
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर (Jagdalpur Me Tiger) और आसपास के क्षेत्रों में बाघ की मौजूदगी की आशंका से लोगों में दहशत का माहौल है। आड़ावाल, कुरंदी जंगल, बिलौरी, गरावंड और बम्हनी क्षेत्र में मिले संदिग्ध पदचिह्नों तथा सीसीटीवी फुटेज के बाद वन विभाग से स्थिति स्पष्ट करने और लोगों को सतर्क करने की मांग तेज हो गई है।
सीसीटीवी में दिखा बाघ Jagdalpur Me Tiger
आड़ावाल की एक महिला ने रात में घर लौटकर परिवार को बाघ जैसा जानवर देखने की जानकारी दी थी। शुरुआत में परिजनों ने इसे कुत्ता समझकर बात टाल दी, लेकिन उसी मोहल्ले में सपन राय के घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में रात के अंधेरे में चमकती आंखों वाला धारीदार जानवर दिखाई देने का दावा किया गया। इसके बाद क्षेत्र में बाघ होने की आशंका और गहरा गई।
कई इलाकों में मिले पदचिह्न
स्थानीय लोगों और वनकर्मियों के अनुसार कुरंदी जंगल, बिलौरी, गरावंड और बम्हनी क्षेत्र में बड़े जंगली जानवर के पदचिह्न मिले हैं। बम्हनी के पास एक गाय के शिकार की भी जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण पदचिह्न और स्पष्ट नजर आने लगे हैं। वनकर्मियों का अनुमान है कि यह वही बाघ हो सकता है, जो पिछले छह-सात महीनों से बीजापुर क्षेत्र से भटककर इधर पहुंचा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वन विभाग से एडवाइजरी जारी करने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता सुब्रतो विश्वास ने वन विभाग (Forest Department) से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने और लोगों के लिए तत्काल एडवाइजरी जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी है तो उसकी तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जाए।
रात में बाहर न निकलने की अपील Jagdalpur Me Tiger
स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों से रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने, मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने और जंगल या सुनसान इलाकों में अकेले नहीं जाने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक वन विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। अभी तक वन विभाग ने जगदलपुर (Jagdalpur Me Tiger) में बाघ की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सीसीटीवी फुटेज और मिले पदचिह्नों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।