Horticulture Scheme : धान के भरोसे से आगे बढ़ी खेती, सब्जियों से परिवार की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
Horticulture Scheme खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक किसानों के लिए नए अवसर खोल रही है। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत पौध सामग्री, कृषि उपकरणों और खेतों की सुरक्षा के लिए अनुदान दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिलने वाली सहायता से किसान पारंपरिक खेती के साथ सब्जियों का उत्पादन कर आमदनी बढ़ा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : Ambikapur Road Repair : अरुण साव के निर्देश पर सड़कों की मरम्मत शुरू, 3 करोड़ होंगे खर्च
Horticulture Scheme अनुदान से मिली मदद
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के तहत पोल फेंसिंग, पावर स्प्रेयर और ग्राफ्टेड बैंगन के पौधों के लिए 24 हजार रुपये का अनुदान दिया गया। इन सुविधाओं से किसानों को खेती के तरीके बदलने, सब्जी उत्पादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण अपनाने में मदद मिल रही है।
यह भी पढ़ें : Mahasamund Patwari Suspension : राजस्व कार्यों में लापरवाही पर 5 पटवारी निलंबित
धान के साथ सब्जी उत्पादन Horticulture Scheme
इन्हीं योजनाओं का लाभ लेकर कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड के ग्राम कुमगरी निवासी किसान सुमरन सिंह कंवर ने अपनी खेती का विस्तार किया। पहले वे पारंपरिक तरीके से केवल एक मौसमी धान की फसल लेते थे। सिंचाई सुविधाओं, तकनीकी जानकारी और आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण उत्पादन सीमित रहता था और परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था।
यह भी पढ़ें : Janpad Panchayat CEO News : ट्रांसफर की अनदेखी पर 3 जनपद सीईओ निलंबित
Horticulture Scheme साल में तीन फसलें
सुमरन सिंह कंवर अब धान के साथ मौसमी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं। वे साल में तीन फसलें ले रहे हैं। इससे उत्पादन और फसलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उनकी वार्षिक आय बढ़कर करीब 2.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उद्यानिकी योजनाओं (Horticulture Scheme) से मिली सहायता ने खेती को अधिक लाभकारी बनाने में भूमिका निभाई है।
बच्चों की पढ़ाई, पक्का मकान Horticulture Scheme
खेती से होने वाली बेहतर आमदनी का लाभ अब परिवार के जीवन में भी दिखाई देने लगा है। सुमरन अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं और पक्का मकान भी बनवा रहे हैं। कृषि कार्यों से दूसरे लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। वे गांव के अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाकर आमदनी बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सुमरन सिंह कंवर ने बताया कि पहले वे केवल धान की खेती करते थे, लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से सहायता मिलने के बाद उन्होंने सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। अब साल में तीन फसलें लेकर करीब 2.20 लाख रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से करा पा रहे हैं और पक्का मकान बनाने का सपना भी पूरा हो रहा है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Teacher Recruitment Exam : हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, 3,946 पदों की भर्ती प्रभावित












One Comment