कृषि समाचार

Korba FPO Success : 7 लाख से 1.96 करोड़ तक पहुंचा महामाया एफपीओ, किसानों की आय बढ़ाने बना मिसाल

Story Highlights
  • 7.09 लाख से बढ़कर 1.96 करोड़ रुपये तक पहुंचा एफपीओ का कारोबार
  • 882 किसानों और 200 से अधिक महिलाओं को मिल रहा सीधा लाभ
  • काजू प्रोसेसिंग, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल और पल्प यूनिट से बढ़ी किसानों की आय
  • आधुनिक भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं से मिलेगा और फायदा

Korba FPO Success महामाया किसान उत्पादक संगठन (FPO) आज किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन चुका है। नाबार्ड के सहयोग और सहकारिता विभाग के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस संगठन ने वर्ष 2015-16 में महज 7.09 लाख रुपये के कारोबार से शुरुआत की थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह सफलता किसानों की एकजुटता, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का परिणाम मानी जा रही है।

882 किसानों को मिला सीधा लाभ

महामाया एफपीओ (Korba FPO Success) से वर्तमान में 882 किसान जुड़े हुए हैं। संगठन के माध्यम से किसानों को सामूहिक विपणन, गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद, कृषि आदान, प्रशिक्षण और आधुनिक खेती की तकनीकों का लाभ मिल रहा है। पहले किसान अपनी उपज स्थानीय व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने को मजबूर थे, लेकिन अब उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है।

मूल्य संवर्धन से बढ़ी किसानों की कमाई

कोरबा जिले के करतला विकासखंड स्थित नवापारा का एफपीओ (Korba FPO Success) ने केवल कृषि उपज की बिक्री तक खुद को सीमित नहीं रखा। संगठन ने काजू प्रसंस्करण, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल, आम और जामुन पल्प जैसी प्रसंस्करण इकाइयां शुरू कर कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन भी किया है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

महिलाओं को भी मिला रोजगार

महामाया एफपीओ (Korba FPO Success) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर मिले हैं। इससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। संगठन के अनुसार, किसानों की औसत आय में 50 हजार रुपये से 1.50 लाख रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

आधुनिक सुविधाओं का हो रहा विस्तार Korba FPO Success

एफपीओ (Korba FPO Success) वर्तमान में आम, काजू, मूंगफली, जामुन, ब्लैक राइस, नींबू, तिल और सरसों सहित कई कृषि उत्पादों का संग्रहण और विपणन कर रहा है। शासन के सहयोग से 500 किलोग्राम प्रतिदिन क्षमता वाली आधुनिक काजू प्रसंस्करण इकाई और 5 टन क्षमता के डीप फ्रीजर की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इससे उत्पादों का बेहतर भंडारण और सालभर विपणन संभव होगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

महामाया एफपीओ (Korba FPO Success) की सफलता यह दर्शाती है कि सहकारिता, आधुनिक कृषि तकनीक, मूल्य संवर्धन और सामूहिक प्रयासों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा सकता है। आज यह संगठन कोरबा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है।

 

 

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