इंद्रावती के जंगलों (Bijapur Me Dikha Tiger) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दो शावकों के साथ बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि के बाद अब उसकी बेहद साफ तस्वीर सामने आई है। लगातार दो दिनों तक बाघिन अलग-अलग जगहों पर नजर आई, जिससे जंगल में बाघों की अगली पीढ़ी की मौजूदगी को लेकर उम्मीद बढ़ी है।
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शुक्रवार को बाघिन (Bijapur Me Dikha Tiger) मासोड़ी के पास दिखाई दी थी। इसके बाद शनिवार रात करीब 9:30 बजे वह दशपाल घाट के पास सड़क पर आ गई। इसी दौरान दशपाल गांव से प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को लेकर लौट रही 108 एंबुलेंस के सामने अचानक बाघिन पहुंच गई। एंबुलेंस पायलट रमेश और ईएमटी श्रीनिवास तोगर ने वाहन धीमा कर दिया। कुछ देर सड़क पर रहने के बाद बाघिन जंगल की ओर चली गई।
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बीजापुर में सड़क पर दिखी बाघिन
बीजापुर के दशपाल घाट में बाघिन (Bijapur Me Dikha Tiger) को देखकर एंबुलेंस में मौजूद कर्मचारियों ने उसकी तस्वीर ले ली। तस्वीर में बाघिन का चेहरा और शरीर की धारियां साफ नजर आ रही हैं। इससे एक दिन पहले मासोड़ी गांव के पास भी बाघिन दिखाई दी थी। उसके साथ दो शावक होने की जानकारी सामने आई थी। जंगल में करीब 4.5 किलोमीटर दूर शावक के पदचिह्न भी मिले थे।
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वन विभाग ने शावकों के पदचिह्न मिलने के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी। अब दशपाल घाट से सामने आई तस्वीर ने बाघिन (Bijapur Me Dikha Tiger) की मौजूदगी को और पुख्ता कर दिया है। दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर बाघिन के दिखाई देने से इंद्रावती के जंगलों में बाघों के कुनबे को लेकर नई उम्मीद जगी है।
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खालों के बाद कैमरे में कैद हुई बाघिन
इंद्रावती टाइगर रिजर्व लंबे समय तक माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वन्यजीव निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। पिछले एक दशक में यहां अलग-अलग घटनाओं में 10 बाघों (Bijapur Me Dikha Tiger) की खाल मिलने की घटनाएं सामने आई थीं। इसी साल जून में भी तीन बाघों की खाल मिलने की जानकारी सामने आई थी। लगातार शिकार की घटनाओं ने इंद्रावती में बाघों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।
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ऐसे माहौल में दो शावकों के साथ बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग के लिए बड़ी उम्मीद मानी जा रही है। अब बाघिन की साफ तस्वीर सामने आने के बाद उसके और शावकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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बाघिन दिखने से बढ़ी सतर्कता Bijapur Me Dikha Tiger
बाघिन (Bijapur Me Dikha Tiger) का सड़क पर आना जंगल में उसकी मौजूदगी का संकेत है, लेकिन इससे वाहन चालकों और ग्रामीणों के लिए सावधानी भी जरूरी हो गई है। वन विभाग से जुड़े लोगों ने लोगों से अपील की है कि बाघ दिखाई देने पर वाहन रोककर उसके करीब न जाएं और फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें।
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ग्रामीणों को रात के समय पालतू मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है। बाघिन या उसके शावक दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। शावकों के आसपास बाघिन के आक्रामक होने की आशंका अधिक रहती है।
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बाघों के शिकार के बीच वन विभाग में बड़ा बदलाव
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों (Bijapur Me Dikha Tiger) की मौजूदगी को लेकर उम्मीद के बीच वन विभाग में भी प्रशासनिक बदलाव हुआ है। क्षेत्र निदेशक संदीप बलगा का भानुप्रतापपुर वनमंडल में स्थानांतरण किया गया है। उनके स्थान पर बस्तर वनमंडल के वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता को प्रभारी सीसीएफ, इंद्रावती टाइगर रिजर्व एवं क्षेत्र निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
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वहीं दिनेश कपिल को बस्तर वनमंडल का वनमंडलाधिकारी बनाया गया है। नए क्षेत्र निदेशक के सामने बाघिन और उसके दो शावकों की सुरक्षा के साथ इंद्रावती टाइगर रिजर्व में निगरानी और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती होगी।
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इंद्रावती में बाघों की अगली पीढ़ी की उम्मीद
लगातार दो दिनों तक बाघिन (Bijapur Me Dikha Tiger) की मौजूदगी और उसके साथ दो शावकों की जानकारी इंद्रावती के लिए सकारात्मक संकेत है। लंबे समय से शिकार और बाघों की खाल मिलने की घटनाओं से जूझ रहे इस क्षेत्र में अब बाघिन की तस्वीर नई उम्मीद लेकर आई है। बेहतर निगरानी और सुरक्षा के जरिए बाघिन और शावकों को सुरक्षित रखा गया तो इंद्रावती में बाघों का कुनबा फिर मजबूत हो सकता है।











