कृषि समाचार

Brinjal Farming Success : धान छोड़ ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाई, अब बढ़ी आय और बेटे को ICAR में दिलाई पढ़ाई

Grafted Brinjal Farming : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाकर किसान कंदर्प नायक ने कम लागत में बेहतर उत्पादन और अच्छी कमाई हासिल की।

Brinjal Farming Success धान की खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे से परेशान कई किसान अब सब्जी खेती की ओर रुख कर रहे हैं। अगर आप भी कम जमीन में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, तो ग्राफ्टेड बैंगन की खेती आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। आधुनिक तकनीक, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग अपनाकर कई किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : Sawan Somwar : हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय, पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब

धान से बैंगन की खेती तक का सफर

गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के ग्राम करचिया के किसान कंदर्प नायक भी पहले पारंपरिक धान की खेती करते थे। अधिक लागत और कम आय के कारण परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई कराना मुश्किल हो रहा था। करीब 12 वर्ष पहले उन्होंने उद्यानिकी विभाग के संपर्क में आकर आधुनिक खेती की जानकारी ली और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की।

यह भी पढ़ें :  Chhattisgarh Weather Update Today : अगले 3 घंटे में रायगढ़, बलरामपुर समेत इन जिलों में होगी बारिश!

कम लागत, ज्यादा उत्पादन Brinjal Farming Success

आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद खेत में पानी की बचत होने लगी, पौधों में रोग कम लगे और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इससे खेती की लागत घटी और आय पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई। वर्तमान में कंदर्प नायक करीब एक एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  School Deer Video : स्कूल में पहुंचा 1 हिरण, बच्चों ने देखा तो रह गए हैरान

खेती से बदली परिवार की तस्वीर

कंदर्प नायक बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग से समय-समय पर तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलता रहा, जिससे खेती में लगातार अच्छे परिणाम मिले। बढ़ी हुई आय का सबसे बड़ा फायदा उनके परिवार को मिला। आज वे अपने बेटे को ICAR, नई दिल्ली में उच्च शिक्षा दिला रहे हैं, जो उनकी मेहनत और आधुनिक खेती सफलता का उदाहरण है।

यह भी पढ़ें :  Bus Stuck On Bridge  : टल गया बड़ा हादसा, बीच पुल में फंसी थी यात्रियों से भरी बस, देखें वीडियो

दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा

उद्यानिकी विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और ग्राफ्टेड पौधों जैसी तकनीकें अपनाकर किसान कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त कर सकते हैं। इससे लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है।

यह भी पढ़ें :  Chhattisgarh Monsoon : प्रदेश में मानसून मेहरबान, कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button