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Sachin Tendulkar Tribal Visit : छत्तीसगढ़ में सचिन तेंदुलकर परिवार का सीक्रेट प्रवास, आदिवासियों के बीच बिताए 2 दिन

Achanakmar Tiger Reserve News : क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले भारतरत्न सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar Tribal Visit) का  परिवार अपनी बहू सानिया चांडोक के साथ छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के बीच दो दिन बिताने पहुंचा। यह पूरा दौरा मीडिया और प्रचार की चमक-धमक से बिल्कुल दूर रखा गया, जो तेंदुलकर परिवार का आदिवासी क्षेत्र के दौरे को और भी खास बनाता है।

सीक्रेट यात्रा की शुरुआत Sachin Tendulkar Tribal Visit

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे बिलासपुर पहुंचने के बाद तेंदुलकर परिवार ने अपनी यात्रा को पूरी तरह गोपनीय रखा। सचिन की पत्नी डा. अंजली और बेटी सारा भी इस यात्रा में शामिल थीं। वे शहर के मंगला स्थित कोर्टयार्ड मैरियट होटल में ठहरे और कुछ घंटों के आराम के बाद, उनका काफिला लोरमी के छपरवा-बम्हनी गांव की ओर निकल पड़ा।

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सचिन तेंदुलकर और उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर आईपीएल में बिजी होने के कारण वे दोनों मौजूद नहीं थे। बता दें कि सचिन तेंदुलकर मुंबई इंडियंस के मेंटर हैं। वहीं उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर लखनऊ सुपर जाइटंस की टीम में शामिल हैं। हालांकि उन्हें अब तक प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली है। इसलिए दोनों छत्तीसगढ़ दौरे पर नहीं थे।

बहू के साथ आदिवासी जीवन का अनुभव

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बहू सानिया चांडोक को छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और उनके सहज जीवन से रूबरू कराना था। बम्हनी गांव पहुंचने पर तेंदुलकर परिवार ने पैदल भ्रमण किया और ग्रामीणों के साथ दिल खोलकर समय बिताया। सचिन ने आदिवासी बच्चों के साथ खेल खेले, एक नवजात शिशु को गोद में लेकर दुलारा और स्थानीय लोगों से सहज संवाद किया। परिवार ने ग्रामीण जीवनशैली, उनकी जरूरतों और रोज़मर्रा की समस्याओं को गहराई से समझने का प्रयास किया। यह दृश्य सचिन तेंदुलकर आदिवासी दौरा (Sachin Tendulkar Tribal Visit) के सबसे मानवीय पहलुओं में से एक था।

स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा Sachin Tendulkar Tribal Visit

बुधवार सुबह, तेंदुलकर परिवार ने गनियारी जनस्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। यहाँ उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। डाक्टरों और मेडिकल स्टाफ से लंबी चर्चा कर उपलब्ध सुविधाओं और चुनौतियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तहत क्षेत्र में चल रहे जनकल्याणकारी कार्यों का भी निरीक्षण किया।

 

प्रचार से दूर, बिना किसी प्रोटोकॉल के Sachin Tendulkar Tribal Visit

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन को भी तेंदुलकर परिवार के आने की भनक तक नहीं थी। परिवार ने बिना किसी सरकारी लाव-लश्कर के शिवतराई, अचानकमार और छपरवा समेत चार बेरियर पार कर बम्हनी गांव तक का सफर तय किया। वहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से सहजता से बात की, कुछ समय उनके साथ गुजारा और फिर लौट आए। प्रचार से दूर रहने का यह अंदाज़ सचिन तेंदुलकर आदिवासी दौरा (Sachin Tendulkar Tribal Visit) को सच्चे अर्थों में ज़मीनी जुड़ाव का प्रतीक बनाता है।

 

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