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  • IND Vs AFG 2nd T20I : संजू सैमसन या वैभव सूर्यवंशी? दूसरे टी20 में ओपनिंग पर बड़ा सवाल

    IND Vs AFG 2nd T20I : संजू सैमसन या वैभव सूर्यवंशी? दूसरे टी20 में ओपनिंग पर बड़ा सवाल

    भारत-अफगानिस्तान दूसरे टी20 (IND Vs AFG 2nd T20I) से पहले टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल ओपनिंग जोड़ी को लेकर है। पहले मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी। अब कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने सवाल है कि मंगलवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन को फिर उतारा जाए या युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाए।

    पहले टी20 में संजू को वैभव पर तरजीह मिली थी, लेकिन वह 8 गेंदों में सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। दूसरी ओर वैभव को पूरी तरह बाहर बैठना पड़ा। हालांकि एक मैच के बाद संजू को हटाना आसान फैसला नहीं होगा, लेकिन युवा बल्लेबाज के लगातार शानदार प्रदर्शन और टीम में जगह के लिए बढ़ती चर्चा ने अय्यर और टीम प्रबंधन के सामने चयन का पेंच जरूर बढ़ा दिया है।

     

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    IND Vs AFG 2nd T20I अभिषेक की जगह पक्की

    ओपनिंग में अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में ऐसा प्रदर्शन किया कि उनकी जगह पर सवाल की कोई गुंजाइश नहीं बची। उन्होंने महज 32 गेंदों में 82 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया। उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे, जबकि उन्होंने केवल 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

    ऐसे में ओपनिंग की जंग (IND Vs AFG 2nd T20I) मूल रूप से दूसरे स्थान को लेकर है। संजू के पास अनुभव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है, जबकि वैभव अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और हालिया प्रदर्शन के दम पर लगातार दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।

     

    IND Vs AFG 2nd T20I संजू के लिए दूसरा मौका

    संजू सैमसन पहले मुकाबले में जल्दी आउट होने के बाद दूसरे मैच में बड़ी पारी खेलकर आलोचनाओं का जवाब देना चाहेंगे। टीम में उनकी वापसी के बाद उन्हें पहले ही मुकाबले में ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके।

    संजू सैमसन की जगह (IND Vs AFG 2nd T20I) को लेकर इसलिए भी चर्चा है क्योंकि उनके सामने वैभव जैसी युवा चुनौती है। हालांकि टीम प्रबंधन सिर्फ एक खराब पारी के आधार पर बदलाव करता है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। मौजूदा संभावित टीम संयोजन में कुछ विश्लेषकों ने संजू को अभिषेक के साथ बनाए रखने की राय दी है, जबकि कुछ संभावनाओं में वैभव को मौका देने की बात कही गई है।

     

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    IND Vs AFG 2nd T20I वैभव को कब मिलेगा मौका

    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बना चुके हैं। वह भारत की घोषित 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, लेकिन पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। अब दूसरे मुकाबले से पहले उनके चयन को लेकर बहस इसलिए तेज है क्योंकि संजू पहले मैच में प्रभाव नहीं छोड़ सके।

    वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी (IND Vs AFG 2nd T20I) को नजरअंदाज करना भी आसान नहीं है। कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने भी पहले मैच में उन्हें बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। हालांकि अंतिम फैसला कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन को ही करना है।

     

    ईशान का विकल्प भी अहम

    पहले टी20 में संजू के जल्दी आउट होने के बाद ईशान किशन ने पारी को संभाला और 33 गेंदों में 42 रन बनाए। अभिषेक के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को लक्ष्य का पीछा करने में मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारत ने 157 रन का लक्ष्य सिर्फ 13.4 ओवर में हासिल कर लिया।

    ऐसे में टीम इंडिया की ओपनिंग रणनीति (IND Vs AFG 2nd T20I) केवल संजू और वैभव तक सीमित नहीं है। ईशान के शानदार प्रदर्शन ने भी बल्लेबाजी क्रम में विकल्प बढ़ा दिए हैं। हालांकि विकेटकीपर की भूमिका और टीम संयोजन को देखते हुए ओपनिंग में किसे उतारा जाएगा, इस पर अंतिम फैसला टॉस के समय ही साफ होगा।

     

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    भारत की नजर सीरीज पर

    भारत दूसरे टी20 में जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने की ओर एक कदम और बढ़ना चाहेगा। मुकाबला मंगलवार, 15 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत पहला मैच 7 विकेट से जीतकर 1-0 से आगे है।

    अफगानिस्तान के लिए दूसरे मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी और शुरुआती विकेट बचाना बड़ी चुनौती होगी। पहले मैच में उसकी टीम 156/8 तक पहुंची थी, जबकि भारत ने 13.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। अब देखना होगा कि दूसरे टी20 में ओपनिंग का फैसला (IND Vs AFG 2nd T20I) भारत के लिए संजू के अनुभव को तरजीह देता है या वैभव के युवा जोश को।

     

     

  • Ambikapur Road Viral Video : सड़क के गड्ढों ने खोली पोल, वीडियो वायरल होते ही CM ने कलेक्टर को लगाई फटकार, सभी कलेक्टरों को जारी हुआ ये फरमान।

    Ambikapur Road Viral Video : सड़क के गड्ढों ने खोली पोल, वीडियो वायरल होते ही CM ने कलेक्टर को लगाई फटकार, सभी कलेक्टरों को जारी हुआ ये फरमान।

     खराब सड़क का वीडियो (Ambikapur Road Viral Video) सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को हो रही परेशानी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बारिश के दौरान सड़क खराब होने से नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

    मामला अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक का है, जहां सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों और जल निकासी की समस्या के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर सड़क की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टर को तत्काल मौके का निरीक्षण करने और जरूरी सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए।

     

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    गड्ढे भरने के साथ समतलीकरण

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अंबिकापुर सड़क की बदहाली (Ambikapur Road Viral Video) को लेकर तत्काल सुधार पर जोर दिया गया है। खरसिया चौक की सड़क पर बड़े गड्ढों को भरने के साथ जरूरी समतलीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को भी कहा गया है, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो।

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस और यातायात विभाग के साथ समन्वय किया जाए। लोगों के लिए सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जरूरत के अनुसार जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया है।

     

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    सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश

    मुख्यमंत्री ने केवल अंबिकापुर तक सीमित न रहते हुए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को सड़कों की नियमित निगरानी (Ambikapur Road Viral Video) के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाए। आवश्यकता पड़ने पर कलेक्टर स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभाग तथा निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय कर सड़क को आवागमन योग्य बनाए रखें।

    बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

     

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    बारिश में सड़क चलने लायक रखें Ambikapur Road Viral Video

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बारिश में सड़क सुधार (Ambikapur Road Viral Video) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्थायी निर्माण में मौसम के कारण भले ही व्यावहारिक कठिनाइयां हों, लेकिन नागरिकों के आवागमन के लिए सड़क को चलने योग्य बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए गड्ढे भरने, समतलीकरण और जल निकासी जैसे अंतरिम सुधार कार्य तत्काल किए जाएं।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय या किसी अन्य एजेंसी की सड़क होने पर भी जिला प्रशासन संबंधित विभाग से प्रभावी समन्वय करे। कलेक्टर अपने जिले की अधिक यातायात वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

     

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    Ambikapur Road Viral Video मानसून बाद तेज होगा निर्माण

    मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी (Ambikapur Road Viral Video) को भी जरूरी बताया है। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन और स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर स्थायी मरम्मत और निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

     

     

  • Gomarda Abhyaran Tourism : 275 वर्ग किमी में फैले गोमर्डा अभ्यारण्य को विकसित करने की मांग, CM साय को लिखा पत्र

    Gomarda Abhyaran Tourism : 275 वर्ग किमी में फैले गोमर्डा अभ्यारण्य को विकसित करने की मांग, CM साय को लिखा पत्र

    छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में गोमर्डा अभ्यारण्य (Gomarda Abhyaran Tourism) को विकसित करने की मांग उठी है। जैव-विविधता, घने जंगल, पहाड़ी और पठारी क्षेत्र, जलप्रपात तथा वन्यजीवों से समृद्ध यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है। सुविधाओं और प्रचार-प्रसार का विस्तार होने से यहां प्रकृति आधारित पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

    सारंगढ़ के पास स्थित गोमर्डा अभ्यारण्य 275 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की इस प्राकृतिक धरोहर को समग्र और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विकसित करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव सरिता मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि विकास की पूरी प्रक्रिया में वन्यजीव और प्राकृतिक आवास के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

     

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    जलप्रपात और पठारी क्षेत्र बनें आकर्षण

    सरिता मल्होत्रा ने पत्र में कहा है कि गोमर्डा अभ्यारण्य (Gomarda Abhyaran Tourism) में प्राकृतिक जलप्रपातों, जलाशयों, पहाड़ियों और पठारी क्षेत्रों के कारण पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके बावजूद वर्तमान में आवश्यक पर्यटक सुविधाओं और पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्राकृतिक स्थलों का वैज्ञानिक और सुरक्षित विकास करने के साथ प्रमुख स्थानों पर व्यू-पॉइंट, ट्रेकिंग मार्ग और प्रकृति भ्रमण पथ विकसित करने का सुझाव दिया है।

    उन्होंने पर्यटकों के लिए स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, देखने के क्षेत्र, प्रसाधन और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की मांग की है। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल रिसॉर्ट, कॉटेज और उपयुक्त स्थानों पर ट्री-हाउस जैसी संरचनाएं विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो लेकिन जंगल और वन्यजीवों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

     

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    Gomarda Abhyaran Tourism बोटिंग और राफ्टिंग को बढ़ावा

    पत्र में जलाशयों और उपयुक्त जल क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित बोटिंग और बांस राफ्टिंग को बढ़ावा देने की बात कही गई है। गोमर्डा पर्यटन विकास (Gomarda Abhyaran Tourism) के तहत स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति को भी पर्यटन से जोड़ने का सुझाव दिया गया है। स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक गतिविधियों को पर्यटकों के सामने लाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

    सरिता मल्होत्रा ने स्थानीय युवाओं को पर्यटक गाइड, आतिथ्य सेवाओं और वाहन संचालन से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण देने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बाहर से रोजगार तलाशने वाले युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही गोमर्डा को प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म सर्किट से जोड़कर व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की जरूरत बताई गई है।

     

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    हिरण से जंगली भैंसे तक वन्यजीव

    गोमर्डा अभ्यारण्य की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसकी समृद्ध वन्यजीव विविधता शामिल है। यहां विभिन्न प्रजातियों के हिरण और जंगली भैंसा प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा सांभर, गौर, जंगली कुत्ता, सियार और नीलगाय सहित कई अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं। जंगल, पहाड़ी क्षेत्र और वन्यजीवों की मौजूदगी इसे प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण स्थल बनाती है।

    इसी प्राकृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए गोमर्डा अभ्यारण्य का विकास (Gomarda Abhyaran Tourism) पर्यावरण संरक्षण के साथ करने पर जोर दिया गया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विकास की प्रक्रिया में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रकृति संरक्षण को पर्यटन विकास की बुनियाद बनाकर ही लंबे समय तक इस क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाया जा सकता है।

     

     

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    Gomarda Abhyaran Tourism सर्वे के बाद बने कार्ययोजना

    सरिता मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री से विशेषज्ञों के माध्यम से गोमर्डा अभ्यारण्य (Gomarda Abhyaran Tourism) का विस्तृत सर्वेक्षण कराने और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कार्ययोजना तैयार कराने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि योजनाबद्ध विकास से यहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

    उन्होंने कहा है कि गोमर्डा के पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन विकास (Gomarda Abhyaran Tourism) में प्रकृति संरक्षण और स्थानीय रोजगार दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है। यदि जलप्रपात, पठारी क्षेत्र, वन्यजीव, स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को एक पर्यटन योजना के तहत जोड़ा जाता है, तो गोमर्डा छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

     

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  • AFG Vs IND 1st T20 : अभिषेक का तूफान… ईशान का गदर, भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा

    AFG Vs IND 1st T20 : अभिषेक का तूफान… ईशान का गदर, भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा

    AFG Vs IND 1st T20  भारत ने पहले टी20 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पहले टी20 में भारत की धमाकेदार जीत (AFG Vs IND 1st T20) की सबसे बड़ी कहानी अभिषेक शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी रही। उन्होंने महज 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 32 गेंदों में 82 रन ठोककर अफगानी गेंदबाजों की हालत खराब कर दी।

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    157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 13.4 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। अभिषेक के साथ ईशान किशन ने भी शानदार बल्लेबाजी की और 33 गेंदों में 42 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।

     

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    AFG Vs IND 1st T20  अभिषेक ने मचाया तूफान

    भारत की पारी की शुरुआत संजू सैमसन के रूप में झटके से हुई। वह सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने क्रीज पर आते ही अफगानी गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी (AFG Vs IND 1st T20) ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

     

    अभिषेक ने 32 गेंदों पर 82 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत ने 157 रन का लक्ष्य 38 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया।

     

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    AFG Vs IND 1st T20  ईशान ने भी दिखाया दम

    अभिषेक के साथ ईशान किशन ने पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। ईशान किशन की शानदार पारी (AFG Vs IND 1st T20) ने भारत की जीत को और आसान कर दिया। ईशान ने 33 गेंदों में 42 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा।

    दोनों के बीच 53 गेंदों में 121 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने अफगानिस्तान को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।

     

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    शुरुआत में लड़खड़ा गया अफगानिस्तान

    इससे पहले टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अफगानिस्तान पर दबाव बना दिया और 43 रन तक उसके 5 विकेट गिर गए थे। इसके बाद अजमतुल्लाह ओमरजई और मोहम्मद नबी ने पारी को संभाला।

    ओमरजई और नबी के बीच छठे विकेट के लिए 83 रन की साझेदारी हुई। नबी ने 33 रन बनाए, जबकि ओमरजई ने 44 गेंदों में नाबाद 64 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 156 रन बनाए।

     

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    AFG Vs IND 1st T20  अर्शदीप ने झटके तीन विकेट

    भारत की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 19 रन देकर 3 विकेट झटके। जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को भी एक-एक सफलता मिली।

    भारत की गेंदबाजी का दबदबा (AFG Vs IND 1st T20) ऐसा रहा कि अफगानिस्तान की आधी टीम 43 रन के भीतर पवेलियन लौट गई। हालांकि ओमरजई और नबी की साझेदारी ने टीम को 150 के पार पहुंचाया, लेकिन भारत के सामने 157 रन का लक्ष्य काफी साबित नहीं हुआ।

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    15 सितंबर को दूसरा मुकाबला

    इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टी20 मुकाबला 15 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा टी20 17 सितंबर को इसी मैदान पर होगा।

    भारत के लिए पहले मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों मोर्चों पर अच्छी खबर रही। सीरीज में भारत की बढ़त (AFG Vs IND 1st T20) के साथ अब नजरें दूसरे मुकाबले पर रहेंगी, जहां टीम इंडिया सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी।

     

  • Shweta Tiwari Bold Look  : 45 की उम्र, 2 बच्चों की मां श्वेता तिवारी का ग्लैमरस अंदाज, ग्रीन-नियॉन लुक में ढाया कहर

    Shweta Tiwari Bold Look : 45 की उम्र, 2 बच्चों की मां श्वेता तिवारी का ग्लैमरस अंदाज, ग्रीन-नियॉन लुक में ढाया कहर

    टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी का नया ग्लैमरस अंदाज (Shweta Tiwari Bold Look) सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहा है। लेटेस्ट तस्वीरों में वह ग्रीन और नियॉन रंग के बेहद स्टाइलिश आउटफिट में नजर आ रही हैं। उनका आत्मविश्वास, स्टाइल और शानदार लुक फैंस का ध्यान खींच रहा है।

     

    Shweta Tiwari Bold Look : 45 की उम्र, 2 बच्चों की मां श्वेता तिवारी का ग्लैमरस अंदाज, ग्रीन-नियॉन लुक में ढाया कहर

    श्वेता ने ग्रीन रंग का फिटेड टॉप और नियॉन येलो स्कर्ट स्टाइल आउटफिट पहना है। टॉप का गले के पास दिया गया खास डिजाइन और कमर पर उभरता पैटर्न उनके लुक को आकर्षक बना रहा है। वहीं, नियॉन रंग का लंबा स्कर्ट उनके पूरे लुक को और ज्यादा ग्लैमरस बना रहा है।

     

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    ग्रीन-नियॉन लुक में ग्लैमर

    तस्वीरों में श्वेता के ग्रीन-नियॉन आउटफिट वाले अंदाज (Shweta Tiwari Bold Look) की खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने बड़े स्टाइलिश ईयररिंग्स और हाथों में हरे रंग की चूड़ियों के साथ अपने लुक को पूरा किया है। खुले लंबे बाल, आंखों का मेकअप और हल्की मुस्कान उनके अंदाज को और खास बना रही है।

    एक तस्वीर में वह दोनों हाथों को दीवार पर टिकाकर कैमरे के सामने पोज देती नजर आ रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में उनका आत्मविश्वास भरा अंदाज और चेहरे की मुस्कान साफ नजर आ रही है। दोनों तस्वीरों में उनका फैशन सेंस और फिटनेस साफ दिखाई देती है।

     

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    45 की उम्र में फिटनेस का जलवा

    श्वेता तिवारी इन दिनों अपने ग्लैमरस फैशन अंदाज (Shweta Tiwari Bold Look) को लेकर लगातार सुर्खियों में रहती हैं। 45 साल की उम्र में भी उनका फिट और स्टाइलिश अंदाज फैंस को काफी पसंद आता है। अभिनेत्री सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करती रहती हैं, जहां उनके लुक को लेकर फैंस जमकर प्रतिक्रिया देते हैं।

    टीवी की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय श्वेता ने अपने अभिनय के साथ-साथ फैशन और फिटनेस को लेकर भी अलग पहचान बनाई है। उनका नया लुक एक बार फिर सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

     

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    अब नीचे पढ़ें पूरी कहानी

    उफ्फ्फ….हुस्न ऐसा कि देखने वाला बस देखता ही रह जाए। जी हां, हम बात कर रहे हैं टीवी की डीवा श्वेता तिवारी की। श्वेता की हर अदा पर फैंस दिल हार बैठते हैं। श्वेता तिवारी इन दिनों ‘द ट्रेटर्स’ में नजर आ रही हैं। शो में वो अपनी खूबसूरती और फिटनेस से कई यंग हसीनाओं पर भारी पड़ रही हैं।

    श्वेता तिवारी 45 साल की हैं। वो 2 बच्चों की मां भी हैं। लेकिन उनका ग्लैमरस और सिजलिंग अंदाज देखकर उनकी उम्र का अंदाजा नहीं होगा। 45 की उम्र में श्वेता अपने बोल्ड लुक्स से कहर ढाती हैं। एक्ट्रेस अक्सर बिकिनी फोटोज शेयर करके फैंस को क्रेजी कर देती हैं।

    श्वेता तिवारी इस तस्वीर में बिकिनी पहने पूल में चिल करती हुई दिखाई दे रही हैं। खुले बाल और गोरे मुखड़े पर उनका काला चश्मा देखते ही बनता है।  इस तस्वीर में श्वेता बिकिनी टॉप पहने टशन में पोज देती हुई नजर आ रही हैं। रिवीलिंग बिकिनी टॉप में उनकी बोल्डनेस देख कोई भी घायल हो सकता है।

    इस तस्वीर में एक्ट्रेस डीप नेकलाइन ब्रालेट में अपने हुस्न से जलवे बिखेरती हुई देखी जा सकती हैं। श्वेता के कातिलाना लुक के साथ उनकी किलर स्माइल सोने पर सुहागा है। श्वेता तिवारी बोल्ड रिवीलिंग लुक्स में अक्सर अपना टोंड फिगर भी फ्लॉन्ट करती हैं। श्वेता काफी फिट हैं। वो अपनी फिटनेस पर खास ध्यान देती हैं।

    श्वेता को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा नहीं होता। उनकी खूबसूरती और दिलकश अंदाज देखकर ये कहना भी मुश्किल है कि वो दो बच्चों की मां हैं। श्वेता करियर में भी काफी अच्छा कर रही हैं। वो शोज और ब्रांड एंडोर्समेंट से तगड़ी कमाई करती हैं।

    श्वेता तिवारी का फिटनेस सीक्रेट क्या है

    2 बार शादी टूटने के बावजूद भी उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। एक मजबूत महिला बनकर हालातों का सामना किया और अकेले ही अपने बच्चों को पाला। श्वेता तिवारी की जितनी तारीफ करें वो कम ही लगती है।

    श्वेता तिवारी का फिटनेस सीक्रेट क्या है

     

     

  • Baigan Ki Kheti Chhattisgarh : 3 एकड़ से शुरू की बैगन की खेती, 10 एकड़ में पहुंचा रकबा, अब सालाना 7 लाख की कमाई

    Baigan Ki Kheti Chhattisgarh : 3 एकड़ से शुरू की बैगन की खेती, 10 एकड़ में पहुंचा रकबा, अब सालाना 7 लाख की कमाई

    बैगन की खेती (Baigan Ki Kheti Chhattisgarh) को अगर व्यावसायिक तरीके से किया जाए तो यह किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है। एक महिला किसान ने सिर्फ 3 एकड़ जमीन से बैगन की खेती शुरू की और बेहतर उत्पादन व मुनाफा मिलने के बाद इसका रकबा बढ़ाकर 10 एकड़ कर दिया। आज इसी खेती से वह सालाना करीब 7 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

    संघर्ष से स्वावलंबन

    खेती में लागत, बाजार और उत्पादन का सही तालमेल हो तो किसान पारंपरिक फसलों के साथ सब्जियों की व्यावसायिक खेती से भी अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। स्वयं सहायता समूह से मिले आर्थिक सहयोग और बैंक ऋण ने एक महिला किसान को खेती का विस्तार करने में मदद की। यह उदाहरण उन किसानों के लिए खास है, जो कम रकबे से शुरुआत कर खेती को धीरे-धीरे बड़े व्यवसाय में बदलना चाहते हैं।

     

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    Baigan Ki Kheti Chhattisgarh 3 एकड़ से शुरू हुआ सफर

    यह सफलता छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रोहीना गांव की कृष्णा साहू की है। एक समय परिवार के पास स्थायी आजीविका का साधन नहीं था। भरण-पोषण के लिए गांव से पलायन करना पड़ता था। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानी बिहान से जुड़ने के बाद कृष्णा के जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई।

    कृष्णा ने गांव की 10 महिलाओं को एकजुट कर राधा रानी महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। समूह को बिहान योजना के तहत 60 हजार रुपये का समुदाय निवेश कोष और 15 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके अलावा बैंक क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से भी आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ।

     

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    Baigan Ki Kheti Chhattisgarh खेती बढ़ाई, कमाई भी बढ़ी

    समूह से मिले आर्थिक सहयोग और अपनी बचत के सहारे कृष्णा ने शुरुआत में 3 एकड़ जमीन पर बैगन की व्यावसायिक खेती (Baigan Ki Kheti Chhattisgarh) शुरू की। पहली ही बार अच्छा उत्पादन और मुनाफा मिला तो उनका भरोसा खेती के इस मॉडल पर बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने बैंक से 3 लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण लिया और खेती का रकबा बढ़ाकर 10 एकड़ कर दिया।

    रकबा बढ़ने के साथ उत्पादन और आमदनी का दायरा भी बढ़ा। आज कृष्णा इसी बैगन की खेती से हर साल करीब 7 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। खेती से मिलने वाली यह आमदनी उनके परिवार के लिए स्थायी आजीविका का आधार बन गई है और पलायन की मजबूरी भी पीछे छूट गई है।

     

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    Baigan Ki Kheti Chhattisgarh बिहान से मिला आर्थिक सहारा

    कृष्णा की सफलता में स्वयं सहायता समूह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। समूह के माध्यम से मिले आर्थिक संसाधनों ने उन्हें खेती शुरू करने के लिए शुरुआती आधार दिया। इसके बाद बैंक ऋण और अपनी मेहनत के जरिए उन्होंने खेती का विस्तार किया।

    बैगन की खेती से बढ़ी आमदनी (Baigan Ki Kheti Chhattisgarh) अब उनके लिए आत्मनिर्भरता का जरिया बन चुकी है। कृष्णा की कहानी बताती है कि किसान अगर उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करें और बाजार की मांग के अनुसार व्यावसायिक फसल का चयन करें तो छोटे स्तर से भी खेती को आय के बड़े साधन में बदला जा सकता है।

     

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    अब दूसरी महिलाओं को दे रहीं प्रेरणा

    अपनी सफलता के बाद कृष्णा अब गांव की दूसरी महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि समूह के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक मदद और बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल खेती या दूसरे स्वरोजगार में किया जाए तो परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है।

    कृष्णा का व्यावसायिक बैगन उत्पादन (Baigan Ki Kheti Chhattisgarh) ग्रामीण महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण बन गया है। 3 एकड़ से शुरुआत कर 10 एकड़ तक खेती का विस्तार और करीब 7 लाख रुपये सालाना आय यह दिखाती है कि सब्जी की खेती को केवल घरेलू जरूरत तक सीमित रखने के बजाय व्यवसाय के रूप में अपनाया जा सकता है।

     

    कृष्णा की कहानी बैगन की खेती से सालाना कमाई (Baigan Ki Kheti Chhattisgarh) बढ़ाने की एक सफल मिसाल है। 3 एकड़ से शुरू हुआ सफर आज 10 एकड़ तक पहुंच चुका है और खेती से करीब 7 लाख रुपये सालाना आय हो रही है। ऐसे में सब्जी की व्यावसायिक खेती को आय का अतिरिक्त साधन बनाने की सोच रखने वाले किसानों के लिए यह उदाहरण खासा प्रेरणादायक है।

     

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  • Haldi Ki Kheti Chhattisgarh : हल्दी लगाओ और अपनी कमाई बढ़ाओ, विष्णु सरकार दे रही किसानों को अनुदान

    Haldi Ki Kheti Chhattisgarh : हल्दी लगाओ और अपनी कमाई बढ़ाओ, विष्णु सरकार दे रही किसानों को अनुदान

    हल्दी की खेती (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) करके किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। पारंपरिक फसलों के साथ हल्दी जैसी मसाला फसल की खेती करने वाले किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार अनुदान का लाभ दे रही है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में विशेष योजना के तहत 1300 हेक्टेयर में हल्दी का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इसके लिए 620 लाख रुपये का बजट भी तय किया है।

    छत्तीसगढ़ में किसानों को केवल धान और पारंपरिक फसलों तक सीमित रखने के बजाय फसल विविधीकरण पर जोर दिया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों के साथ अब मसाला फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का विकल्प मिलने के साथ प्रदेश में मसाला उत्पादन का क्षेत्र भी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

     

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    Haldi Ki Kheti Chhattisgarh हल्दी की खेती पर सरकार का जोर

    मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत हल्दी की खेती के विस्तार (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) पर विशेष ध्यान दिया गया है। उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए 1300 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 620 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

    इस योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अधिक विविध और लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। हल्दी की खेती से किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता तैयार हो सकता है। साथ ही प्रदेश में मसाला फसलों की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

     

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    बीज खरीद पर ऐसे मिलेगा अनुदान

    हल्दी बीज को लेकर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारी पर उद्यानिकी विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार हल्दी बीज की आपूर्ति संचालनालय या जिला स्तर से नहीं की जाती। किसानों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए हल्दी खेती का अनुदान (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) दिया जाता है।

    किसानों द्वारा खरीदे गए बीज के देयक और जरूरी अभिलेखों की जांच की जाती है। इसके बाद फसल का भौतिक सत्यापन होने पर ही अनुदान भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। विभाग का कहना है कि जिन बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है, वे स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले हैं तथा उनके अंकुरण में किसी तरह की समस्या नहीं है।

     

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    Haldi Ki Kheti Chhattisgarh 138 लाख रुपये का भुगतान

    योजना (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) के तहत अब तक किसानों के खातों में 138 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र किसानों को जरूरी सत्यापन के बाद ही अनुदान का लाभ दे रहा है। इससे योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

    हल्दी की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) के साथ प्रदेश में मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार भी होगा। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने से मसाला आधारित उद्योगों को कच्चा माल मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे खेती के साथ प्रसंस्करण और इससे जुड़े कारोबार के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।

     

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    किसानों को मिलेगा अतिरिक्त कमाई का मौका

    मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के जरिए सरकार खेती को अधिक लाभकारी और विविध बनाने पर जोर दे रही है। मसाला फसलों की खेती का विस्तार (Haldi Ki Kheti Chhattisgarh) होने से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त आय का विकल्प मिलेगा। हल्दी के अलावा अन्य मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ने से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कुल मिलाकर हल्दी की खेती को बढ़ावा देने वाली यह योजना किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का अवसर तैयार कर रही है। सरकार की ओर से तय अनुदान, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया के जरिए पात्र किसानों को सहायता दी जा रही है। ऐसे में हल्दी की खेती शुरू करने या अपने रकबे का विस्तार करने की योजना बना रहे किसानों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण हो सकती है।

     

  • Vidisha Srivastava Bold Look : ‘भाभीजी घर पर हैं’ की 35 वर्षीय अनीता भाभी का ग्लैमरस अंदाज, नए लुक पर फिदा हुए फैंस

    Vidisha Srivastava Bold Look : ‘भाभीजी घर पर हैं’ की 35 वर्षीय अनीता भाभी का ग्लैमरस अंदाज, नए लुक पर फिदा हुए फैंस

    Vidisha Srivastava Bold Look टीवी की मशहूर अभिनेत्री विदिशा श्रीवास्तव ने अपने नए ग्लैमरस अंदाज से सोशल मीडिया पर फैंस का ध्यान खींच लिया है। ‘भाभीजी घर पर हैं’ में अनीता भाभी के किरदार से घर-घर पहचान बनाने वाली अभिनेत्री का नया ग्लैमरस लुक (Vidisha Srivastava Bold Look) सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनकी तस्वीरों में स्टाइल, आत्मविश्वास और खूबसूरती का खास अंदाज देखने को मिल रहा है।

    विदिशा ने इस बार बर्न्ट ऑरेंज रंग की सैटिन ड्रेस पहनी है। ड्रेस का आकर्षक कट-आउट डिजाइन उनके लुक को आधुनिक अंदाज दे रहा है। कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास और स्टाइलिश अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है।

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    सैटिन ड्रेस में दिखा ग्लैमर

     

    विदिशा के सैटिन ड्रेस वाले अंदाज (Vidisha Srivastava Bold Look) में उनका फैशन सेंस साफ नजर आ रहा है। बर्न्ट ऑरेंज रंग की ड्रेस के साथ उन्होंने अपने मेकअप को भी काफी संतुलित रखा है। डिफाइन्ड आई मेकअप, न्यूड लिप्स और स्टाइलिश हेयरस्टाइल ने पूरे लुक को और आकर्षक बना दिया है।

    उनका यह अंदाज उनके टीवी किरदार से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। पर्दे पर सादगी भरे अंदाज में नजर आने वाली विदिशा का यह फैशन अवतार (Vidisha Srivastava Bold Look) सोशल मीडिया पर फैंस को काफी पसंद आ रहा है।

     

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    अनीता भाभी से अलग अंदाज

    ‘भाभीजी घर पर हैं’ में अनीता भाभी के किरदार ने विदिशा को घर-घर पहचान दिलाई है। शो में उनके अभिनय और चुलबुले अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। अब सोशल मीडिया पर सामने आया उनका यह ग्लैमरस अंदाज (Vidisha Srivastava Bold Look) उनके फैंस को उनके अलग व्यक्तित्व की झलक दिखा रहा है।

    विदिशा सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और समय-समय पर अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं। उनके नए लुक पर फैंस तारीफ करते नजर आ रहे हैं। सादगी और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाना उनकी खासियतों में शामिल है।

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    फैंस को पसंद आया नया लुक

    विदिशा का यह लेटेस्ट फैशन लुक (Vidisha Srivastaava Bold Look) सामने आने के बाद उनके फैंस की नजरें तस्वीरों पर टिक गई हैं। ड्रेस, मेकअप और हेयरस्टाइल का संयोजन उनके पूरे व्यक्तित्व को आकर्षक बना रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनके इस अंदाज की खूब चर्चा हो रही है।

    टीवी की दुनिया में अनीता भाभी के नाम से मशहूर विदिशा श्रीवास्तव ने अपने अभिनय के साथ फैशन को लेकर भी अलग पहचान बनाई है। उनका नया लुक एक बार फिर यही दिखाता है कि वह पर्दे पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी फैंस का ध्यान खींचना बखूबी जानती हैं।

     

     

  • Jindal Steel Slag Road  :  स्टील कचरे से बनी दुनिया की सबसे लंबी सड़क, 1.85 KM की 4-लेन रोड ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

    Jindal Steel Slag Road : स्टील कचरे से बनी दुनिया की सबसे लंबी सड़क, 1.85 KM की 4-लेन रोड ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

    Jindal Steel Slag Road स्टील उद्योग से निकलने वाले कचरे को सड़क निर्माण में बदलकर जिंदल स्टील ने नया कीर्तिमान बनाया है। स्टील स्लैग से बनी सड़क (Jindal Steel Slag Road) रायगढ़ में तैयार की गई है, जिसकी लंबाई 1.85 किलोमीटर और चौड़ाई 4-लेन है। पूरी तरह प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग से बनी इस सड़क को दुनिया की सबसे लंबी सड़क के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।

    शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने ऑनलाइन माध्यम से सड़क का उद्घाटन किया। इस परियोजना को उद्योग के कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने और सड़क निर्माण में प्राकृतिक पत्थरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।

     

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    2 लाख टन स्लैग से बनी सड़क

    इस सड़क के निर्माण में करीब 2 लाख टन प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के मुताबिक इससे प्राकृतिक पत्थरों की खुदाई और खनन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। स्टील स्लैग सड़क निर्माण की तकनीक (Jindal Steel Slag Road) को भारी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

    परंपरागत सड़कों की तुलना में यह सड़क करीब 35 प्रतिशत पतली है। निर्माण में लगभग 40 प्रतिशत लागत की बचत होने का भी दावा किया गया है। इससे सड़क निर्माण में संसाधनों की बचत के साथ औद्योगिक कचरे के उपयोग का नया विकल्प सामने आया है।

     

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    वैज्ञानिक प्रक्रिया से तैयार हुआ स्लैग

    जिंदल स्टील ने सीएसआईआर और सड़क अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर स्टील स्लैग को सड़क निर्माण के योग्य सामग्री में बदला। इसके लिए स्लैग की क्रशिंग, धातु अलग करने और ग्रेडिंग जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया।

    इस सामग्री का उपयोग सड़क की सबसे निचली परत से लेकर ऊपरी डामर की परत तक किया गया है। कंपनी के अनुसार निर्माण से पहले सभी जरूरी पर्यावरणीय परीक्षण किए गए और निर्धारित मानकों के बाद ही इसे सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया गया। स्टील कचरे के वैज्ञानिक उपयोग (Jindal Steel Slag Road) से सड़क निर्माण में नई तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

     

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    Jindal Steel Slag Road  ‘स्टील ग्रिट’ नाम से नई पहचान

     

    जिंदल स्टील ने प्रोसेस किए गए स्लैग को ‘स्टील ग्रिट’ नाम दिया है। इस तकनीक के लिए तैयार लोगो का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही इस तकनीक को देशभर में अन्य सड़क परियोजनाओं में इस्तेमाल करने की दिशा में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

    चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि भारत की प्रगति ऐसे प्रयोगों से होनी चाहिए, जिनसे पर्यावरण की रक्षा के साथ देश को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यह तकनीक दिखाती है कि उद्योग से निकलने वाला कचरा भी देश निर्माण का माध्यम बन सकता है।

     

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    रायगढ़ से देशभर में पहुंचेगी तकनीक

    केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस परियोजना को कचरे को संपदा में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उनके मुताबिक स्वदेशी तकनीक के माध्यम से देश की बड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में ऐसे प्रयोग महत्वपूर्ण हैं।

    रायगढ़ की स्टील स्लैग सड़क (Jindal Steel Slag Road) का निर्माण जिंदल सीमेंट परियोजना स्थल को राष्ट्रीय राजमार्ग-49 से सीधे जोड़ने के लिए किया गया है। परियोजना के दौरान देश के कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी सुझाव दिए।

     

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    Jindal Steel Slag Road  गिनीज टीम ने भी किया निरीक्षण

    परियोजना के पूरा होने से पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने रायगढ़ पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद इसे दुनिया की सबसे लंबी प्रोसेस्ड स्टील स्लैग सड़क के रिकॉर्ड में शामिल किया गया।

    शनिवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में जिंदल स्टील लिमिटेड रायगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इस परियोजना को औद्योगिक कचरे से सड़क निर्माण (Jindal Steel Slag Road) की दिशा में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

     

     

  • Electricity Consumer Awareness Raigarh : बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों पर बड़ी कार्यशाला, शिकायत से मुआवजे तक समझाई पूरी प्रक्रिया

    Electricity Consumer Awareness Raigarh : बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों पर बड़ी कार्यशाला, शिकायत से मुआवजे तक समझाई पूरी प्रक्रिया

    Electricity Consumer Awareness Raigarh बिजली उपभोक्ताओं को अब अपने अधिकारों और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। बिजली उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला (Electricity Consumer Awareness Raigarh) में विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके समाधान और निर्धारित परिस्थितियों में क्षतिपूर्ति पाने तक की प्रक्रिया समझाई। कार्यशाला में सही बिलिंग, मीटर सेवाओं, विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई।

    रायगढ़ में जिंदल स्टील-डी और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को यह एक दिवसीय कार्यशाला  (Electricity Consumer Awareness Raigarh) आयोजित की गई। ओपी जिंदल स्कूल परिसर स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विद्युत क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया।

     

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    उपभोक्ताओं को बताए अधिकार

    कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के साथ शिकायतों के निराकरण के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था की जानकारी होना जरूरी है। समय पर सेवा नहीं मिलने या निर्धारित अवधि में शिकायत का समाधान नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध क्षतिपूर्ति प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

    उपभोक्ता अधिकार और शिकायत निवारण प्रक्रिया (Electricity Consumer Awareness Raigarh) को लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य विधि विवेक गनोदवाले ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। उन्होंने उपभोक्ता हितों की रक्षा और शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए उपलब्ध वैधानिक व्यवस्था की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

     

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    शिकायत के तीन स्तर समझाए

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड रायगढ़ के मुख्य अभियंता मनीष तनेजा ने प्रथम स्तर की शिकायत निवारण व्यवस्था और इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही जल्द और प्रभावी समाधान करना विद्युत वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

     

    विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम रायगढ़ के अध्यक्ष अशोक कुमार गोयल ने शिकायत और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान के लिए फोरम का सहारा ले सकते हैं। शिकायत के समाधान और क्षतिपूर्ति की व्यवस्था (Electricity Consumer Awareness Raigarh) से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।

     

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    मीटर अधिकार भी बताए Electricity Consumer Awareness Raigarh

    विद्युत लोकपाल एसके सोनी ने उपभोक्ताओं के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय विद्युत सेवा, सही बिलिंग, मीटर संबंधी सेवाओं और शिकायतों के समयबद्ध समाधान जैसे अधिकारों के बारे में बताया। साथ ही शिकायत निवारण की आगे की प्रक्रिया और विद्युत लोकपाल की भूमिका भी समझाई।

     

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निदेशक टैरिफ सुरेंद्र सिंह ने खुदरा विद्युत दर निर्धारण और सौर ऊर्जा से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्युत दर तय करने की प्रक्रिया और उपभोक्ताओं पर इसके प्रभाव को सरल तरीके से समझाया। बिजली बिल और मीटर से जुड़े उपभोक्ता अधिकार (Electricity Consumer Awareness Raigarh) भी चर्चा का प्रमुख विषय रहे।

     

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    Electricity Consumer Awareness Raigarh जिंदल स्टील-डी में खुला फोरम कार्यालय

    कार्यशाला के साथ जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। नवस्थापित कार्यालय के माध्यम से औद्योगिक उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के समाधान के लिए निर्धारित संस्थागत व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

     

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य तकनीकी अजय कुमार सिंह ने आयोग की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग विद्युत क्षेत्र के नियमन, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और विद्युत क्षेत्र से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्युत शिकायत निवारण फोरम की सुविधा (Electricity Consumer Awareness Raigarh) उपभोक्ताओं के लिए शिकायतों के समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगी।

     

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    सवालों का विशेषज्ञों ने दिया जवाब

    कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें उपभोक्ताओं ने विद्युत आपूर्ति, बिलिंग, शिकायत निवारण, फोरम की कार्यप्रणाली और अन्य संबंधित विषयों पर सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत जिंदल स्टील के उपाध्यक्ष पिनाकी भट्टाचार्य के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने उपभोक्ता जागरूकता और प्रभावी शिकायत निवारण को बेहतर विद्युत सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, बिजली वितरण कंपनी, शिकायत निवारण फोरम और जिंदल स्टील-डी के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता मौजूद रहे।