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  • Boirdih Devgaon Road : सात साल पहले हुआ रिन्यूअल, अब सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, ग्रामीण परेशान

    Boirdih Devgaon Road : सात साल पहले हुआ रिन्यूअल, अब सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, ग्रामीण परेशान

    Boirdih Devgaon Road वर्ष 2017-18 में रिन्यूअल की गई बोईरडीह-देवगांव पहुंच मार्ग की सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ा डामर ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से बदहाल सड़क पर आवागमन (Boirdih Devgaon Road) और मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति लगातार खराब होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से मरम्मत या मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

     

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    सात साल पहले हुआ था सड़क का रिन्यूअल

    छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलातंर्गत बरमकेला जनपद पंचायत के बोईरडीह-देवगांव के  ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया था। पहुंच मार्ग का पहली बार डामरीकरण वर्ष 2012-13 में किया गया था। इसके बाद वर्ष 2017-18 में सड़क का रिन्यूअल किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रिन्यूअल के दौरान पुरानी सड़क की उखड़ी डामर की सतह पर ही नई परत चढ़ा दी गई। सड़क रिन्यूअल के बाद मेंटेनेंस (Boirdih Devgaon Road) पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

     

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    डामर उखड़ा, गिट्टियां निकलीं और बने बड़े गड्ढे

    अब सड़क की स्थिति यह है कि जगह-जगह डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। गड्ढों से भरी सड़क (Boirdih Devgaon Road) पर वाहन फंसने और बाइक सवारों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी ग्रामीणों के अनुसार लगातार हो रही हैं।

     

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    Boirdih Devgaon Road  स्कूली बच्चों को भी परेशानी

    बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से स्कूली बच्चों की परेशानी और बढ़ गई है। बच्चों को गड्ढों में भरे पानी से बचकर पैदल स्कूल आना-जाना पड़ता है। बोईरडीह और देवगांव को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग होने के कारण दिनभर वाहनों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद बोईरडीह-देवगांव मार्ग की बदहाली (Boirdih Devgaon Road) को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

     

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    बस्ती में 500 मीटर सीसी रोड की मांग

    ग्रामीणों ने बस्ती के अंदर कम से कम 500 मीटर तक सीसी रोड बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बरसात के दौरान जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही पूरे पहुंच मार्ग का नए सिरे से डामरीकरण कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का नए सिरे से निर्माण (Boirdih Devgaon Road) होने से दोनों गांवों के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।

     

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    ग्रामीण बोले- विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए

    ग्रामीण गणपति पाढ़ी ने कहा कि बोईरडीह-देवगांव पहुंच मार्ग की सड़क बेहद जर्जर हो गई है। संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं पूर्व सरपंच हेतराम साहू ने कहा कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बच्चों के स्कूल आने-जाने के दौरान गिरने की चिंता बनी रहती है।

     

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  • Katangpali Bridge : टूटी रेलिंग के भरोसे जिंदगी, कटंगपाली पुल पर मंडरा रहा हादसे का खतरा

    Katangpali Bridge : टूटी रेलिंग के भरोसे जिंदगी, कटंगपाली पुल पर मंडरा रहा हादसे का खतरा

    Katangpali Bridge सड़क पर फर्राटा भरते वाहनों के बीच एक पुल ऐसा भी है, जहां जरा सी चूक सीधे जान पर भारी पड़ सकती है। पुल की सुरक्षा रेलिंग टूट चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नजर अब तक इस खतरे पर नहीं पड़ी है। बरसात में पानी, फिसलन और अंधेरे के बीच यहां से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

    चंद्रपुर-सरिया मार्ग पर कटंगपाली नाले का पुल (Katangpali Bridge) पिछले करीब दो साल से इसी बदहाली में है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। पुल की दोनों ओर की रेलिंग कई जगह से टूट चुकी है। गर्मी में जीरा-गिट्टी से लदे ट्रेलर की टक्कर के बाद एक हिस्से की रेलिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई, लेकिन इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई।

     

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    सड़क पर करोड़ों खर्च, पुल की सुरक्षा भूली

    स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो साल पहले मार्ग का जीर्णोद्धार और डामरीकरण कराया गया था। सड़क पर खर्च हुआ, लेकिन पुल (Katangpali Bridge)  की सुरक्षा व्यवस्था जस की तस छोड़ दी गई। पुल की ऊपरी सतह पर डामर की परत जरूर चढ़ा दी गई, लेकिन टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने की जरूरत जिम्मेदारों को नजर नहीं आई।

    नतीजा यह है कि कटंगपाली पुल (Bridge Railing) पर सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

     

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    ट्रेलर की टक्कर के बाद पूरी तरह टूटी रेलिंग

    ग्रामीणों ने बताया कि बीते गर्मी के दिनों में जीरा-गिट्टी से लदा एक ट्रेलर तेज गति से आया और पुल (Katangpali Bridge) की कटंगपाली तरफ की रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेलिंग का बड़ा हिस्सा टूटकर बिखर गया। इससे पहले भी पुल की दूसरी ओर की रेलिंग कई जगह से क्षतिग्रस्त थी। हादसे के बाद उम्मीद थी कि विभाग तत्काल पुल की मरम्मत (Bridge Repair) कराएगा, लेकिन समय बीतता गया और स्थिति जस की तस बनी रही।

    15-20 फीट नीचे गिर सकता है वाहन

    इस पुल (Katangpali Bridge) से प्रतिदिन दोपहिया, कार, स्कूल बस, ट्रैक्टर और भारी वाहन गुजरते हैं। बारिश में पुल पर फिसलन बढ़ जाती है और रात में अंधेरे के कारण टूटी रेलिंग नजर नहीं आती। ऐसे में वाहन का संतुलन बिगड़ने पर सीधे नाले में गिरने का खतरा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड सेफ्टी के लिहाज से यहां तत्काल सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। महज चेतावनी देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि पुल पर सुरक्षा रेलिंग ही नहीं है।

     

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    Katangpali Bridge हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन

    कटंगपाली, साल्हेओना और बोंदा के ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या को लेकर नाराज हैं। ग्रामीण गणेश राम डनसेना और सुरेश रात्रे ने कहा कि इसी रास्ते से स्कूल के बच्चे, मरीज, गर्भवती महिलाएं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद पीडब्ल्यूडी (PWD) ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुल से कोई वाहन नाले में गिर गया और जनहानि हुई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका आरोप है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

    बारिश में बढ़ा खतरा, तत्काल चाहिए इंतजाम

    ग्रामीणों ने कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार किए बिना पुल की टूटी रेलिंग तत्काल बनवाई जाए। साथ ही पुल पर रिफ्लेक्टर (Reflector), चेतावनी बोर्ड और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कटंगपाली पुल (Katangpali Bridge) की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मरम्मत अब सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी हो चुकी है।

     

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  • Baramkela Rangadih Road News  :  3 किमी का कच्चा रास्ता बदहाल, बारिश में फंसे रंगाडीह के ग्रामीण

    Baramkela Rangadih Road News  :  3 किमी का कच्चा रास्ता बदहाल, बारिश में फंसे रंगाडीह के ग्रामीण

    Baramkela Rangadih Road News जनपद पंचायत बरमकेला के दूरस्थ ग्राम रंगाडीह को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला करीब 3 किलोमीटर का पहुंच मार्ग बदहाली का शिकार हो गया है। द्वितीय श्रेणी की इस सड़क से मुरुम और गिट्टी बारिश के पानी के साथ बह गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

     

    10 साल से नहीं हुआ सड़क का रख-रखाव

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत गौरडीह से रंगाडीह तक का सफर बरसात में किसी चुनौती से कम नहीं है। इस पहुंच मार्ग (Baramkela Rangadih Road News) का निर्माण वर्ष 2012-13 में मनरेगा के तहत मिट्टी-मुरुम कार्य से किया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत गौरडीह के तत्कालीन सरपंच ने इसे द्वितीय श्रेणी की सड़क का रूप दिया था।

    ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक दशक से सड़क का नियमित रख-रखाव नहीं हुआ। इसके चलते सड़क (Baramkela Rangadih Road News)  से मुरुम और गिट्टी उखड़कर बह गई। अब पूरा मार्ग उबड़-खाबड़ हो चुका है और बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो गई है।

     

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    बारिश ने बढ़ाई परेशानी

     

    लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क (Baramkela Rangadih Road News)  की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं। वहीं चार पहिया वाहनों का इस मार्ग से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस मार्ग को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर पक्की और डामरीकृत सड़क बनाने की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

     

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    स्कूली बच्चे और मरीज सबसे ज्यादा परेशान

    सड़क (Baramkela Rangadih Road News)  की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। बरसात के दिनों में बच्चे कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं गांव में किसी व्यक्ति के बीमार होने पर एंबुलेंस पहुंचने में भी परेशानी होती है।

    ग्रामीणों के मुताबिक कई बार मरीजों को बाइक पर बैठाकर करीब 3 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। आपात स्थिति में यह रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।

     

     

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    पक्की सड़क की मांग

    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से रंगाडीह पहुंच (Baramkela Rangadih Road News)  मार्ग को तत्काल मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर पक्की डामरीकृत सड़क बनने से आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

    इस संबंध में जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ के उपाध्यक्ष अजय नायक ने कहा कि गौरडीह से रंगाडीह तक के मार्ग को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने के लिए अनुपूरक बजट में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बारिश थमने के बाद कीचड़ की सफाई कराकर मार्ग को आवागमन के लायक बनवा दिया जाएगा।

     

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    Baramkela Rangadih Road News ग्रामीणों को जल्द राहत की उम्मीद

    करीब एक दशक से रख-रखाव के अभाव में बदहाल पड़े इस मार्ग को लेकर ग्रामीणों की उम्मीद अब प्रस्तावित स्वीकृति पर टिकी है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ने के कारण ग्रामीणों ने जल्द से जल्द अस्थायी सुधार कार्य कराने और स्थायी रूप से पक्की सड़क बनाने की मांग की है।

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