Dragon Fruit Farming : धान से आगे बढ़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती, प्रति एकड़ 1.25 लाख रुपये की शुद्ध कमाई
धान की खेती में मेहनत और लागत के बावजूद सीमित आमदनी से जूझ रहे किसानों के लिए महासमुंद की उमा शुक्ला ने खेती का नया रास्ता दिखाया है। ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती से उन्हें पहले ही साल 40 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन मिला। 80 रुपये किलो तक भाव मिला और करीब 1.25 लाख रुपये प्रति एकड़ शुद्ध आय अर्जित हुई।
Dragon Fruit Farming धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक आमदनी का रास्ता तलाश रहे किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में खेती का तरीका बदलकर किसान नई फसलों और आधुनिक तकनीकों को अपना सकते हैं। महासमुंद जिले की एक महिला किसान ने इसी नवाचार से अपनी आमदनी बढ़ाने की मिसाल पेश की है।
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Dragon Fruit Farming धान की खेती से आमदनी थी सीमित
उमा शुक्ला, पति प्रकाश नारायण शुक्ला ने बताया कि पहले वह अपनी 1.62 हेक्टेयर भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करती थीं। इसमें करीब एक हेक्टेयर सिंचित और 0.60 हेक्टेयर असिंचित रकबा था। धान की खेती में लागत और मेहनत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। अधिक लाभ देने वाली फसल की तलाश में उन्होंने उद्यानिकी विभाग का मार्गदर्शन लिया और ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती शुरू करने का निर्णय लिया।
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कुल्हरिया में बदला खेती का तरीका
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कुल्हरिया की कृषक उमा शुक्ला ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत फल क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लिया। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से शुक्ला दंपती ने ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Farming) में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। इसका परिणाम यह रहा कि उन्हें पहले ही वर्ष करीब 40 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ।
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80 रुपये किलो तक मिला भाव, 1.25 लाख की शुद्ध आय
उत्पादित ड्रैगन फ्रूट को महासमुंद और बागबाहरा मंडी में करीब 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा गया। इससे उन्हें प्रति एकड़ करीब 1 लाख 25 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। उमा शुक्ला ने बताया कि धान की तुलना में ड्रैगन फ्रूट की खेती में शुरुआती लागत अधिक है, लेकिन बेहतर उत्पादन और बाजार में मिलने वाले अच्छे दाम के कारण लाभ की संभावनाएं अधिक हैं।
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आधुनिक तकनीक से बढ़ सकती है कमाई
उमा शुक्ला के अनुसार खेती में बदलाव के लिए किसानों को नई फसलों और तकनीकों की जानकारी लेना जरूरी है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Farming) शुरू करने के बाद उन्हें बेहतर आमदनी का अवसर मिला। सरकार भी कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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दूसरे किसानों के लिए बनीं प्रेरणा
ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Farming) से मिली बेहतर आय ने उमा शुक्ला को दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बनाया है। पहले साल ही 40 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन और 1.25 लाख रुपये की शुद्ध आय से उन्होंने दिखाया कि पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी उद्यानिकी फसलों को भी विकल्प बनाया जा सकता है। विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के साथ किसान अपनी खेती में नए प्रयोग कर आमदनी बढ़ा सकते हैं।
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