Fish Poultry Farming Jashpur : तालाब के ऊपर मुर्गी पालन, नीचे मछली, युवा किसान ने बनाया कमाई का मॉडल
मछली-मुर्गी पालन (Fish Poultry Farming Jashpur) को एक साथ जोड़कर युवा किसान अंकित लकड़ा ने खेती को कमाई के नए मॉडल में बदल दिया है। पहले केवल बारिश के मौसम में धान की खेती करने वाले अंकित अब तालाब, मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी से आय के कई रास्ते तैयार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें…Chahat Khanna Bikini Look : 40 की उम्र में चाहत खन्ना का बोल्ड अंदाज, Beach पर बिखेरा जलवा
धान से शुरुआत, फिर खेती में किया बदलाव
जशपुर जिले के ग्राम रतबा के युवा किसान अंकित लकड़ा ने बताया कि पहले वे बरसात में सिर्फ धान की खेती करते थे। इसके बाद उन्होंने मत्स्य विभाग से जानकारी ली और अपने खेत में तालाब बनवाए। तालाब तैयार होने के बाद उन्होंने गर्मी के मौसम में भी खेती शुरू कर दी।
यह भी पढ़ें…Janmashtami Celebration Baramkela : अघरिया भवन बरमकेला में धूमधाम से मना जन्माष्टमी पर्व
मछली-मुर्गी पालन (Fish Poultry Farming Jashpur) के साथ उन्होंने तालाब के पानी का इस्तेमाल बागवानी में भी शुरू किया। गर्मी के मौसम में तालाब के पानी से आम के पेड़ों की सिंचाई करते हैं। तालाब की मेड़ पर आम और लीची के पौधे लगाए गए हैं।
यह भी पढ़ें…Royal Enfield Himalayan 440 : रायल एनफील्ड का धमाका, लांच की नई बाइक, इतने रुपये है कीमत
तालाब के ऊपर शेड, नीचे मछलियों का पालन
अंकित ने अपने दो तालाबों के ऊपर शेड तैयार किए हैं। इन शेड में मुर्गी पालन किया जाता है। वहीं नीचे तालाब में मछली पालन होता है। शेड की क्षमता करीब 1000 से 1200 मुर्गियों की है।

यह भी पढ़ें…Ganja Smuggling : 48 घंटे में 108 किलो गांजा जब्त, 1.14 करोड़ की संपत्ति जब्त
मुर्गी पालन से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग मछलियों के आहार के रूप में किया जाता है। इस तरह एक ही जगह पर मुर्गी और मछली पालन को जोड़कर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें…Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद
मेड़ पर आम-लीची, अतिरिक्त आय का भी इंतजाम
मछली-मुर्गी पालन (Fish Poultry Farming Jashpur) के साथ अंकित ने तालाब की मेड़ का भी बेहतर इस्तेमाल किया है। उन्होंने यहां आम के पेड़ लगाए हैं। उनके मुताबिक, पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधे रखती हैं। इससे मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद मिलती है।
यह भी पढ़ें…Job Fair Kanker : 1023 पदों पर होगी सीधी भर्ती, ऐसे करें आवेदन
आम और लीची के पेड़ आने वाले समय में अतिरिक्त आय का जरिया बनेंगे। इस तरह अंकित ने एक ही खेत में खेती के साथ बागवानी को भी जोड़ा है।
यह भी पढ़ें…PM Surya Ghar Yojna : 5 लाख घरों पर सोलर पैनल, 300 यूनिट फ्री बिजली के साथ 78 हजार की सब्सिडी

प्रधानमंत्री मत्स्य योजना से मिला 8 लाख का अनुदान
अंकित लकड़ा को प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के अंतर्गत पॉन्ड लाइनर मिला है। मत्स्य विभाग से उन्हें करीब 8 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में मिली। इसके साथ पॉलीथिन, बोर, मोटर और फीड भी उपलब्ध कराया गया है।
Fish Poultry Farming Jashpur एक खेत, कई आय के रास्ते
मछली-मुर्गी पालन (Fish Poultry Farming Jashpur) के जरिए अंकित ने अपने खेत को केवल धान की खेती तक सीमित नहीं रखा। तालाब का पानी सिंचाई में इस्तेमाल हो रहा है। तालाब में मछलियां पाली जा रही हैं। शेड में मुर्गी पालन हो रहा है। वहीं मेड़ पर आम और लीची के पेड़ अतिरिक्त आय का आधार बन रहे हैं।
अंकित लकड़ा की पहल बताती है कि नई सोच और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर किसान खेती को ज्यादा लाभकारी बना सकते हैं। उनका यह मॉडल दूसरे किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ आय के नए साधन अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।











