Illegal Tree Cutting Scam : दुर्गा सा मिल में औषधीय पेड़ों की अवैध कटाई का खेल!

Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बरमकेला (Illegal Tree Cutting Scam) के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमुर्रा, डीपा और मानिकपुर मार्ग पर संचालित दुर्गा सा मिल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां औषधीय पेड़ों की अवैध कटाई और भंडारण का बड़ा खेल सामने आया है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस मिल में बहुमूल्य औषधीय पेड़ों अर्जुनारिष्ट और कौहा की अवैध चीराई की जा रही है, जबकि इसके लिए कोई वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद खुलेआम पेड़ों की कटाई और भंडारण (Illegal Tree Cutting Scam) जारी है, जिससे जंगलों पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में यह पूरा मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि रात-दिन ट्रकों के जरिए लकड़ियों की ढुलाई की जा रही है। इन लकड़ियों को मिल में लाकर चीराई की जाती है और फिर बाहर भेजा जाता है। इस अवैध लकड़ी कारोबार (Illegal Tree Cutting Scam) ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कटाई के खेल (Illegal Tree Cutting Scam) के बावजूद वन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि वन विभाग की टीम इस पूरे मामले में अब तक सक्रिय नजर नहीं आई है। ना तो नियमित जांच की जा रही है और ना ही किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। यह स्थिति वन विभाग की निष्क्रियता (Illegal Tree Cutting Scam) को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है और वे लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र के जंगल पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं।
क्या कहते हैं सारंगढ़ डीएफओ Illegal Tree Cutting Scam
डीएफओ सारंगढ़ बिपुल अग्रवाल ने बताया कि आरामिल में अर्जुन प्रजाति के पेड़ों के भंडारण की सूचना प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।