छत्तीसगढ़

प्रदेश के सबसे ईमानदार मंत्री के क्षेत्र में अंधेरा! बिजली कटौती से तंग आकर सड़क पर उतरे लोग

Raigarh News : छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में सबसे ईमानदार मंत्री और रायगढ़ विधायक के रूप में पहचान रखने वाले ओपी चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में ही बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लगातार हो रही बिजली कटौती (सरिया बिजली कटौती) से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

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बीते शनिवार को सरिया के अटल चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरा। लोगों का कहना है कि मंत्री और विधायक के क्षेत्र में ही अगर बिजली व्यवस्था इतनी खराब है तो आम जनता की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

 

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6 से 12 घंटे तक हो रही बिजली कटौती

धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने आरोप लगाया कि सरिया, साल्हेओना और बार-देवगांव क्षेत्र में रोजाना 6 से 12 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। इस वजह से गांवों में पानी की समस्या भी बढ़ गई है और किसान अपने खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में फसलों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है, लेकिन लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण पंप और मोटर नहीं चल पा रहे हैं। इससे उनकी ग्रीष्मकालीन फसलें प्रभावित हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

132 केवी सब स्टेशन की मांग फिर उठी

धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सरिया में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना के लिए करीब डेढ़ साल पहले प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बावजूद अब तक जमीन आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अगर समय पर 132 केवी सब स्टेशन बन जाता तो क्षेत्र में इतनी गंभीर बिजली कटौती की स्थिति पैदा नहीं होती। उनका कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आज ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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मंत्री और विधायक के क्षेत्र में ही बिजली संकट

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि रायगढ़ विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री के क्षेत्र में ही बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे साफ है कि स्थानीय समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से व्यापार, खेती और आम जीवन सभी प्रभावित हो रहे हैं। यदि जल्द ही इसका समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

बिजली कटौती पर अधिकारियों ने दिया आश्वासन

धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सरिया के जेई मदन नायक और बरमकेला के एई जी.पी. सिदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल

इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि शरद यादव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष उग्रसेन साहू सहित कई स्थानीय नेता और किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम में हिमांशु पाणिग्राही, अगनू पटेल, खेमराज नायक, रूप पटेल, प्रकाश पुरोहित, हलधर जाधव, संजय प्रधान, अजय शराप और हेमसागर डनसेना समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही बिजली कटौती (सरिया बिजली कटौती) की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द 132 केवी सब स्टेशन का निर्माण शुरू किया जाए और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को नियमित किया जाए, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।

 

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