छत्तीसगढ़

Teacher Transfer Scam : युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप, चहेते शिक्षकों को लाभ पहुंचाने की जांच की मांग

गजानंद निषाद, Baramkela News : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों (Teacher Transfer Scam) की नियुक्तियों को लेकर चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि बरमकेला ब्लॉक के कई स्कूलों में छात्रों की दर्ज संख्या में जानबूझकर हेराफेरी कर कुछ चहेते शिक्षकों को अतिशेष सूची से बचा कर उन्हें मनचाही पदस्थापना दी गई है।

इस सिलसिले में पीड़ित शिक्षकों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उल्लेख है कि शासकीय कन्या प्राथमिक शाला, सरिया की वास्तविक छात्र संख्या 65 है, फिर भी वहां पदस्थ शिक्षिका भीमेश्वरी पटेल को अतिशेष घोषित कर दूसरी जगह भेज दिया गया। बाद में उसी स्कूल की दर्ज संख्या 79 दर्शाकर, किसी अन्य शिक्षक को वहां पुनः पदस्थ (Teacher Transfer Scam) कर दिया गया।

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यहीं नहीं, राजीव नगर सरिया, जिसकी वास्तविक दर्ज संख्या 31 है, वहां भी अंतिम दिन एक शिक्षक को सूची से हटाकर किसी पसंदीदा शिक्षक (Teacher Transfer Scam) को पदस्थ कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि प्राथमिक शाला कमरीद, जिसकी दर्ज संख्या मात्र 11 है, वहां भी दो सहायक शिक्षकों को लाभ देकर पदस्थ किया गया। जब इस पर सवाल उठाए गए तो कुछ अधिकारी तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. पटेल के निलंबन का बहाना बनाकर जवाब देने से बचते रहे।

हेराफेरी के भी लगे आरोप (Teacher Transfer Scam)

काउंसिलिंग प्रक्रिया में भी हेराफेरी के आरोप सामने आए हैं। बताया गया कि सेजेस बरमकेला के शिक्षक तरुण पटेल की पत्नी सविता पटेल को संकुल केंद्र झाल के तहत प्राथमिक शाला सराईपाली में पदस्थ कर दिया गया, जबकि वहां दर्ज संख्या मात्र 10 है। इसी तरह बीईओ कार्यालय के दो अधिकारियों ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरिया में दो शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के लिए अतिशेष सूची से नाम ही हटा दिए।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग (Teacher Transfer Scam)

सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब तौलडीह, विकासखंड बिलाईगढ़ के एक सहायक शिक्षक को संकुल समन्वयक बताकर वरिष्ठता आधार पर काउंसिलिंग कराई गई, जबकि उसकी वास्तविक स्थिति अलग थी। पीड़ित शिक्षकों ने पूरे प्रकरण में मनमानी, पक्षपात और नियमानुसार प्रक्रिया से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि दोषियों पर कार्रवाई हो।

 

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बड़े अधिकारियों से कीजिए बात

इस संबंध में पूछे जाने पर बरमकेला BEO नरेंद्र कुमार जांगड़े ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा — “युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में शिक्षकों की पदस्थापना के बारे में आप जिले के अधिकारियों से बात कीजिए।”

 

 

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