Baramkela Sprayer News : गोदाम में कबाड़ हो रहीं मशीनें, खेतों में मर रही फसल, बरमकेला कृषि विभाग के अफसर कर रहे मौज!

Baramkela Sprayer News

खरीफ सीजन अपने सबसे अहम दौर में पहुंच चुका है। धान की फसल खेतों (Baramkela Sprayer News) में लहलहाने लगी है, लेकिन इसके साथ ही खरपतवार और कीटों का हमला भी तेज हो गया है। ऐसे समय जब किसानों को सबसे ज्यादा स्प्रेयर मशीनों की जरूरत है, तब जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से खरीदी गई स्प्रेयर मशीनें कृषि विभाग के गोदामों में धूल फांक रही हैं।

 

दूसरी ओर किसान (Baramkela Sprayer News) अपनी फसल बचाने के लिए इधर-उधर से मशीनें मांगने, किराए पर लेने या महंगे दाम पर छिड़काव कराने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि किसानों का गुस्सा अब कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर फूटने लगा है।

 

क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल (Baramkela Sprayer News) पर शुरुआती कीटों और खरपतवार का प्रकोप दिखाई देने लगा है। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह समय कीटनाशकों के छिड़काव के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि शुरुआती चरण में नियंत्रण नहीं किया गया तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। इसके बावजूद विभाग की ओर से स्प्रेयर वितरण को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

 

गोदाम में कैद मशीनें, खेतों में बढ़ता संकट

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के किसानों का आरोप है कि डीएमएफ मद से खरीदी गई स्प्रेयर मशीनें (Baramkela Sprayer News) महीनों से विभागीय गोदामों में रखी हुई हैं। मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें किसानों तक नहीं पहुंचाया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जब जरूरत थी तब मशीनें नहीं मिलीं, बाद में वितरण का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

 

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गरीब किसानों पर सबसे ज्यादा मार

सबसे अधिक परेशानी छोटे और सीमांत किसानों (Baramkela Sprayer News) को उठानी पड़ रही है। जिनके पास खुद की स्प्रेयर मशीन नहीं है, वे दूसरे किसानों से हाथ जोड़कर मशीन मांग रहे हैं। कई किसान किराए पर मशीन लेकर कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

 

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हर सवाल का एक ही जवाब ‘प्रक्रिया चल रही है’

 

किसानों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जब भी कृषि विभाग (Baramkela Sprayer News) के अधिकारियों से स्प्रेयर वितरण के बारे में पूछा जाता है, तो एक ही जवाब मिलता है प्रक्रिया चल रही है, जल्द वितरण होगा।” लेकिन यह जल्द आखिर कब आएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। किसानों का कहना है कि फसल किसी सरकारी फाइल का इंतजार नहीं करती।

 

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कलेक्ट्रेट के निर्देश भी बेअसर!

सूत्रों के अनुसार जिला स्तर पर समय-समय पर किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर देने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन बरमकेला में इन निर्देशों का असर दिखाई नहीं दे रहा। किसानों का आरोप है कि विभागीय सुस्ती के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा।

 

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किसानों में बढ़ रहा आक्रोश

लगातार बारिश और बढ़ते कीट प्रकोप के बीच किसानों (Baramkela Sprayer News) की चिंता बढ़ती जा रही है। कई किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्प्रेयर मशीनों का वितरण नहीं किया गया तो वे कृषि विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

 

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अधिकारी ने क्या कहा

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसंत नायक का कहना है कि स्प्रेयर मशीन वितरण (Baramkela Sprayer News) के लिए पात्र किसानों की सूची तैयार कर ली गई है। अब केवल कलेक्टर की अनुशंसा शेष है। अनुशंसा मिलते ही किसानों को बुलाकर मशीनों का वितरण कर दिया जाएगा।

 

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हालांकि किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, मशीन चाहिए। क्योंकि खेतों में कीट किसी प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार नहीं करते। यदि अगले कुछ दिनों में छिड़काव नहीं हुआ तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा और नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा।

 

 


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