छत्तीसगढ़

Mahanadi Water Dispute Tribunal : महानदी जल विवाद के बीच ट्रिब्यूनल की टीम पहुंची कलमा बैराज, लिया हालात का जायजा

Chhattisgarh News : ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी नदी के जल बंटवारे (Mahanadi Water Dispute Tribunal) को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार द्वारा गठित महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण की टीम ने मंगलवार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कलमा बैराज का निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण के दौरान जल संसाधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया और बैराज की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। यह दौरा महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल की जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

ट्रिब्यूनल की टीम मंगलवार दोपहर कलमा बैराज पहुंची, जहां उन्होंने बैराज की संरचना, जल प्रवाह की स्थिति और जल प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिकारियों ने महानदी के जल स्तर, बैराज की क्षमता और पानी के उपयोग से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की।

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निरीक्षण के समय मौजूद अधिकारियों ने ट्रिब्यूनल के सदस्यों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जल उपयोग से संबंधित जानकारी भी दी। यह पूरा निरीक्षण महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल (Mahanadi Water Dispute Tribunal) द्वारा चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है।

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दोनों राज्यों के अधिकारी रहे मौजूद

कलमा बैराज के निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के राज्य स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा रायपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और रायगढ़ जिलों के जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी इस निरीक्षण में शामिल हुए।

इन अधिकारियों ने ट्रिब्यूनल के सदस्यों को महानदी नदी के जल उपयोग, सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि क्षेत्र के किसानों और उद्योगों के लिए महानदी का पानी बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इस विवाद का समाधान दोनों राज्यों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। इस पूरे निरीक्षण का उद्देश्य महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल (Mahanadi Water Dispute Tribunal) को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना था।

कानून व्यवस्था के लिए प्रशासन भी रहा तैनात

निरीक्षण के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि ट्रिब्यूनल की टीम के दौरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। निरीक्षण के दौरान पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा। ट्रिब्यूनल के सदस्य बैराज के विभिन्न हिस्सों में जाकर जल प्रवाह और संरचना का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान उन्होंने तकनीकी जानकारी भी प्राप्त की। यह निरीक्षण महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल (Mahanadi Water Dispute Tribunal) की जांच प्रक्रिया के तहत किया गया।

Mahanadi Water Dispute Tribunal समाधान की दिशा में अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि महानदी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है।

ट्रिब्यूनल की टीम विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर जल प्रवाह, बैराज और बांधों की स्थिति का अध्ययन कर रही है। इसी क्रम में कलमा बैराज का निरीक्षण भी किया गया। माना जा रहा है कि इन निरीक्षणों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल (Mahanadi Water Dispute Tribunal) आगे अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा और जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

 

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