

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चरामा क्षेत्र के उदकुड़ा गांव का मांडवी परिवार एक विवाह कार्यक्रम से लौट रहा था। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही दूसरी कार से जबरदस्त भिड़ंत (Chhattisgarh Road Accident) हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    Chhattisgarh Road Accident  एक मासूम समेत 6 लोगों की मौके पर मौत

    इस भीषण दुर्घटना (Chhattisgarh Road Accident) में एक कार में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं, एक बच्चा और दो पुरुष शामिल हैं। वहीं एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरी कार में सवार दो लोग भी गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को इलाज के लिए कांकेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच (Chhattisgarh Road Accident) जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

     

     

  • Raipur Baby Found News : बस स्टैंड पर 6 माह के नवजात को छोड़कर फरार हुआ शख्स

    Raipur Baby Found News : बस स्टैंड पर 6 माह के नवजात को छोड़कर फरार हुआ शख्स

    Raipur Crime News : राजधानी के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक (Raipur Baby Found News) अज्ञात व्यक्ति द्वारा करीब छह माह के नवजात शिशु को बस स्टॉप पर छोड़कर फरार होने की घटना सामने आई। यह नवजात शिशु मिलने का मामला अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले की रहने वाली हेमिन नेताम पचपेड़ी नाका ओवरब्रिज के पास बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उसके पास आया और एक नवजात शिशु को यह कहते हुए थमा दिया कि वह अभी वापस आ रहा है। साथ ही उसने बच्चे के कपड़े, खिलौने और कुछ कागजात से भरा बैग भी उसे सौंप दिया। इसके बाद वह व्यक्ति मौके से फरार हो गया। इस तरह बस स्टैंड पर नवजात छोड़ने की घटना (Raipur Baby Found News) बन गई।

    बताया गया कि हेमिन नेताम बच्चे को लेकर अपनी एक परिचित के घर चली गई, जहां करीब 9 से 10 दिन तक नवजात उसके पास रहा। बाद में उसने इस संबंध में थाना रूद्री (धमतरी) में सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने हस्तक्षेप किया और नवजात शिशु परित्याग का यह मामला (Raipur Baby Found News) प्राथमिकता में लिया गया।

    संदेह की स्थिति बनी रही Raipur Baby Found News

    जांच के दौरान हेमिन नेताम के बयान और काउंसलिंग में कुछ विसंगतियां सामने आईं, जिससे मामले में संदेह की स्थिति बनी रही। हालांकि यह स्पष्ट हुआ कि नवजात शिशु को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ही छोड़ा गया है। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए और मामला आगे बढ़ाया गया।

    बाल कल्याण समिति ने नवजात का नाम ‘शुभम’ रखा है और फिलहाल उसे संरक्षण में रखा गया है। बच्चे के असली माता-पिता की पहचान के लिए समाचार पत्रों में सूचना भी प्रकाशित की गई, लेकिन अब तक कोई सामने नहीं आया है। इस नवजात मिलने का मामला (Raipur Baby Found News) अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

    कानूनी प्रावधानों के तहत, यदि किसी नवजात के अभिभावक सामने नहीं आते हैं, तो उसे “लीगल फ्री” घोषित कर दत्तक ग्रहण के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इस मामले में भी यही प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि बच्चे को सुरक्षित भविष्य मिल सके।

    इधर, न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है, जहां मासूम बच्चों को इस तरह छोड़ देना गंभीर अपराध है और ऐसे नवजात परित्याग के मामले (Raipur Baby Found News) को सख्ती से लिया जा रहा है।