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  • Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद

    Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद

    राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित बिलासपुर उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) के निर्माण को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बाईपास के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली जमीन के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रतिबंध के दायरे में आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि शामिल है।

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    20.921 किलोमीटर के एलाइनमेंट में आने वाली जमीन पर रोक

    राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) का निर्माण चार लेन मार्ग के रूप में किया जाना है। इसके लिए किलोमीटर 0.000 से किलोमीटर 20.921 तक के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली भूमि पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रभावित भूमि के मालिक अब संबंधित जमीन का क्रय-विक्रय या विभाजन नहीं कर सकेंगे। प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रस्तावित भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक यह रोक लागू रहेगी।

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    सेंदरी समेत आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन शामिल

    कलेक्टर के आदेश के अनुसार प्रतिबंध के दायरे में सेंदरी, रमतला, बिरकोना, नगोई, बिजोर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका गांव शामिल हैं। इन आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि एलाइनमेंट (Bilaspur North Bypass) क्षेत्र में आ रही है।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की प्रस्तावित परियोजना के लिए इन क्षेत्रों में भू-अधिग्रहण किया जाना है। इसी को देखते हुए संबंधित भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई गई है।

    अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक ने इन क्षेत्रों में भूमि के अवैध और अनधिकृत क्रय-विक्रय की आशंका जताते हुए प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था।

    प्रशासन का कहना है कि भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन के अवैध अंतरण, बटांकन या छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन से अधिग्रहण की लागत बढ़ सकती है। इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने के साथ परियोजना (Bilaspur North Bypass) के काम में भी देरी हो सकती है।

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    बंटवारे से बढ़ सकती है अधिग्रहण की जटिलता

    भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान यदि जमीन का विभाजन या बटांकन होता रहा तो मुआवजे और अधिग्रहण से जुड़ी लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। नए भूमि स्वामियों के जुड़ने से अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।

    इसी वजह से जमीन (Bilaspur North Bypass) के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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    मूल भूमि स्वामियों के हितों की भी सुरक्षा

    प्रशासन के अनुसार भूमि संबंधी प्रतिबंध का उद्देश्य अवैध खरीद-बिक्री रोकने के साथ मूल भूमि स्वामियों के हितों की रक्षा करना भी है। शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 को जारी निर्देशों में भू-अर्जन प्रक्रिया के अधीन भूमि के अंतरण, बटांकन, व्यपवर्तन और क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसी व्यवस्था के तहत भूमि (Bilaspur North Bypass) पर प्रतिबंध लगाया गया है।

    चार लेन मार्ग से जुड़ेगा बिलासपुर

    प्रस्तावित चार लेन मार्ग (Bilaspur North Bypass) राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर करीब 20.921 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई है।  अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावित आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन पर यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।

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  • Bilaspur Raipur Six Lane : बिलासपुर-रायपुर मार्ग होगा सिक्स लेन, आर्थिक कारिडोर से जुड़ेगा 2000 करोड़ का प्रोजेक्ट

    Bilaspur Raipur Six Lane : बिलासपुर-रायपुर मार्ग होगा सिक्स लेन, आर्थिक कारिडोर से जुड़ेगा 2000 करोड़ का प्रोजेक्ट

    Bilaspur Raipur Six Lane बिलासपुर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के औद्योगिक एवं परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बिलासपुर-रायपुर मार्ग को सिक्स लेन में बदलने की योजना तैयार की है।

    इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के सिमगा से बिलासपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग-49 के दर्रीघाट से बिल्हा तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके बाद यह मार्ग टाटीबंध रायपुर तक सिक्स लेन हो जाएगा।

    एनएचएआइ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1500 से 2000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

     

    ट्रैफिक दबाव से मिलेगी राहत Bilaspur Raipur Six Lane

    बिलासपुर-रायपुर सिक्स लेन (Bilaspur Raipur Six Lane) बनने से वर्तमान फोरलेन सड़क पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। यह मार्ग प्रदेश की प्रमुख आर्थिक और परिवहन धमनी है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी मालवाहक वाहन, यात्री बसें और निजी वाहन गुजरते हैं।

    सड़क के सिक्स लेन में बदलने से बिलासपुर, रायपुर सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। माल परिवहन में समय की बचत होगी और अंतरराज्यीय परिवहन व्यवस्था को भी गति मिलेगी। परियोजना में प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने का भी प्रस्ताव है।

    रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा मार्ग

    यह परियोजना भारतमाला योजना और रायपुर-कोरबा आर्थिक कॉरिडोर (Economic Corridor) से जुड़ी हुई है। दर्रीघाट से सिक्स लेन बनने के बाद कोरबा और रायगढ़ क्षेत्र से आने वाला औद्योगिक यातायात बिलासपुर और रायपुर शहर के भीतरी हिस्सों में प्रवेश किए बिना सीधे टाटीबंध होते हुए रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस वे तक पहुंच सकेगा। इससे उद्योगों से जुड़े माल परिवहन को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी देश के बड़े आर्थिक मार्गों से मजबूत होगी।

    भारी वाहनों की आवाजाही होगी आसान

    वर्तमान में बिलासपुर-रायपुर मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। औद्योगिक गतिविधियों में विस्तार के साथ भारी वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। सिक्स लेन बनने के बाद दुर्घटनाओं में कमी आने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है।

    एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना पूरी होने के बाद बिलासपुर से रायपुर के बीच यातायात व्यवस्था आधुनिक और सुरक्षित हो जाएगी।

    छत्तीसगढ़ के उद्योगों को मिलेगा लाभ

    रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस वे (Economic Corridor) से जुड़ाव होने के बाद छत्तीसगढ़ के उद्योगों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंच बनाने में सुविधा मिलेगी। कोयला, इस्पात, खनिज और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी। यह परियोजना न केवल सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।

     

  • Bus Stuck On Bridge  : टल गया बड़ा हादसा, बीच पुल में फंसी थी यात्रियों से भरी बस, देखें वीडियो

    Bus Stuck On Bridge  : टल गया बड़ा हादसा, बीच पुल में फंसी थी यात्रियों से भरी बस, देखें वीडियो

    बिलासपुर जिले के रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर रविवार को बड़ा हादसा टल गया। पुलिया धंसने (Bus Stuck On Bridge) के कारण यात्रियों से भरी पुष्पराज बस बीच पुल में फंस गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। चालक और परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।

    जानकारी के अनुसार, पुष्पराज बस (CG 10 G 1464) पेंड्रा से बिलासपुर आ रही थी। जैसे ही बस बांसाझाल स्थित चपोरा आश्रम के पास नाले पर बनी पुलिया पर पहुंची, पुलिया का बीच का हिस्सा अचानक धंस गया। इससे पुलिया (Bus Stuck On Bridge) के बीच बस फंस गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

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    चालक की सतर्कता से बची 35 यात्रियों की जान

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि बस कुछ और आगे बढ़ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

    चालक और परिचालक की सतर्कता के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

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    मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप

    हादसे के बाद रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। यह सड़क बिलासपुर और पेंड्रा के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग मानी जाती है।

    Bus Stuck On Bridge अधूरे पुल निर्माण पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी स्थान पर लंबे समय से नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि यदि नया पुल समय पर तैयार हो जाता तो यह स्थिति नहीं बनती।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया। अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है।

    इस घटना ने सड़क Bus Stuck On Bridge और पुल निर्माण की गुणवत्ता तथा अधूरे विकास कार्यों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि समय रहते सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकल आने से बड़ा हादसा टल गया।

     

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  • Snakebite Compensation Scam Bilaspur : सर्पदंश मुआवजा घोटाले में गिरफ्तार तीन लिपिक निलंबित

    Snakebite Compensation Scam Bilaspur : सर्पदंश मुआवजा घोटाले में गिरफ्तार तीन लिपिक निलंबित

    Snakebite Compensation Scam Bilaspur छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाला मामले में गिरफ्तार तहसील के तीन लिपिकों नरेंद्र कौशिक, गरीबराम बिंझवार और हरिशंकर राठौर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को जिलेभर के राजस्व लिपिकों ने काम बंद कर दिया, जिससे सभी तहसीलों में कामकाज ठप रहा। हालांकि कलेक्टर के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल वापस ले ली।

    कलेक्टर के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस Snakebite Compensation Scam Bilaspur

    छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ, राजस्व पटवारी संघ और अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की। कलेक्टर द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिए जाने और समझाइश के बाद कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया, लेकिन सोमवार को तहसीलों में पूरा कामकाज प्रभावित रहा।

    संघ बोला- सिर्फ लिपिकों को निशाना बनाना गलत

    राजस्व लिपिक संघ का कहना है कि राजस्व प्रकरणों में तहसीलदार पीठासीन अधिकारी होते हैं और उन्हें न्यायिक संरक्षण प्राप्त है। रीडर और वाचक भी उसी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनका कार्य केवल प्रकरणों को प्रस्तुत करना और नस्तीबद्ध करना होता है। दस्तावेजों का सत्यापन उनकी जिम्मेदारी नहीं है। इसके बावजूद केवल लिपिकों को हथकड़ी लगाकर कार्रवाई (Snakebite Compensation Scam Bilaspur) करना और दुर्व्यवहार करना अनुचित है।

    ऐसे होता था सर्पदंश मुआवजा घोटाला

    पुलिस जांच के अनुसार एक संगठित गिरोह आरटीआई के माध्यम से सामान्य मौतों की मर्ग फाइलें हासिल करता था। इसके बाद फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जाली सील और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए मौत का कारण सर्पदंश दिखाकर चार लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत कराया जाता था। आरोप है कि मुआवजा मिलने के बाद वकील और गिरोह के सदस्य पीड़ित परिवारों को झांसा देकर करीब 1.70 से 1.75 लाख रुपये आपस में बांट लेते थे।

    पटवारी संघ ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग Snakebite Compensation Scam Bilaspur

    राजस्व पटवारी संघ ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच (Snakebite Compensation Scam Bilaspur) की मांग की है। संघ का कहना है कि पटवारियों को मर्ग रिपोर्ट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सत्यता जांचने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। कई मामलों में उनके फर्जी हस्ताक्षर और जाली सील लगाकर दस्तावेज तैयार किए गए। इसलिए जांच केवल राजस्व अमले तक सीमित न रखकर पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

  • SIMS Bilaspur : सिम्स में डाक्टरों का कमाल, 6 वर्षीय मासूम की आहार नली से निकाला सिक्का

    SIMS Bilaspur : सिम्स में डाक्टरों का कमाल, 6 वर्षीय मासूम की आहार नली से निकाला सिक्का

    छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स)  बिलासपुर (SIMS Bilaspur)  के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के विशेषज्ञ डाक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली है। बैगा जनजाति के इस बालक ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया था, जो उसकी आहार नली (Food Pipe) में फंस गया था। डाक्टरों की टीम ने बेहद जटिल और आपात स्थिति में सफल आपरेशन (ENT Surgery) कर सिक्के को बाहर निकाल लिया।

    पेंड्रा से सिम्स बिलासपुर किया गया था रेफर

    जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत ग्राम सरगोंड निवासी 6 वर्षीय बालक नरेंद्र खेलते समय सुबह करीब 7 बजे अचानक सिक्का निगल गया। इसके तुरंत बाद उसे कुछ भी निगलने में परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर (SIMS Bilaspur) रेफर कर दिया गया।

    SIMS Bilaspur एक्स-रे से पता चली सिक्के की स्थिति

    बालक को शाम करीब 6.30 बजे सिम्स लाया गया, जिसके बाद अस्पताल का पूरा अमला सक्रिय हो गया। रेडियोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे जांच (X-Ray Examination) कर अन्ननली के ऊपरी भाग में फंसे सिक्के की सही स्थिति की पहचान की।

    जांच (SIMS Bilaspur)  में सामने आया कि सिक्का श्वासनली के मुहाने के ठीक पीछे फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया।

    डाक्टरों के समन्वित प्रयास से मिली सफलता

    इसके बाद (SIMS Bilaspur)  ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक (Rigid Esophagoscopy Technique) के जरिए अत्यंत सावधानी से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आपरेशन के बाद बालक की स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक है।

    विशेषज्ञ डाक्टरों की दक्षता का परिणाम

    इस सफल उपचार पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोलाजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डाक्टरों की दक्षता, आधुनिक तकनीक और आपसी तालमेल के कारण ही इस जटिल आपात चिकित्सा (Medical Emergency) मामले को समय पर सुलझाया जा सका।उन्होंने कहा कि सिम्स (SIMS Bilaspur)  का लक्ष्य हर मरीज को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं देना है।

    चिकित्सा अधीक्षक ने अभिभावकों को दी सलाह

    चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने आगाह किया कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्का, बटन, बैटरी या चुंबक जैसी चीजें निगलना एक गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय सीधे विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना चाहिए।

     सिम्स बिलासपुर में डॉक्टरों का कमाल

    ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की पहुंच से सिक्के, छोटी बैटरी और छोटे खिलौने दूर रखें। यदि बच्चा कोई वस्तु निगल लेता है और उसे लार टपकने, गले में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए तुरंत डाक्टरों से संपर्क करें।

  • Bird Flu Confirmed : सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि, जिंदा दफनाए गए सैकड़ों पक्षी

    Bird Flu Confirmed : सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि, जिंदा दफनाए गए सैकड़ों पक्षी

    Bilaspur News : बिलासपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (Bird Flu Confirmed) फैलने की पुष्टि हो गई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान आनंद नगर भोपाल स्थित लैब से आई रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा एच5एन1 वायरस की पहचान होने के बाद पोल्ट्री फार्म में जिंदा मुर्गा-मुर्गियों, चूजे, अंडा आदि को दफनाया जा रहा है। इसके लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसने मंगलवार रात से काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल भी स्थिति का जायजा लेने शाम को पोल्ट्री फार्म पहुंचे।

    कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पक्षियों में बर्ड फ्लू (Bird Flu Confirmed) के लक्षण 18 मार्च को ही दिखने शुरू हो गए थे। पक्षी एक-एक कर मरने लगे थे और सोमवार तक पांच हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी थी। लगातार मौतों के बाद पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा. संजय राज ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

    मंगलवार की सुबह रायपुर से डा. नलिनी, डा. अर्पणा समेत विशेषज्ञों की टीम सीधे पोल्ट्री फार्म पहुंची। वहीं, मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान की लैब भेजा गया था। वहां से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (Bird Flu Confirmed) एच5एन1 इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है।

    संयुक्त संचालक डा. जीएसएस तंवर ने पोल्ट्री फार्म के मुर्गा-मुर्गियों, चूजे, अंडे, दाना और बोरियों को नष्ट करने के लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंगलवार शाम सात बजे टीम के सदस्य पीपीई किट पहनकर पोल्ट्री फार्म पहुंचे और गड्ढे खोदकर जिंदा एवं मृत दोनों पक्षियों को रासायनिक तत्वों के साथ दफनाया गया। साथ ही पूरे फार्म को सैनिटाइज किया गया है।

    छह हजार से अधिक मुर्गी-मुर्गियां, चूजे और बतख

    सरकारी पोल्ट्री फार्म में मुर्गा-मुर्गियों के लेयर, ब्रायलर, बैकयार्ड पोल्ट्री बर्ड प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा 350 से अधिक बतख, बटेर, कबूतर और सैकड़ों चूजे भी पालन के लिए रखे गए थे। बर्ड फ्लू (Bird Flu Confirmed) की पुष्टि के बाद इन सभी को नष्ट किया जाएगा। साथ ही आसपास के सभी पक्षियों को मारने का अभियान भी शुरू किया जाएगा।

    फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

    Bird Flu Confirmed कीटाणुशोधन टीम में ये हैं शामिल

    बर्ड फ्लू (Bird Flu Confirmed) की पुष्टि के बाद पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के संयुक्त संचालक डा. जीएसएस तंवर ने तत्काल रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। इसमें डा. आरके तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। टीम में डा. आनंद रघुवंशी, एसके राठौर, फहीम खान, परिचारक गौकरण कौशिक, गौरीशंकर पटेल, जनक कौशिक, पुरुषोत्तम कौशिक और अजय लोधी शामिल हैं।

    एक किमी का दायरा संक्रमित क्षेत्र घोषित

    बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आदेश जारी कर पोल्ट्री फार्म से एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके अलावा 10 किलोमीटर के दायरे को सर्विलांस क्षेत्र में रखा गया है। (Bird Flu Confirmed) को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में पुलिस, राजस्व, ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत की टीमों को भी शामिल किया गया है।

    5 हजार मुर्गा-मुर्गियों को नष्ट कर दिया गया है।

    क्रय-विक्रय और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध

    सर्विलांस जोन में पोल्ट्री उत्पादों के क्रय-विक्रय और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे चेकपोस्ट स्थापित कर पोल्ट्री पक्षियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें। (Bird Flu Confirmed) के मद्देनजर अन्य क्षेत्रों में भी पोल्ट्री मूवमेंट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

     

     

  • Bird Flu Suspected : सरकारी पोल्ट्री फार्म में पांच हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की मौत

    Bird Flu Suspected : सरकारी पोल्ट्री फार्म में पांच हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की मौत

    Chhattisgarh News : बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में पल रहे पांच हजार से अधिक (Bird Flu Suspected) मुर्गा-मुर्गियों की पिछले पांच–छह दिनों के भीतर मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से राजधानी रायपुर तक हड़कंप मच गया है।

    शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए सैंपल भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर सरकारी पोल्ट्री फार्म को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वहीं जांच के लिए रायपुर से एक टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी।

    सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके लिए इस प्रकार के शासकीय पोल्ट्री फार्म स्थापित किए गए हैं। बिलासपुर के कोनी स्थित इस कुक्कुट परिसर में छह हजार से अधिक विभिन्न नस्लों के मुर्गा-मुर्गियों का प्रजनन और पालन किया जाता है। बीते 18 मार्च से शेड में रखे मुर्गा-मुर्गियों की मौत शुरू हुई और धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। बीते छह दिनों में पांच हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। प्रारंभ में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा. संजय राज ने मामले को दबाए रखा, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ने पर उन्होंने संयुक्त संचालक डा. जीएसएस तंवर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया।

    Bird Flu Suspected  आज आएगी राज्य स्तरीय टीम

    बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा. एके तफ्शी, अपर संचालक डा. केके ध्रुव के अलावा अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

    Bird Flu Suspected  जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल

    सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू (Bird Flu Suspected) से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।

    पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील

    पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू (Bird Flu Suspected) को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।

    Bird Flu Suspected प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर

    इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा. संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी, इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा. जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

    Bird Flu Suspected रायगढ़ में फैल चुका है बर्ड फ्लू

    फरवरी 2025 की शुरुआत में चक्रधर नगर के सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इस वजह से एहतियात के तौर पर लगभग 5,000 मुर्गियां, 12,000 चूजे और 17,000 अंडे नष्ट कर दिए गए थे। प्रशासन ने एक किलोमीटर क्षेत्र को इंफेक्टेड और 10 किलोमीटर को सर्विलांस जोन घोषित कर पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था।

     

  • Aniruddhacharya : अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा से पहले कुदरत का कहर, आंधी-तूफान से पंडाल तबाह

    Aniruddhacharya : अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा से पहले कुदरत का कहर, आंधी-तूफान से पंडाल तबाह

    Bilaspur News : छत्तीसगढ़ में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुक्रवार को बिलासपुर में आए आंधी-तूफान ने अनिरुद्धाचार्य (Aniruddhacharya) का पंडाल पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।

    आज (19 अप्रैल) से अनिरुद्धाचार्य महाराज (Aniruddhacharya) की कथा सीपत में आयोजित होने वाली थी, लेकिन इस घटना के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

    तेज आंधी-तूफान के चलते पंडाल के साथ-साथ साउंड सिस्टम, कूलर और टेंट भी खराब हो गए। आयोजकों को सुरक्षा में चूक के लिए नोटिस जारी किया गया है, और कथा (Aniruddhacharya) को स्थगित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में आज भी बारिश का अलर्ट जारी है।

    राज्य में लोग तेज गर्मी और बारिश दोनों का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही, बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।

    24 घंटे में तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि (CG MOUSAM)

    एक ओर, लू जैसी गर्मी लोगों को परेशान करेगी, वहीं दूसरी ओर, बादल गरजेंगे और कुछ स्थानों पर बारिश भी होगी। शुक्रवार को राज्य के कई क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि देखी गई। सबसे अधिक तापमान बिलासपुर और रायपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पिछले 24 घंटों में, राजधानी रायपुर का तापमान 2.2 डिग्री बढ़ा, जबकि सरगुजा में यह 2.1 डिग्री बढ़ा। सबसे ठंडा स्थान अंबिकापुर रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक भी देखने को मिली।

    सतर्क रहने की आवश्यकता अगले कुछ दिनों में

    प्रदेश में बारिश और गर्मी दोनों का प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी और भी बढ़ जाएगी।

    इसके अलावा, अगले 4 दिनों तक प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बादल गरजने और बिजली गिरने की घटनाएं जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

     

     

  • High Court Bilaspur : जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पर हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला

    High Court Bilaspur : जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पर हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला

    CG NEWS : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (High Court Bilaspur) ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया है और उन्हें सेवा में बहाल करने के निर्देश दिए हैं। यह महत्वपूर्ण फैसला न्यायमूर्ति ए. के. प्रसाद की एकलपीठ ने सुनाया।

    मामला वर्ष 2014 में जिला सहकारी बैंक द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता पंकज कुमार तिवारी ने संस्था प्रबंधक पद हेतु आवेदन किया था। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद फरवरी 2015 में उन्हें नियुक्ति पत्र जारी हुआ और मार्च 2015 में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया।

    भर्ती प्रक्रिया में शिकायतें मिलने पर एक जांच समिति गठित की गई, जिसके आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। नोटिस का जवाब देने के बावजूद 23 नवंबर 2015 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।

    इस फैसले के खिलाफ पंकज तिवारी ने संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं रायपुर के समक्ष वाद दायर किया, परंतु आदेश उनके खिलाफ आया। अपील राज्य सहकारी अधिकरण बिलासपुर में भी अस्वीकृत हुई, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट बिलासपुर (High Court Bilaspur) का रुख किया।

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं मतीन सिद्दीकी और घनश्याम कश्यप ने दलील दी कि जांच एकतरफा थी और उचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। साथ ही, यह भी तर्क रखा गया कि जांच रिपोर्ट जिस पर सेवा समाप्ति आधारित थी, उसे शुरू करने का अधिकार संबंधित जांच अधिकारी को नहीं था।

    अदालत ने पाया कि बैंक शिकायतकर्ता की शिकायत को प्रमाणित नहीं कर पाया था और नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान याचिकाकर्ता ने समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की थीं।

    उक्त तथ्यों के मद्देनजर हाई कोर्ट (High Court Bilaspur) ने न केवल पंकज कुमार तिवारी, बल्कि मोहम्मद इमरान खान, चंदन प्रताप सिंह, सीमा देवांगन, चंचल कुमार दुबे, चंद्रशेखर कुर्रे, लेखा कश्यप, भूपेंद्र राठौर, नरेंद्र कुमार मिश्रा, अमित पटेल सहित अन्य कर्मचारियों के सेवा समाप्ति आदेश को भी निरस्त कर दिया और उन्हें सेवा में बहाल करने के निर्देश दिए। इस ऐतिहासिक फैसले से प्रभावित कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

     

  • Bilaigarh Panchayat : पंचायत की लापरवाही बनी विकास में बाधा, नवनिर्वाचित सरपंच अब तक वित्तीय प्रभार से वंचित!

    Bilaigarh Panchayat : पंचायत की लापरवाही बनी विकास में बाधा, नवनिर्वाचित सरपंच अब तक वित्तीय प्रभार से वंचित!

    Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलाईगढ़ “अ” (Bilaigarh Panchayat) में पंचायत व्यवस्था की लापरवाही के कारण नवनिर्वाचित सरपंच भुवन पटेल को अब तक वित्तीय प्रभार नहीं मिला है, जिससे पंचायत के कार्यों पर असर पड़ रहा है। पिछली पंचायत की अव्यवस्था और जिम्मेदारों की निष्क्रियता अब नई पंचायत के कामकाज पर भारी पड़ रही है।

    सरपंच (Bilaigarh Panchayat) भुवन पटेल का कहना है कि शपथ ग्रहण के एक माह बाद भी उन्हें कार्य का अधिकार नहीं मिला है। इसके लिए वे बार-बार जनपद पंचायत बरमकेला के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रभार मिलने में सबसे बड़ी बाधा तत्कालीन सरपंच मंजूलता सारथी और पंचायत सचिव महेंद्र लहरे की लापरवाही रही। समय रहते हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जिससे अब नई पंचायत के कार्य अटक गए हैं।

    हड़ताल ने बिगाड़ी स्थिति (Bilaigarh Panchayat)

    3 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सचिव की अनुपस्थिति ने काम में रोड़ा डाला। अब 17 मार्च से शुरू हुई पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते कार्यभार देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। अधिकारी भी इस स्थिति से असमंजस में हैं और कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है।

    प्रभावित हो रहे ग्रामीणों के जरूरी कार्य (Bilaigarh Panchayat)

    गांव के लोगों को राशन कार्ड, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कामों के लिए सरपंच और सचिव की तलाश है, लेकिन दोनों की सक्रिय भूमिका न होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। सरपंच पटेल पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं स्वयं के खर्च पर करा रहे हैं, जिससे उनकी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश तो दिख रही है, परंतु संसाधनों की कमी उन्हें सीमित कर रही है।

    अधिकारियों का आश्वासन

    इस संबंध में जनपद पंचायत बरमकेला के सीईओ अजय पटेल ने कहा, “सरपंच को कार्य प्रभार नहीं मिला है। इसके लिए वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षक व करारोपण अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा कि जल्द से जल्द प्रभार सौंपा जाए।”