छत्तीसगढ़

Ready-to-Eat Scheme : कुपोषण से जंग…! 6 जिलों के 42 स्व-सहायता समूह बनाएंगे पोषण आहार

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर (Ready-to-Eat Scheme) करने और महिला सशक्तिकरण को मजबूत आधार देने के उद्देश्य से पूरक पोषण आहार निर्माण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने रेडी-टू-ईट फूड निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट परियोजना शुरू की है।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (1)

इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार-भाठापारा, कोरबा और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पौष्टिक आहार का निर्माण अब स्थानीय महिला समूहों द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पोषण उपलब्ध कराना नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (Ready-to-Eat Scheme) के निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को यह कार्य दिया गया है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति अभियान को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन शुरू कर दिया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में 10 स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण कार्य सौंपा गया है। इसी प्रकार रायगढ़ में 10, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा में 7-7, बस्तर जिले में 6 तथा दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूहों को उत्पादन एवं वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी समूह आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (Ready-to-Eat Scheme) तैयार कर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पहुंचाएंगे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इस योजना से महिला समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ अपनी आय भी बढ़ा सकेंगी। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत होगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के लिए 6 जिले के 42 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण का कार्य

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिणामोन्मुखी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। रेडी-टू-ईट उत्पादन की यह व्यवस्था प्रदेश के पोषण स्तर में सुधार लाने और कुपोषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

योजना का उद्देश्य Ready-to-Eat Scheme

राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई रेडी-टू-ईट योजना का मुख्य उद्देश्य कुपोषण कम करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आहार निर्माण से गुणवत्ता, निगरानी और रोजगार तीनों को मजबूती मिलेगी। आंगनबाड़ी बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं तक ताजा एवं पौष्टिक आहार पहुंचाने की व्यवस्था इस योजना की प्रमुख विशेषता है।

महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के लिए 6 जिले के 42 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण का कार्य

महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल Ready-to-Eat Scheme

रेडी-टू-ईट निर्माण कार्य मिलने से महिला समूहों की नियमित आय सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं की भागीदारी विकास प्रक्रिया में बढ़ेगी। स्थानीय उत्पादन मॉडल से परिवहन लागत कम होगी और पोषण कार्यक्रम अधिक प्रभावी तरीके से लागू हो सकेगा।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button