क्राइमछत्तीसगढ़

Leopard Skin Smuggling : तेंदुए की खाल तस्करी, 9 आरोपी गिरफ्तार

Chhattisgarh News : राज्य में वन्यजीवों (Leopard Skin Smuggling) के खिलाफ हो रहे संगठित अपराध पर आखिरकार बड़ा प्रहार हुआ है। वन विभाग ने तेंदुए की खाल की तस्करी के खिलाफ जोरदार कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसने तस्करों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08

19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई (Leopard Skin Smuggling) ने साफ कर दिया है कि अब वन्यजीव अपराधियों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं बची है।

सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मुखबिर की पुख्ता सूचना पर की गई। वन विभाग ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया और एक कर्मचारी को नकली खरीदार बनाकर तस्करों से संपर्क कराया गया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग के बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेर लिया और मौके से 7 आरोपियों को दबोच लिया। यह ऑपरेशन (Leopard Skin Smuggling) के खिलाफ अब तक की सबसे सटीक और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

Leopard Skin Smuggling 7 महीने पहले किया था शिकार

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार करीब 7 महीने पहले अवैध हथियार भरमार बंदूक से किया गया था। यानी यह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित (Leopard Skin Smuggling) गिरोह का काम था। आरोपियों की निशानदेही पर अगले दिन नारायणपुर जिले के बोरावंड गांव से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया और शिकार में इस्तेमाल की गई बंदूक भी जब्त कर ली गई।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

वन विभाग के अनुसार बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर है, जो इस बात का संकेत है कि एक स्वस्थ वयस्क तेंदुए का शिकार किया गया। यह घटना (Leopard Skin Smuggling) न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण कानून की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है।

 

राज्य स्तरीय टीम ने कार्रवाई को दिया अंजाम

वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। इस पूरे ऑपरेशन (Leopard Skin Smuggling) में राज्य स्तरीय टीम और वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।

वन विभाग ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वन्यजीवों के शिकार और उनके अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार चल रही कार्रवाई (Leopard Skin Smuggling) इस बात का संकेत है कि अब जंगलों के दुश्मनों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुए जैसे शीर्ष शिकारी का इस तरह शिकार होना पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। यदि ऐसे अपराधों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में कई प्रजातियां खतरे में पड़ सकती हैं। यही कारण है कि सरकार और वन विभाग अब इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button