छत्तीसगढ़

Cheetal Meat Case Bilaspur : रिसॉर्ट में पक रहा था चीतल का मांस, मैनेजर सहित 6 गिरफ्तार

Cheetal Meat Poaching Case : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी क्षेत्र अंतर्गत बेलगहना वन परिक्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों (Cheetal Meat Case Bilaspur) को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुरदर स्थित सरकारी ईको जोहार रिसॉर्ट में चीतल मांस शिकार मामला का खुलासा हुआ है। वन विभाग की टीम ने 27 मार्च की देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसॉर्ट के भीतर ही दबिश दी और नर चीतल का मांस पकाते हुए रंगे हाथों आरोपियों को दबोच लिया।

मुखबिर की सटीक सूचना पर छापेमारी

वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रिसॉर्ट परिसर के भीतर प्रतिबंधित वन्यजीव का मांस (Cheetal Meat Case Bilaspur) पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही बेलगहना वन परिक्षेत्र की टीम ने घेराबंदी की। जब टीम रिसॉर्ट के किचन में पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। मौके पर एक नर चीतल का ताजा मांस बरामद किया गया, जिसे परोसने की तैयारी चल रही थी। इस चीतल मांस शिकार मामला में विभाग ने तुरंत साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया।

पूछताछ में रसोइए का बड़ा कबूलनामा

प्रारंभिक जांच के दौरान रिसॉर्ट के रसोइए रामकुमार टोप्पो ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे जनक बैगा नाम का व्यक्ति पलाश के पत्तों में लपेटकर मांस (Cheetal Meat Case Bilaspur) लाया था। उसने रसोइए को इसे जल्द से जल्द पकाने का निर्देश दिया था। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से मांस के नमूने जब्त किए और जांच में पुष्टि हुई कि वह प्रतिबंधित नर चीतल का ही मांस है। इस मामले ने रिसॉर्ट के संचालन पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

मैनेजर सहित यूपी का आरोपी भी शामिल

हैरानी की बात यह है कि इस अवैध गतिविधि को रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह राजपूत का संरक्षण प्राप्त था। रजनीश सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है। वन विभाग ने मैनेजर के साथ-साथ शिकार और मांस (Cheetal Meat Case Bilaspur) की सप्लाई में शामिल स्थानीय ग्रामीणों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार टोप्पो (केंवची), जनक राम बैगा, देवसिंह बैगा, राजेश बैगा और लखन राम बैगा (सभी निवासी कुरदर) शामिल हैं। चीतल मांस शिकार मामला में इन सभी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

कानूनी कार्रवाई और जेल Cheetal Meat Case Bilaspur

वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 (1, 2, 3), 44, 50 और 51 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर अपराध है क्योंकि कुरदर रिसॉर्ट पर्यटन विभाग द्वारा संचालित है और यहां सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। शनिवार को सभी 6 आरोपियों (Cheetal Meat Case Bilaspur) को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। चीतल मांस शिकार मामला की गहराई से जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं।

 

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