Water Harvesting Sarangarh : सारंगढ़-बिलाईगढ़ में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग, सरिता मल्होत्रा ने डिप्टी सीएम अरुण साव को लिखा पत्र
Water Harvesting Sarangarh सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और बारिश के पानी के संरक्षण को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव एवं पूर्व पार्षद प्रत्याशी सरिता मल्होत्रा ने उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को पत्र लिखा है। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है।
उन्होंने जल संरक्षण (Water Harvesting Sarangarh) को लेकर स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग रखी है। सरिता मल्होत्रा ने पत्र में कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी नालियों और सड़कों पर बहकर व्यर्थ चला जाता है, जबकि गर्मी के दिनों में जिले के लोगों को जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट की समस्या से जूझना पड़ता है। उनका कहना है कि वर्षा जल को वैज्ञानिक तरीके से सहेजकर जमीन में उतारा जाए तो इसका दीर्घकालिक लाभ जिले की जनता को मिल सकता है।
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सरकारी भवनों में अनिवार्य हो व्यवस्था
सरिता मल्होत्रा ने मांग की है कि जिले के सभी सरकारी भवनों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, पार्कों और खेल मैदानों में चरणबद्ध तरीके से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाए। उनके अनुसार, सरकारी परिसरों से इसकी शुरुआत होने पर वर्षा जल संरक्षण (Water Harvesting Sarangarh) को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिल सकता है।
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जलभराव वाले स्थानों पर बनें रीचार्ज पिट
पत्र में उन्होंने कहा है कि जिन स्थानों पर बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है, वहां केवल पानी की निकासी की व्यवस्था करने के बजाय Recharge Pit, Recharge Well और Percolation Pit जैसी संरचनाएं तैयार की जाएं। इससे बारिश के पानी को जमीन में उतारने और भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिल सकती है।
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नए भवनों और कॉलोनियों में लागू हो नियम
कांग्रेस प्रदेश सचिव ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में बनने वाले नए भवनों, व्यावसायिक परिसरों, कॉलोनियों और प्लॉटिंग परियोजनाओं में भवन स्वीकृति के साथ ही जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि नई निर्माण परियोजनाओं में पहले से जल संरक्षण (Water Harvesting Sarangarh) की व्यवस्था शामिल की जानी चाहिए।
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Water Harvesting Sarangarh ड्रेनेज और हार्वेस्टिंग का बने संयुक्त मॉडल
सरिता मल्होत्रा ने पत्र में जलभराव वाले चौक-चौराहों और सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ा जाए, ताकि बारिश का पानी बहकर बर्बाद होने के बजाय उपयोगी तरीके से जमीन में पहुंचाया जा सके।
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Water Harvesting Sarangarh पुराने भवनों का सर्वे कराने की मांग
कांग्रेस नेत्री ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पुराने भवनों का सर्वे कराने और प्राथमिकता के आधार पर उनमें जल संरक्षण की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को सड़क पर बहाकर व्यर्थ करने के बजाय जमीन के अंदर उतारकर भविष्य के लिए बचाने की जरूरत है। उनके अनुसार, जल संकट से निपटने के लिए (Water Harvesting Sarangarh) को केवल नए निर्माण तक सीमित न रखकर पुराने भवनों में भी लागू किया जाना चाहिए। सरिता मल्होत्रा ने कहा, “बारिश का पानी सड़क पर बहाकर नहीं, बल्कि जमीन के अंदर उतारकर भविष्य के लिए बचाया जाना चाहिए।”
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