Mahtari Vandan 31st Installment : प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त
रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त पहुंच गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डौंडीलोहारा में आयोजित समारोह में 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये अंतरित किए। सितंबर में मिलने वाली किस्त इस बार त्योहार से पहले जारी की गई है। समारोह में बालोद जिले को विकास कार्यों की सौगात भी मिली।
Mahtari Vandan 31st Installment रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता पहुंच गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में 31वीं किस्त के रूप में 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये अंतरित किए। सितंबर में मिलने वाली राशि इस बार पहले ही जारी कर दी गई।
रक्षाबंधन से पहले मिली सितंबर की किस्त
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।
रक्षाबंधन को देखते हुए सितंबर की महतारी वंदन राशि (Mahtari Vandan 31st Installment) 25 अगस्त को ही खातों में भेजने का निर्णय लिया गया। इससे त्योहार से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
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बालोद की 2.45 लाख महिलाओं को भी लाभ
इस बार बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों के खातों में भी राशि अंतरित की गई। प्रदेशभर में कुल 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं को इसका लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने समारोह में महिलाओं से संवाद कर योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव भी सुने। महिलाओं ने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और बचत जैसे कामों में मदद मिल रही है।
पांच महिलाओं से मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद
समारोह में मुख्यमंत्री ने योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि नियमित राशि मिलने से उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला योजना की राशि बचाकर परिवार का भविष्य सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो योजना का उद्देश्य पूरा होता है। महतारी वंदन लाभार्थी (Mahtari Vandan 31st Installment) महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
30 किस्तों में दी जा चुकी है 19,444 करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। इससे पहले 30 किस्तों में करीब 19,444 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि योजना केवल नियमित आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। महतारी वंदन भुगतान (Mahtari Vandan 31st Installment) का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों और परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण खर्चों में कर रही हैं।
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13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों से जुड़कर अपनी पहचान बना रही हैं। ड्रोन दीदी पहल के तहत महिलाएं खेतों में खाद और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर आय भी अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण (Mahtari Vandan 31st Installment) की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
बालोद को 102 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने बालोद जिले में करीब 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की गई। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय में नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की भी घोषणा की गई।
सड़क और पुल निर्माण के कार्य भी मंजूर
डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर पांच करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण की घोषणा की गई। विकासखंड में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण भी कराया जाएगा।
इसके अलावा 3.2 करोड़ रुपये की लागत से उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।
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बस्तर में विकास की नई संभावनाओं का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति के साथ पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुल रही हैं। छत्तीसगढ़ महिला योजनाएं (Mahtari Vandan 31st Installment) सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
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