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Raigarh News :- जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल ने विभागीय जवाबदेही पर उठाय प्रश्न। PWD के जवाब पर उठे नए सवाल !

Rajdhani times chhattishgarh :-कर्मचारी को मिली, जनप्रतिनिधि को नहीं! PWD के जवाब पर उठे नए सवाल

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20 मई को भेजा गया स्पष्टीकरण, 25 मई को मिली जानकारी; मार्च में सूचना उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल

गोपाल अग्रवाल ने उच्च अधिकारियों को भेजा प्रतिवेदन, विभागीय जवाबदेही पर उठाए प्रश्न

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रायगढ़,
जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग (PWD) रायगढ़ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए विभागीय लापरवाही, सूचना प्रेषण में बरती गई उदासीनता तथा जनप्रतिनिधि प्रोटोकॉल की अवहेलना का मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया है।

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मामला रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग एवं लाखा-गेरवानी-चिरईपानी-देलारी मार्ग से संबंधित तकनीकी जानकारी का है, जिसकी मांग गोपाल अग्रवाल द्वारा फरवरी 2026 में जनहित एवं अपने वैधानिक दायित्वों के निर्वहन हेतु की गई थी। जानकारी उपलब्ध नहीं होने का विषय 7 मई 2026 को आयोजित जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया गया था।

इसके पश्चात कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग द्वारा 20 मई 2026 को जारी पत्र में दावा किया गया कि संबंधित जानकारी 17 मार्च 2026 को पंजीकृत डाक के माध्यम से जिला पंचायत कार्यालय भेजी गई थी तथा 27 मार्च 2026 को कार्यालय के एक कर्मचारी द्वारा प्राप्त कर ली गई थी।

गोपाल अग्रवाल ने कहा कि विभाग का पत्र यह तो बताता है कि डाक किसी कर्मचारी द्वारा प्राप्त की गई, किंतु यह कहीं स्पष्ट नहीं करता कि संबंधित जानकारी मांगकर्ता जनप्रतिनिधि को कब और किस माध्यम से उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि यदि जानकारी वास्तव में उपलब्ध करा दी गई थी, तो 7 मई को आयोजित सामान्य सभा में विभाग द्वारा इसका उल्लेख क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यपालन अभियंता द्वारा 20 मई 2026 को जारी पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज पुनः प्रेषित किए गए, जो उन्हें 25 मई 2026 को प्राप्त हुए। ऐसे में विभाग का यह दावा कि जानकारी मार्च माह में उपलब्ध करा दी गई थी, व्यवहारिक रूप से सही प्रतीत नहीं होता, क्योंकि जानकारी की वास्तविक प्राप्ति मई माह में हुई।

गोपाल अग्रवाल ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी को केवल कार्यालय भेज देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। विभाग का दायित्व यह भी है कि वह सुनिश्चित करे कि सूचना संबंधित जनप्रतिनिधि तक विधिवत पहुंचे। अन्यथा सूचना प्रेषण की प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है।

उन्होंने कहा कि सामान्य सभा में उठे विषय के बाद प्रस्तुत विभागीय स्पष्टीकरण से यह आभास होता है कि वास्तविक जवाबदेही तय करने के बजाय औपचारिक पत्राचार के आधार पर स्थिति को निराकृत प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है। ऐसी परिस्थितियां प्रशासनिक पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व पर स्वाभाविक रूप से प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।

इस संबंध में गोपाल अग्रवाल ने कलेक्टर रायगढ़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अध्यक्ष जिला पंचायत, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव को प्रतिलिपि प्रेषित कर मामले के परीक्षण तथा आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगी गई सूचनाओं के मामलों में विभागों को केवल डाक प्रेषण तक सीमित न रहकर सूचना की वास्तविक प्राप्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे प्रशासनिक विश्वसनीयता, पारदर्शिता एवं जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का सम्मान बना रहे।

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