कृषि समाचार

Chhattisgarh Dhaan Token QR Code : धान खरीदी में टोकन से लेकर क्यूआर कोड तक होगी निगरानी, घर बैठे बुकिंग

Chhattisgarh Dhaan Token QR Code  छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी में किसानों को टोकन के लिए समितियों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। खाद्य विभाग के ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से किसान घर बैठे 24 घंटे ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे। वहीं, चावल की प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग और ट्रेसिबिलिटी व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे परिवहन की निगरानी करने और चावल के पुनर्चक्रण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। धान खरीदी की तकनीकी व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन, क्यूआर कोड और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Cyclone Alert : छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

 

घर बैठे मिलेगा ऑनलाइन टोकन

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग धान विक्रय के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप का उपयोग करेगा। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान एप के माध्यम से ओटीपी आधारित पंजीयन कर 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे टोकन लेने के लिए समितियों में लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।

प्रत्येक समिति की प्रतिदिन की खरीदी सीमा में से 70 प्रतिशत टोकन एप के जरिए और शेष 30 प्रतिशत टोकन समिति स्तर से जारी किए जाएंगे। एप से जारी होने वाले 70 प्रतिशत टोकन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी लघु एवं सीमांत किसानों और 20 प्रतिशत बड़े किसानों के लिए निर्धारित की गई है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16
Apex-hospital
IMG-20260923-WA0051

 

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Cabinet Decisions : छत्तीसगढ़ में 8,000 करोड़ की रेल परियोजना मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; दो मिशनों पर खर्च होंगे 1,000 करोड़

 

रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन

टोकन व्यवस्था में किसानों के रकबे के अनुसार संख्या निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक के किसानों को एक टोकन, दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक के किसानों को दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। इस टोकन प्रणाली (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) का उद्देश्य खरीदी की निर्धारित सीमा के भीतर किसानों को टोकन उपलब्ध कराना है।

 

यह भी पढ़ें : Raipur Bilaspur Highway Bus Accident : खड़े ट्रक से भिड़ी यात्री बस, पांच की मौत; 16 घायल, छह रायपुर रेफर

 

हर बोरी पर लगेगा क्यूआर कोड

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप चावल की प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग और ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। इससे बोरी की पहचान और परिवहन से संबंधित जानकारी को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य चावल के पुनर्चक्रण और खरीदी में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है। क्यूआर कोड व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) से चावल की बोरियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी।

 

यह भी पढ़ें : Mahtari Vandan Yojana : सरिता मल्होत्रा ने CM साय से दिवाली से पहले किस्त और 2,500 रुपये करने की मांग

 

लोकेशन ट्रैकिंग से होगी निगरानी

धान परिवहन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगे वाहनों से धान का उठाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे परिवहन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। क्यूआर कोड और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए धान और चावल के परिवहन की प्रक्रिया पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें : Malaika Arora Birthday : 53 की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा का जलवा बरकरार, साड़ी से ब्लैक और शिमरी आउटफिट तक हर लुक में दिखा ग्लैमर

 

273 चेक पोस्ट पर जांच

सीमावर्ती राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए प्रदेश में 273 चेक पोस्ट और 131 सीमावर्ती उपार्जन केंद्र चिन्हांकित किए गए हैं। जिला स्तर पर विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

धान खरीदी से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई है। अति संवेदनशील केंद्रों की शिकायतों का 24 घंटे, संवेदनशील केंद्रों की शिकायतों का 48 घंटे और सामान्य केंद्रों की शिकायतों का 72 घंटे के भीतर निराकरण करना होगा। निगरानी व्यवस्था (Chhattisgarh Dhaan Token QR Code) के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी विस्तार किया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें : Monalisa Teal Green Saree Look : मोनालिसा का नया ट्रेडिशनल अवतार, टील ग्रीन साड़ी में ढाया कहर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button