Gaurdih Gram Panchayat News : बरमकेला में मनरेगा भगवान भरोसे! तकनीकी सहायक बैठकों से नदारद, गांव से भी बनाई दूरी
Gaurdih Gram Panchayat News छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरडीह में मनरेगा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां पदस्थ तकनीकी सहायक ने सरकारी जिम्मेदारी को मानो ताक पर रख दिया है। पिछले छह महीनों में वे कथित तौर पर महज एक बार ही गांव पहुंचे। पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी, तकनीकी प्रक्रिया और बैठकों में भागीदारी जिनकी जिम्मेदारी है, उनकी ऐसी कथित बेरुखी से व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सवाल यह है कि जब जिम्मेदार तकनीकी सहायक ही गांव से दूरी बनाए रखेंगे, तो मनरेगा के काम आगे कैसे बढ़ेंगे?
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बैठकों से दूरी, पंचायत के कामकाज पर असर
ग्राम पंचायत (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक पंचायत की मासिक बैठकों और ग्रामसभा से भी नदारद रहे हैं। पंचायत के उपस्थिति रजिस्टर में उनकी मौजूदगी दर्ज नहीं होने का दावा किया जा रहा है। यदि रिकॉर्ड इस दावे की पुष्टि करता है, तो यह केवल बैठकों में अनुपस्थिति का मामला नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर योजना की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है।
मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News) में तकनीकी सहायक की भूमिका केवल कागजों तक सीमित नहीं होती। कार्यों का आकलन, एस्टीमेट तैयार करना, लेआउट तय करना और माप पुस्तिका (एमबी) से जुड़ी प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग जरूरी है। पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक, तकनीकी सहायक के नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने से ये काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में गांव में विकास कार्यों की गति पर असर पड़ने की शिकायत है।
शिकायतें होती रहीं, सुनवाई पर सवाल
पंचायत प्रतिनिधियों (Gaurdih Gram Panchayat News) का कहना है कि इस स्थिति को लेकर कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) को कई बार फोन पर शिकायत की गई। जनपद कार्यालय पहुंचकर भी मौखिक रूप से समस्या बताई गई, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं हुआ। यदि बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या बनी हुई है, तो यह सवाल जनपद स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी उठता है।
(Gaurdih Gram Panchayat News) प्रतिनिधियों का आरोप है कि तकनीकी सहायक अपनी जिम्मेदारी पर सवाल उठने पर जनपद और जिला स्तर के अधिकारियों का हवाला देते हैं। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों का सवाल है कि आखिर गांव के कामकाज की जिम्मेदारी किसकी है और कर्मचारी की क्षेत्रीय उपस्थिति सुनिश्चित करना किसका दायित्व है? शिकायतों के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही को कटघरे में खड़ा करता है।
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तकनीकी काम अटके तो मजदूरों को कैसे मिलेगा लाभ
मनरेगा (Gaurdih Gram Panchayat News) ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके कामकाज में तकनीकी प्रक्रिया की देरी का असर आगे की गतिविधियों और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। गौरडीह के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एस्टीमेट, लेआउट, मस्टर रोल और एमबी से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण पंचायत के कार्यों में बाधा आ रही है। ऐसे में सबसे अहम सवाल उन मजदूरों का है, जो काम मिलने और समय पर भुगतान होने की उम्मीद में योजना पर निर्भर रहते हैं।
सरकारी योजना (Gaurdih Gram Panchayat News) में पदस्थ कर्मचारी की उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि तकनीकी सहायक की अनुपस्थिति के आरोप सही पाए जाते हैं, तो केवल औपचारिक जवाब लेकर मामला खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा। पिछले छह महीनों की उपस्थिति, क्षेत्रीय भ्रमण, बैठकों के रिकॉर्ड और लंबित तकनीकी कार्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।
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Gaurdih Gram Panchayat News जांच और कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत गौरडीह (Gaurdih Gram Panchayat News) के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारी की कथित अनुपस्थिति के कारण गांव के विकास कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।











