छत्तीसगढ़

Katangpali Bridge : टूटी रेलिंग के भरोसे जिंदगी, कटंगपाली पुल पर मंडरा रहा हादसे का खतरा

दो साल से जर्जर पुल की सुध नहीं, बारिश और रात में बढ़ रहा खतरा; ग्रामीण बोले- हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?

Katangpali Bridge सड़क पर फर्राटा भरते वाहनों के बीच एक पुल ऐसा भी है, जहां जरा सी चूक सीधे जान पर भारी पड़ सकती है। पुल की सुरक्षा रेलिंग टूट चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नजर अब तक इस खतरे पर नहीं पड़ी है। बरसात में पानी, फिसलन और अंधेरे के बीच यहां से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

चंद्रपुर-सरिया मार्ग पर कटंगपाली नाले का पुल (Katangpali Bridge) पिछले करीब दो साल से इसी बदहाली में है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। पुल की दोनों ओर की रेलिंग कई जगह से टूट चुकी है। गर्मी में जीरा-गिट्टी से लदे ट्रेलर की टक्कर के बाद एक हिस्से की रेलिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई, लेकिन इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई।

 

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सड़क पर करोड़ों खर्च, पुल की सुरक्षा भूली

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो साल पहले मार्ग का जीर्णोद्धार और डामरीकरण कराया गया था। सड़क पर खर्च हुआ, लेकिन पुल (Katangpali Bridge)  की सुरक्षा व्यवस्था जस की तस छोड़ दी गई। पुल की ऊपरी सतह पर डामर की परत जरूर चढ़ा दी गई, लेकिन टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने की जरूरत जिम्मेदारों को नजर नहीं आई।

नतीजा यह है कि कटंगपाली पुल (Bridge Railing) पर सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

 

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ट्रेलर की टक्कर के बाद पूरी तरह टूटी रेलिंग

ग्रामीणों ने बताया कि बीते गर्मी के दिनों में जीरा-गिट्टी से लदा एक ट्रेलर तेज गति से आया और पुल (Katangpali Bridge) की कटंगपाली तरफ की रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेलिंग का बड़ा हिस्सा टूटकर बिखर गया। इससे पहले भी पुल की दूसरी ओर की रेलिंग कई जगह से क्षतिग्रस्त थी। हादसे के बाद उम्मीद थी कि विभाग तत्काल पुल की मरम्मत (Bridge Repair) कराएगा, लेकिन समय बीतता गया और स्थिति जस की तस बनी रही।

15-20 फीट नीचे गिर सकता है वाहन

इस पुल (Katangpali Bridge) से प्रतिदिन दोपहिया, कार, स्कूल बस, ट्रैक्टर और भारी वाहन गुजरते हैं। बारिश में पुल पर फिसलन बढ़ जाती है और रात में अंधेरे के कारण टूटी रेलिंग नजर नहीं आती। ऐसे में वाहन का संतुलन बिगड़ने पर सीधे नाले में गिरने का खतरा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड सेफ्टी के लिहाज से यहां तत्काल सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। महज चेतावनी देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि पुल पर सुरक्षा रेलिंग ही नहीं है।

 

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Katangpali Bridge हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन

कटंगपाली, साल्हेओना और बोंदा के ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या को लेकर नाराज हैं। ग्रामीण गणेश राम डनसेना और सुरेश रात्रे ने कहा कि इसी रास्ते से स्कूल के बच्चे, मरीज, गर्भवती महिलाएं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद पीडब्ल्यूडी (PWD) ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुल से कोई वाहन नाले में गिर गया और जनहानि हुई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका आरोप है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

बारिश में बढ़ा खतरा, तत्काल चाहिए इंतजाम

ग्रामीणों ने कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार किए बिना पुल की टूटी रेलिंग तत्काल बनवाई जाए। साथ ही पुल पर रिफ्लेक्टर (Reflector), चेतावनी बोर्ड और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कटंगपाली पुल (Katangpali Bridge) की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मरम्मत अब सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी हो चुकी है।

 

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