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  • Cyclone Arnab School Holiday : चक्रवाती तूफान के असर से रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में स्कूलों में कल अवकाश

    Cyclone Arnab School Holiday : चक्रवाती तूफान के असर से रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में स्कूलों में कल अवकाश

    Cyclone Arnab School Holiday बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 29 अक्टूबर, गुरुवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। दोनों जिलों में स्कूलों की छुट्टी (Cyclone Arnab School Holiday) का फैसला खराब मौसम की आशंका को देखते हुए लिया गया है।

    रायगढ़ जिले में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन पर जिला शिक्षा अधिकारी ने अवकाश का आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय गुरुवार को बंद रहेंगे। रायगढ़ स्कूल अवकाश (Cyclone Arnab School Holiday) का आदेश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जारी किया गया है।

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    सारंगढ़-बिलाईगढ़ में स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी भी बंद

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। इनके अनुसार, जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 29 अक्टूबर को अवकाश रहेगा। स्कूल बंद रखने का आदेश (Cyclone Arnab School Holiday) मौसम विभाग से मिली जानकारी और विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में होने वाली संभावित परेशानी को ध्यान में रखकर जारी किया गया है।

     

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    आंगनबाड़ी केंद्र बंद, परियोजना कार्यालय खुले रहेंगे

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 29 अक्टूबर को बंद रहेंगे। तेज हवाओं और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा तथा प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न संभावित जोखिमों के मद्देनजर यह अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने के बावजूद परियोजना कार्यालय खुले रहेंगे।

    दोनों विभागों ने संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को आदेश की सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह एहतियाती कदम उठाया है। अवकाश संबंधी निर्णय (Cyclone Arnab School Holiday) तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

     

     

  • Raigarh Bus Checking : रायगढ़ में 45 यात्री बसों पर कार्रवाई, 1.14 लाख रुपये जुर्माना वसूला; बिना फिटनेस-टैक्स वाली बस जब्त

    Raigarh Bus Checking : रायगढ़ में 45 यात्री बसों पर कार्रवाई, 1.14 लाख रुपये जुर्माना वसूला; बिना फिटनेस-टैक्स वाली बस जब्त

    Raigarh Bus Checking रायगढ़ जिले में यात्री बसों के संचालन में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई की है। जांच अभियान के दौरान 45 यात्री बसों से कुल 1 लाख 14 हजार 100 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और टैक्स के संचालित एक बस को जब्त कर लिया गया। विभाग ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा, वैध दस्तावेज और परिवहन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया। जांच में अधिक किराया वसूली, अग्निशामक यंत्र नहीं होने, निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और परमिट की शर्तों के उल्लंघन जैसी अनियमितताएं सामने आईं। यात्री बसों की जांच (Raigarh Bus Checking) के दौरान बसों की छत पर सामान ढोने और खतरनाक तरीके से संचालन करने के मामलों में भी चालानी कार्रवाई की गई।

    जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान अलग-अलग बसों में कई तरह की कमियां पाई गईं। इनमें यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलना, बस में किराया सूची नहीं होना, अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं होना और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना शामिल है। इसके अलावा परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने तथा कंडक्टर लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कमियां भी सामने आईं। इन अनियमितताओं पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया। परिवहन विभाग की कार्रवाई (Raigarh Bus Checking) का उद्देश्य बस संचालकों को नियमों का पालन कराने के साथ यात्रियों के लिए सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना है।

     

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    बिना फिटनेस और टैक्स के चल रही बस जब्त

    जांच अभियान के दौरान एक ऐसी यात्री बस भी मिली, जिसका संचालन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और टैक्स के किया जा रहा था। परिवहन विभाग ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए बस को जब्त कर लिया। फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन की तकनीकी स्थिति और सड़क पर संचालन की उपयुक्तता से जुड़ा होता है। वहीं, वाहन से संबंधित टैक्स और अन्य वैध दस्तावेजों का होना भी नियमानुसार संचालन के लिए जरूरी है। विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि जांच के दौरान केवल छोटी अनियमितताओं पर चालान ही नहीं किया गया, बल्कि बिना जरूरी दस्तावेजों के चल रहे वाहन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। बिना फिटनेस बस पर कार्रवाई (Raigarh Bus Checking) यात्री परिवहन में नियमों के पालन की जांच का हिस्सा रही।

     

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    बसों की छत पर सामान ढोने वालों पर भी कार्रवाई

    यात्री बसों की जांच के दौरान छत पर सामान यानी लगेज ढोने और खतरनाक तरीके से बस चलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कुल 22 हजार रुपये का चालान किया गया। बसों की छत पर सामान ले जाने से जुड़े मामलों में विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। इसके साथ ही खतरनाक तरीके से बसों का संचालन करने वालों पर भी चालानी कार्रवाई की गई। बसों की छत पर लगेज (Raigarh Bus Checking) ले जाने और असुरक्षित संचालन के मामलों में की गई कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखना है।

     

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    यात्रियों की सुरक्षा पर विभाग का जोर

    परिवहन विभाग के अनुसार, यात्री बसों में अग्निशामक यंत्र की उपलब्धता, वैध दस्तावेज, निर्धारित यात्री क्षमता और परमिट की शर्तों का पालन जरूरी है। यात्रियों से निर्धारित किराया लेना और बस में किराया सूची प्रदर्शित करना भी महत्वपूर्ण है। इन नियमों का पालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। जांच अभियान के जरिए विभाग बस संचालकों को नियमों के अनुरूप वाहन चलाने के लिए निर्देशित कर रहा है। यात्री सुरक्षा जांच (Raigarh Bus Checking) के तहत दस्तावेजों और बसों में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं से संबंधित कमियों पर कार्रवाई की गई है।

    जिला परिवहन विभाग द्वारा यात्री बसों के संचालन की जांच की जा रही है। अभियान में अब तक 45 बसों से 1 लाख 14 हजार 100 रुपये का जुर्माना वसूला गया है और बिना फिटनेस तथा टैक्स के संचालित एक बस जब्त की गई है। वहीं, छत पर सामान ढोने और खतरनाक संचालन के मामलों में 22 हजार रुपये का चालान किया गया है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

     

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  • Chhattisgarh Dhaan Token QR Code : धान खरीदी में टोकन से लेकर क्यूआर कोड तक होगी निगरानी, घर बैठे बुकिंग

    Chhattisgarh Dhaan Token QR Code : धान खरीदी में टोकन से लेकर क्यूआर कोड तक होगी निगरानी, घर बैठे बुकिंग

    Chhattisgarh Dhaan Token QR Code  छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी में किसानों को टोकन के लिए समितियों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। खाद्य विभाग के ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से किसान घर बैठे 24 घंटे ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे। वहीं, चावल की प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग और ट्रेसिबिलिटी व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे परिवहन की निगरानी करने और चावल के पुनर्चक्रण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। धान खरीदी की तकनीकी व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन, क्यूआर कोड और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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    घर बैठे मिलेगा ऑनलाइन टोकन

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग धान विक्रय के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप का उपयोग करेगा। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान एप के माध्यम से ओटीपी आधारित पंजीयन कर 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे टोकन लेने के लिए समितियों में लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।

    प्रत्येक समिति की प्रतिदिन की खरीदी सीमा में से 70 प्रतिशत टोकन एप के जरिए और शेष 30 प्रतिशत टोकन समिति स्तर से जारी किए जाएंगे। एप से जारी होने वाले 70 प्रतिशत टोकन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी लघु एवं सीमांत किसानों और 20 प्रतिशत बड़े किसानों के लिए निर्धारित की गई है।

     

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    रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन

    टोकन व्यवस्था में किसानों के रकबे के अनुसार संख्या निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक के किसानों को एक टोकन, दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक के किसानों को दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। इस टोकन प्रणाली (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) का उद्देश्य खरीदी की निर्धारित सीमा के भीतर किसानों को टोकन उपलब्ध कराना है।

     

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    हर बोरी पर लगेगा क्यूआर कोड

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप चावल की प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग और ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। इससे बोरी की पहचान और परिवहन से संबंधित जानकारी को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य चावल के पुनर्चक्रण और खरीदी में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है। क्यूआर कोड व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) से चावल की बोरियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी।

     

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    लोकेशन ट्रैकिंग से होगी निगरानी

    धान परिवहन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगे वाहनों से धान का उठाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे परिवहन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। क्यूआर कोड और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए धान और चावल के परिवहन की प्रक्रिया पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।

     

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    273 चेक पोस्ट पर जांच

    सीमावर्ती राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए प्रदेश में 273 चेक पोस्ट और 131 सीमावर्ती उपार्जन केंद्र चिन्हांकित किए गए हैं। जिला स्तर पर विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    धान खरीदी से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई है। अति संवेदनशील केंद्रों की शिकायतों का 24 घंटे, संवेदनशील केंद्रों की शिकायतों का 48 घंटे और सामान्य केंद्रों की शिकायतों का 72 घंटे के भीतर निराकरण करना होगा। निगरानी व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी विस्तार किया जाएगा।

     

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  • Chhattisgarh Cyclone Alert : छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Cyclone Alert : छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

    Chhattisgarh Cyclone Alert बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में 29 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने और बाढ़ प्रभावित हो सकने वाले गांवों में पहले से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर जनहानि रोकने और आपातकालीन सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराने पर है।

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    Chhattisgarh Cyclone Alert  बाढ़ से निपटने की तैयारी

    अपर मुख्य सचिव ने संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों का आकलन कर जरूरी तैयारियां करने को कहा, ताकि जनहानि को शून्य रखा जा सके। जल संसाधन विभाग की ओर से जलाशयों के संबंध में जारी एडवाइजरी के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। होमगार्ड, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रखने को कहा गया है।

    बारिश या बाढ़ के कारण स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने की स्थिति बनने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बिजली, दूरसंचार और चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने, पेड़ गिरने पर उन्हें तुरंत हटाकर सड़क आवागमन बहाल रखने तथा जिला कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है। गांवों में एहतियात के लिए मुनादी कराने के निर्देश भी दिए गए।

     

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    29 अक्टूबर तक बारिश की आशंका

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। विशेष रूप से 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

     

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    जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय Chhattisgarh Cyclone Alert 

    कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

     

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    किसानों को सतर्क रहने की सलाह

    कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों में रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करें। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए नवंबर के प्रथम सप्ताह से बुवाई शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

    सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवा की आशंका को देखते हुए करेला और लौकी जैसी लता वाली सब्जियों के लिए सहारे की व्यवस्था करने को कहा गया है। केले के पौधों और फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा देने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान कीटनाशकों और कवकनाशकों का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है।

     

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    पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह

    पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश की आशंका के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर बांधने से बचने को कहा गया है। पशुओं के लिए सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है।

     

  • Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

    Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

    Chhattisgarh Cabinet Decisions छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं, रोजगार और जनसुविधाओं को लेकर राज्य कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को हुई बैठक में करीब 8,000 करोड़ रुपये की कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को मंजूरी दी गई। वहीं, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अधोसंरचना और पर्यटन विकास के लिए पांच-पांच साल के दो मिशन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है, जिनके लिए कुल 1,000 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। कैबिनेट के इन फैसलों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, उद्योगों और खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

    अधोसंरचना और पर्यटन पर 1,000 करोड़

    मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए लागू किया जाएगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। हर साल 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (सीजीआरआईडीसीएल) क्रियान्वयन करेगा।

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन भी पांच साल के लिए शुरू किया जाएगा। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रविधान प्रस्तावित है। दोनों मिशनों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) के माध्यम से अधोसंरचना और पर्यटन से जुड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने की तैयारी है।

     

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    कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

    राज्य सरकार के कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आनलाइन अनुमति और दावा निपटान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान भुगतान और प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना मंजूर

    कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8,000 करोड़ रुपये है। इसमें राज्य की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,000 करोड़ रुपये होगी। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य सरकार और रेल मंत्रालय की हिस्सेदारी लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये होगी। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ रेल कारपोरेशन लिमिटेड (सीआरसीएल) के माध्यम से किया जाएगा।

     

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    धान खरीदी 15 नवंबर से

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। किसानों से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जाएगा। सरकार ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की है। इससे 27.5 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।

    जिन किसानों के पास पहले से एग्रीस्टैक फार्मर आइडी है और जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीयन कराया था, उन्हें अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। खरीदी केंद्रों पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू रहेगी। इसके साथ ही 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में केंद्रों की कुल संख्या लगभग 3,100 हो जाएगी। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिरिक्त धान की नीलामी करने का भी निर्णय लिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था (Chhattisgarh Cabinet Decisions) में पंजीयन और उपार्जन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर जोर दिया गया है।

     

    Chhattisgarh Cabinet Decisions बिजली बिल में राहत बढ़ी

    एम-ऊर्जा योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिलने वाली रियायत जारी रहेगी। इसके अलावा हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए योजना की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी गई है। इससे करीब 7.25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।

     

    सड़क निर्माण को राहत Chhattisgarh Cabinet Decisions

    कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्यों में बिटुमिन की कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए वित्तीय राहत देने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के उन कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिनकी अवधि एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक है।

    वहीं, एक अप्रैल 2026 से पहले निविदा प्राप्त राज्य वित्तपोषित लोक निर्माण विभाग के कार्यों में 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच खरीदे और उपयोग किए जाने वाले बिटुमिन के लिए लगभग 70 से 100 करोड़ रुपये की संभावित राहत का अनुमान है।

     

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    नौ प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया

    जनहित को ध्यान में रखते हुए केवल राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में उपसमिति की अनुशंसा के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    कुरा का नाम कुंवरगढ़

    रायपुर जिले की नगर पंचायत कुरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

    कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन

    राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया जाएगा।

     

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    पांच स्थानों का पुनर्विकास

    कैबिनेट ने दूसरे चरण में पांच स्थानों के पुनर्विकास को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर कराने का निर्णय लिया है। इनमें दुर्ग स्थित शासकीय कुक्कुट पालन फार्म, रामानुजगंज स्थित पशु चिकित्सालय परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन की भूमि और रंजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार तथा धमतरी का रुद्री चौक शामिल हैं।

    वेयरहाउस के लिए जमीन

    राजनांदगांव जिले के खपरीकला में 10 एकड़ भूमि केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को निर्धारित शर्तों के अनुसार वेयरहाउस निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया गया है।

    सोमनी में फल प्रसंस्करण केंद्र

    राजनांदगांव जिले के सोमनी में 31.55 एकड़ भूमि कृषि विभाग को देने की मंजूरी दी गई है। यहां राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से बहु-फल प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। इससे 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

     

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    सुशासन विभाग में तीन पद

    सुशासन एवं अभिसरण विभाग के कार्यालय में आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ के तीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

    वन मुख्यालय में नया पद

    वन मुख्यालय अरण्य भवन में प्रधानमंत्री गति शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से संबंधित कार्यों के लिए विशेष कर्तव्य अधिकारी का एक वर्षीय अस्थायी पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है।

    दिवंगत अधिकारी के परिवार को लाभ

    दिवंगत डॉ. राकेश मोहन चंदोला की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को नियमित मानने का निर्णय लिया गया है। इससे उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन, एरियर और ब्याज का लाभ मिल सकेगा।

    खेल मिशन के लिए 100 करोड़

    मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में प्रतिभा खोज अभियान और फीडर सेंटर शुरू किए जाएंगे। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

     

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    Chhattisgarh Cabinet Decisions औद्योगिक नियमों में बदलाव

    छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग की प्रक्रिया को सरल बनाना, विवाद कम करना और ई-नीलामी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

    धान सहायता अब प्रति एकड़ Chhattisgarh Cabinet Decisions

    कृषक उन्नति योजना में बदलाव करते हुए धान के लिए इनपुट सहायता की गणना प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। इससे योजना के तहत सहायता राशि की गणना की व्यवस्था में बदलाव होगा।

    Chhattisgarh Cabinet Decisions विकास और राहत पर जोर

    कैबिनेट बैठक में धान खरीदी, बिजली बिल में रियायत, सरकारी कर्मचारियों के कैशलेस इलाज, रेल कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण, पर्यटन, खेल और औद्योगिक निवेश से जुड़े फैसले लिए गए। इन निर्णयों (Chhattisgarh Cabinet Decisions) के जरिए सरकार ने विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ विभिन्न वर्गों को राहत और सुविधाएं देने पर जोर दिया है।

  • Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

    Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

    Raipur Bilaspur Highway Bus Accident रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर बलौदाबाजार के सिमगा के पास सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अंबिकापुर से रायपुर जा रही यात्री बस ग्राम दरचुरा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में बस चालक और कंडक्टर समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को रायपुर रेफर किया गया है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए बचाव दल को गैस कटर सहित अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज गति और चालक को झपकी आना दुर्घटना की वजह बताई जा रही है।

    सुबह पांच बजे हुआ हादसा, बस में सवार थे 22 यात्री

    जानकारी के अनुसार, बस सोमवार सुबह करीब पांच बजे 22 यात्रियों को लेकर अंबिकापुर से रायपुर के लिए निकली थी। ग्राम दरचुरा स्थित इंडियन आयल पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खराब होकर खड़े ट्रक से बस (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident)  टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में एक यात्री का पैर कटने की भी जानकारी सामने आई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद छह गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया, जबकि 10 घायलों का उपचार सिमगा में किया जा रहा है। रायपुर-बिलासपुर हाईवे हादसे (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) के बाद पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

     

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    चालक-कंडक्टर समेत पांच की मौत

    थाना प्रभारी परिवेश तिवारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बस चालक भागीरथी यादव (37), निवासी खजरीकला, जिला जशपुर; कंडक्टर पवन देवांगन (24), निवासी बलंगी, जिला बलरामपुर; और यात्री शमीम मोहम्मद (39), निवासी सरना, जिला बलरामपुर के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल अतुल कुमार (33), निवासी सरना, जिला बलरामपुर और सुंदरलाल (49), निवासी सिंघनपुरी, जिला रायगढ़ की भी रास्ते में मौत हो गई।

    हादसे में अलग-अलग जिलों के यात्री प्रभावित हुए हैं। दुर्घटना की खबर (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) सामने आने के बाद घायलों के परिजनों में चिंता का माहौल है। पुलिस मृतकों और घायलों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है।

    रायपुर, बिलासपुर समेत कई क्षेत्रों के यात्री घायल

    घायल यात्रियों में वासुदेव राव, राजेंद्र ठाकुर, सविता केंवट, बुधराम केंवट, निर्मला यादव, दुलेश्वर यादव, सुमन दीक्षित, अमन गुप्ता, अनुराग वेद, दिलीप तिवारी, सतीश भगत, अनिल यादव, कमलदास गुप्ता और पुनम टोप्पो शामिल हैं। घायलों में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और बलरामपुर सहित अन्य क्षेत्रों के यात्री हैं। इनमें एक घायल आंध्र प्रदेश का निवासी बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में बस की गति और चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हाईवे पर खड़े खराब वाहनों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी यह घटना सवाल खड़े करती है। सड़क दुर्घटना (Raipur Bilaspur Highway Bus Accident) में पांच लोगों की जान जाने के बाद जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि ट्रक सड़क किनारे किस स्थिति में खड़ा था और वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं।

     

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    बालोद और धमतरी में भी हादसे, चार की मौत

    नईदुनिया न्यूज, बालोद। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर ग्राम बालोदगहन के पास रविवार तड़के करीब तीन बजे कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में कार चालक राहुल पारख (25) और मंशा राणा (23) की मौत हो गई, जबकि काशीका राणा (26) गंभीर रूप से घायल हो गईं। तीनों रायपुर से जगदलपुर जा रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    वहीं, बालोद और धमतरी में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो बाइक सवारों की भी मौत हो गई। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षित यातायात और वाहन चालकों की सतर्कता का सवाल खड़ा कर दिया है।

  • Chhattisgarh Public Holiday :  सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

    Chhattisgarh Public Holiday : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 9 नवंबर को सरकार ने जारी किया आदेश

    Chhattisgarh Public Holiday छत्तीसगढ़ सरकार ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर 9 नवंबर 2026 को सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित किया है। राज्य शासन के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को दीपावली के दूसरे दिन भी छुट्टी मिलेगी। इससे पहले गोवर्धन पूजा को ऐच्छिक अवकाश की सूची में रखा गया था, लेकिन अब इसे सार्वजनिक अवकाश में बदल दिया गया है। छत्तीसगढ़ में छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।

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    ऐच्छिक अवकाश की सूची में था पर्व

    सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना क्रमांक GENS-2101/3340/2026-GAD-5 के अनुसार, इससे पहले 6 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना में गोवर्धन पूजा को 9 नवंबर 2026, सोमवार के लिए ऐच्छिक अवकाश की सूची में क्रमांक 50 पर शामिल किया गया था। अब शासन ने संशोधन करते हुए इसे सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद गोवर्धन पूजा पर छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) ऐच्छिक अवकाश तक सीमित नहीं रहेगी।

     

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    9 नवंबर, सोमवार को रहेगा अवकाश

    राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, 9 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश रहेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले यह पर्व ऐच्छिक अवकाश की श्रेणी में था। गोवर्धन पूजा की छुट्टी (Chhattisgarh Public Holiday) से संबंधित आदेश में अवकाश की तारीख स्पष्ट कर दी गई है।

     

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    दीपावली के दूसरे दिन होती है गोवर्धन पूजा

    गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन मनाई जाने वाली प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। इसी प्रसंग की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।

    छत्तीसगढ़ में भी गोवर्धन पूजा (Chhattisgarh Public Holiday) धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं के साथ मनाई जाती है। राज्य सरकार के फैसले के बाद 9 नवंबर को घोषित अवकाश (Chhattisgarh Public Holiday) को लेकर कर्मचारियों को स्पष्टता मिल गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में गोवर्धन पूजा के लिए सार्वजनिक/सामान्य अवकाश का उल्लेख किया गया है।

     

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  • Gaurdih Gram Panchayat News :  बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

    Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी

    Gaurdih Gram Panchayat News छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरडीह में मनरेगा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां पदस्थ तकनीकी सहायक ने सरकारी जिम्मेदारी को मानो ताक पर रख दिया है। पिछले छह महीनों में वे कथित तौर पर महज एक बार ही गांव पहुंचे। पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी, तकनीकी प्रक्रिया और बैठकों में भागीदारी जिनकी जिम्मेदारी है, उनकी ऐसी कथित बेरुखी से व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सवाल यह है कि जब जिम्मेदार तकनीकी सहायक ही गांव से दूरी बनाए रखेंगे, तो मनरेगा के काम आगे कैसे बढ़ेंगे?

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    बैठकों से दूरी, पंचायत के कामकाज पर असर

    ग्राम पंचायत (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक पंचायत की मासिक बैठकों और ग्रामसभा से भी नदारद रहे हैं। पंचायत के उपस्थिति रजिस्टर में उनकी मौजूदगी दर्ज नहीं होने का दावा किया जा रहा है। यदि रिकॉर्ड इस दावे की पुष्टि करता है, तो यह केवल बैठकों में अनुपस्थिति का मामला नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर योजना की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है।

    मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News)  में तकनीकी सहायक की भूमिका केवल कागजों तक सीमित नहीं होती। कार्यों का आकलन, एस्टीमेट तैयार करना, लेआउट तय करना और माप पुस्तिका (एमबी) से जुड़ी प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग जरूरी है। पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक, तकनीकी सहायक के नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने से ये काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में गांव में विकास कार्यों की गति पर असर पड़ने की शिकायत है।

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    शिकायतें होती रहीं, सुनवाई पर सवाल

    पंचायत प्रतिनिधियों (Gaurdih Gram Panchayat News) का कहना है कि इस स्थिति को लेकर कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) को कई बार फोन पर शिकायत की गई। जनपद कार्यालय पहुंचकर भी मौखिक रूप से समस्या बताई गई, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं हुआ। यदि बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो यह सवाल जनपद स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी उठता है।

    (Gaurdih Gram Panchayat News) प्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक अपनी जिम्मेदारी पर सवाल उठने पर जनपद और जिला स्तर के अधिकारियों का हवाला देते हैं। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों का सवाल है कि आखिर गांव के कामकाज की जिम्मेदारी किसकी है और कर्मचारी की क्षेत्रीय उपस्थिति सुनिश्चित करना किसका दायित्व है? शिकायतों के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही को कटघरे में खड़ा करता है।

     

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    तकनीकी काम अटके तो मजदूरों को कैसे मिलेगा लाभ

    मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News)  ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके कामकाज में तकनीकी प्रक्रिया की देरी का असर आगे की गतिविधियों और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। गौरडीह के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एस्टीमेट, लेआउट, मस्टर रोल और एमबी से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण पंचायत के कार्यों में बाधा आ रही है। ऐसे में सबसे अहम सवाल उन मजदूरों का है, जो काम मिलने और समय पर भुगतान होने की उम्मीद में योजना पर निर्भर रहते हैं।

    सरकारी योजना (Gaurdih Gram Panchayat News)  में पदस्थ कर्मचारी की उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि तकनीकी सहायक की अनुपस्थिति के आरोप सही पाए जाते हैं, तो केवल औपचारिक जवाब लेकर मामला खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा। पिछले छह महीनों की उपस्थिति, क्षेत्रीय भ्रमण, बैठकों के रिकॉर्ड और लंबित तकनीकी कार्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।

     

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    Gaurdih Gram Panchayat News जांच और कार्रवाई की मांग

    ग्राम पंचायत गौरडीह (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारी की कथित अनुपस्थिति के कारण गांव के विकास कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

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  • Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। शनिवार सुबह बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुर स्थित कोन्हाखार के पास ढोघट घाट पर नदी में नहाने उतरे चार लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र विवेक सिंह और अभिजीत सिंह के साथ दो सगे भाई गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल शामिल हैं। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों के शव नदी से बाहर निकाले। दशहरा मनाने के बाद शनिवार को सभी को बिहार स्थित अपने घर लौटना था, लेकिन इससे पहले ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    जिस घर में दशहरा की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। एक महिला ने अपना पति और इकलौता बेटा खो दिया, तो दूसरे परिवार के दोनों बेटे हमेशा के लिए बिछड़ गए। हादसे की खबर मिलते ही स्वजन और परिचितों में शोक छा गया।

     

     

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    मंदिर में दर्शन के बाद नदी पहुंचे थे चारों

    यह घटना (Surajpur River Accident)  सूरजपुर क्षेत्र के चंदरपुर में रहने वाली नेहा सिंह के परिवार के साथ हुई। नेहा ब्यूटी पार्लर और श्रृंगार की दुकान चलाती हैं और अपने बेटे अभिजीत के साथ यहां रहती थीं। दशहरा पर्व मनाने के लिए उनके पति विवेक सिंह, नेहा के माता-पिता और उनकी बहन के दोनों बेटे बिहार के कटिहार जिले से चंदरपुर आए थे।

    शनिवार को सभी को वापस बिहार लौटना था। इससे पहले सुबह विवेक सिंह स्कूटी से पंपापुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन करने गए। वहां से उन्होंने अपने बेटे अभिजीत और साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटों गोपाल कृष्ण व कृष्ण गोपाल को फोन कर कोन्हाखार स्थित रेण नदी के घाट पर बुलाया। चारों ने नदी में स्नान करने की योजना बनाई थी, लेकिन गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हुआ।

     

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    कपड़े, चप्पल और स्कूटी देखकर हुआ संदेह

    काफी देर तक चारों के वापस नहीं लौटने पर नदी किनारे (Surajpur River Accident)  मौजूद ग्रामीणों की नजर वहां रखे कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और दो स्कूटी पर पड़ी। आसपास कोई नजर नहीं आने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों की सूचना पर बिश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटाई। दोनों स्कूटी नेहा सिंह और विवेक सिंह के नाम पर दर्ज थीं। पंजीयन रिकॉर्ड से मिले मोबाइल नंबर के जरिए स्वजन को घटना की जानकारी दी गई।

     

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    ग्रामीण युवकों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले शव

    पुलिस ने नगर सेना की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) की टीम को सूचना दी। टीम के रमकोला में होने के कारण अंबिकापुर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को बुलाया गया। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण युवक मनीष सिंह, कमल सिंह और गणेश सिंह नदी में तलाश के लिए उतर गए।

    करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सबसे पहले गोपाल कृष्ण का शव पत्थर के पास फंसा मिला। इसके बाद कृष्ण गोपाल और विवेक सिंह के शव बरामद किए गए। कुछ दूरी पर विवेक के पुत्र अभिजीत का शव भी मिल गया। ग्रामीण युवकों के प्रयास से चारों शवों को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया। बिहार के कटिहार से स्वजन के रवाना होने के कारण पुलिस उनके पहुंचने का इंतजार कर रही थी।

     

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    किसी ने खोया पति और इकलौता बेटा

    रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) में विवेक सिंह और उनके इकलौते पुत्र अभिजीत की मौत हो गई। वहीं, विवेक के साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल भी काल के गाल में समा गए। जितेंद्र सिंह के दो ही बच्चे थे। एक ही हादसे में पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जिस परिवार को शनिवार को दशहरा मनाने के बाद अपने घर लौटना था, वहां अब अपनों के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ रही है। हादसे ने दोनों परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।

     

    Surajpur River Accident  दुर्घटना में इनकी हुई मौत

    • विवेक कुमार सिंह (45): पिता विश्वनाथ सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • अभिजीत सिंह (20): पिता विवेक सिंह, वर्तमान निवासी चंद्रपुर, थाना सूरजपुर, जिला सूरजपुर; कुशवाहा के मकान में किराएदार।
    • गोपाल कृष्ण (13): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • कृष्ण गोपाल (14): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।

     

  • Adani Foundation Health Camp : मां चंद्रहासिनी मंदिर में अदाणी फाउंडेशन का सेवा शिविर, नौ दिन में 687 श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज

    Adani Foundation Health Camp : मां चंद्रहासिनी मंदिर में अदाणी फाउंडेशन का सेवा शिविर, नौ दिन में 687 श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज

    Adani Foundation Health Camp छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर, चंद्रपुर में शारदीय नवरात्रि के दौरान आस्था के साथ सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। अदाणी पावर लिमिटेड, रायगढ़ की सामाजिक सरोकार इकाई अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) की ओर से मंदिर परिसर में 11 से 19 अक्टूबर तक नौ दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं प्राथमिक उपचार शिविर लगाया गया। इस दौरान देश-प्रदेश से पहुंचे कुल 687 श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। इनमें 504 पुरुष और 183 महिलाएं शामिल थीं।

    अतिथियों की मौजूदगी में हुआ शिविर का शुभारंभ

    शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि आशीष पटेल (तहसीलदार, डभरा), ओमप्रकाश देवांगन (अध्यक्ष, नगर पंचायत चंद्रपुर), तिलेस माली (मंडल अध्यक्ष), मोहन विश्वकर्मा (मुख्य नगर पालिका अधिकारी), दिनेश नायक (जिला समन्वयक), गौरी शंकर गुप्ता एवं गिरजा यादव (एल्डरमैन) तथा मंदिर न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।

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    चौबीसों घंटे मिली चिकित्सा सुविधा, दवाओं का भी मुफ्त वितरण

    शिविर में डॉ. उरांव के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने चौबीसों घंटे सेवाएं दीं। महानदी के तट पर नवरात्रि मेले में उमड़े श्रद्धालुओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) की इस पहल से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी मदद मिल सकी।

    सर्दी-बुखार से लेकर बीपी-शुगर तक की जांच

    शिविर में लंबी दूरी तय कर पहुंचे 187 मरीजों को तात्कालिक राहत दी गई। इसके अलावा सर्दी, खांसी और मौसमी बुखार से पीड़ित 136 मरीजों का उपचार किया गया। सफर और उपवास के कारण थके 130 मरीजों को भी चिकित्सकीय सहायता मिली। वहीं, 106 मरीजों की बीपी, शुगर जांच और घाव की ड्रेसिंग की गई। त्वचा रोग से संबंधित 62 और गैस्ट्रो की समस्या वाले 44 मरीजों का भी उपचार किया गया। इस तरह कुल 687 श्रद्धालुओं ने शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

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    छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा से पहुंचे श्रद्धालुओं को भी मिला लाभ

    महानदी, मांड नदी और लात नदी के पवित्र संगम पर स्थित मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार अदाणी फाउंडेशन (Adani Foundation Health Camp) के शिविर का लाभ चंद्रपुर और आसपास के ग्रामीणों के साथ रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा से आए दर्शनार्थियों को भी मिला। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।

    आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन श्री गोपाल जी महाप्रभु एवं चंद्रहासिनी देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास के समन्वय और स्वर्गीय मुकुटधर पांडेय स्मृति मेमोरियल सर्विस फाउंडेशन, चंद्रपुर के संचालन सहयोग से संपन्न हुआ।

    जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है शिविर : ओमप्रकाश देवांगन

    नगर पंचायत चंद्रपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि नवरात्रि मेले में उमड़ने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अदाणी फाउंडेशन का यह शिविर जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    वहीं, चंद्रहासिनी देवी मंदिर न्यास के ट्रस्टी सुजीत पांडेय ने कहा कि मंदिर आने वाले गरीब और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मौके पर ही मुफ्त इलाज और दवाएं मिलने से उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी।