Rajnandgaon Urea Plant : राजनांदगांव में लगेगा 10,500 करोड़ का यूरिया कारखाना, पीएम मोदी से मुख्यमंत्री साय ने मांगी मंजूरी
Rajnandgaon Urea Plant छत्तीसगढ़ के किसानों और औद्योगिक विकास के लिए बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान राजनांदगांव में 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना (Rajnandgaon Urea Plant) के लिए राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध कराने के साथ सभी आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां पूरी कर ली हैं। अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही परियोजना पर काम शुरू किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें : Porath Shiv Temple Duba : महानदी का जलस्तर बढ़ा, पोरथ स्वयंभू शिव मंदिर भी डूबा तटीय गांवों में अलर्ट
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव यूरिया कारखाना (Rajnandgaon Urea Plant) प्रदेश के कृषि और औद्योगिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध होगी, परिवहन लागत कम होगी और उर्वरकों की आपूर्ति अधिक सुगम बनेगी। इसके साथ ही हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
तीन बड़ी परियोजनाओं पर केंद्र से मांगा सहयोग Rajnandgaon Urea Plant
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केवल यूरिया परियोजना ही नहीं, बल्कि राज्य की तीन प्रमुख विकास योजनाओं के लिए भी केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। इनमें बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने, रायपुर अथवा बस्तर में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना तथा राजनांदगांव यूरिया कारखाना (Rajnandgaon Urea Plant) प्रमुख रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
यह भी पढ़ें : Balrampur Patwari Suspend : सरकारी सेवा में रहते राजनीतिक पोस्ट पड़ी महंगी, पटवारी सस्पेंड
बदलते बस्तर का विजन भी रखा प्रधानमंत्री के सामने
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के कारण बस्तर अब नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश के अग्रणी विकासशील क्षेत्रों में शामिल करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती बैराज पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति से अवगत कराया। साथ ही इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके निर्माण से लगभग 32 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें : Bear Rescue Korba : कटहल की खुशबू खींच लाई मौत के मुहाने तक… 15 घंटे बाद जिंदगी की ओर लौटा भालू
‘लखपति दीदी सम्मेलन-2027’ का दिया निमंत्रण
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह सम्मेलन महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ की विकास योजनाओं को और गति मिलेगी तथा राज्य कृषि, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
यह भी पढ़ें : 10-20 Plastic Notes : जल्द आएंगे 10 और 20 के प्लास्टिक नोट, सरकार ने दी मंजूरी, जानें कागजी नोट का क्या होगा










