Horticulture Scheme : एक फसल से 4 लाख की कमाई, उद्यानिकी योजना ने किसान की बदल दी पूरी तस्वीर
Horticulture Scheme कभी सालभर में 55 से 60 हजार रुपये कमाने वाले किसान की आमदनी अब करीब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है। खेती से बढ़ी कमाई के पीछे आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का बड़ा योगदान रहा।
Horticulture Scheme खेती से बढ़ी कमाई
पहले किसान केवल एक मौसमी फसल पर निर्भर था। सिंचाई की पर्याप्त सुविधा और कृषि उपकरण नहीं होने से दूसरी फसल लेना मुश्किल था। अब आधुनिक तकनीक की मदद से वर्षभर मौसमी और नकदी सब्जियों की तीन फसलें ली जा रही हैं। ड्रिप सिंचाई से पानी और उर्वरक की बचत हुई। प्लास्टिक मल्चिंग से खरपतवार नियंत्रण में मदद मिली। वहीं ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। तीन फसलों से बढ़ी आय (Horticulture Scheme) ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
कोरबा के किसान की कहानी
यह बदलाव कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम बोइदा के सराईपाली निवासी कन्हैया लाल पटेल के जीवन में आया है। पहले वे पारंपरिक तरीके से केवल धान की एक मौसमी फसल लेते थे। जुताई के लिए किराए के ट्रैक्टर पर निर्भरता और कृषि आदानों की बढ़ती लागत के कारण खेती से होने वाला लाभ सीमित था। छह सदस्यीय परिवार के भरण-पोषण में भी उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh School Holiday : भारी बारिश के चलते कल प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश, सीएम साय ने दिए निर्देश
आधुनिक तकनीक का सहारा
कन्हैया लाल को उद्यानिकी विभाग के मैदानी तकनीकी कर्मचारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी पोंडी (लाफा) में आवेदन किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग और पावर टिलर की सुविधा मिली। वर्ष 2026 में उन्नत ग्राफ्टेड बैंगन के पौधों और बांस-बल्ली के लिए भी विभागीय अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिला लाभ (Horticulture Scheme) खेती के तरीके बदलने में अहम साबित हुआ।
आय पहुंची 4 लाख Horticulture Scheme
आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद कन्हैया लाल अब साल में तीन चक्रों में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आय 55-60 हजार रुपये से बढ़कर करीब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है। आय बढ़ने के बाद उन्होंने कृषि उपज के परिवहन के लिए अपना पिकअप वाहन खरीदा। निजी उपयोग के लिए दोपहिया वाहन भी लिया है। उनका नया पक्का मकान निर्माणाधीन है और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में भी सक्षम हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें : Bilaspur Corporation Bribery : 10 हजार की रिश्वत लेते निगम कर्मचारी गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा
Horticulture Scheme अब तीन फसलें
ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से खेती में लागत और पानी के प्रबंधन में मदद मिली। ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर उत्पादन मिला। अब मौसमी और नकदी सब्जियों की तीन फसलें लेकर वे सालभर खेती से आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। आधुनिक खेती से बढ़ा आत्मविश्वास (Horticulture Scheme) इतना बढ़ा कि अब कन्हैया लाल आसपास के किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं।
खरीदा पिकअप वाहन Horticulture Scheme
कन्हैया लाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग से मिली ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और पावर टिलर जैसी सुविधाओं के साथ तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा बदल दी। ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर उत्पादन मिला और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। उनका कहना है कि मेहनत के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। खेती बनी आत्मनिर्भरता का आधार (Horticulture Scheme) और अब वे दूसरे किसानों को भी इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं।
एक से तीन फसल तक
कन्हैया लाल पटेल की सफलता बताती है कि आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधा और शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ मिलने से पारंपरिक खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। एक फसल पर निर्भर किसान का तीन फसल तक पहुंचना और आय में कई गुना बढ़ोतरी इसका उदाहरण है।











