Barbatty Farming Success Story Raigarh : बरबटी-खीरा की खेती से 2.70 लाख का शुद्ध मुनाफा, ये तरीका आया काम
बरबटी की खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) ने किसान राज कुमार साहू की कमाई बढ़ा दी है। पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन अपनाकर उन्होंने बरबटी और खीरा की खेती से 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। सीमित जमीन में मिली यह सफलता अब दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बन रही है।
यह भी पढ़ें…Chahat Khanna Bikini Look : 40 की उम्र में चाहत खन्ना का बोल्ड अंदाज, Beach पर बिखेरा जलवा
पहले 78 हजार का लाभ, अब 2.70 लाख रुपये की कमाई
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के ग्राम बाम्हनपाली निवासी राज कुमार साहू के पास 0.800 हेक्टेयर सिंचित भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) करते थे। इससे उन्हें करीब 60 से 80 क्विंटल उत्पादन मिलता था। फसल की बिक्री से लगभग 2.48 लाख रुपये की आय होती थी और करीब 78 हजार रुपये का लाभ बचता था।
खेती में बदलाव के बाद उत्पादन बढ़कर 100 से 120 क्विंटल तक पहुंच गया। इससे फसल की बिक्री से 3.60 लाख रुपये की आय हुई। उत्पादन में करीब 90 हजार रुपये की लागत आई। लागत घटाने के बाद किसान को 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला।
यह भी पढ़ें…Royal Enfield Himalayan 440 : रायल एनफील्ड का धमाका, लांच की नई बाइक, इतने रुपये है कीमत
नई तकनीक ने बदला खेती का पूरा गणित
बरबटी की खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) में राज कुमार साहू ने नई तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन को अपनाया। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने फसल की देखभाल की। जैविक खाद और अनुशंसित दवाओं का इस्तेमाल किया। इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली।
राज कुमार साहू का कहना है कि खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) में सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही तकनीक और फसल प्रबंधन भी जरूरी है। बेहतर तरीके अपनाने से कम क्षेत्र में भी पहले की तुलना में अधिक उत्पादन और लाभ हासिल किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें…Tiger Attack Chhilfi : चिल्फी के जंगल में बाघ ने गाय को बनाया निवाला, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर
राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली आर्थिक मदद
राज कुमार साहू को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 20 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। विभागीय मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने खेती को बेहतर बनाने में किया। इससे उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
बरबटी-खीरा की खेती से बढ़ी आमदनी
बरबटी की खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) के साथ खीरा उत्पादन ने भी किसान की आय बढ़ाने में भूमिका निभाई। फसल विविधीकरण और बेहतर प्रबंधन से खेती का जोखिम कम करने के साथ आय बढ़ाने का रास्ता तैयार हुआ।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। राज कुमार साहू की सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें…Shweta Tiwari : 2 बार टूटी शादी, तलाक के बाद बच्चों को अकेले पाला, दर्द सहकर भी नहीं मानी हार
Barbatty Farming Success Story Raigarh ऐसे मुनाफे में आया उछाल
बरबटी की खेती (Barbatty Farming Success Story Raigarh) की यह कहानी बताती है कि खेती में बदलाव का सीधा असर उत्पादन और मुनाफे पर पड़ सकता है। राज कुमार साहू ने पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक अपनाई और अपने लाभ को करीब 78 हजार रुपये से बढ़ाकर 2.70 लाख रुपये तक पहुंचाया।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि किसान यदि फसल विविधीकरण, वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन को अपनाएं तो सीमित भूमि से भी बेहतर आय हासिल कर सकते हैं।












One Comment