
Madhopali Bridge Couple Missing छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़-बरमकेला रोड स्थित माधोपाली पुल पर पानी के तेजबहाव में एक कार बह गई। कार में एक दंपत्ती भी सवार थे। शनिवार शाम से रेस्क्यू आपरेशन जारी है और एसडीआरएफ की टीम लगातार खोजबीन में जुटी है।
ऊफान पर हैं नदी नाले
बता दें कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से सभी छोटे बड़े नाले और नदी अपने ऊफान पर हैं। छोटे पुल व पुलियों में पानी दो से तीन फीट तक ऊपर बह रहा है। इससे कई मुख्यालयों और गांवों का संपर्क टूट गया है। इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों से पुल व पुलियों में पानी का बहाव अधिक होने के बाद भी लोगों द्वारा पार करने की कोशिश करने का मामला आ रहा है।

रविवार की शाम की घटना Madhopali Bridge Couple Missing
ऐसा ही मामला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के माधोपाली पुल (Madhopali Bridge Couple Missing) का है। बताया जा रहा है कि घोटला बड़े के पूर्व सरपंच और देव ट्रेडर्स के संचालक देवनारायण पटेल अपनी पत्नी सविता पटेल के साथ कार से माधोपाली पुल पार कर रहे थे। इसी दौरान पुल के ऊपर बह रहे तेज पानी के कारण कार अनियंत्रित होकर बह गई।
अभी तक नहीं मिला कोई सुराग
इस हादसे (Madhopali Bridge Couple Missing) की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। माधोपाली पुल से आगे अमझर पुल के आसपास और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। लेकिन इस दौरान दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। बताया जा रहा है कि देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाकर लापता दंपती की तलाश में जुटे रहे। रात होने के कारण रविवार सुबह से ही फिर रेस्क्यू चलाया जा रहा है। अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है।
प्रदेश मेंअब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज
छत्तीसगढ़ में इस मानसून (Madhopali Bridge Couple Missing) सीजन में बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 27 जुलाई की स्थिति में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। यह बीते 10 वर्षों की औसत बारिश (494 मि.मी.) का 85.2 प्रतिशत है।
औसतन आंकड़ों के लिहाज से स्थिति भले ही सामान्य के करीब नजर आ रही हो, लेकिन जिलों के धरातलीय आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य छत्तीसगढ़ यानी मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में अब भी पानी की दरकार है।

सारंगढ़ में रिकार्ड तोड़ बारिश Madhopali Bridge Couple Missing
इस मानसून में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में औसत के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ 181.5 फीसदी (694.3 मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही महासमुंद (123.2%), बलरामपुर (125.5%), जांजगीर-चांपा (117.6%), बलौदाबाजार (114.0%), सक्ती (113.7%) और राजधानी रायपुर (111.1%) में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे यहां के नदी-नाले उफान पर हैं और खेती-किसानी के काम में तेजी आई है। इसके अलावा बिलासपुर (102.5%), दुर्ग (105.1%) और मुंगेली (100.6%) में भी वर्षा का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।

बस्तर संभाग का बीजापुर जिला राज्य में सबसे पीछे
दूसरी ओर बस्तर संभाग का बीजापुर जिला राज्य में सबसे पीछे है, जहां अब तक महज 42.9 प्रतिशत (387.5 मि.मी.) बारिश ही हो पाई है। कमोबेश यही स्थिति सुकमा (45.0%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (51.8%), कांकेर (54.0%), कोण्डागांव (54.4%), बस्तर (54.5%) और सरगुजा (69.0%) जिलों की भी है, जहाँ बारिश का आंकड़ा सामान्य के आधे के आसपास ही अटका हुआ है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 7.6 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जिसमें महासमुंद में सर्वाधिक 37.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 34.4 मि.मी. और सारंगढ़-बिलाईगढ़ (Madhopali Bridge Couple Missing) में 33.4 मि.मी. वर्षा हुई। वहीं बलरामपुर, कोरिया, मोहला-मानपुर, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी है।
