Grafted Brinjal Farming : किसान ने अपनाई ग्राफ्टेड बैंगन की खेती, एक एकड़ में 146 क्विंटल उपज और 4.38 लाख की बिक्री
Grafted Brinjal Farming परंपरागत धान की खेती के साथ उन्नत उद्यानिकी फसल अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने किसानों को फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन बढ़ाने का अवसर दिया है। इसी तरह किसान मकरध्वज ने उन्नत पौध सामग्री और ड्रिप सिंचाई का उपयोग कर एक एकड़ में करीब 146 क्विंटल बैंगन का उत्पादन किया।

30 हजार रुपये की मिली सहायता
किसान मकरध्वज ने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैंगन/टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन का लाभ लिया। योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया। उन्होंने विभागीय मार्गदर्शन में उन्नत पौध सामग्री के साथ ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीक अपनाई। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती (Grafted Brinjal Farming) के जरिए उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसल का उत्पादन शुरू किया।
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एक एकड़ में 146 क्विंटल उत्पादन
महासमुन्द जिले के बसना विकासखंड के ग्राम अंकोरी निवासी किसान मकरध्वज के पास कुल 0.40 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। इसके बाद उन्होंने एक एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती (Grafted Brinjal Farming) की, जिससे करीब 146 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। बैंगन का विक्रय लगभग 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया गया।
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फसल विविधीकरण से बढ़ी आय की संभावना
146 क्विंटल उपज और 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर के आधार पर कुल बिक्री करीब 4.38 लाख रुपये बैठती है। विभागीय जानकारी के अनुसार, उन्नत उद्यानिकी तकनीक और फसल विविधीकरण ने मकरध्वज की कृषि आय बढ़ाने का रास्ता तैयार किया। ड्रिप सिंचाई से फसल प्रबंधन को बेहतर बनाने में भी उन्हें मदद मिली। आधुनिक तकनीक से बैंगन उत्पादन (Grafted Brinjal Farming) ने उनकी खेती में नया विकल्प जोड़ा है।
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दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित
मकरध्वज नई कृषि तकनीकों और उद्यानिकी पद्धतियों की जानकारी लेने के लिए विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। वे समय-समय पर शासन की योजनाओं का लाभ भी लेते हैं। उन्नत बैंगन उत्पादन (Grafted Brinjal Farming) के अपने अनुभव से वे गांव और आसपास के किसानों को भी उद्यानिकी फसल अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रक्षेत्र का अन्य किसान भ्रमण कर ग्राफ्टेड बैंगन की खेती की तकनीक, फसल प्रबंधन और उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इस तरह मकरध्वज खुद उन्नत खेती करने के साथ आसपास के किसानों के बीच भी नई उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने का संदेश दे रहे हैं।
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योजना और तकनीक का साथ
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिले अनुदान, उन्नत पौध सामग्री और ड्रिप सिंचाई के उपयोग ने मकरध्वज को ग्राफ्टेड बैंगन उत्पादन का अवसर दिया। किसान की उन्नत खेती (Grafted Brinjal Farming) की यह कहानी फसल विविधीकरण के जरिए कृषि में नए विकल्प तलाशने की दिशा को सामने रखती है।











