राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं अब किचन गार्डन (Kitchen Garden) के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। घर की बाड़ी में जैविक सब्जियां उगाकर वे न केवल परिवार को सालभर ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि घरेलू खर्च में भी उल्लेखनीय कमी ला रही हैं। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और बिहान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं की पोषण सुरक्षा और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हो रही हैं।
यह भी पढ़ें : Ganja Smuggling Exposed : सरिया पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को दबोचा, लाखों का माल जब्त
बिहान की दीदियों ने अपनाया किचन गार्डन मॉडल
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के विकासखंड सुकमा अंतर्गत ग्राम डोडपाल की दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं किचन गार्डन (Kitchen Garden) तैयार कर जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। समूह की सदस्य गंगी, कोसी और पूजा बताती हैं कि बिहान से जुड़ने से पहले उन्हें घर की बाड़ी में सब्जियां उगाने की विशेष जानकारी नहीं थी। प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने अपने घरों में किचन गार्डन विकसित किया।
यह भी पढ़ें : Sawan 2026 : जानिए कब से शुरू हो रहा सावन, जानें इस बार कितने सावन सोमवार
सालभर मिल रही ताजी और पौष्टिक सब्जियां
महिलाओं की बाड़ी में लौकी, करेला, बरबट्टी, तोरई, बैंगन, मिर्च, कट्टा भाजी सहित कई मौसमी सब्जियां उगाई जा रही हैं। इसके साथ ही मक्का की खेती भी की गई है। किचन गार्डन (Kitchen Garden) की वजह से अब परिवारों को पूरे साल ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिल रही हैं, जिससे पोषण स्तर में भी सुधार आया है।
यह भी पढ़ें : CG ASP DSP Transfer : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 92 ASP-DSP अधिकारियों के तबादले
गोबर खाद से जैविक खेती, बाजार पर निर्भरता हुई कम
बिहान से जुड़ी महिलाएं रासायनिक उर्वरकों के बजाय गोबर खाद का उपयोग कर जैविक तरीके से सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। इससे परिवारों को स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल रहा है और बाजार से सब्जियां खरीदने की जरूरत भी कम हो गई है। महिलाओं का कहना है कि किचन गार्डन (Kitchen Garden) ने घरेलू खर्च में बचत के साथ घर की खाली जमीन का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया है।
यह भी पढ़ें : IND vs ENG 3rd ODI : रोहित का ऐतिहासिक शतक बेकार… लॉर्ड्स में हारा भारत
आत्मनिर्भरता और पोषण सुरक्षा को मिल रही मजबूती
जिला प्रशासन की पहल से किचन गार्डन (Kitchen Garden) अब ग्रामीण परिवारों के लिए पोषण सुरक्षा, बचत और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन गया है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह पहल जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहित कर रही है।

अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य
जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को किचन गार्डन (Kitchen Garden) से जोड़ना है, ताकि हर घर में ताजी सब्जियां उपलब्ध हों, घरेलू खर्च कम हो और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा सकें।

छोटी पहल से बड़ा बदलाव Kitchen Garden
बिहान की दीदियों की यह पहल साबित करती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। घर की बाड़ी में उगाई जा रही जैविक सब्जियां अब ग्रामीण परिवारों की सेहत, बचत और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
Discover more from RAJDHANI TIMES
Subscribe to get the latest posts sent to your email.