छत्तीसगढ़

Land Acquisition Scam : जमीन अधिग्रहण में 2,300 करोड़ का घोटाला, CBI जांच की मांग, कोर्ट ने याचिकाकर्ता ही लगा दी क्लास

Raigarh News : रायगढ़ जिला में बजरमुड़ा गांव की जमीन के अधिग्रहण में अतिरिक्त मुआवजा घोटाले की जांच को लेकर पीआईएल दर्ज किया गया था। जहां हाईकोर्ट ने अधिग्रहण में कथित 2300 करोड़ रुपए के अतिरिक्त मुआवजा घोटाले की जांच के लिए दाखिल जनहित याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने याचिका में (Land Acquisition Scam) CBI-ED जांच, FIR दर्ज करने और 300 करोड़ की वसूली की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की इस मामले में सीधी व्यक्तिगत रुचि है और यह वास्तविक जनहित याचिका नहीं है।

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रायगढ़ के याचिकाकर्ता दुर्गेश शर्मा ने कोर्ट से निवेदन किया था कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो। जिन लोगों को अवैध 300 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा मिला है, उनकी संपत्ति जब्त कर राशि की वसूली की जाए। राजस्व विभाग, कलेक्टर, SDM, तहसीलदार, CSPGCL के प्रबंध निदेशक सहित कई अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।

याचिकाकर्ता की तरफ से दिया गया तर्क

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि उन्होंने कई बार राजस्व मंडल, ईडी और अन्य जांच एजेंसियों को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई। केवल सीमित विभागीय कार्रवाई सात अधिकारियों पर हुई और अंत में तीन पर ही कार्यवाही चलाई गई। जबकि कई वरिष्ठ अधिकारी समान रूप से जिम्मेदार थे। इससे स्पष्ट होता है कि मामला अपने अनुसार की नीति से निपटाया गया। वहीं, राज्य सरकार और अन्य पक्षों ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि, यह याचिका वास्तविक जनहित याचिका व्यक्तिगत रुचि के लिए उठा रहे हैं।

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(Land Acquisition Scam) क्यों हुई याचिका खारिज

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की खंडपीठ ने कहा कि, पीआइएल का उद्देश्य केवल वास्तविक जनहित होना चाहिए। अगर इसमें याचिकाकर्ता का व्यक्तिगत लाभ, प्रसिद्धि या निजी उद्देश्य दिखता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि दुर्गेश शर्मा की सीधी और व्यक्तिगत भागीदारी इस विवाद में दिख रही है। इसलिए यह याचिका जनहित नहीं बल्कि व्यक्तिगत हित की है।

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हाई कोर्ट ने याचिका को गैर-गंभीर और व्यक्तिगत उद्देश्य वाली मानते हुए खारिज कर दिया। साथ ही, याचिकाकर्ता द्वारा जमा की गई सुरक्षा राशि जब्त करने का आदेश दिया। इस तरह हाईकोर्ट ने (Raigarh Land Acquisition Scam) मामले में CBI जांच की मांग को अस्वीकार कर दिया और इसे केवल व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य वाला बताया।

 

 

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